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100 दिन में विकास की बड़ी तस्वीर: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ₹11,464 करोड़ की 2,476 परियोजनाओं का किया उद्घाटन-शिलान्यास

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Patna News: बिहार सरकार के सेवा, संकल्प और समर्पण’ के 100 दिन पूरे होने के अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को पटना स्थित बीआईटी मेसरा, पटना परिसर में आयोजित भव्य कार्यक्रम में राज्य के विकास को नई दिशा देने वाली ₹11,464 करोड़ की लागत वाली 2,476 विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सरकार बिहार की जनता की सरकार है, हम आपके सेवक हैं। जनता के भरोसे और सहयोग से विकसित एवं समृद्ध बिहार का सपना अवश्य साकार होगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के पहले 100 दिन पूरी तरह जनसेवा, सुशासन और विकास को समर्पित रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, कृषि, आधारभूत संरचना और डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं, जिनसे राज्य के समग्र विकास को नई गति मिली है।

211 नए डिग्री कॉलेज और 551 मॉडल स्कूल

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए एक ही दिन में 211 नए डिग्री कॉलेजों की शुरुआत की गई, जबकि 551 स्कूलों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया गया है। प्रत्येक प्रखंड में आदर्श विद्यालय स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से काम चल रहा है। इसके साथ ही एआई आधारित स्मार्ट गवर्नेंस और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है।

हर जिले में उद्योग, 5 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि बिहार के प्रत्येक जिले में कम से कम एक बड़ा उद्योग स्थापित किया जाएगा। सरकार ने 20 नवंबर तक राज्य में ₹5 लाख करोड़ का निवेश लाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए देश-विदेश के निवेशकों से लगातार संवाद किया जा रहा है।

राजापाकर में इलेक्ट्रॉनिक्स पार्क, गया में स्टील हब

औद्योगिक विकास को नई ऊंचाई देने के लिए वैशाली के राजापाकर में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पार्क बनाया जाएगा, जहां ₹20 हजार से ₹30 हजार करोड़ तक का निवेश आने की संभावना है और करीब एक लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा।

इसके अलावा गया के आईएमसी परिसर में लगभग 3000 एकड़ में डेडिकेटेड स्टील प्लांट हब विकसित किया जाएगा, जो बिहार के औद्योगिक विकास का नया केंद्र बनेगा।

अगले पांच वर्षों में 25 नई चीनी मिलें

सरकार ने कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए अगले पांच वर्षों में 25 नई चीनी मिलों की स्थापना का लक्ष्य तय किया है। साथ ही टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य क्षेत्रों में बड़े निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा।

सड़क, मेडिकल और एयरपोर्ट परियोजनाओं पर भी जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले तीन वर्षों में बिहार में करीब 200 किलोमीटर मरीन ड्राइव विकसित किया जाएगा। सड़क, मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार पीपीपी मॉडल के तहत किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि सोनपुर में देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट, सुल्तानगंज में नया एयरपोर्ट, तथा दरभंगा एयरपोर्ट के विस्तार पर भी तेजी से काम किया जा रहा है। विक्रमशिला विश्वविद्यालय के विकास के लिए 220 एकड़ जमीन उपलब्ध करा दी गई है।

सहयोग शिविर से 90 प्रतिशत आवेदनों का निपटारा

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के सभी 534 प्रखंडों में सहयोग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। अब तक 7 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से लगभग 90 प्रतिशत मामलों का निष्पादन किया जा चुका है।

माइक्रोसॉफ्ट समेत कई महत्वपूर्ण समझौते

कार्यक्रम के दौरान सूचना एवं प्रावैधिकी विभाग और माइक्रोसॉफ्ट के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) का आदान-प्रदान हुआ। वहीं डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग का एचपीसीएल और आईओसीएल के साथ भी समझौता हुआ। स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए गए।

मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार देश का सबसे युवा और संभावनाओं से भरपूर राज्य है। सरकार ‘आशा, सपना और जनकल्याण’ के मंत्र के साथ प्रत्येक नागरिक के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है। जनता के सहयोग और विश्वास से आने वाले वर्षों में बिहार निवेश, रोजगार, नवाचार और औद्योगिक विकास का अग्रणी राज्य बनेगा।

बिहार में आधुनिक सार्वजनिक परिवहन की शुरुआत: मुख्यमंत्री ने 400 इलेक्ट्रिक बसों और नई डीलक्स बसों को दिखाई हरी झंडी

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Patna News: बिहार में आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को पटना स्थित वेटनरी कॉलेज ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत इलेक्ट्रिक बसों तथा बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) की नई डीलक्स बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आधुनिक, सुरक्षित, सुविधाजनक और हरित परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से प्रदूषण कम होगा, यात्रियों को बेहतर यात्रा सुविधा मिलेगी और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

बिहार को मिली 400 इलेक्ट्रिक बसों की स्वीकृति

प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत बिहार को 400 इलेक्ट्रिक बसों की स्वीकृति मिली है। इनमें 200 बसें 12 मीटर तथा 200 बसें 9 मीटर श्रेणी की होंगी। पहले चरण में इन बसों का संचालन पटना, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर, दरभंगा और पूर्णिया में किया जाएगा।

नई डीलक्स बसों की भी शुरुआत

कार्यक्रम में बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के डीलक्स बस बेड़े में नई बसों को भी शामिल किया गया। 149 डीलक्स बसों के बेड़े में 3 एसी और 73 नॉन-एसी नई बसों का शुभारंभ किया गया। इन बसों में आधुनिक तकनीक आधारित सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और विश्वसनीय यात्रा का अनुभव मिलेगा।

इन राज्यों के लिए चलेगी सेवा

नई डीलक्स बसों का संचालन बिहार से दिल्ली, उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और हरियाणा सहित प्रमुख अंतरराज्यीय मार्गों पर किया जाएगा। इससे यात्रियों को निजी वाहनों के बजाय बेहतर सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मिलेगा।

कार्यक्रम में रहे मौजूद

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, परिवहन मंत्री दामोदर रावत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, परिवहन विभाग एवं बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के वरिष्ठ अधिकारी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

पटना: बिहार में खेल क्रांति की नई शुरुआत, हर पंचायत से खोजी जाएंगी प्रतिभाएं

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Patna News: बिहार सरकार ने राज्य में खेल प्रतिभाओं को नई पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को पटना के ऊर्जा ऑडिटोरियम, राजवंशीनगर में आयोजित समारोह में ‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ योजना’ के तहत उत्कृष्ट खिलाड़ियों को नियुक्ति-पत्र और खेल छात्रवृत्ति के चयन-पत्र वितरित किए। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि 15 सितंबर से बिहार की प्रत्येक पंचायत में विशेष खेल प्रतिभा खोज अभियान चलाया जाएगा, ताकि गांव-गांव से उभर रही प्रतिभाओं को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और मंच मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य बिहार के खिलाड़ियों को ओलंपिक, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, विश्व कप और आईपीएल जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि अब बिहार केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि खेलों में भी देश का अग्रणी राज्य बनेगा।

19 खिलाड़ियों को मिली सरकारी नौकरी, पहली बार खिलाड़ी बने डीएसपी

समारोह में मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर आकाश दीप और मुकेश कुमार सहित कुल 19 खिलाड़ियों को सरकारी नियुक्ति-पत्र प्रदान किए।

इनमें:
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर आकाश दीप और मुकेश कुमार को पुलिस उपाधीक्षक (DSP) बनाया गया।
एथलेटिक्स खिलाड़ी पियूष राज को पुलिस अवर निरीक्षक (SI) के पद पर नियुक्ति मिली।
पांच पैरा खिलाड़ियों सहित विभिन्न खेल विधाओं के अन्य खिलाड़ियों को भी सरकारी सेवा में नियुक्त किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में पहली बार किसी खिलाड़ी को डीएसपी जैसे उच्च पद पर नियुक्ति मिली है। इससे राज्य के युवाओं को खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नई प्रेरणा मिलेगी।

15 सितंबर से पंचायत-पंचायत में चलेगा खेल प्रतिभा खोज अभियान

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 15 सितंबर से प्रत्येक पंचायत में खेल प्रतिभा खोज अभियान शुरू होगा। इस अभियान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें वैज्ञानिक और आधुनिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में बिहार सरकार ने 5,000 खेल मैदानों का निर्माण पूरा किया है, जिससे गांव-गांव तक खेल सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।

मोइनुल हक स्टेडियम बनेगा विश्वस्तरीय, BCCI करेगा संचालन

मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना स्थित मोइनुल हक स्टेडियम का तेजी से पुनर्विकास किया जा रहा है। करीब 40 हजार दर्शकों की क्षमता वाले इस स्टेडियम का संचालन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को सौंपा गया है।
विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस यह स्टेडियम भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबलों की मेजबानी करेगा।

स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और विश्व कप आयोजनों का भी किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में नालंदा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना की गई है। साथ ही राज्य में तीन अलग-अलग खेलों के विश्व कप स्तर के आयोजन सफलतापूर्वक कराए गए, जिनमें भारत ने तीनों प्रतियोगितियों में जीत हासिल की।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य राष्ट्रीय खेलों में बिहार को देश का नंबर-1 राज्य बनाना है।

637 खिलाड़ियों को मिलेगी करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति

राज्य सरकार ने बिहार खेल छात्रवृत्ति योजना-2026 के तहत इस वर्ष 637 खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति देने का निर्णय लिया है।

छात्रवृत्ति की प्रमुख श्रेणियां:
उत्कर्ष स्कॉलरशिप: 20 लाख रुपये प्रतिवर्ष (21 खिलाड़ी)
सक्षम स्कॉलरशिप: 5 लाख रुपये प्रतिवर्ष (184 खिलाड़ी)
प्रेरणा स्कॉलरशिप: 3 लाख रुपये प्रतिवर्ष (432 खिलाड़ी)
इन छात्रवृत्तियों के माध्यम से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, पोषण, खेल सामग्री, प्रतियोगिताओं में भागीदारी और खेल विज्ञान संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
उत्कृष्ट खिलाड़ियों को मिली लाखों रुपये की पुरस्कार राशि

समारोह में खेल सम्मान योजना के तहत खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया गया।

सेतु मिश्रा को एशियाई अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप-2026 में स्वर्ण और रजत पदक जीतने पर 37.50 लाख रुपये का सांकेतिक चेक प्रदान किया गया।
विभास्कर कुमार को भारत का प्रतिनिधित्व करने पर 2 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी गई।
मरियम फातिमा को कॉमनवेल्थ यूथ शतरंज चैंपियनशिप-2026 में कांस्य पदक जीतने पर 9 लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया।

मुख्यमंत्री का संकल्प: बिहार बने देश की खेल शक्ति

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खिलाड़ियों से कहा कि उनका लक्ष्य केवल पदक जीतना नहीं, बल्कि बिहार को राष्ट्रीय खेलों में अग्रणी राज्य बनाना होना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में बिहार के खिलाड़ी ओलंपिक, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, विश्व कप और आईपीएल जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर राज्य और देश का नाम रोशन करेंगे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य ऐसा खेल वातावरण तैयार करना है, जहां हर प्रतिभाशाली खिलाड़ी को अवसर, संसाधन और सम्मान समान रूप से मिल सके।

NEET पेपर लीक पर भड़के कांग्रेस नेता अजीत शर्मा, बोले– छात्रों की आवाज दबाना लोकतंत्र के खिलाफ

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Bhagalpur News: NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच भागलपुर में कांग्रेस के पूर्व विधायक अजीत शर्मा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र-छात्राएं अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने के बजाय उन पर लाठीचार्ज और कार्रवाई की जा रही है।

मीडिया से बातचीत में अजीत शर्मा ने कहा कि देशभर में छात्र निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय विरोध को दबाने का प्रयास कर रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

राहुल गांधी की हिरासत पर जताई आपत्ति

कांग्रेस नेता ने कहा कि जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतरे, तो उन्हें भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उन्होंने इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक और जनप्रतिनिधि को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है।

शिक्षा मंत्री से मांगा इस्तीफा

अजीत शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक जैसे गंभीर मामले में अब तक शिक्षा मंत्री से जवाबदेही तय नहीं की गई है। उनका आरोप है कि सरकार को इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

छात्रों का भविष्य सर्वोपरि‘

पूर्व विधायक ने कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं और उनके भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्रों की मांगों और उनके अधिकारों के समर्थन में हमेशा उनके साथ खड़ी रहेगी तथा उनकी आवाज को मजबूती से उठाती रहेगी।

NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन पर बिहार सरकार सख्त, मुख्य सचिव की हाई लेवल बैठक में डीएम-एसपी को दिए अहम निर्देश

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Patna News: NEET पेपर लीक मामले को लेकर पटना समेत बिहार के विभिन्न जिलों में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच राज्य सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के लिए शुक्रवार को बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में पुलिस महानिदेशक (अभियान) कुंदन कृष्णन, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, सभी जिलों के जिलाधिकारी, पुलिस उप-महानिरीक्षक (DIG) और पुलिस अधीक्षक (SP) शामिल हुए।

बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्यभर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, छात्रों के साथ संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करना तथा प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि विरोध प्रदर्शन के दौरान संयम बरतते हुए संवाद को प्राथमिकता दें और किसी भी स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से नियंत्रित करें।

छात्रों से संवाद बढ़ाने और भ्रम दूर करने के निर्देश

पुलिस महानिदेशक (अभियान) कुंदन कृष्णन ने अधिकारियों से कहा कि वे छात्रों और छात्र संगठनों के साथ सीधे संवाद स्थापित करें। विशेष रूप से अंबेडकर हॉस्टलों और विभिन्न छात्र मंचों पर जाकर उनकी समस्याओं को सुनें और किसी भी प्रकार के भ्रम या असंतोष को दूर करने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि बल प्रयोग को अंतिम विकल्प के रूप में रखा जाए और हर संभव प्रयास बातचीत के जरिए समाधान निकालने का हो।

संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी

बैठक में रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, प्रमुख चौक-चौराहों और अधिक भीड़ वाले इलाकों को संवेदनशील क्षेत्र घोषित करते हुए वहां अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी कैमरों, वीडियोग्राफी और अन्य आधुनिक तकनीकी संसाधनों का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही उपद्रवी और हिंसक तत्वों की पहचान कर उन पर कड़ी निगरानी रखने को कहा गया।

सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों पर होगी कार्रवाई

डीजीपी विनय कुमार ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से शांति भंग करने की कोशिश करने वाले 117 संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर उनकी तस्वीरें जारी की गई हैं। पुलिस मुख्यालय ऐसे सभी खातों और गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए तथा आम लोगों तक केवल आधिकारिक और सत्यापित जानकारी ही पहुंचे।

कोचिंग संस्थानों से भी मांगी जाएगी जानकारी

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विभिन्न कोचिंग संस्थानों से छात्रों की ऑनलाइन और ऑफलाइन उपस्थिति का लिखित विवरण मांगा जाएगा, ताकि आवश्यक होने पर तथ्यों का सत्यापन किया जा सके। साथ ही सभी जिलों में दंगा नियंत्रण उपकरण, पर्याप्त पुलिस बल और संचार व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव बोले—निर्दोष छात्रों को नहीं होनी चाहिए परेशानी

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित करें कि किसी भी निर्दोष छात्र को अनावश्यक परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और पुलिस संयुक्त रूप से कार्य करें, अफवाहों का तत्काल खंडन करें और चौबीसों घंटे स्थिति पर नजर बनाए रखें। राज्य सरकार किसी भी असामाजिक तत्व को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं देगी।

भागलपुर में सुरक्षा व्यवस्था हाई अलर्ट पर, ड्रोन कैमरों से संवेदनशील इलाकों की निगरानी

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले में कानून-व्यवस्था को पूरी तरह मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से भागलपुर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त कर दिया है। वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस प्रशासन आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए ड्रोन कैमरों की मदद से पूरे क्षेत्र की लगातार निगरानी कर रहा है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) विकास कुमार और नगर-1 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) अजय चौधरी के नेतृत्व में स्टेशन चौक सहित शहर के कई संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। ड्रोन कैमरों के माध्यम से ऊंचाई से पूरे क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, जिससे भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
पुलिस पदाधिकारी लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। साथ ही संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि जिले में शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार की अव्यवस्था फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भागलपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करें और सोशल मीडिया पर बिना सत्यापन के कोई भी भ्रामक या भड़काऊ जानकारी साझा करने से बचें। यदि किसी भी स्थान पर कोई संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल स्थानीय थाना या पुलिस नियंत्रण कक्ष को दें। पुलिस ने कहा कि आम लोगों के सहयोग से ही जिले में सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखा जा सकता है।

श्रावणी मेला 2026: डीएम अलंकृता पाण्डेय ने अजगैविनाथ धाम का किया निरीक्षण, तैयारियां समय पर पूरी करने के दिए निर्देश

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Bhagalpur News: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 के शुभारंभ में अब महज सात दिन शेष हैं। मेले की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए गुरुवार को जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय ने जिले के वरीय अधिकारियों के साथ सुल्तानगंज स्थित अजगैविनाथ धाम का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गंगा घाट, नमामि गंगे घाट, प्रस्तावित उद्घाटन स्थल, हेलिपैड तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थानों का जायजा लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी निर्माण एवं विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और कांवड़ियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने विशेष रूप से घाटों की साफ-सफाई, पेयजल, बिजली, शौचालय, स्वास्थ्य सुविधाएं, पार्किंग व्यवस्था तथा सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया।

डीएम ने कहा कि कांवड़ियों के ठहराव स्थलों पर पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही पार्किंग स्थलों, प्रमुख मार्गों और मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल एवं महिला पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम वातावरण मिल सके।

मीडिया से बातचीत में जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय ने कहा कि श्रावणी मेला को सफल, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। इस बार श्रद्धालुओं को पहले से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है और सभी तैयारियां समय पर पूरी कर ली जाएंगी।

श्रावणी मेला के उद्घाटन को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि उद्घाटन समारोह से जुड़ी आधिकारिक जानकारी समय आने पर साझा की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान एसएसपी प्रमोद कुमार यादव, डीएसपी नवनीत कुमार, थानाध्यक्ष धनंजय कुमार, बीडीओ संजीव कुमार, सीओ रमण कुमार सहित जिला एवं प्रखंड प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

NEET पेपर लीक के विरोध में भागलपुर में छात्र संगठनों का प्रदर्शन, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का पुतला दहन

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Bhagalpur News: नीट परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले और दिल्ली व पटना में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को भागलपुर में छात्र संगठनों ने जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। छात्र राजद और आइसा के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) के मुख्य गेट के समीप एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और सरकार इस मामले में प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है।

छात्र नेताओं ने कहा कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए और नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही दिल्ली और पटना में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों की आवाज को दबाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

प्रदर्शन के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। हालांकि पूरे कार्यक्रम के दौरान स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण बनी रही और विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।

इस मौके पर छात्र नेता चाँद सहित छात्र राजद और आइसा के कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई और छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

बिहार: बिहटा में बनेगा आधुनिक महिला कौशल प्रशिक्षण संस्थान, युवाओं को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्किल प्रशिक्षण

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Patna News: बिहार के युवाओं, विशेषकर युवतियों के कौशल विकास और रोजगार को नई दिशा देने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। लोकसेवक आवास स्थित संकल्प सभागार से आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के बिहटा स्थित सिकंदरपुर में  राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (महिला) – NSTI(W) के नए भवन के शिलान्यास तथा स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (SIIC) की स्थापना के लिए भारत सरकार और बिहार सरकार के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के आदान-प्रदान कार्यक्रम में भाग लिया।

करीब  ₹99.97 करोड़ की लागत से बनने वाला यह अत्याधुनिक संस्थान राज्य की युवतियों को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण प्रदान करेगा। वहीं, स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के माध्यम से बिहार के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उन्हें देश और विदेश में बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि यह परियोजना बिहार के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। आधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं की दक्षता बढ़ेगी और उन्हें वैश्विक रोजगार बाजार में प्रतिस्पर्धी बनने का अवसर मिलेगा।

सरकार का मानना है कि यह पहल राज्य में कौशल विकास को नई ऊंचाई देगी, युवाओं को रोजगार से जोड़ेगी और विकसित बिहार एवं विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करेगी।

NEET पेपर लीक के विरोध में सड़कों पर उतरी कांग्रेस: भागलपुर समाहरणालय गेट पर जोरदार प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

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Bhagalpur News: NEET (नीट) परीक्षा में कथित धांधली, पेपर लीक और जायज मांगों को लेकर आवाज उठा रहे बेकसूर छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को भागलपुर में राजनीतिक पारा चढ़ गया। कांग्रेस नेताओं, युवा कांग्रेस और छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भागलपुर समाहरणालय (Collectorate) गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

​ “लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़” — मुजफ्फर अहमद

​प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और केंद्र सरकार का पुतला फूंकने का प्रयास किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई।

​समाहरणालय गेट पर मीडिया से बात करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता मुजफ्फर अहमद ने कहा:

​“NEET परीक्षा में हुई गंभीर अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं से देश के लाखों होनहार छात्रों का भविष्य अंधकार में लटक गया है। जब छात्र अपने हक के लिए सड़क पर उतरते हैं, तो यह सरकार उन पर लाठियां बरसाती है। लोकतंत्र में छात्रों की आवाज दबाना बेहद शर्मनाक है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री को तुरंत नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।”

 

​ अनुमंडल पदाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, रखी ये प्रमुख मांगे

​घंटों चले हंगामे और प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने भागलपुर के सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) बिकाश कुमार को राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

​कांग्रेस की प्रमुख मांगें:

  1. ​NEET परीक्षा में हुई कथित धांधली और पेपर लीक की स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच हो।
  2. ​नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता लाई जाए।
  3. ​शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दर्ज फर्जी मुकदमे तुरंत वापस लिए जाएं।
  4. ​दोषी अधिकारियों और माफियाओं पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।

​कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने छात्रों के हित में जल्द कड़े कदम नहीं उठाए, तो यह आंदोलन केवल भागलपुर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे राज्य में उग्र रूप धारण करेगा।

​ प्रशासन का पक्ष: शांतिपूर्ण रहा प्रदर्शन

​मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए समाहरणालय परिसर और आसपास के इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी।

  • ​बिकाश कुमार (सदर अनुमंडल पदाधिकारी): “कांग्रेस नेताओं द्वारा नीट परीक्षा और छात्रों के मुद्दे को लेकर एक ज्ञापन सौंपा गया है। इसे नियमानुसार संबंधित उच्च अधिकारियों तक भेजा जा रहा है।”
  • ​अजय चौधरी (डीएसपी): “सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे। प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी और ज्ञापन सौंपा है। कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रित में है।”