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कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में माहवारी स्वच्छता प्रबंधन पर जागरूकता कार्यक्रम, छात्राओं के बीच बांटी गई MHM किट

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Bhagalpur News: सोमवार को जिले में महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर एक बेहतरीन पहल की गई। महिला एवं बाल विकास निगम, भागलपुर द्वारा ‘मिशन शक्ति योजना’ के अंतर्गत जगदीशपुर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय (टाइप-4) में माहवारी स्वच्छता प्रबंधन (Menstrual Hygiene Management-MHM) विषय पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य किशोरियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और समाज में व्याप्त झिझक को दूर करना था।

​माहवारी कोई अभिशाप नहीं, यह एक सामान्य जैविक प्रक्रिया: विशेषज्ञ

​कार्यक्रम में पहुंचे जिला स्तरीय विशेषज्ञों ने छात्राओं से खुलकर संवाद किया। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि माहवारी को लेकर समाज में फैली रूढ़िवादिता और भ्रांतियों को तोड़ना बेहद जरूरी है।

सत्र के दौरान छात्राओं को निम्नलिखित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं:

    • ​व्यक्तिगत स्वच्छता: माहवारी के दिनों में संक्रमण (Infection) से बचने के लिए व्यक्तिगत साफ-सफाई कैसे बनाए रखें।
    • ​सैनिटरी पैड का सही उपयोग: पैड के सुरक्षित इस्तेमाल और उसके सही तरीके से निस्तारण (Disposal) की वैज्ञानिक विधि।
    • ​शारीरिक स्वास्थ्य: इस अवधि के दौरान पोषण, खान-पान और बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियां।

​”माहवारी एक सामान्य और प्राकृतिक जैविक प्रक्रिया है। छात्राओं को इससे डरने या शर्माने की ज़रूरत नहीं है, बल्कि सही जानकारी के साथ आत्मविश्वासी बनना है।”

— विशेषज्ञ पैनल, भागलपुर

 

​छात्राओं की जिज्ञासाओं का हुआ वैज्ञानिक समाधान

​जागरूकता सत्र के दौरान कस्तूरबा विद्यालय की छात्राओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने मन में उठने वाले सवालों व शंकाओं को विशेषज्ञों के सामने रखा। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों व डॉक्टरों ने छात्राओं की सभी जिज्ञासाओं का बेहद सरल, वैज्ञानिक और तथ्यपरक ढंग से जवाब देकर उनका हौसला बढ़ाया।

​एमएचएम (MHM) किट का हुआ वितरण

​कार्यक्रम के सफल समापन पर संस्थान की सभी छात्राओं के बीच विशेष एमएचएम (MHM) किट का वितरण किया गया। अधिकारियों ने सभी बेटियों के स्वस्थ, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें नियमित रूप से स्वच्छता से जुड़ी अच्छी आदतों को अपनी जीवनशैली में अपनाने का संदेश दिया।

​कार्यक्रम में ये मुख्य अधिकारी रहे मौजूद

​इस महत्वपूर्ण और संवेदनशील आयोजन में महिला एवं बाल विकास निगम के जिला परियोजना प्रबंधक (DPM)  मणिशंकर, जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन (DHEW) के जिला मिशन समन्वयक  तबरेज़ खान, फाइनेंशियल लिट्रेसी स्पेशलिस्ट  अभिषेक सुमन और वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक  मोना कुमारी सहित विद्यालय की वार्डन, सभी शिक्षिकाएं और सैकड़ों छात्राएं उपस्थित थीं।

कोशी स्नातक चुनाव को लेकर रजनीश रंजन का चुनावी शंखनाद, वर्तमान एमएलसी पर बोला तीखा हमला

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Bhagalpur News: कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के आगामी एमएलसी चुनाव को लेकर क्षेत्र में सियासी पारा चढ़ने लगा है। इसी कड़ी में भागलपुर के एक निजी होटल में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान एमएलसी प्रत्याशी रजनीश रंजन ने विधिवत रूप से अपना चुनावी शंखनाद कर दिया। रजनीश रंजन ने स्नातकों, शिक्षकों और बेरोजगार युवाओं के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए कोशी क्षेत्र में बड़े बदलाव की जरूरत बताई और वर्तमान एमएलसी के कार्यकाल पर गंभीर सवाल खड़े किए।

​“वर्तमान एमएलसी ने किया निराश, उम्मीदों पर नहीं उतरे खरे”

​प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए रजनीश रंजन ने वर्तमान एमएलसी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान प्रतिनिधि अपने पूरे कार्यकाल में स्नातक मतदाताओं की अपेक्षाओं और भरोसे पर पूरी तरह खरे नहीं उतर सके।

रजनीश रंजन ने मुख्य रूप से इन समस्याओं को रेखांकित किया:

  • ​सत्र की लेट-लतीफी: विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र (Sessions) और परीक्षा व्यवस्था का समय पर न होना।
  • ​उच्च शिक्षा व बेरोजगारी: शिक्षित युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों और करियर मार्गदर्शन की भारी कमी।
  • ​शिक्षकों की अनदेखी: वित्त रहित शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए सदन में कोई अपेक्षित पहल न किया जाना।

​जीत मिले तो विधान परिषद में गूंजेगी हक की आवाज

​रजनीश रंजन ने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि अगर कोशी क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिक उन्हें अपना आशीर्वाद देकर बिहार विधान परिषद भेजते हैं, तो वे समाज के सबसे बौद्धिक वर्ग की आवाज बनेंगे। उन्होंने संकल्प लिया:

​”मैं स्नातकों, शिक्षकों, अधिवक्ताओं, चिकित्सकों और शिक्षित युवाओं की हर जायज मांग को मजबूती से सदन में उठाऊंगा। खासकर वित्त रहित शिक्षकों के अधिकार, सम्मान और उन्हें बेहतर सुविधाएं दिलाने के लिए मेरा संघर्ष लगातार जारी रहेगा।”

— रजनीश रंजन, एमएलसी प्रत्याशी, कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र

 

​महीनों से जारी है जनसंपर्क, युवाओं के लिए ‘स्नातक सहायता केंद्र’ का वादा

​अपनी रणनीतियों को साझा करते हुए रजनीश रंजन ने बताया कि वे पिछले कई महीनों से पूरे कोशी स्नातक क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जिलों में लगातार सघन जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं। उन्हें हर वर्ग के प्रबुद्ध मतदाताओं का अभूतपूर्व समर्थन मिल रहा है। इस बार स्नातक मतदाता केवल खोखले वादों पर नहीं, बल्कि जमीनी विकास और सक्रिय प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर वोट करेंगे।

​उन्होंने एक बड़ा चुनावी वादा करते हुए कहा कि चुनाव जीतने के बाद वे क्षेत्र के प्रत्येक जिला मुख्यालय में एक ‘स्नातक सहायता केंद्र’ (Graduate Support Centre) स्थापित करेंगे। यह केंद्र युवाओं को करियर मार्गदर्शन देने, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी मदद करने और रोजगार संबंधी सटीक जानकारी उपलब्ध कराने का काम करेगा।

टीएनबी विधि महाविद्यालय में आमरण अनशन का ऐलान: मांगें नहीं मानी गईं तो उग्र आंदोलन की चेतावनी

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Bhagalpur News: टीएनबी विधि महाविद्यालय (TNB Law College) में पांच वर्षीय लॉ कोर्स बंद होने और नामांकन प्रक्रिया में बदलाव को लेकर छात्र संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा है। सोमवार को दीपनगर स्थित कांग्रेस भवन में युवा कांग्रेस और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के तत्वावधान में एक संयुक्त प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता के दौरान छात्र नेताओं ने तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) प्रशासन के खिलाफ तीखी नाराजगी जाहिर की और आंदोलन का शंखनाद कर दिया।

​5 वर्षीय लॉ कोर्स दोबारा शुरू करने की मुख्य मांग

​प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि टीएनबी विधि महाविद्यालय में पांच वर्षीय विधि पाठ्यक्रम को तत्काल प्रभाव से पुनः प्रारंभ किया जाए। छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि नामांकन की पुरानी प्रक्रिया को बदलकर विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है।

    • ​पुरानी प्रक्रिया बहाल हो: संगठन की मांग है कि नामांकन की जो प्रक्रिया पहले से चली आ रही थी, उसे ही लागू रखा जाए।
    • ​भविष्य पर संकट: अनावश्यक बदलावों और लेट-लतीफी के कारण छात्रों का कीमती साल बर्बाद हो रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

​”विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के धैर्य की परीक्षा न ले। अगर हमारी जायज मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो हम कॉलेज परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठने को मजबूर होंगे।”

— युवा कांग्रेस व एनएसयूआई प्रतिनिधि

 

​चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार: उग्र प्रदर्शन की चेतावनी

​युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट शब्दों में विश्वविद्यालय प्रशासन को अल्टीमेटम दे दिया है। उन्होंने कहा कि उनका यह संघर्ष पूरी तरह छात्र हित में है और वे इसे मुकाम तक पहुंचाकर ही दम लेंगे। आंदोलन की रूपरेखा साझा करते हुए उन्होंने कहा:

      1. ​पहला चरण: मांगें पूरी न होने पर महाविद्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन।
      2. ​दूसरा चरण: इसके बावजूद समाधान नहीं निकला, तो पूरे विश्वविद्यालय क्षेत्र में उग्र आंदोलन किया जाएगा।

​छात्र नेताओं ने साफ कहा कि यदि आंदोलन के दौरान स्थिति बिगड़ती है या छात्रों के भविष्य को कोई नुकसान होता है, तो इसकी शत-प्रतिशत जिम्मेदारी सिर्फ और सिर्फ विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।

​प्रेस वार्ता में कई दिग्गज रहे मौजूद

​इस महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के माध्यम से विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रों के व्यापक हित में शीघ्र और सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की गई। इस दौरान युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, छात्र नेता एवं दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने एक सुर में इस आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।

श्रावणी मेला क्षेत्र का जायजा लेने अजगैविनाथ धाम पहुंचे एडीएम धीरेन्द्र कुमार मिश्रा, दिए सख्त निर्देश

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Bhagalpur News: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 के आगाज़ में अब महज़ नौ दिन शेष रह गए हैं। कांवड़ियों के स्वागत और उनकी सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए भागलपुर जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। सोमवार को दोपहर भागलपुर के एडीएम धीरेन्द्र कुमार मिश्रा अधिकारियों के बड़े अमले और दल-बल के साथ सुल्तानगंज के अजगैविनाथ धाम पहुंचे। उन्होंने मेला क्षेत्र का सघन निरीक्षण कर चल रही तैयारियों का जायजा लिया और काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।

​नमामि गंगा घाट से लेकर प्रखंड मुख्यालय तक सुरक्षा व सुविधाओं की जांच

​एडीएम धीरेन्द्र कुमार मिश्रा के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम सीधे नमामि गंगा घाट पहुंची। इसके बाद टीम ने प्रखंड मुख्यालय परिसर और कांवड़िया रूट का भी निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने निम्नलिखित मुख्य व्यवस्थाओं का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया:

  • ​उद्घाटन स्थल: मुख्य मेला उद्घाटन स्थल पर चल रही तैयारियों को देखा।
  • ​सुरक्षा एवं बैरिकेडिंग: गंगा घाटों पर कांवड़ियों को डूबने से बचाने के लिए बनाई जा रही बैरिकेडिंग और एसडीआरएफ (SDRF) टीम की तैनाती की समीक्षा की।
  • ​बुनियादी सुविधाएं: घाटों और ठहराव स्थलों पर साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल, निर्बाध बिजली आपूर्ति, और पर्याप्त शौचालयों की व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया।

​जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय का सख्त आदेश: 25 जुलाई तक काम पूरा करें

​निरीक्षण के दौरान एडीएम धीरेन्द्र कुमार मिश्रा ने बताया कि मेला शुरू होने में वक्त बेहद कम है। उन्होंने कहा:

​”भागलपुर की जिलाधिकारी (DM) अलंकृता पाण्डेय द्वारा स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि 25 जुलाई तक मेला क्षेत्र की सभी तैयारियां हर हाल में पूरी हो जानी चाहिए। इसी को ध्यान में रखते हुए आज ग्राउंड जीरो पर आकर जांच की गई है। सभी संबंधित विभागों और कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे समय से पूर्व अपने-अपने कार्यों को अंतिम रूप दें।”

— धीरेन्द्र कुमार मिश्रा, एडीएम, भागलपुर

 

​कांवड़ियों को बेहतर सुविधाएं देना प्रशासन का मुख्य लक्ष्य

​एडीएम ने साफ शब्दों में कहा कि देश-विदेश से आने वाले लाखों शिवभक्तों (कांवड़ियों) को सुल्तानगंज में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुलभ, सुरक्षित और स्वच्छ माहौल प्रदान करना है। यदि तैयारियों में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

​निरीक्षण दल में ये आला अधिकारी रहे शामिल

​इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान एडीएम के साथ जिला कृषि पदाधिकारी प्रेम शंकर, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अभिषेक आनंद, प्रखंड कृषि पदाधिकारी सत्यम राज, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी हेमलता कुमारी, और नगर परिषद सुल्तानगंज के स्वच्छता पदाधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार सहित दर्जनों विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

भागलपुर के नए डीडीसी रवि राकेश ने संभाला पदभार, अधिकारियों ने किया भव्य स्वागत

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले की प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और गतिशील बनाने के लिए नवपदस्थापित उप विकास आयुक्त (DDC) रवि राकेश ने आज विधिवत रूप से अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। उनके आगमन से जिला प्रशासन और विकास कार्यों में एक नई ऊर्जा का संचार देखने को मिल रहा है। रवि राकेश इससे पहले पूर्णिया जिले में अपनी बेहतरीन प्रशासनिक सेवाएं दे रहे थे, जहां से उनका तबादला भागलपुर किया गया है।

​डीआरडीए कार्यालय में हुआ भव्य स्वागत

​पदभार ग्रहण करने के इस खास मौके पर जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (DRDA) के तमाम आला अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने नए डीडीसी का गर्मजोशी से स्वागत किया। अधिकारियों ने उन्हें पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंट कर उनका अभिनंदन किया। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद, डीआरडीए के अधिकारियों ने नए डीडीसी को जिले में वर्तमान में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं और महत्वपूर्ण परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया।

​”मेरी प्राथमिकता सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है।”

— रवि राकेश, नवनियुक्त डीडीसी, भागलपुर

 

​अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश: समयसीमा और पारदर्शिता पर जोर

​कार्यभार संभालते ही नए डीडीसी रवि राकेश ने अपनी कार्यशैली के संकेत दे दिए हैं। उन्होंने मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक कर साफ कहा कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर जोर दिया:

  • ​तय समय पर पूरा हो काम: सभी लंबित और वर्तमान योजनाओं को समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए।
  • ​बेहतर समन्वय: सभी विभाग आपस में तालमेल (Coordination) बनाकर काम करें ताकि फाइलों में देरी न हो।
  • ​पारदर्शिता और ईमानदारी: योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी पारदर्शिता बरती जाए ताकि भ्रष्टाचार की गुंजाइश न रहे।

​विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद

​रवि राकेश को उनकी कुशल कार्यशैली, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और समृद्ध प्रशासनिक अनुभव के लिए जाना जाता है। भागलपुर के प्रबुद्ध नागरिकों और प्रशासनिक हल्के में यह उम्मीद जताई जा रही है कि उनके नेतृत्व में जिले के ग्रामीण और शहरी विकास कार्यों को एक नई रफ्तार मिलेगी। अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में उनके नेतृत्व में भागलपुर में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में क्या नई पहल और बदलाव देखने को मिलते हैं।

भागलपुर में कोरोना की दस्तक: 7 दिनों से बुखार-खांसी से पीड़ित बुजुर्ग की रिपोर्ट आई पॉजिटिव, मायागंज अस्पताल में भर्ती

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Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर जिले से एक बार फिर कोरोना संक्रमण का मामला सामने आया है। पिछले कुछ दिनों से लगातार बुखार और खांसी से पीड़ित एक बुजुर्ग की जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। मरीज की स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (JLNMCH), मायागंज के कोरोना वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम उनकी निगरानी कर रही है।

​7 दिनों से बीमार थे बुजुर्ग, जांच में हुई पुष्टि

​मिली जानकारी के मुताबिक, बुजुर्ग मरीज पिछले एक सप्ताह से गंभीर रूप से सर्दी, खांसी और तेज बुखार से पीड़ित थे। स्थानीय स्तर पर इलाज के बाद भी जब राहत नहीं मिली, तो उन्हें मायागंज अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों ने एहतियात के तौर पर जब उनका कोविड-19 टेस्ट (RT-PCR/Antigen) करवाया, तो उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। रिपोर्ट आते ही अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया और तुरंत प्रोटोकॉल के तहत उन्हें आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।

​डॉक्टर बोले— “पैनिक न हों, स्वास्थ्य विभाग तैयार है”

​इस मामले पर जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टरों और प्रबंधन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह सामान्य है और लोगों को घबराने (पैनिक होने) की कतई आवश्यकता नहीं है।

​अस्पताल प्रशासन का बयान:

“मरीज को आइसोलेट कर दिया गया है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर है। अस्पताल में ऑक्सीजन, बेड और जरूरी दवाओं की कोई कमी नहीं है। स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद है, इसलिए अफवाहों से बचें।”

 

​स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट, आप भी बरतें ये सावधानियां

​भागलपुर में नया केस मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जिले में अलर्ट जारी कर दिया है। डॉक्टरों ने आम जनता से अपील की है कि वे कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करें:

  • ​भीड़भाड़ वाले इलाकों में मास्क का प्रयोग करें: खासकर बुजुर्ग और पहले से किसी बीमारी (जैसे शुगर, बीपी) से पीड़ित लोग मास्क जरूर पहनें।
  • ​लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं: अगर 3-4 दिनों से ज्यादा समय तक तेज बुखार, सूखी खांसी या सांस लेने में तकलीफ हो, तो खुद से दवा लेने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर जांच कराएं।
  • ​हाथों की सफाई: सैनिटाइजर का उपयोग करें और समय-समय पर साबुन से हाथ धोते रहें।

​अस्पताल प्रबंधन ने यह भी साफ किया है कि फिलहाल जिले में संक्रमण के फैलाव के कोई बड़े संकेत नहीं हैं, लेकिन सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।

भागलपुर के शिक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक क्रांति: सभी 17 प्रखंडों को मिले आधुनिक ‘सरस्वती विद्या निकेतन’ मॉडल स्कूल, सीएम सम्राट चौधरी ने किया वर्चुअल शुभारंभ

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Bhagalpur News:  बिहार सरकार द्वारा राज्य के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, तकनीक-आधारित और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा वर्चुअल माध्यम से राज्य के विभिन्न जिलों के साथ-साथ भागलपुर जिले के सभी 17 प्रखंडों में चयनित ‘सरस्वती विद्या निकेतन’ (मॉडल स्कूल) का भव्य शुभारंभ किया गया।

​इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत भागलपुर जिले के प्रत्येक प्रखंड से एक-एक उत्कृष्ट विद्यालय का चयन कर उसे अत्याधुनिक संसाधनों से लैस किया गया है, ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के विद्यार्थियों को समान रूप से विश्वस्तरीय शिक्षा मिल सके।

​ भागलपुर के इन 17 स्कूलों को मिला ‘मॉडल स्कूल’ का दर्जा (देखें पूरी सूची)

​भागलपुर जिले के जिन 17 प्रमुख विद्यालयों को आधुनिक सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) के रूप में अपग्रेड कर आज से शुरू किया गया है, उनकी सूची इस प्रकार है:

क्र.सं.

प्रखंड का नाम

चयनित मॉडल स्कूल का नाम

1

जगदीशपुर

पी. झा उच्च विद्यालय, बैजानी

2

नाथनगर

इंटर लेवल हाई स्कूल, शाहपुर

3

सबौर

हाई स्कूल, सबौर

4

शाहकुंड

इंटर लेवल मॉडल नारायण हाई स्कूल, अम्बा

5

सुलतानगंज

के.एन.एस.एम. इंटर स्कूल

6

गोराडीह

उत्क्रमित मध्य विद्यालय, सिरनौध

7

कहलगांव

शारदा पाठशाला, कहलगांव

8

पीरपैंती

लक्ष्मी नारायण हाई स्कूल

9

सन्हौला

राष्ट्रीय उच्च विद्यालय, सनोकहरहाट

10

खरीक

मॉडल हाई स्कूल, तुलसीपुर यामुनिया

11

बिहपुर

एन.के. हाई स्कूल

12

गोपालपुर

एस.बी.सी. हाई स्कूल

13

इस्माइलपुर

उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, इस्माइलपुर

14

नारायणपुर

शिवधारी शुकदेव हाई स्कूल

15

नवगछिया

Inter School, नवगछिया

16

रंगरा चौक

राजकीय संत विनोबा हाई स्कूल, तिनटंगा दियारा

17

नगर निगम क्षेत्र

प्लस टू जिला स्कूल, भागलपुर

 पी. झा उच्च विद्यालय बैजानी में पहुंचे जिलाधिकारी, दीप प्रज्वलित कर परखा इंफ्रास्ट्रक्चर

​इस पावन अवसर पर जिले के सभी 17 चिन्हित मॉडल स्कूलों में बेहद गरिमापूर्ण और भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित किए गए। मुख्य समारोह सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल), पी. झा उच्च विद्यालय, बैजानी (जगदीशपुर) में आयोजित हुआ, जहाँ मुख्य अतिथि के रूप में भागलपुर की जिलाधिकारी (DM) अलंकृता पांडे स्वयं उपस्थित रही।

​जिलाधिकारी ने विधिवत दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद उन्होंने पूरे विद्यालय परिसर का बारीकी से अवलोकन किया और राज्य सरकार द्वारा छात्रों के लिए उपलब्ध कराई गई नई शैक्षणिक तकनीकों, स्मार्ट क्लासरूम और आधारभूत इंफ्रास्ट्रक्चर का गहन निरीक्षण किया।

​ “शिक्षा ही राष्ट्र विकास का सबसे सशक्त माध्यम”: जिलाधिकारी

​समारोह को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने राज्य सरकार की इस दूरदर्शी पहल की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा:

​”ये मॉडल स्कूल केवल भवन नहीं, बल्कि हमारे बच्चों के समग्र व्यक्तित्व विकास और उज्ज्वल भविष्य के आधार स्तंभ हैं। यहाँ विद्यार्थियों को अनुशासित, प्रेरणादायी और तकनीक-आधारित आधुनिक शैक्षणिक माहौल मिलेगा। अब ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी बड़े शहरों जैसी सुविधाएं अपने ही प्रखंड में मिलेंगी। शिक्षा ही समाज को बदलने का सबसे ताकतवर जरिया है, और ये स्कूल इस दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।”

​कार्यक्रम के दौरान डीएम ने स्कूली बच्चों से सीधा संवाद स्थापित कर उन्हें नियमित रूप से स्कूल आने, कड़ा अध्ययन करने और जीवन में हमेशा ऊंचा लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, उन्होंने शिक्षकों से बच्चों में नैतिक मूल्यों का विकास करने और अभिभावकों से शिक्षा में भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की।

​ उत्सव के माहौल में झूम उठे बच्चे, जनप्रतिनिधियों ने भी सराहा

​सभी 17 स्कूलों में आयोजित कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षा विभाग के वरीय पदाधिकारियों, शिक्षकों और बड़ी संख्या में अभिभावकों ने हिस्सा लिया। स्कूलों में नव-नामांकित और पुराने बच्चों का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान स्कूली छात्र-छात्राओं ने मनमोहक सांस्कृतिक और स्वागत कार्यक्रम प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया।

​भागलपुर जिला प्रशासन ने दृढ़ विश्वास व्यक्त किया है कि ये सभी 17 सरस्वती विद्या निकेतन विद्यालय शिक्षा के उत्कृष्ट केंद्र (Centers of Excellence) के रूप में उभरेंगे और नई शिक्षा नीति के सपनों को धरातल पर साकार करेंगे।

भागलपुर: बबरगंज में 58.61 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद, एक नाबालिग निरुद्ध, दूसरा धंधेबाज़ फरार

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के युवाओं को नशे के जानलेवा चंगुल से बचाने और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए भागलपुर पुलिस एक्शन मोड में है। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देशानुसार जिले में चलाए जा रहे विशेष महाअभियान “स्वस्थ युवा स्वस्थ भागलपुर” के तहत पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है।

​बबरगंज थाना क्षेत्र के चौधरीडीह में की गई सघन छापेमारी में पुलिस ने कुल 58.61 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद किया है। इस मामले में पुलिस ने एक विधि विरुद्ध बालक (नाबालिग) को निरुद्ध किया है, जबकि दुकान की आड़ में नशा बेचने वाला एक मुख्य आरोपी मौके से फरार हो गया, जिसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

​ गुप्त सूचना पर बनी स्पेशल टीम, हॉट स्पॉट पर दी दबिश

​पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बबरगंज थाना क्षेत्र के चौधरीडीह में एक विधि विरुद्ध बालक अपने घर से और राजा यादव (पिता- ठाकुर यादव) अपनी दुकान की आड़ में अवैध मादक पदार्थों का स्टॉक रखकर बड़े पैमाने पर खरीद-बिक्री कर रहे हैं।

​इस गंभीर सूचना के सत्यापन और त्वरित कार्रवाई के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशन तथा नगर पुलिस अधीक्षक की निगरानी में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम का नेतृत्व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नगर-02 और बबरगंज थानाध्यक्ष कर रहे थे।

​ घर से 42.56 ग्राम और दुकान से 16.05 ग्राम ब्राउन शुगर जब्त

​गठित टीम ने पूरी मुस्तैदी के साथ चौधरीडीह में दो अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ दबिश दी:

  • ​ठिकाना 1 (घर): टीम ने सबसे पहले चिन्हित घर पर छापेमारी कर एक विधि विरुद्ध बालक को 42.56 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ रंगे हाथों निरुद्ध किया।

  • ​ठिकाना 2 (दुकान): इसके बाद टीम जब राजा यादव की दुकान पर पहुंची, तो पुलिस की भनक लगते ही आरोपी राजा यादव अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में कामयाब रहा। हालांकि, जब दुकान की सघन तलाशी ली गई, तो वहाँ से 16.05 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुआ, जिसे पुलिस ने विधिवत जब्त कर लिया।

​ प्राथमिकी दर्ज, फरार आरोपी की तलाश में पुलिस की छापेमारी तेज

​पुलिस ने इस पूरी कार्रवाई में कुल 58.61 ग्राम ब्राउन शुगर जब्त करने में सफलता पाई है। निरुद्ध किए गए नाबालिग से पुलिस आवश्यक पूछताछ कर रही है ताकि इस रैकेट के अन्य कड़ियों का पता लगाया जा सके। वहीं, फरार आरोपी राजा यादव के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

​ इस सफल छापेमारी दल में ये रहे शामिल

​इस महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में बबरगंज थाने के कई जांबाज पुलिस अधिकारी और जवान शामिल थे:

​पु०अ०नि० सह-थानाध्यक्ष सत्यजीत कुमार, बबरगंज थाना,  ​पु०अ०नि० प्रताप कुमार, बबरगंज थाना, ​पु०अ०नि० हृदयनारायण साह, बबरगंज थाना,​बबरगंज थाने के सशस्त्र बल के जवान

​’हमनशीं’: जब एक प्रखर पत्रकार की कलम से बहने लगीं दिल की संवेदनाएँ, आनंद कौशल के पहले ग़ज़ल संग्रह की विशेष समीक्षा

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Patna News: पत्रकारिता और साहित्य के बीच का रिश्ता हमेशा से बेहद गहरा रहा है। जहाँ पत्रकारिता समाज की कड़वी सच्चाइयों, तथ्यों और तात्कालिकता को बयां करती है, वहीं साहित्य इंसान के भीतर की छिपी संवेदनाओं और अनुभवों को शब्द देता है। विरले ही ऐसे लोग होते हैं जो इन दोनों विपरीत धाराओं को समान सहजता से साध पाते हैं।

​वरिष्ठ पत्रकार, प्रख्यात मीडिया रणनीतिकार और वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (WJAI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद कौशल का पहला ग़ज़ल संग्रह ‘हमनशीं’ इसी दुर्लभ संगम का एक बेहद खूबसूरत और सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया है। बिहार के वरिष्ठ पत्रकार अनूप नारायण सिंह ने इस कृति की गहराई को टटोलते हुए इसकी विस्तृत समीक्षा की है।

​ टीवी पत्रकारिता का गंभीर चेहरा, जिसके भीतर धड़कता है एक संवेदनशील कवि

​आनंद कौशल को वर्षों से बिहार की टेलीविजन पत्रकारिता के एक गंभीर, सजग और प्रभावशाली चेहरे के रूप में जाना जाता रहा है। ईटीवी बिहार से लेकर हमार टीवी के ब्यूरो चीफ के रूप में और विभिन्न राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार चैनलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते हुए उन्होंने पत्रकारिता को केवल पेशा नहीं, बल्कि जनसरोकारों का माध्यम बनाया।

​सत्ता, समाज और संघर्षों के बीच लगातार 24 घंटे सक्रिय रहने वाले इस दिग्गज पत्रकार ने कभी अपने भीतर के कवि को मरने नहीं दिया। यही संवेदनशीलता आज ‘हमनशीं’ के रूप में पाठकों के सामने है।

​ ‘हमनशीं’: शब्दों में महज़ तुकबंदी नहीं, यहाँ धड़कती है ज़िंदगी

​समीक्षक अनूप नारायण सिंह के अनुसार, यह पुस्तक केवल ग़ज़लों का संकलन नहीं है, बल्कि जीवन के उन अनकहे अध्यायों की अभिव्यक्ति है जिन्हें अक्सर लोग अपने भीतर दबाकर जीते रहते हैं। इसमें प्रेम है, विरह है, अकेलापन है, रिश्तों की ऊष्मा है, समय की विडंबना है और सबसे बढ़कर इंसान होने का एहसास है। किताब की शुरुआती पंक्तियां ही पाठक को अपने आगोश में ले लेती हैं—

​“सब कुछ था पास मेरे, एक तेरे इश्क़ के सिवा,

आज हूँ बीमार-ए-इश्क़, कुछ नहीं हैं, बस तन्हाइयाँ…”

 

​और फिर—

​“लोग कहते हैं आवारा मेरी आवारगी देखकर,

ये बेचारगी ‘कौशल’ तेरी फ़ितरत ही तो है…”

 

​ये शेर महज़ काव्य-पंक्तियां नहीं, बल्कि जीवन के लंबे अनुभवों से छनकर निकले हुए एहसास हैं। इनमें न बनावटीपन है, न शब्दों का अनावश्यक प्रदर्शन। यही सादगी इस संग्रह की सबसे बड़ी ताकत है।

​ उर्दू की नफ़ासत और हिंदी की सहजता का बेजोड़ संगम

​’हमनशीं’ की सबसे उल्लेखनीय विशेषता यह है कि आनंद कौशल अपनी शायरी में दर्द को कभी निराशा नहीं बनने देते। उनकी ग़ज़लों में तन्हाई है लेकिन टूटन नहीं; मोहब्बत है लेकिन शिकायतों का शोर नहीं; उम्मीद है लेकिन कृत्रिम आशावाद नहीं। वे जीवन की सच्चाइयों को उसी सहजता से स्वीकार करते हैं, जैसी सहजता से एक पत्रकार घटनाओं को देखता और दर्ज करता है।

​भाषा की दृष्टि से भी यह संग्रह लाजवाब है। इसमें उर्दू की नफ़ासत और हिंदी की सहजता का सुंदर संतुलन दिखाई देता है। कठिन शब्दों के बजाय भावों की सच्चाई पाठक को बांधती है, जो इसे गंभीर पाठकों के साथ-साथ आम पाठकों के लिए भी बेहद लोकप्रिय बनाती है।

​ सोशल मीडिया के दौर में एक मुकम्मल साहित्यिक कृति

​आज के समय में, जब सोशल मीडिया ने शायरी को अक्सर त्वरित लोकप्रियता का माध्यम बना दिया है, ‘हमनशीं’ यह विश्वास दिलाती है कि सच्चा साहित्य अभी भी अनुभव, संवेदना और आत्ममंथन की मिट्टी से ही जन्म लेता है। आनंद कौशल ने अपनी पहली ही पुस्तक में यह साबित किया है कि वे केवल खबरों के कुशल शिल्पी ही नहीं, बल्कि भावनाओं के भी सशक्त रचनाकार हैं।

​यह संग्रह उन लोगों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो प्रेम को महसूस करना चाहते हैं, तन्हाई को समझना चाहते हैं और उम्मीद की लौ को अपने भीतर जीवित रखना चाहते हैं। पहली ही कृति में आनंद कौशल ने यह संकेत दे दिया है कि उनकी साहित्यिक यात्रा लंबी और बेहद सार्थक होने वाली है।

सुल्तानगंज: तेज रफ्तार हाइवा ने बाइक को रौंदा, हाथों की मेहंदी छूटने से पहले ही नवविवाहिता की दर्दनाक मौत

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Bhagalpur News: सुल्तानगंज में रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार की सुबह करीब 10:00 बजे सुल्तानगंज-देवघर मुख्य मार्ग पर एक बार फिर रफ्तार के कहर ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। शिवनंदनपुर मदारिया पावर हाउस के समीप एक तेज रफ्तार हाइवा ट्रक ने बाइक सवार दंपती को ओवरटेक करने के चक्कर में जोरदार टक्कर मार दी। इस वीभत्स सड़क हादसे में बाइक पर पीछे बैठी 20 वर्षीय नवविवाहिता की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसका पति गंभीर रूप से घायल हो गया।

​मृतक महिला की पहचान मुंगेर जिले के मिर्जापुर बरदह निवासी जुल्फिकार की 20 वर्षीय पत्नी रोशनी देवी के रूप में हुई है।

​ मायके से लौट रहे थे पति-पत्नी, रास्ते में काल बनकर आया हाइवा

​मिली जानकारी के अनुसार, मृतका रोशनी देवी अपने पति जुल्फिकार के साथ बांका जिले के शंभूगंज स्थित चुटिया बेलारी गांव (अपने मायके) से बाइक पर सवार होकर वापस मुंगेर लौट रही थी। जैसे ही उनकी बाइक सुल्तानगंज के शिवनंदनपुर मदारिया पावर हाउस के पास पहुंची, पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार हाइवा ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भयानक थी कि रोशनी देवी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि जुल्फिकार गंभीर रूप से घायल हो गया।

​ “हाथों की मेहंदी भी नहीं छूटी थी कि वो मुझे छोड़ गई…”

​इस हृदयविदारक हादसे के बाद अस्पताल में घायल पति जुल्फिकार का रो-रोकर बुरा हाल है। उसने रोते हुए बताया,

​”अभी बीते 2 जुलाई को ही तो हमारी शादी हुई थी। हम दोनों अपनी नई दुनिया को लेकर बहुत खुश थे। हाथों की मेहंदी का रंग अभी ठीक से छूटा भी नहीं था कि इस हादसे ने हमारी खुशियों को हमेशा के लिए छीन लिया और हमें एक-दूसरे से जुदा कर दिया।”

 

​ पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, हाइवा ट्रक जब्त

​घटना के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। इधर, हादसे को अंजाम देने के बाद हाइवा ट्रक का चालक और खलासी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए।

​घटना की सूचना मिलते ही सुल्तानगंज थानाध्यक्ष धनंजय कुमार और बीडीओ संजीव कुमार दलबल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने उग्र लोगों को समझा-बुझाकर सड़क जाम हटवाया और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर भेज दिया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त हाइवा ट्रक को जब्त कर लिया है और फरार चालक व खलासी की गिरफ्तारी के लिए आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।