Bhagalpur News: बिहार के चर्चित और हृदयविदारक भागलपुर काजवलीचक बम धमाके में अदालत ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुना दिया है। घटना के लगभग चार साल बाद, भागलपुर व्यवहार न्यायालय ने दो मुख्य दोषियों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इस खौफनाक हादसे में 14 बेगुनाह लोगों की जान चली गई थी, जबकि कई परिवार पल भर में तबाह हो गए थे।
अदालत का फैसला: जुर्माना न देने पर बढ़ेगी सजा
न्यायिक पदाधिकारी ज्योति कुमार कश्यप की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए दोषी मोहम्मद आजाद और नवीन मंडल को सजा सुनाई:
- सजा: 10-10 साल का कठोर कारावास।
- आर्थिक दंड: दोनों दोषियों पर ₹10,000-10,000 का जुर्माना।
- अतिरिक्त सजा: जुर्माना की राशि जमा न करने पर दोनों को 3-3 महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।
7 आरोपी, 2 की मौत, 3 बरी और 2 को सजा
ततारपुर थाना क्षेत्र के काजवलीचक में हुए इस भीषण विस्फोट मामले में पुलिस ने कुल 7 लोगों को आरोपी बनाया था। पूरे केस की कानूनी प्रक्रिया के दौरान:
- 2 आरोपियों की मौत: सुनवाई के दौरान ही दो आरोपियों की मृत्यु हो चुकी थी।
- 3 आरोपी बरी: साक्ष्य (सबूतों) के अभाव में अदालत ने तीन आरोपियों को बरी कर दिया।
- 2 को सजा: मोहम्मद आजाद और नवीन मंडल को साक्ष्यों के आधार पर दोषी पाते हुए जेल भेज दिया गया।
क्या था पूरा मामला? (3 मार्च 2022 की वह खौफनाक रात)
3 मार्च 2022 की देर रात भागलपुर का काजवलीचक इलाका एक जोरदार धमाके से दहल उठा था। अवैध रूप से बनाए जा रहे पटाखों/बमों के निर्माण के दौरान यह भयानक विस्फोट हुआ था।
धमाके का मंजर:
धमाका इतना तीव्र था कि दो मंजिला मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गया और आसपास के कई मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए। घटना स्थल पर चीख-पुकार मच गई थी। इस दर्दनाक हादसे में 14 लोगों की मौके पर व इलाज के दौरान मौत हुई थी, जबकि 10 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।
न्यायालय के इस फैसले से शहर में राहत की सांस ली जा रही है, हालांकि पीड़ित परिवारों के जख्म आज भी ताजा हैं।


