Bhagalpur News: नाथनगर थाना क्षेत्र के लालूचक इलाके में एक बार फिर दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। घर में सो रहे तीन वर्षीय मासूम दिव्यांशु कुमार का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई और शव को प्लास्टिक के बोरे में बंद कर खेत में फेंक दिया गया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने चंपानगर-भागलपुर मुख्य मार्ग को जाम कर पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
सोए अवस्था में गायब हुआ मासूम, बोरे में बंद मिला शव
मृतक बच्चे की पहचान लालूचक निवासी पंकज मंडल के तीन वर्षीय पुत्र दिव्यांशु कुमार के रूप में हुई है। मृतक के दादा प्रकाश मंडल ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि बच्चा रात में अपने घर में सो रहा था। सुबह करीब 3 बजे जब परिजनों की आंख खुली तो बच्चा गायब था। काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका कोई पता नहीं चला, तो सुबह करीब 7 बजे सूचना मिली कि पास के ही एक खेत में प्लास्टिक के बोरे में एक बच्चे का शव पड़ा है। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान दिव्यांशु के रूप में की।
“पोता घर में आराम से सोया हुआ था। सुबह 3 बजे से अचानक गायब मिला। बहुत खोजा लेकिन नहीं मिला, फिर 7 बजे खबर आई कि खेत में बोरे में उसका शव फेंका हुआ है। आखिर हमारे बच्चों की सुरक्षा का क्या होगा?”
— प्रकाश मंडल, मृतक मासूम के दादा
16 दिनों में दूसरी घटना: समान क्राइम सीन से दहशत में ग्रामीण
स्थानीय निवासियों और परिजनों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि ठीक 16 दिन पहले, यानी 14 जुलाई की रात, इसी इलाके के पांचू मंडल के ढाई वर्षीय पुत्र आदित्य की भी इसी तरह सोए अवस्था में गायब होने के बाद मौत हो गई थी। हालांकि पुलिस का दावा था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक आदित्य की मौत पानी में डूबने से हुई थी, लेकिन दोनों घटनाओं के पैटर्न (घर में सोते समय गायब होना) ने ग्रामीणों को खौफ में डाल दिया है। लोग दोनों मामलों में गहरा संबंध होने की आशंका जता रहे हैं।
पुलिस का आश्वासन, 30 मिनट बाद हटा जाम
घटना की जानकारी मिलते ही नाथनगर इंस्पेक्टर अभय शंकर और डीएसपी-2 राकेश कुमार दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। शांति समिति के सदस्य भवेश यादव और पुलिस अधिकारियों द्वारा अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई के ठोस आश्वासन के बाद, करीब 30 मिनट बाद परिजनों ने मुख्य मार्ग से शव हटाकर यातायात बहाल किया।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए घटनास्थल पर FSL (फॉरेंसिक साइंस लैब), डॉग स्क्वायड और STF की टीमों ने पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।


