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स्मार्ट सिटी भागलपुर का निकला ‘दम’: 10 मिनट की बारिश में सड़कें बनीं समंदर, घुटने भर पानी में तैरती दिखी जनता; एसी चेंबर में सोता रहा निगम प्रशासन

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Bhagalpur News: रेशमी शहर भागलपुर में नगर निगम के विकास और जल-निकासी के तमाम बड़े-बड़े दावों की पोल एक बार फिर खुल गई है। शनिवार को महज 10 मिनट की झमाझम बारिश ने पूरे शहर की व्यवस्था को घुटनों पर ला दिया। शहर के प्रमुख व्यावसायिक बाजारों से लेकर रिहायशी मोहल्लों तक की सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। हर तरफ घुटने भर पानी भर जाने से आम जनता और दुकानदारों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ा।

​स्मार्ट सिटी का सच: सड़कें बनीं तालाब, दुकानें पानी में समाईं

​स्मार्ट सिटी का तमगा हासिल कर चुके भागलपुर में महज 10 मिनट की बारिश का पानी निकासी के लिए तरसता नजर आया। मुख्य बाजारों में नालों का गंदा पानी सड़कों पर उफान मारने लगा, जिससे राहगीरों का चलना दूभर हो गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जलजमाव की यह विकराल समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि सालों से हर मानसून में शहरवासियों को इसी नरक से गुजरना पड़ता है। नगर निगम हर साल लाखों-करोड़ों रुपए नालों की सफाई के नाम पर कागजों में बहा देता है, लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।

​जनता सड़कों पर बेहाल, एसी चेंबर में महापौर!

​शहर में फैले इस जलभराव के बीच स्थानीय लोगों का गुस्सा नगर निगम प्रशासन और महापौर के खिलाफ फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने आरोप लगाया कि एक तरफ शहर की जनता पानी में डूबकर राह तलाश रही है, गाड़ियां बंद हो रही हैं और दुकानों में पानी घुस रहा है, वहीं दूसरी तरफ शहर की जनप्रतिनिधि यानी महापौर अपने वातानुकूलित (एसी) चेंबर में बैठकर बेखबर हैं। लोगों का साफ कहना है कि महापौर को अपने आरामदेह चेंबर से बाहर निकलकर कम से कम बारिश के बाद शहर की जमीनी हकीकत का जायजा लेना चाहिए।

​कब मिलेगी नारकीय स्थिति से मुक्ति?

​भागलपुर को स्मार्ट सिटी बने कई साल बीत चुके हैं, लेकिन जब 10 मिनट की बारिश में पूरा शहर ठप्प हो जाए, तो सवाल उठना लाजमी है। करोड़ों के बजट और कागजी योजनाओं के बीच बड़ा सवाल यही है कि आखिर कब तक भागलपुर की जनता को इस नारकीय जलजमाव से मुक्ति मिलेगी और कब जिम्मेदार अधिकारी व जनप्रतिनिधि अपनी नींद से जागेंगे?

भागलपुर: फोरलेन सड़क पर बिखरी बालू में फिसली स्कूटी, 15 मीटर घसीटे शिक्षक की मायागंज में मौत; परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के फोरलेन पर इंग्लिश चिचरौन गांव के समीप एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। स्कूल ड्यूटी पर जा रहे एक सरकारी शिक्षक की स्कूटी सड़क पर बिखरी बालू के कारण अनियंत्रित होकर फिसल गई। हादसे में शिक्षक लगभग 15 मीटर तक सड़क पर घिसटते चले गए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। मायागंज अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा किया।

​स्कूल जाने के दौरान बिखरी बालू बनी काल

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक शिक्षक की पहचान नाथनगर के भुवालपुर निवासी आदित्य कुमार के रूप में हुई है। वे सुल्तानगंज स्थित प्राथमिक विद्यालय कटहरा में पदस्थापित थे। रोजाना की तरह आदित्य अपनी स्कूटी से स्कूल के लिए निकले थे। जैसे ही वे इंग्लिश चिचरौन गांव के पास फोरलेन पर पहुंचे, सड़क पर पड़ी बालू के कारण उनकी स्कूटी अचानक अनियंत्रित हो गई। रफ्तार होने की वजह से स्कूटी समेत वे करीब 15 मीटर तक घिसटते चले गए, जिससे उनका बायां पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

​112 की टीम ने पहुंचाया अस्पताल, मायागंज किया गया रेफर

​घटना के तुरंत बाद राहगीरों की सूचना पर डायल-112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और लहूलुहान स्थिति में घायल शिक्षक को तुरंत सुल्तानगंज रेफरल अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी नाजुक हालत को देखते हुए जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल (मायागंज) रेफर कर दिया। मायागंज अस्पताल में इलाज की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन कुछ ही देर में उन्होंने दम तोड़ दिया।

​परिजनों का आरोप: “होश में आए थे आदित्य, डॉक्टरों की लापरवाही से गई जान”

​शिक्षक की मौत के बाद अस्पताल पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के परिजनों ने मायागंज अस्पताल के डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि जब आदित्य को अस्पताल लाया गया था, तब वे पूरी तरह होश में थे और बातचीत कर रहे थे। आरोप है कि समय पर किसी सीनियर डॉक्टर ने मरीज को अटेंड नहीं किया और न ही सही इमरजेंसी ट्रीटमेंट दिया गया, जिसके कारण उनकी स्थिति बिगड़ती गई और उनकी जान चली गई।

पूर्णिया में बड़ा हादसा: तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से घायल सड़क निर्माण मजदूर की मायागंज अस्पताल में मौत, परिवार में छाया मातम

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Bhagalpur News: बिहार के पूर्णिया जिले से एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। यहाँ सड़क निर्माण कंपनी में कार्यरत मजदूर अजय कुमार शर्मा की इलाज के दौरान भागलपुर के मायागंज अस्पताल में मौत हो गई। सड़क पार करने के दौरान एक बेकाबू और तेज रफ्तार मोटरसाइकिल सवार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी थी। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

​सड़क पार करने के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक अजय कुमार शर्मा पूर्णिया में एक सड़क निर्माण कंपनी में बतौर मजदूर कार्यरत थे। घटना के दिन वे काम के दौरान सड़क पार कर रहे थे, तभी अचानक आए एक तेज रफ्तार अनियंत्रित बाइक सवार ने उन्हें सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि अजय सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और सहकर्मियों की मदद से उन्हें इलाज के लिए पूर्णिया के स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।

​पूर्णिया से भागलपुर किया गया था रेफर

​पूर्णिया अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने अजय शर्मा की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए भागलपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल (मायागंज अस्पताल) रेफर कर दिया। मायागंज अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने उन्हें बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन इलाज के दौरान जख्मों का ताव न सह पाने के कारण उन्होंने दम तोड़ दिया।

​घर का इकलौता सहारा थे अजय, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

​मृतक मजदूर अजय कुमार शर्मा नवगछिया अनुमंडल के खरीक थाना क्षेत्र अंतर्गत मंदरोनी गांव के रहने वाले थे। वे सड़क निर्माण कंपनी में मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालते थे और घर के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे। अजय की मौत की खबर मिलते ही मंदरोनी गांव स्थित उनके घर में कोहराम मच गया। परिजनों के चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।

भागलपुर में विकसित भारत जी राम जी और जल-जीवन-हरियाली अभियान की समीक्षा, डीडीसी ने मनरेगा ई-केवाईसी और पौधारोपण में तेजी लाने के दिए निर्देश

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Bhagalpur News: भागलपुर समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उप विकास आयुक्त (DDC) की अध्यक्षता में ‘विकसित भारत जी राम जी’ योजना एवं ‘जल-जीवन-हरियाली अभियान’ की प्रगति की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी प्रखंडों के कार्यक्रम पदाधिकारी (PO) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान उप विकास आयुक्त ने ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।

​मनरेगा और ई-केवाईसी (e-KYC) पर जोर

  • ​रोजगार की गारंटी: डीडीसी ने सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सक्रिय मनरेगा मजदूरों द्वारा काम मांगे जाने पर उन्हें नियत समय के भीतर रोजगार उपलब्ध कराया जाए। दैनिक मजदूरी सहभागिता के निर्धारित लक्ष्य को हर हाल में पूरा करने का आदेश दिया गया।
  • ​शत-प्रतिशत सत्यापन: जिले में अब तक 87 प्रतिशत मनरेगा मजदूरों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है। डीडीसी ने शेष मजदूरों का ई-केवाईसी तथा जॉब कार्ड सत्यापन का कार्य बिना किसी देरी के शत-प्रतिशत पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए।
  • ​मॉडल पंचायत विकास: विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत चयनित विकसित ग्राम पंचायतों में 20-20 नई योजनाओं का चयन कर तुरंत कार्रवाई शुरू करने को कहा गया।

​वृक्षारोपण और जल संरक्षण के लक्ष्य

  • ​5.71 लाख से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य: वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ‘विकसित भारत जी राम जी’ योजना के तहत जिले में 5,71,200 वृक्षारोपण का लक्ष्य तय किया गया है। अधिकारियों को समय पर इन योजनाओं को धरातल पर उतारने का निर्देश दिया गया।
  • ​सार्वजनिक जल संरचनाएं: जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 21 सार्वजनिक जल संरचनाओं के लक्ष्य के सापेक्ष 19 पर कार्य शुरू हो चुका है। शेष पर भी जल्द कार्य शुरू कर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का निर्देश दिया गया।
  • ​सोख्ता निर्माण: चापाकल के किनारे सोख्ता निर्माण के लिए निर्धारित 249 के लक्ष्य में से 190 पर काम प्रारंभ कर दिया गया है। डीडीसी ने बाकी बचे सोख्ता निर्माण कार्यों को तुरंत शुरू कर जल्द से जल्द पूरा करने को कहा।

विश्व उद्यमिता दिवस: IIIT भागलपुर में “स्केल अप एवं मार्केट एक्सेस” वर्कशॉप आयोजित, युवाओं को दिए गए स्टार्टअप के मंत्र

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Bhagalpur News: विश्व उद्यमिता दिवस के अवसर पर IIIT भागलपुर के स्टार्टअप सेल द्वारा “Scale Up and Market Access” (स्केल अप एवं मार्केट एक्सेस) विषय पर एक विशेष वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवा उद्यमियों को स्टार्टअप विकास, बाजार तक पहुंच, सरकारी सहायता, फंडिंग के अवसर तथा इनक्यूबेशन सपोर्ट के संबंध में व्यावहारिक जानकारी देना था, ताकि वे अपने नवीन विचारों को सफल एवं टिकाऊ स्टार्टअप में बदल सकें।

​IIIT भागलपुर स्टार्टअप सेल की पहल

  • ​आइडिया डेवलपमेंट: IIIT भागलपुर के फैकल्टी इंचार्ज डॉ. ओम प्रकाश सिंह ने विद्यार्थियों को आइडिया पिचिंग और नए विचारों को कार्यशील स्टार्टअप में बदलने के महत्व को समझाया।
  • ​बिहार स्टार्टअप पॉलिसी-2022: उन्होंने बिहार सरकार की इस नीति के तहत उपलब्ध प्रमुख प्रावधानों, अवसरों और स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़ने के लाभों के बारे में जानकारी दी।

​सरकारी सहायता और फंडिंग के अवसर

  • ​DIC भागलपुर का मार्गदर्शन: मुख्य अतिथि, जिला उद्योग केंद्र (DIC) भागलपुर के महाप्रबंधक राकेश कुमार ने सरकारी फंडिंग और सहायता प्रणालियों पर प्रकाश डाला।
  • ​एमएसएमई व सिल्क उद्योग: उन्होंने MSME, रेशम/सिल्क उद्योग सहित बिहार सरकार की विभिन्न योजनाओं, वित्तीय सहायता एवं प्रोत्साहन कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से बताया और विद्यार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

​इनक्यूबेशन और मार्केट एक्सेस

  • ​IIT पटना इनक्यूबेशन सेंटर: गोपी कृष्ण ने सफल स्टार्टअप निर्माण की यात्रा, इनक्यूबेशन सपोर्ट, नए बाजारों की पहचान और व्यवसाय को बड़े स्तर पर विस्तार देने की रणनीतियों पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए।

​सफल उद्यमियों का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान भागलपुर के उभरते और सफल स्टार्टअप संस्थापकों को सम्मानित भी किया गया:

  • ​Trip2Trip के संस्थापक परमप्रीत सिंह
  • ​GrihaSetu Labs के संस्थापक रितेश राज

​सफल उद्यमियों ने संवाद सत्र के दौरान विद्यार्थियों के साथ अपनी शुरुआती चुनौतियों, असफलताओं से सीखने, और बाजार की जरूरतों को समझने के व्यावहारिक अनुभव साझा किए।

​प्रतिभागियों को मिले प्रमाण-पत्र

वर्कशॉप के दौरान विद्यार्थियों को Startup Idea से लेकर Product Development, Market Validation, Funding, Incubation और Scale-up तक की पूरी प्रक्रिया को समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को उनकी सक्रिय सहभागिता के लिए प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।

श्रावणी मेला 2026: सुल्तानगंज से धांधी बेलारी तक गूंजे शिव भजन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कांवरियों को किया भावविभोर

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Bhagalpur News: श्रावणी मेला-2026 के अवसर पर भागलपुर जिला प्रशासन, पर्यटन विभाग तथा कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सांस्कृतिक महोत्सव में शिव भक्ति और बिहार की लोक संस्कृति की अद्भुत छटा देखने को मिल रही है। सुल्तानगंज स्थित नमामि गंगे घाट और धांधी बेलारी महाशिविर के सांस्कृतिक मंचों पर देश और प्रदेश के नामचीन कलाकारों की प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई हैं।

​28 जुलाई से 28 अगस्त तक चलने वाले इस महीने भर के भव्य आयोजन के तहत 21 अगस्त को दोनों प्रमुख मंचों पर भक्ति गीतों, लोक नृत्यों और वादन की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं।

​धांधी बेलारी महाशिविर: स्थानीय प्रतिभाओं का शानदार प्रदर्शन

धांधी बेलारी स्थित सांस्कृतिक मंच पर स्थानीय कलाकारों ने अपनी कला से समां बांध दिया:

  • ​गायन एवं नृत्य: सोहराई कुमार निराला, अंगिका कुमारी (भागलपुर), सचिन कुमार दास (भागलपुर) और मंजूषा कला प्रशिक्षण केंद्र के लोक नृत्य दल ने अपनी भक्तिमयी प्रस्तुतियों से कांवरियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
  • ​मंच संचालन: कार्यक्रम का कुशल संचालन उद्घोषक मनोज कुमार मिश्रा ने किया।
  • ​सम्मान: जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन ने सभी कलाकारों को मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया।
  • ​उपस्थिति: इस अवसर पर जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं जिला प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

​नमामि गंगे घाट: राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय कलाकारों की गूंज

सुल्तानगंज के नमामि गंगे घाट पर स्थित मुख्य मंच से सुरों की ऐसी धारा बही कि पूरा परिसर “बोल बम” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा:

  • ​मुख्य प्रस्तुतियां: तारा संगीत कला केंद्र (पटना) के सचिव मानव कुमार, मैहर संगीत कला विकास समिति (पटना) के सचिव एम. कुमार, स्वर कला संगम की उर्वशी कुमारी तथा स्वर साधना (पटना) के कलाकारों ने एक से बढ़कर एक शिव भजनों और लोक संगीत का प्रदर्शन किया।
  • ​लोकप्रिय भजन: “मेरा भोला है भंडारी, करे नंदी की सवारी भोलेनाथ जी” और “हर हर शंभू, शंभू शिव महादेव” जैसे भजनों पर श्रद्धालु झूमने को मजबूर हो गए।
  • ​संगत कलाकार: पैड पर गंगा कुमार दास, ढोलक पर लालमोहन प्रसाद, तबला पर मृदुल चंद्र राकेश, ऑर्गन पर राजेश झा और बैंजो पर रिंकू ने शानदार वाद्य संगत दी।
  • ​मंच संचालन: अंकिता पल्लव ने कार्यक्रम का प्रभावी संचालन किया।
  • ​गरिमामयी उपस्थिति: मुख्य मंच पर भागलपुर की जिला पदाधिकारी अलंकृता पाण्डेय, उप विकास आयुक्त रवि राकेश, स्थानीय जनप्रतिनिधि और अन्य प्रशासनिक अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

​लोक कला को प्रोत्साहन और आध्यात्मिक माहौल

स्थानीय कलाकारों ने भजनों के माध्यम से समाज के कल्याण, सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। श्रद्धालुओं ने इस तरह के आयोजनों के लिए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों का आभार जताया, वहीं कलाकारों ने भी अपनी कला के प्रदर्शन का अवसर देने के लिए धन्यवाद दिया।

​श्रावणी मेला-2026 के तहत आयोजित यह सांस्कृतिक महोत्सव न केवल श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव प्रदान कर रहा है, बल्कि बिहार की समृद्ध लोक कला, संगीत और नृत्य परंपराओं को एक राष्ट्रीय पहचान भी दिला रहा है।

​‘मैं हूं डॉन, मुझसे सब डरो!’: भागलपुर नगर निगम में अनोखा प्रदर्शन, पार्षद के रवैये के खिलाफ उग्र हुए कर्मचारी

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Bhagalpur News: भागलपुर नगर निगम परिसर में शुक्रवार को उस वक्त अजीबोगरीब स्थिति देखने को मिली, जब निगम के कर्मचारी हाथों में ‘मैं हूं डॉन, मुझसे सब डरो’ लिखे अनोखे बैनर लेकर प्रदर्शन करने उतर पड़े। नगर निगम कर्मचारी संघ के बैनर तले एकजुट हुए कर्मियों ने वार्ड 21 के पार्षद संजय सिन्हा के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जमकर नारेबाजी की और अपने आत्मसम्मान की रक्षा के लिए हुंकार भरी।

​अनोखे पोस्टर ने खींचा सबका ध्यान

​धरना-प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों के हाथों में मौजूद ‘डॉन’ वाले पोस्टर ने वहां मौजूद हर शख्स और राहगीर का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। कर्मचारियों ने बताया कि इस तंजिया संदेश (व्यंग्य) के जरिए वे पार्षद द्वारा बनाए जा रहे कथित दबाव, धमकी और तानाशाही रवैये के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।

​सामान्य समिति की बैठक से शुरू हुआ विवाद

​कर्मचारी संघ ने मेयर को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की जानकारी दी है। ज्ञापन के अनुसार, बीते 12 अगस्त को आयोजित निगम सामान्य समिति की बैठक में वार्ड 21 के पार्षद संजय सिन्हा ने कर्मचारियों पर गंभीर व बेबुनियाद आरोप लगाए थे। कर्मचारियों का आरोप है कि पार्षद उन पर अवैध उगाही और नियम-विरुद्ध काम करने का दबाव बना रहे हैं, जिसे न मानने पर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।

​कर्मचारी संघ की मुख्य मांगें:

  • ​निष्पक्ष जांच: 12 अगस्त की बैठक में लगाए गए सभी आरोपों की तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच हो।
  • ​भयमुक्त माहौल: कर्मचारियों को बिना किसी अनुचित दबाव के काम करने का सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण मिले।
  • ​कार्रवाई का आश्वासन: यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उस पर नियमानुसार कार्रवाई हो, लेकिन बिना सबूत किसी को मानसिक रूप से प्रताड़ित न किया जाए।

​दो दिनों तक चलेगा धरना प्रदर्शन

​निगम कर्मचारी संघ ने निर्णय लिया है कि यह विरोध प्रदर्शन दो दिनों तक निगम कार्यालय परिसर में जारी रहेगा। संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस आंदोलन का मकसद किसी व्यक्ति विशेष को नीचा दिखाना नहीं, बल्कि कर्मचारियों के मान-सम्मान और अधिकारों की रक्षा करना है।

​क्या कहते हैं जिम्मेदार:

​योजना शाखा प्रभारी, आदित्य जायसवाल (भागलपुर नगर निगम):

“हम दिन-रात शहर की व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए काम करते हैं। बिना किसी आधार के सार्वजनिक बैठकों में आरोप लगाने से कर्मचारियों का मनोबल टूटता है। हमारी मांग है कि प्रशासन पूरे मामले की जांच कराए और सच सामने लाए।”

 

​प्रदर्शनकारी निगम कर्मचारी:

“हमें सम्मान के साथ काम करने का पूरा अधिकार है। हम किसी के दबाव या धमकी के आगे झुकने वाले नहीं हैं। जब तक निगम प्रशासन मामले में हस्तक्षेप कर उचित समाधान नहीं निकालता, हमारा लोकतांत्रिक विरोध जारी रहेगा।”

बिहार में ‘सहकारिता नीति 2026’ का शंखनाद: महिलाओं और युवाओं को मिलेंगे रोज़गार के नए अवसर

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Patna News: बिहार सरकार के सहकारिता विभाग द्वारा राज्य में सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के उद्देश्य से एक विशेष प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया। पटना स्थित दीप नारायण सिंह क्षेत्रीय सहकारी प्रबंध संस्थान में आयोजित इस कार्यशाला में विभाग के सहायक निबंधक, उप निबंधक तथा प्रमंडलीय संयुक्त निबंधक स्तर के क्षेत्रीय अधिकारियों को ‘बिहार राज्य सहकारिता नीति, 2026’ के प्रभावी क्रियान्वयन और समितियों के पारदर्शी संचालन के गुण सिखाए गए।

​संतुलित विकास और समावेशी समृद्धि का माध्यम बनेगी नई नीति: मंत्री

​कार्यक्रम के अवसर पर सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने अपने संदेश में कहा कि बिहार में 30 जुलाई 2026 से प्रभावी हुई नई सहकारिता नीति राज्य के हर वर्ग और क्षेत्र के संतुलित विकास का आधार बनेगी। उन्होंने कहा कि इस नीति के धरातल पर उतरने से सहकारिता आंदोलन को एक नई ऊर्जा मिलेगी, जिससे आम नागरिकों के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार आएगा।

​पारदर्शिता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर जोर

​कार्यशाला का शुभारंभ सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह, निबंधक (सहयोग समितियां)  रजनीश कुमार सिंह और अपर निबंधक विकास कुमार बरियार द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

​अधिकारियों को संबोधित करते हुए सचिव धर्मेन्द्र सिंह ने कहा कि बिहार के इतिहास में पहली बार एक समर्पित ‘राज्य सहकारिता नीति, 2026’ तैयार कर लागू की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस नीति की सफलता काफी हद तक क्षेत्र में तैनात अधिकारियों की सजगता पर निर्भर करती है। उन्होंने समितियों के कामकाज में पारदर्शिता लाने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष बल दिया।

​अधिप्राप्ति से आगे बढ़कर नए क्षेत्रों में काम करने की आवश्यकता

​निबंधक रजनीश कुमार सिंह ने कहा कि नई नीति का मुख्य उद्देश्य सहकारी समितियों को महज खाद्यान्न अधिप्राप्ति (Procurement) तक सीमित न रखकर उनके कार्यक्षेत्र का विस्तार करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे बिहार सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1935 एवं नियमावली के प्रावधानों का कड़ाई और पारदर्शिता से पालन कराएं।

​युवाओं, महिलाओं और वंचित वर्गों की बढ़ेगी भागीदारी

​नीति के तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए अपर निबंधक विकास कुमार बरियार ने बताया कि यह नीति समावेशी विकास, रोजगार सृजन और आधुनिकीकरण को बढ़ावा देगी।

  • ​नए क्षेत्र: अब डेयरी और पारंपरिक कृषि के अलावा पर्यटन, हरित ऊर्जा (Green Energy) जैसे उभरते क्षेत्रों में भी सहकारी इकाइयां स्थापित की जाएंगी।
  • ​सामाजिक जुड़ाव: इस नीति के माध्यम से महिलाओं, युवाओं और समाज के वंचित वर्गों को सीधे तौर पर आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।

​वरिष्ठ अधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति

​इस प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला में वेजफेड के प्रबंध निदेशक मनोज कुमार सिंह, डी.एन.एस. पटना के निदेशक डॉ. के.पी. रंजन, संयुक्त निबंधक (अंकेक्षण) कामेश्वर ठाकुर समेत राज्य भर से आए सभी सहायक निबंधक, उप निबंधक एवं प्रमंडलीय संयुक्त निबंधक उपस्थित रहे।

अनोखी शिवभक्ति: कांवड़ पर रावण को बिठाकर अजगैबीनाथ से बाबा धाम निकले श्रद्धालु, 150 किलो की कांवड़ बनी आकर्षण का केंद्र

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Bhagalpur News: सावन के पावन महीने में भागलपुर के ऐतिहासिक अजगैबीनाथ गंगा धाम से झारखंड स्थित बाबा धाम तक जाने वाले 105 किलोमीटर लंबे कच्ची कांवरिया पथ पर आस्था के कई अनोखे रंग देखने को मिल रहे हैं। इस कठिन पैदल मार्ग पर शिवभक्तों के अलग-अलग रूप और अनूठी श्रद्धा हर किसी को अचंभित कर रही है। कोई भगवान शिव की प्रतिमा को कांवड़ में बैठाकर ले जा रहा है, तो कोई खुद कंधों पर अपने आराध्य को बिठाकर पदयात्रा कर रहा है।

​पश्चिम बंगाल के श्रद्धालुओं का अनूठा जत्था

कांवरिया पथ पर इन दिनों पश्चिम बंगाल से आए श्रद्धालुओं का एक दल विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यह जत्था भगवान शिव के महान भक्त और प्रकांड विद्वान रावण की प्रतिमा को कांवड़ पर बिठाकर अजगैबीनाथ धाम से बाबा धाम की पैदल यात्रा कर रहा है। रास्ते से गुजरने वाले अन्य शिवभक्त और स्थानीय लोग इस अनोखी कांवड़ को देखने के लिए रुक रहे हैं।

​150 किलो भारी कांवड़, पर आस्था के आगे सब हल्का

इस विशेष कांवड़ की मुख्य खासियत इसका वजन है, जो डेढ़ सौ किलोग्राम (150 kg) से भी अधिक है। इतने भारी-भरकम वजन के बावजूद श्रद्धालुओं के चेहरे पर थकावट की जगह गजब का उत्साह और भक्ति भाव देखने को मिल रहा है। श्रद्धालुओं का कहना है कि रावण भगवान भोलेनाथ के सबसे बड़े भक्तों में से एक था, इसलिए वे अपने इस प्रयास से ‘भक्त’ को उसके ‘आराध्य’ बाबा बैद्यनाथ से मिलाने ले जा रहे हैं।

​शिव की भक्ति में हर मुश्किल आसान

पदयात्रा कर रहे श्रद्धालुओं ने बताया कि कांवड़ का वजन निश्चित रूप से बहुत अधिक है और 105 किलोमीटर की राह भी आसान नहीं है, लेकिन महादेव का आशीर्वाद साथ होने से कोई शारीरिक कष्ट महसूस नहीं होता। उनका अटूट विश्वास है कि भक्ति के भाव से उठाया गया उनका हर एक कदम उन्हें निर्विघ्न बाबा धाम की पावन भूमि तक पहुंचाएगा।

भागलपुर में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक DJ और लाउडस्पीकर पर पूर्ण प्रतिबंध

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Bhagalpur News: ध्वनि प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए पटना उच्च न्यायालय के कड़े निर्देशों के बाद भागलपुर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय, भागलपुर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार विवाह समारोहों, पार्टियों, धार्मिक एवं सार्वजनिक आयोजनों में डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल को लेकर नए और कड़े नियम लागू कर दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस अब कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगी।

​रात में DJ बंद, दिन में भी तय सीमा में ही बजेगी आवाज

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार रात के 9:55 बजे से लेकर सुबह 6:00 बजे तक डीजे, लाउडस्पीकर और किसी भी प्रकार के पब्लिक एड्रेस सिस्टम के प्रयोग पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसके अलावा दिन के समय भी लाउडस्पीकर और डीजे की आवाज निर्धारित डेसिबल सीमा (70 से 45 डेसिबल) के भीतर रखना अनिवार्य होगा।

​मैरिज हॉल और DJ संचालकों के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी

मैरिज हॉल, बैंक्वेट हॉल और डीजे संचालकों को प्रशासनिक निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। इन सभी संचालकों को आवश्यक पंजीकरण (Registration) कराना होगा और अपने पास आयोजनों से संबंधित पूरा रिकॉर्ड रखना होगा।

​प्रेशर हॉर्न बजाने पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई

अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य चिन्हित साइलेंस जोन (Silence Zone) के आसपास तेज आवाज में हॉर्न या डीजे बजाने पर पाबंदी रहेगी। वाहनों में अवैध प्रेशर हॉर्न का प्रयोग करने वाले चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की धारा 190(2) के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

​भागलपुर पुलिस की आम नागरिकों से अपील

भागलपुर पुलिस ने जिले के सभी नागरिकों से नियमों का स्वेच्छा से पालन करने का अनुरोध किया है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ध्वनि प्रदूषण सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य, बुजुर्गों, बच्चों, मरीजों और विद्यार्थियों की पढ़ाई से जुड़ा संवेदनशील विषय है। इसलिए उत्सव और समारोह मनाते समय एक जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने में सहयोग करें।