Bhagalpur News: ध्वनि प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए पटना उच्च न्यायालय के कड़े निर्देशों के बाद भागलपुर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय, भागलपुर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार विवाह समारोहों, पार्टियों, धार्मिक एवं सार्वजनिक आयोजनों में डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल को लेकर नए और कड़े नियम लागू कर दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस अब कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगी।
रात में DJ बंद, दिन में भी तय सीमा में ही बजेगी आवाज
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार रात के 9:55 बजे से लेकर सुबह 6:00 बजे तक डीजे, लाउडस्पीकर और किसी भी प्रकार के पब्लिक एड्रेस सिस्टम के प्रयोग पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसके अलावा दिन के समय भी लाउडस्पीकर और डीजे की आवाज निर्धारित डेसिबल सीमा (70 से 45 डेसिबल) के भीतर रखना अनिवार्य होगा।
मैरिज हॉल और DJ संचालकों के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी
मैरिज हॉल, बैंक्वेट हॉल और डीजे संचालकों को प्रशासनिक निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। इन सभी संचालकों को आवश्यक पंजीकरण (Registration) कराना होगा और अपने पास आयोजनों से संबंधित पूरा रिकॉर्ड रखना होगा।
प्रेशर हॉर्न बजाने पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई
अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य चिन्हित साइलेंस जोन (Silence Zone) के आसपास तेज आवाज में हॉर्न या डीजे बजाने पर पाबंदी रहेगी। वाहनों में अवैध प्रेशर हॉर्न का प्रयोग करने वाले चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की धारा 190(2) के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भागलपुर पुलिस की आम नागरिकों से अपील
भागलपुर पुलिस ने जिले के सभी नागरिकों से नियमों का स्वेच्छा से पालन करने का अनुरोध किया है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ध्वनि प्रदूषण सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य, बुजुर्गों, बच्चों, मरीजों और विद्यार्थियों की पढ़ाई से जुड़ा संवेदनशील विषय है। इसलिए उत्सव और समारोह मनाते समय एक जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने में सहयोग करें।


