Bhagalpur News: बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ (एटक) से संबद्ध बिहार लोकल बॉडीज इम्प्लाइज फेडरेशन के बैनर तले नगर निकाय कर्मियों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल का बिगुल फूंक दिया है। भागलपुर नगर निगम सहित प्रदेश भर के कर्मचारियों ने एकजुट होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और राज्य सरकार से अपनी मांगों पर अविलंब निर्णय लेने की पुरजोर मांग की।
सड़कों पर उतरे कर्मचारी, सरकार के खिलाफ जमकर की नारेबाजी
हड़ताल के समर्थन में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में भागलपुर नगर निगम, विभिन्न नगर परिषदों और नगर पंचायतों के सैकड़ों कर्मचारी शामिल हुए। हाथों में बैनर और तख्तियां लिए प्रदर्शनकारियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों का आरोप है कि वे लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर ज्ञापन सौंप रहे हैं और वार्ता कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन व सरकार द्वारा लगातार केवल आश्वासन ही दिया जा रहा है।
“हम लंबे समय से अपनी सेवा शर्तों, पक्की नौकरी और वेतन में सुधार को लेकर आवाज उठा रहे हैं। कई बार ज्ञापन दिया गया, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। अगर सरकार हमारी मांगें नहीं मानती है, तो आंदोलन और उग्र होगा।”
— विकास कुमार हरी, कर्मचारी, नगर निगम भागलपुर
30 जुलाई से अनिश्चितकालीन काम ठप, शहर में बढ़ सकती हैं मुश्किलें
प्रदर्शन के दौरान संघ के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार जल्द ही कोई सकारात्मक पहल नहीं करती है, तो 30 जुलाई से शुरू होने वाली यह अनिश्चितकालीन हड़ताल लगातार जारी रहेगी।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि हड़ताल के कारण नगर निकायों के प्रशासनिक कामकाज, दफ्तरों के संचालन के साथ-साथ शहर की सफाई व्यवस्था और कूड़ा उठान पूरी तरह से प्रभावित हो सकता है। कर्मचारियों का कहना है कि अगर आम जनता को किसी तरह की असुविधा होती है, तो इसकी पूरी जवाबदेही राज्य सरकार की होगी।
“हम लोकतांत्रिक तरीके से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। हम चाहते हैं कि सरकार समय रहते वार्ता करे और कर्मचारियों की समस्याओं का स्थाई समाधान निकाले।”
— नकूल यादव, कर्मचारी, नगर निगम भागलपुर
वार्ता पर टिकी सभी की निगाहें
कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि वे सरकार से सीधे और सार्थक संवाद के जरिए समाधान चाहते हैं। फिलहाल, सभी की नजरें सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच होने वाली संभावित वार्ता पर टिकी हैं। यदि 30 जुलाई से पहले सरकार और फेडरेशन के बीच सहमति नहीं बनती है, तो आने वाले दिनों में भागलपुर सहित राज्य के कई शहरों में नागरिक सेवाएं बुरी तरह प्रभावित होना तय है।


