Banka News: सांप काटने के बाद झाड़-फूंक और अंधविश्वास के फेर में जान गंवाने का एक और दर्दनाक मामला सामने आया है। बांका जिले के रजौन थाना क्षेत्र अंतर्गत महादा गांव में जहरीले सांप के डंसने से एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान महादा गांव निवासी सत्यम कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद से ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
रात में सोते समय सांप ने काटा
मिली जानकारी के अनुसार, सत्यम कुमार कल रात अपने घर में सोया हुआ था। इसी दौरान किसी विषैले सांप ने उसे डंस लिया। चीख-पुकार सुनकर परिजन जागे, लेकिन सही समय पर सही फैसला न ले सके।
परिजन सत्यम को तुरंत किसी नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक (ओझा-गुणी) के चक्कर में उलझ गए। घंटों झाड़-फूंक का दौर चलता रहा, जिससे शरीर में जहर तेजी से फैलता गया और युवक की हालत अत्यंत नाजुक हो गई।
मायागंज अस्पताल में तोड़ा दम
जब झाड़-फूंक से हालत बिगड़ने लगी और सत्यम अचेत होने लगा, तब आनन-फानन में परिजन उसे रजौन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) लेकर पहुंचे। वहां मौजूद डॉक्टरों ने युवक की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (मायागंज अस्पताल), भागलपुर रेफर कर दिया।
परिजनों द्वारा तत्काल मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। इलाज के दौरान सत्यम ने दम तोड़ दिया।
डॉक्टरों की अपील: “झाड़-फूंक नहीं, तुरंत अस्पताल पहुंचे”
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टरों ने आम लोगों से एक बार फिर सतर्क रहने की अपील की है:
- झाड़-फूंक से बचें: सर्पदंश (Snake Bite) की स्थिति में झाड़-फूंक या तंत्र-मंत्र के चक्कर में समय बिल्कुल बर्बाद न करें।
- एंटी-वेनम (Anti-Venom) ही एकमात्र इलाज: सांप के जहर का एकमात्र और सटीक इलाज सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध एंटी-वेनम इंजेक्शन ही है।
- गोल्डन आवर (Golden Hour): सांप काटने के तुरंत बाद पहला 1 घंटा बेहद कीमती होता है। यदि समय रहते मरीज को अस्पताल पहुंचा दिया जाए, तो उसकी जान 100% बचाई जा सकती है।


