Patna News: बिहार सरकार ने राज्य में सुनियोजित और आधुनिक शहरीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने अधिसूचित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों (Greenfield Satellite Townships) में भूमि के क्रय-विक्रय और हस्तांतरण पर लगी रोक को विकास योजना (Development Plan) के अंतिम प्रकाशन के बाद हटाने का फैसला किया है।
इस निर्णय से न केवल आम नागरिकों और भू-स्वामियों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी, बल्कि निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होगा और सैटेलाइट शहरों के निर्माण को एक नई गति प्राप्त होगी।
क्यों लगी थी रोक और अब क्या बदला?
उल्लेखनीय है कि नगर विकास एवं आवास विभाग ने बिहार के 11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में मास्टर प्लान (और पटना के लिए जोनल प्लान) लागू होने तक भूमि विकास, भवन निर्माण और क्रय-विक्रय पर अस्थायी रोक लगाई थी। इसका मुख्य उद्देश्य अव्यवस्थित (Unplanned) निर्माण को रोकना और सुनियोजित ढंग से शहरों को बसाना था।
बाद में भू-स्वामियों की तात्कालिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, 19 जून 2026 को बिहार राज्य आवास बोर्ड को इच्छुक भू-स्वामियों से जमीन खरीदने के लिए अधिकृत किया गया था। अब सरकार इन शहरों के मास्टर प्लान और डेवलपमेंट प्लान को प्राथमिकता के आधार पर अंतिम रूप दे रही है।
विकास योजना लागू होते ही शुरू होंगी ये गतिविधियां
निर्णय के अनुसार, विकास योजना (Development Plan) के अंतिम रूप से प्रकाशित होते ही भूमि के लेन-देन से प्रतिबंध पूरी तरह हटा दिया जाएगा।
- पारदर्शी विनियमन: नया ‘बिहार नगर विकास प्राधिकरण’ विकास नियंत्रण विनियमन (DCR) के तहत भूमि के विकास और भवनों के निर्माण का नियमन करेगा।
- सुगम प्रक्रियाएं: रोक हटने के साथ ही सरकार द्वारा आवश्यक लैंड पुलिंग (Land Pooling), भू-अर्जन और सीधी भूमि खरीद जैसी प्रक्रियाएं सुचारू रूप से शुरू की जाएंगी।
- अंतिम प्रकाशन से पहले भी संभव: यदि प्रारूप विकास योजना (Draft Plan) के प्रकाशन के बाद यह पाया जाता है कि रोक हटाने से विकास कार्यों में कोई व्यावहारिक रुकावट नहीं आएगी, तो प्राधिकरण अंतिम प्रकाशन से पहले भी रोक हटाने का फैसला ले सकता है।
आम जनता और निवेशकों को क्या होगा फायदा?
“राज्य सरकार का यह निर्णय सुनियोजित शहरीकरण, पारदर्शी भूमि प्रबंधन और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। इससे भू-स्वामियों के हितों की रक्षा होगी, निवेश को बढ़ावा मिलेगा और बिहार के नए शहरों का समग्र विकास संभव हो सकेगा।”
— नगर विकास एवं आवास विभाग
प्रमुख लाभ:
- जमीन मालिकों को राहत: भू-स्वामी अपनी आवश्यकतानुसार जमीन की खरीद-बिक्री या हस्तांतरण कर सकेंगे।
- आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर: नियोजित सड़कों, सार्वजनिक स्थलों, पार्क और आधुनिक नागरिक सुविधाओं का निर्माण आसान होगा।
- निवेश को बढ़ावा: रियल एस्टेट, व्यावसायिक गतिविधियों और निजी निवेश के नए रास्ते खुलेंगे।


