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बांका: अंधविश्वास ने फिर ली एक नवयुवक की जान, सांप के डंसने के बाद झाड़-फूंक के चक्कर में गंवाई जिंदगी

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Banka News: सांप काटने के बाद झाड़-फूंक और अंधविश्वास के फेर में जान गंवाने का एक और दर्दनाक मामला सामने आया है। बांका जिले के रजौन थाना क्षेत्र अंतर्गत महादा गांव में जहरीले सांप के डंसने से एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान महादा गांव निवासी सत्यम कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद से ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

​ रात में सोते समय सांप ने काटा

​मिली जानकारी के अनुसार, सत्यम कुमार कल रात अपने घर में सोया हुआ था। इसी दौरान किसी विषैले सांप ने उसे डंस लिया। चीख-पुकार सुनकर परिजन जागे, लेकिन सही समय पर सही फैसला न ले सके।

​परिजन सत्यम को तुरंत किसी नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक (ओझा-गुणी) के चक्कर में उलझ गए। घंटों झाड़-फूंक का दौर चलता रहा, जिससे शरीर में जहर तेजी से फैलता गया और युवक की हालत अत्यंत नाजुक हो गई।

​ मायागंज अस्पताल में तोड़ा दम

​जब झाड़-फूंक से हालत बिगड़ने लगी और सत्यम अचेत होने लगा, तब आनन-फानन में परिजन उसे रजौन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) लेकर पहुंचे। वहां मौजूद डॉक्टरों ने युवक की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (मायागंज अस्पताल), भागलपुर रेफर कर दिया।

​परिजनों द्वारा तत्काल मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। इलाज के दौरान सत्यम ने दम तोड़ दिया।

​ डॉक्टरों की अपील: “झाड़-फूंक नहीं, तुरंत अस्पताल पहुंचे”

​घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टरों ने आम लोगों से एक बार फिर सतर्क रहने की अपील की है:

  • ​झाड़-फूंक से बचें: सर्पदंश (Snake Bite) की स्थिति में झाड़-फूंक या तंत्र-मंत्र के चक्कर में समय बिल्कुल बर्बाद न करें।
  • ​एंटी-वेनम (Anti-Venom) ही एकमात्र इलाज: सांप के जहर का एकमात्र और सटीक इलाज सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध एंटी-वेनम इंजेक्शन ही है।
  • ​गोल्डन आवर (Golden Hour): सांप काटने के तुरंत बाद पहला 1 घंटा बेहद कीमती होता है। यदि समय रहते मरीज को अस्पताल पहुंचा दिया जाए, तो उसकी जान 100% बचाई जा सकती है।

सावन से पहले ही ‘बोल बम’ के जयकारों से गुंजायमान हुआ कच्ची कांवड़िया पथ, समय से पहले दुरुस्त हुईं व्यवस्थाएं

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Bhagalpur News: पवित्र सावन महीने की शुरुआत होने में अभी कुछ ही दिनों का समय बाकी है, लेकिन सुल्तानगंज से बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) जाने वाले ऐतिहासिक कच्ची कांवड़िया पथ पर अभी से ही आस्था का सैलाब उमड़ने लगा है। कांवड़ियों के ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से पूरा मार्ग गूंज उठा है। बाबा के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही दिन-प्रतिदिन तेजी से बढ़ रही है।

​ पथ पर बिछी बालू, कांवड़ियों ने कहा- “इस बार सफर हुआ आसान”

​इस वर्ष बिहार सरकार और भागलपुर जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सावन मेले की तैयारियां समय से पहले ही लगभग पूरी कर ली हैं। भीषण गर्मी और तपिश से कांवड़ियों के पैरों को बचाने के लिए कच्ची कांवड़िया पथ पर महीन और साफ बालू बिछा दी गई है।

​समय रहते बालू बिछ जाने से नंगे पांव चलने वाले शिवभक्तों को काफी सहूलियत मिल रही है। पथ से गुजर रहे श्रद्धालुओं ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा:

​“पिछले वर्षों की तुलना में इस बार शुरुआत में ही व्यवस्थाएं काफी बेहतर हैं। रास्ते में समय से बालू बिछ जाने के कारण चलने में कोई दिक्कत नहीं हो रही है और पैर छिलने या छाले पड़ने का डर भी कम हो गया है।”

 

 सीएम सम्राट चौधरी के निर्देशों का असर

​गौरतलब है कि हाल ही में भागलपुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सावन मेले की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की थी। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे कि:

  • ​इस बार श्रद्धालुओं को पिछले सभी वर्षों की तुलना में बेहतर और हाई-टेक सुविधाएं मिलनी चाहिए।
  • ​पेयजल, रोशनी (लाइटिंग), स्वास्थ्य शिविर और कांवड़िया पथ की स्थिति में कोई कोताही न बरती जाए।

​प्रशासन का कहना है कि डिप्टी सीएम के इसी निर्देश का पालन करते हुए सभी तैयारियों को तेजी से अंतिम रूप दिया गया है, ताकि देश-विदेश से आने वाले लाखों कांवड़ियों को कोई असुविधा न हो।

​ इस बार क्या हैं खास इंतजाम?

  • ​मुलायम बालू की परत: कांवड़िया पथ के पत्थरों और कंकड़ों को पूरी तरह ढंककर बालू की मोटी परत बिछाई गई है।
  • ​सुरक्षा व स्वास्थ्य सुविधा: रास्ते भर पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ चिकित्सा शिविरों को भी सक्रिय किया जा रहा है।
  • ​समय से पहले तैयारी: पहली बार सावन शुरू होने से काफी पहले ही पथ को कांवड़ियों की आवाजाही के लिए पूरी तरह सुगम बना दिया गया है।

​कांवड़िया पथ का माहौल पूरी तरह से शिवमय हो चुका है और प्रशासन दावा कर रहा है कि इस बार बाबा धाम जाने वाले हर श्रद्धालु का सफर सुखद और यादगार रहेगा।

​भागलपुर का जिला परिषद डाक बंगला हुआ बदहाल, नशेड़ियों का बना ‘सुरक्षित ठिकाना’

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Bhagalpur News: कभी जिला परिषद सदस्यों के ठहरने, महत्वपूर्ण बैठकों और आधिकारिक कार्यक्रमों का प्रमुख केंद्र रहा भागलपुर का जिला परिषद डाक बंगला आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। रख-रखाव के अभाव में यह ऐतिहासिक भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है और अब यह असामाजिक तत्वों तथा नशेड़ियों का सुरक्षित ठिकाना बन गया है।

​इस गंभीर मुद्दे को लेकर जिला परिषद अध्यक्ष विपिन मंडल ने स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर कड़ा ऐतराज जताया है और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

​ पुलिस की अनदेखी: दो बार शिकायत, फिर भी कार्रवाई ‘शून्य’

​जिला परिषद अध्यक्ष विपिन मंडल ने बताया कि डाक बंगले की सुरक्षा और इसके जीर्णोद्धार (Renovation) को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन स्थानीय पुलिस का रवैया बेहद निराशाजनक रहा है।

​“डाक बंगले में असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों के जमावड़े की लिखित और मौखिक शिकायत दो बार स्थानीय थाने में की गई, लेकिन पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस की इस सुस्ती के कारण यहां का माहौल खराब हो रहा है। अब हम इस पूरे मामले को लेकर वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) को पत्र लिखेंगे और कड़े एक्शन की मांग करेंगे।”

— विपिन मंडल, अध्यक्ष, जिला परिषद (भागलपुर)

 

​ भवन में रह रहे छात्रों पर अध्यक्ष का स्पष्टीकरण

​डाक बंगला परिसर में छात्रों के अवैध रूप से रहने को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए जिला परिषद अध्यक्ष ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि भवन में जो भी छात्र फिलहाल रह रहे हैं, वे बाहरी नहीं हैं। वे सभी जिला परिषद के सदस्यों या जिला परिषद कर्मचारियों के ही परिजन हैं, जो पढ़ाई के सिलसिले में वहां ठहरे हुए हैं।

​ कभी था शान, अब बना सुरक्षा के लिए खतरा

  • ​अतीत का गौरव: यह डाक बंगला जिला परिषद के गौरवशाली इतिहास का हिस्सा रहा है, जहां कई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले और बैठकें आयोजित की जाती थीं।
  • ​वर्तमान स्थिति: भवन की जर्जर हालत, दीवारों का गिरता प्लास्टर और चारों तरफ फैली गंदगी इसे डरावना बनाती है।
  • ​असामाजिक तत्वों का कब्जा: शाम ढलते ही यहाँ नशेड़ियों का अड्डा जम जाता है, जिससे आसपास से गुजरने वाले आम लोगों और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।

​स्थानीय प्रशासन और पुलिस की यह अनदेखी न केवल एक सरकारी संपत्ति को बर्बाद कर रही है, बल्कि शहर के सुरक्षा-व्यवस्था पर भी एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है। अब देखना यह होगा कि एसएसपी को पत्र सौंपे जाने के बाद पुलिस इस दिशा में क्या ठोस कदम उठाती है।

बांग्ला सावन शुरू होते ही ‘बोल बम’ के जयकारों से गूंजा अजगैवीनाथ धाम, बाबा धाम देवघर के लिए रवाना हुए कांवरिये

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Bhagalpur News: हिंदी सावन शुरू होने में भले ही अभी कुछ दिनों का समय शेष हो, लेकिन विश्व प्रसिद्ध अजगैवीनाथ धाम, सुल्तानगंज में आस्था और भक्ति का रंग पूरी तरह चढ़ चुका है। बांग्ला सावन की शुरुआत होते ही सुल्तानगंज के नमामि गंगे घाट पर श्रद्धालुओं (कांवरियों) की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। चारों तरफ ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के गूंजते जयकारों से पूरा माहौल शिवमय हो गया है।

​पश्चिम बंगाल और असम से पहुँच रहे हजारों श्रद्धालु

​बांग्ला सावन की शुरुआत के साथ ही मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल और असम से बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुल्तानगंज पहुँच रहे हैं। उत्तरवाहिनी गंगा तट पर स्नान के बाद श्रद्धालु संकल्प लेकर पवित्र गंगाजल भर रहे हैं और यहाँ से सीधे बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) के लिए प्रस्थान कर रहे हैं।

​कांवर यात्रा का संकल्प:

श्रद्धालु सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर लगभग 105 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा तय करते हुए देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर पहुँचते हैं, जहाँ वे भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं।

 

​हिंदी सावन से पहले ही दिखने लगा सावन मेला सा नजारा

​यद्यपि हिंदी पंचांग के अनुसार सावन की शुरुआत अभी होनी बाकी है, लेकिन बांग्ला भाषी क्षेत्रों में सावन मास पहले शुरू हो जाता है। इसी कारण सुल्तानगंज में कांवरियों की आवाजाही अचानक काफी तेज हो गई है। स्थानीय दुकानों, घाटों और धर्मशालाओं में रौनक लौट आई है, जिससे पूरे क्षेत्र में मिनी सावन मेले जैसा दृश्य बन गया है।

​श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधाओं के लिए प्रशासन मुस्तैद

​बांग्ला सावन में कांवरियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस अलर्ट मोड पर है:

  • ​घाटों पर सुरक्षा: नमामि गंगे घाट और अजगैवीनाथ मंदिर परिसर में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
  • ​सफाई व पेयजल की व्यवस्था: श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध पेयजल, चेंजिंग रूम और प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है।
  • ​स्वास्थ्य सेवाएँ: कांवर पथ और घाटों पर मेडिकल कैंप स्थापित किए जा रहे हैं ताकि लंबी पैदल यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को प्राथमिक उपचार मिल सके।

​आने वाले दिनों में जब हिंदी सावन की शुरुआत होगी, तब श्रद्धालुओं की यह संख्या कई गुना बढ़ने की संभावना है, जिसके लिए प्रशासनिक तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं।

बिहार में रोजगार की नई उड़ान: सीएम सम्राट चौधरी ने 2,446 जीविका अभ्यर्थियों को बांटे नियुक्ति पत्र, कहा- बिहार की अर्थव्यवस्था में महिलाओं का ₹1.36 लाख करोड़ का योगदान

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Patna News: बिहार में ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण को एक और नई दिशा मिली है। पटना के शास्त्रीनगर स्थित ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित एक भव्य राज्यस्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘जीविका’ (बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति) के अंतर्गत विभिन्न पदों के लिए नवचयनित 2,446 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।

​मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया और सांकेतिक रूप से 5 अभ्यर्थियों को अपने हाथों से नियुक्ति पत्र सौंपे।

​“नियुक्ति सिर्फ रोजगार नहीं, वंचितों के जीवन बदलने का दायित्व”

​सभी नवचयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि यह अवसर सिर्फ नौकरी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े वंचित परिवारों की जिंदगी संवारने का एक बड़ा दायित्व है।

​मुख्यमंत्री का संदेश:

“आप सभी पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ काम करें। गांव समृद्ध होंगे और महिलाएं आत्मनिर्भर होंगी, तभी विकसित भारत और समृद्ध बिहार का सपना साकार होगा।”

 

​आंकड़ों में ‘जीविका’ की ऐतिहासिक क्रांति:

​मुख्यमंत्री ने जीविका के माध्यम से राज्य में आए सामाजिक और आर्थिक बदलाव के प्रमुख आंकड़ों को साझा किया:

  • ​₹1.36 लाख करोड़ का योगदान: वर्ष 2006-07 में बिहार की अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी नगण्य थी, जो आज जीविका के बल पर लगभग 1.36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
  • ​1.81 करोड़ से अधिक महिलाएं जुड़ीं: वर्तमान में राज्य में 10,49,411 स्वयं सहायता समूह (SHG) कार्यरत हैं, जिनसे 1 करोड़ 81 लाख से अधिक महिलाएं सीधे तौर पर जुड़ी हैं।
  • ​30 लाख ‘लखपति दीदी’: बिहार में अब तक 30 लाख से अधिक ‘लखपति दीदी’ तैयार हो चुकी हैं, जो पूरे देश में सबसे सर्वाधिक आंकड़ा है।

​महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सरकार के बड़े फैसले

​समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा उठाए गए जनकल्याणकारी कदमों का भी उल्लेख किया:

  1. ​सामाजिक सुरक्षा पेंशन में बढ़ोतरी: पेंशन की राशि ₹400 से बढ़ाकर ₹1,100 प्रति माह की गई।
  2. ​मुफ्त बिजली योजना: 1 करोड़ 70 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को पिछले एक वर्ष से 125 यूनिट निःशुल्क बिजली दी जा रही है।
  3. ​मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना: 1 करोड़ 81 लाख महिलाओं के बैंक खातों में ₹10,000 की पहली किस्त भेजी जा चुकी है।
  4. ​आरक्षण की मजबूत नींव: 2006 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा पंचायती राज व निकायों में 50% आरक्षण और सरकारी नौकरियों में 35% आरक्षण देने के ऐतिहासिक निर्णय को याद किया गया।

​समारोह में उपस्थित गणमान्य लोग

​कार्यक्रम में जीविका की उपलब्धियों पर आधारित एक विशेष लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई।

​इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, जीविका के सीईओ हिमांशु शर्मा समेत शासन-प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी और सैकड़ों नवचयनित अभ्यर्थी उपस्थित थे।

भागलपुर काजवलीचक बम ब्लास्ट: 4 साल बाद न्याय, 14 मौतों के गुनहगार मोहम्मद आजाद और नवीन मंडल को 10-10 साल की सजा

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Bhagalpur News: बिहार के चर्चित और हृदयविदारक भागलपुर काजवलीचक बम धमाके में अदालत ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुना दिया है। घटना के लगभग चार साल बाद, भागलपुर व्यवहार न्यायालय ने दो मुख्य दोषियों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इस खौफनाक हादसे में 14 बेगुनाह लोगों की जान चली गई थी, जबकि कई परिवार पल भर में तबाह हो गए थे।

​अदालत का फैसला: जुर्माना न देने पर बढ़ेगी सजा

​न्यायिक पदाधिकारी ज्योति कुमार कश्यप की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए दोषी मोहम्मद आजाद और नवीन मंडल को सजा सुनाई:

  • ​सजा: 10-10 साल का कठोर कारावास।
  • ​आर्थिक दंड: दोनों दोषियों पर ₹10,000-10,000 का जुर्माना।
  • ​अतिरिक्त सजा: जुर्माना की राशि जमा न करने पर दोनों को 3-3 महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।

​7 आरोपी, 2 की मौत, 3 बरी और 2 को सजा

​ततारपुर थाना क्षेत्र के काजवलीचक में हुए इस भीषण विस्फोट मामले में पुलिस ने कुल 7 लोगों को आरोपी बनाया था। पूरे केस की कानूनी प्रक्रिया के दौरान:

  1. ​2 आरोपियों की मौत: सुनवाई के दौरान ही दो आरोपियों की मृत्यु हो चुकी थी।
  2. ​3 आरोपी बरी: साक्ष्य (सबूतों) के अभाव में अदालत ने तीन आरोपियों को बरी कर दिया।
  3. ​2 को सजा: मोहम्मद आजाद और नवीन मंडल को साक्ष्यों के आधार पर दोषी पाते हुए जेल भेज दिया गया।

​क्या था पूरा मामला? (3 मार्च 2022 की वह खौफनाक रात)

​3 मार्च 2022 की देर रात भागलपुर का काजवलीचक इलाका एक जोरदार धमाके से दहल उठा था। अवैध रूप से बनाए जा रहे पटाखों/बमों के निर्माण के दौरान यह भयानक विस्फोट हुआ था।

​धमाके का मंजर:

धमाका इतना तीव्र था कि दो मंजिला मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गया और आसपास के कई मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए। घटना स्थल पर चीख-पुकार मच गई थी। इस दर्दनाक हादसे में 14 लोगों की मौके पर व इलाज के दौरान मौत हुई थी, जबकि 10 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।

 

​न्यायालय के इस फैसले से शहर में राहत की सांस ली जा रही है, हालांकि पीड़ित परिवारों के जख्म आज भी ताजा हैं।

भागलपुर पुलिस की ‘Cyber Smart Tuesday’ पहल: नवयुग विद्यालय समेत जिले भर के स्कूलों में लगा साइबर सुरक्षा का पाठ

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Bhagalpur News: बिहार पुलिस मुख्यालय (साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई), पटना के निर्देशानुसार भागलपुर जिले में साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ा जागरूकता अभियान चलाया गया। ‘Cyber Smart Tuesday’ पहल के तहत जिले भर के शैक्षणिक संस्थानों में साइबर सुरक्षा को लेकर कार्यशालाएं आयोजित की गईं।

​इस अभियान का मुख्य कार्यक्रम आदमपुर स्थित नवयुग विद्यालय में आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी महोदया, वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) और नगर पुलिस अधीक्षक (SP) ने संयुक्त रूप से की।

​साइबर थाना की टीम ने गिनाए ठगी के नए-नए तरीके

​नवयुग विद्यालय में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में साइबर थाना, भागलपुर की विशेष टीम ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को वर्तमान में हो रहे साइबर अपराधों के तरीकों के बारे में विस्तार से समझाया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ठग किन-किन हथकंडों का इस्तेमाल कर रहे हैं:

  • ​डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल: पुलिस या जांच एजेंसी का डर दिखाकर लोगों को डिजिटल अरेस्ट करना।

  • ​लोभ-प्रलोभन का जाल: निवेश, लॉटरी, लोन, नौकरी, बिजली बिल बकाया और KYC अपडेट कराने के नाम पर झांसा देना।

  • ​तकनीकी सेंधमारी: स्क्रीन शेयरिंग ऐप, फर्जी कस्टमर केयर नंबर, फिशिंग लिंक और संदिग्ध QR कोड के जरिए बैंक खाते खाली करना।

सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए दिए गए ये टिप्स

​साइबर थाना की टीम ने छात्रों और शिक्षकों को ऑनलाइन सुरक्षित रहने के लिए व्यावहारिक उपाय बताए:

  1. ​गोपनीयता बनाए रखें: कभी भी किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, CVV, ATM कार्ड विवरण, UPI PIN या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें।

  1. ​मजबूत पासवर्ड व 2FA: अपने सोशल मीडिया और बैंकिंग ऐप्स के लिए मजबूत पासवर्ड बनाएं और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) चालू रखें।

  1. ​सत्यापन जरूरी: बिना जांच-परख के किसी भी अनजान लिंक, मैसेज या ऐप को डाउनलोड या क्लिक न करें।

​ठगी होने पर क्या करें? (1930 हेल्पलाइन पर तुरंत दें सूचना)

​कार्यशाला के दौरान अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो घबराने के बजाय त्वरित कदम उठाएं:

​”अगर आपके साथ किसी भी प्रकार का साइबर फ्रॉड होता है, तो बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या cybercrime.gov.in (राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल) पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर दी गई सूचना से वित्तीय नुकसान को रोका जा सकता है।”

 

​पूरे जिले के थाना क्षेत्रों में चला जागरूकता अभियान

​आदमपुर स्थित नवयुग विद्यालय के अलावा भागलपुर जिले के सभी अनुमंडलों और थाना क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों व कॉलेजों में भी संबंधित पुलिस टीमों ने जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इस दौरान छात्र-छात्राओं के साथ संवादात्मक सत्र (Q&A Session) आयोजित कर उनकी शंकाओं का समाधान किया गया।

​भागलपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस संदेश को अपने परिवार और आसपास के लोगों तक पहुंचाएं ताकि एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण का निर्माण हो सके।

भागलपुर में विजिलेंस का बड़ा एक्शन: नया बिजली कनेक्शन देने के नाम पर 4 हजार घूस लेते JE और तकनीशियन रंगे हाथ गिरफ्तार

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Bhagalpur News: भागलपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस (निगरानी अन्वेषण ब्यूरो) की टीम ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। तिलकामांझी चौक स्थित कचहरी बिजली उपकेंद्र (सब-स्टेशन) में छापेमारी कर टीम ने कनिष्ठ अभियंता (JE) और एक तकनीशियन को 4,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस बड़ी कार्रवाई के बाद से ही बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप का माहौल है।

​क्या है पूरा मामला?

​मिली जानकारी के अनुसार, बरारी थाना क्षेत्र के खंजरपुर निवासी संतोष कुमार ने अपने परिसर में नया बिजली कनेक्शन लेने के लिए आवेदन किया था। आवेदन के साथ उन्होंने सभी आवश्यक सरकारी प्रक्रियाएं और औपचारिकताएं पूरी कर ली थीं। इसके बावजूद उनका बिजली कनेक्शन चालू नहीं किया जा रहा था और उन्हें बार-बार दौड़ाया जा रहा था।

​आरोप है कि कनेक्शन को हरी झंडी देने और उसे चालू कराने के एवज में कनिष्ठ अभियंता (JE) अमित कुमार और तकनीशियन सौरभ कुमार ने संतोष कुमार से 4,000 रुपये रिश्वत की मांग की थी।

​विजिलेंस ने बिछाया जाल, रंगे हाथ दबोचे गए आरोपी

​रिश्वत दिए बिना काम न होते देख संतोष कुमार ने इसकी शिकायत पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से कर दी।

  1. ​शिकायत का सत्यापन: निगरानी की टीम ने गुप्त रूप से शिकायत की जांच की, जिसमें रिश्वत मांगने की बात पूरी तरह सही पाई गई।
  2. ​ट्रैप की कार्रवाई: सत्यापन के बाद विजिलेंस डीएसपी मिथिलेश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया और कचहरी बिजली सब-स्टेशन पर जाल बिछाया गया।
  3. ​रंगे हाथ गिरफ्तारी: जैसे ही पीड़ित संतोष कुमार ने आरोपी JE अमित कुमार और तकनीशियन सौरभ कुमार को 4,000 रुपये सौंपे, विजिलेंस की टीम ने धावा बोलकर दोनों को रंगे हाथ दबोच लिया। मौके से रिश्वत की पूरी राशि भी बरामद कर ली गई।

​भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

​निगरानी की टीम दोनों गिरफ्तार आरोपियों को अपने साथ ले गई है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

​डीएसपी निगरानी (मिथिलेश कुमार) का बयान:

“पीड़ित संतोष कुमार से नया बिजली कनेक्शन चालू कराने के नाम पर रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायत का सत्यापन कराने के बाद हमारी टीम ने तिलकामांझी कचहरी सब-स्टेशन में छापेमारी कर JE अमित कुमार और तकनीशियन सौरभ कुमार को 4,000 रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।”

भागलपुर में शादी के 3 साल बाद विवाहिता की संदिग्ध मौत; मायागंज में तोड़ा दम, पति फरार

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Bhagalpur News: भागलपुर के तातारपुर थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ 28 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। गंभीर हालत में महिला को इलाज के लिए मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद से ही मृतका का पति अस्पताल से फरार बताया जा रहा है।

​परिजनों का संगीन आरोप: ज़हर देकर की गई हत्या

​मृतका की पहचान तातारपुर थाना क्षेत्र के काजीवलीचक निवासी मो. इम्तियाज की 28 वर्षीय पत्नी रेशमा के रूप में हुई है। रेशमा की मौत की खबर मिलते ही उसके मायके में कोहराम मच गया। परिजनों ने पति और ससुराल वालों पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं।

​मायके वालों का कहना है कि रेशमा को ज़हर देकर मारा गया है। घटना की जानकारी मिलते ही तातारपुर थाना पुलिस मायागंज अस्पताल पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

​2023 में हुई थी शादी, दहेज के लिए प्रताड़ना का आरोप

​मृतका के परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार:

  • ​रेशमा की शादी वर्ष 2023 में मो. इम्तियाज के साथ हुई थी।
  • ​आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा उसे दहेज के लिए लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।
  • ​परिजनों का दावा है कि कई बार मारपीट की घटनाएं भी हुईं, जिसको लेकर पंचायत के जरिए समझौता कराने की कोशिश की गई, लेकिन ससुराल वालों का रवैया नहीं बदला।

​पति, सास और ननद समेत 5 लोगों पर आवेदन

​घटना से आक्रोशित परिजनों ने तातारपुर थाने में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। आवेदन में मृतका के:

  1. ​पति (मो. इम्तियाज)
  2. ​सास
  3. ​दो ननद
  4. ​एक नंदोई

​को नामजद आरोपी बनाते हुए ज़हर देकर हत्या करने का आरोप लगाया गया है।

​FSL टीम ने जुटाए साक्ष्य, जांच में जुटी पुलिस

​मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस के साथ एफएसएल (FSL) की फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल और अस्पताल पहुंचकर वैज्ञानिक साक्ष्य इकट्ठा किए हैं।

​पुलिस का बयान:

तातारपुर थाना पुलिस का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मायके वालों के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। आरोपी पति की तलाश में छापेमारी जारी है।

भागलपुर: कचहरी चौक पर प्रेमी के संग दिखी विवाहिता, बीच सड़क पर चले लात-घूंसे

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Bhagalpur News: भागलपुर का सबसे व्यस्त रहने वाला कचहरी चौक उस वक्त अखाड़ा बन गया, जब एक विवाहिता को उसके ससुराल वालों ने कथित प्रेमी के साथ देख लिया। फिर क्या था, बीच सड़क पर ही ‘रिश्तों का संग्राम’ शुरू हो गया। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जुट गई और काफी देर तक हाई-वोल्टेज ड्रामा चलता रहा।

​क्या है पूरा मामला?

​मिली जानकारी के अनुसार, महिला काफी समय से अपने पति का घर छोड़कर कथित प्रेमी के साथ अलग रह रही थी। कचहरी चौक के पास जैसे ही ससुराल वालों की नजर महिला और उसके प्रेमी पर पड़ी, उन्होंने तुरंत दोनों को रोक लिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हाथापाई और मारपीट में बदल गई।

​ससुराल पक्ष का गंभीर आरोप: “मासूम की मौत के जिम्मेदार दोनों”

​हंगामे के दौरान महिला के जेठ और परिजनों ने महिला व उसके प्रेमी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। ससुराल वालों का कहना है कि:

  • ​महिला बिना बताए घर से भागकर प्रेमी के साथ रह रही थी।
  • ​उनके ढाई साल के बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के लिए यह महिला और उसका प्रेमी ही जिम्मेदार हैं।
  • ​महिला की गोद में मौजूद नवजात बच्चे को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

​महिला का पलटवार: “प्रताड़ना से तंग आकर छोड़ा घर”

​दूसरी ओर, आरोपों का खंडन करते हुए महिला (सुरेखा देवी) ने अपना पक्ष रखा। उसने कहा:

​”ससुराल में मेरे साथ लगातार मारपीट और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। जुल्म से तंग आकर ही मैंने अपनी मर्जी से प्रेमी के साथ रहने का फैसला किया। मुझ पर लगाए जा रहे बच्चे की मौत के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं।”

 

​तमाशबीन बनी रही पुलिस, वीडियो हुआ वायरल

​हंगामे और महिला के साथ हो रही मारपीट के दौरान सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि मौके पर मौजूद पुलिस काफी देर तक मूकदर्शक बनी रही। बीच सड़क पर सरेआम हो रहे इस हंगामे का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

​पुलिस का रुख:

काफी देर चले हंगामे के बाद पुलिस हरकत में आई और दोनों पक्षों को शांत कराया। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर पूरे मामले की गहन जांच में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी और उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।