Bhagalpur News: भागलपुर नगर निगम परिसर में शुक्रवार को उस वक्त अजीबोगरीब स्थिति देखने को मिली, जब निगम के कर्मचारी हाथों में ‘मैं हूं डॉन, मुझसे सब डरो’ लिखे अनोखे बैनर लेकर प्रदर्शन करने उतर पड़े। नगर निगम कर्मचारी संघ के बैनर तले एकजुट हुए कर्मियों ने वार्ड 21 के पार्षद संजय सिन्हा के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जमकर नारेबाजी की और अपने आत्मसम्मान की रक्षा के लिए हुंकार भरी।
अनोखे पोस्टर ने खींचा सबका ध्यान
धरना-प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों के हाथों में मौजूद ‘डॉन’ वाले पोस्टर ने वहां मौजूद हर शख्स और राहगीर का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। कर्मचारियों ने बताया कि इस तंजिया संदेश (व्यंग्य) के जरिए वे पार्षद द्वारा बनाए जा रहे कथित दबाव, धमकी और तानाशाही रवैये के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।
सामान्य समिति की बैठक से शुरू हुआ विवाद
कर्मचारी संघ ने मेयर को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की जानकारी दी है। ज्ञापन के अनुसार, बीते 12 अगस्त को आयोजित निगम सामान्य समिति की बैठक में वार्ड 21 के पार्षद संजय सिन्हा ने कर्मचारियों पर गंभीर व बेबुनियाद आरोप लगाए थे। कर्मचारियों का आरोप है कि पार्षद उन पर अवैध उगाही और नियम-विरुद्ध काम करने का दबाव बना रहे हैं, जिसे न मानने पर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।
कर्मचारी संघ की मुख्य मांगें:
- निष्पक्ष जांच: 12 अगस्त की बैठक में लगाए गए सभी आरोपों की तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच हो।
- भयमुक्त माहौल: कर्मचारियों को बिना किसी अनुचित दबाव के काम करने का सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण मिले।
- कार्रवाई का आश्वासन: यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उस पर नियमानुसार कार्रवाई हो, लेकिन बिना सबूत किसी को मानसिक रूप से प्रताड़ित न किया जाए।
दो दिनों तक चलेगा धरना प्रदर्शन
निगम कर्मचारी संघ ने निर्णय लिया है कि यह विरोध प्रदर्शन दो दिनों तक निगम कार्यालय परिसर में जारी रहेगा। संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस आंदोलन का मकसद किसी व्यक्ति विशेष को नीचा दिखाना नहीं, बल्कि कर्मचारियों के मान-सम्मान और अधिकारों की रक्षा करना है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार:
योजना शाखा प्रभारी, आदित्य जायसवाल (भागलपुर नगर निगम):
“हम दिन-रात शहर की व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए काम करते हैं। बिना किसी आधार के सार्वजनिक बैठकों में आरोप लगाने से कर्मचारियों का मनोबल टूटता है। हमारी मांग है कि प्रशासन पूरे मामले की जांच कराए और सच सामने लाए।”
प्रदर्शनकारी निगम कर्मचारी:
“हमें सम्मान के साथ काम करने का पूरा अधिकार है। हम किसी के दबाव या धमकी के आगे झुकने वाले नहीं हैं। जब तक निगम प्रशासन मामले में हस्तक्षेप कर उचित समाधान नहीं निकालता, हमारा लोकतांत्रिक विरोध जारी रहेगा।”


