Bhagalpur News: राज्यभर में नगर निगम के कर्मचारियों ने अपनी वर्षों पुरानी और लंबित मांगों को लेकर गुरुवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी है। बिहार लोकल बॉडीज इम्प्लाइज फेडरेशन के बैनर तले ‘संयुक्त संघर्ष मोर्चा’ के आह्वान पर कर्मचारियों ने काम का बहिष्कार कर आंदोलन का आगाज किया। इस हड़ताल से नगर निगम के प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ शहर की सफाई व्यवस्था और अन्य आपातकालीन नागरिक सेवाओं पर गहरा असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
प्रमुख मांगें: आउटसोर्सिंग का अंत और स्थायी नियुक्ति
कर्मचारियों ने अपनी मुख्य मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संघ के नेताओं का कहना है कि वे वर्षों से अपनी न्यायसंगत मांगों के लिए आवाज उठा रहे हैं, लेकिन प्रशासन और सरकार लगातार उपेक्षात्मक रवैया अपनाए हुए है।
कर्मचारियों की तीन प्रमुख मांगें:
- आउटसोर्सिंग व्यवस्था पर तुरंत रोक: नगर निकायों में ठेकेदारी और आउटसोर्सिंग प्रथा को समाप्त कर सीधे निगम के अधीन काम कराया जाए।
- कर्मचारियों का स्थायीकरण: 10 वर्ष या उससे अधिक समय से संविदा और दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्यरत सभी कर्मियों को अविलंब स्थायी किया जाए।
- 7वें वेतन आयोग का लाभ: सभी नगर निगम कर्मचारियों को सप्तम वेतन आयोग (7th Pay Commission) के अनुसार वेतन और भत्ते प्रदान किए जाएं।
“सरकार वर्षों से दिन-रात काम करने वाले कर्मचारियों की समस्याओं की अनदेखी कर रही है। हमारी मांगें पूरी तरह न्यायसंगत हैं। जब तक सरकार हमारी मांगों पर कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक यह अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।”
— विकास हरि, अध्यक्ष, बिहार लोकल बॉडीज इम्प्लाइज फेडरेशन
शहर में बढ़ सकती हैं आम जनता की मुश्किलें
हड़ताल के पहले ही दिन से नगर निगम कार्यालयों में कामकाज प्रभावित होना शुरू हो गया है। अगर यह आंदोलन लंबा खिंचता है, तो शहरों में कचरा उठान, नाला सफाई और जलापूर्ति जैसी मूलभूत सेवाएं ठप हो सकती हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि गेंद अब सरकार के पाले में है। यदि सरकार जल्द ही वार्ता की पहल कर मांगों को पूरा नहीं करती है, तो इस आंदोलन को और भी उग्र रूप दिया जाएगा।


