Bhagalpur News: हिंदी सावन शुरू होने में भले ही अभी कुछ दिनों का समय शेष हो, लेकिन विश्व प्रसिद्ध अजगैवीनाथ धाम, सुल्तानगंज में आस्था और भक्ति का रंग पूरी तरह चढ़ चुका है। बांग्ला सावन की शुरुआत होते ही सुल्तानगंज के नमामि गंगे घाट पर श्रद्धालुओं (कांवरियों) की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। चारों तरफ ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के गूंजते जयकारों से पूरा माहौल शिवमय हो गया है।
पश्चिम बंगाल और असम से पहुँच रहे हजारों श्रद्धालु
बांग्ला सावन की शुरुआत के साथ ही मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल और असम से बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुल्तानगंज पहुँच रहे हैं। उत्तरवाहिनी गंगा तट पर स्नान के बाद श्रद्धालु संकल्प लेकर पवित्र गंगाजल भर रहे हैं और यहाँ से सीधे बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) के लिए प्रस्थान कर रहे हैं।
कांवर यात्रा का संकल्प:
श्रद्धालु सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर लगभग 105 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा तय करते हुए देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर पहुँचते हैं, जहाँ वे भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं।
हिंदी सावन से पहले ही दिखने लगा सावन मेला सा नजारा
यद्यपि हिंदी पंचांग के अनुसार सावन की शुरुआत अभी होनी बाकी है, लेकिन बांग्ला भाषी क्षेत्रों में सावन मास पहले शुरू हो जाता है। इसी कारण सुल्तानगंज में कांवरियों की आवाजाही अचानक काफी तेज हो गई है। स्थानीय दुकानों, घाटों और धर्मशालाओं में रौनक लौट आई है, जिससे पूरे क्षेत्र में मिनी सावन मेले जैसा दृश्य बन गया है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधाओं के लिए प्रशासन मुस्तैद
बांग्ला सावन में कांवरियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस अलर्ट मोड पर है:
- घाटों पर सुरक्षा: नमामि गंगे घाट और अजगैवीनाथ मंदिर परिसर में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
- सफाई व पेयजल की व्यवस्था: श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध पेयजल, चेंजिंग रूम और प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है।
- स्वास्थ्य सेवाएँ: कांवर पथ और घाटों पर मेडिकल कैंप स्थापित किए जा रहे हैं ताकि लंबी पैदल यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को प्राथमिक उपचार मिल सके।
आने वाले दिनों में जब हिंदी सावन की शुरुआत होगी, तब श्रद्धालुओं की यह संख्या कई गुना बढ़ने की संभावना है, जिसके लिए प्रशासनिक तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं।


