Bhagalpur News: श्रावणी मेला-2026 के अवसर पर भागलपुर जिला प्रशासन, पर्यटन विभाग तथा कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सांस्कृतिक महोत्सव में शिव भक्ति और बिहार की लोक संस्कृति की अद्भुत छटा देखने को मिल रही है। सुल्तानगंज स्थित नमामि गंगे घाट और धांधी बेलारी महाशिविर के सांस्कृतिक मंचों पर देश और प्रदेश के नामचीन कलाकारों की प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई हैं।
28 जुलाई से 28 अगस्त तक चलने वाले इस महीने भर के भव्य आयोजन के तहत 21 अगस्त को दोनों प्रमुख मंचों पर भक्ति गीतों, लोक नृत्यों और वादन की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं।
धांधी बेलारी महाशिविर: स्थानीय प्रतिभाओं का शानदार प्रदर्शन
धांधी बेलारी स्थित सांस्कृतिक मंच पर स्थानीय कलाकारों ने अपनी कला से समां बांध दिया:
- गायन एवं नृत्य: सोहराई कुमार निराला, अंगिका कुमारी (भागलपुर), सचिन कुमार दास (भागलपुर) और मंजूषा कला प्रशिक्षण केंद्र के लोक नृत्य दल ने अपनी भक्तिमयी प्रस्तुतियों से कांवरियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
- मंच संचालन: कार्यक्रम का कुशल संचालन उद्घोषक मनोज कुमार मिश्रा ने किया।
- सम्मान: जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन ने सभी कलाकारों को मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया।
- उपस्थिति: इस अवसर पर जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं जिला प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
नमामि गंगे घाट: राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय कलाकारों की गूंज
सुल्तानगंज के नमामि गंगे घाट पर स्थित मुख्य मंच से सुरों की ऐसी धारा बही कि पूरा परिसर “बोल बम” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा:
- मुख्य प्रस्तुतियां: तारा संगीत कला केंद्र (पटना) के सचिव मानव कुमार, मैहर संगीत कला विकास समिति (पटना) के सचिव एम. कुमार, स्वर कला संगम की उर्वशी कुमारी तथा स्वर साधना (पटना) के कलाकारों ने एक से बढ़कर एक शिव भजनों और लोक संगीत का प्रदर्शन किया।
- लोकप्रिय भजन: “मेरा भोला है भंडारी, करे नंदी की सवारी भोलेनाथ जी” और “हर हर शंभू, शंभू शिव महादेव” जैसे भजनों पर श्रद्धालु झूमने को मजबूर हो गए।
- संगत कलाकार: पैड पर गंगा कुमार दास, ढोलक पर लालमोहन प्रसाद, तबला पर मृदुल चंद्र राकेश, ऑर्गन पर राजेश झा और बैंजो पर रिंकू ने शानदार वाद्य संगत दी।
- मंच संचालन: अंकिता पल्लव ने कार्यक्रम का प्रभावी संचालन किया।
- गरिमामयी उपस्थिति: मुख्य मंच पर भागलपुर की जिला पदाधिकारी अलंकृता पाण्डेय, उप विकास आयुक्त रवि राकेश, स्थानीय जनप्रतिनिधि और अन्य प्रशासनिक अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
लोक कला को प्रोत्साहन और आध्यात्मिक माहौल
स्थानीय कलाकारों ने भजनों के माध्यम से समाज के कल्याण, सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। श्रद्धालुओं ने इस तरह के आयोजनों के लिए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों का आभार जताया, वहीं कलाकारों ने भी अपनी कला के प्रदर्शन का अवसर देने के लिए धन्यवाद दिया।
श्रावणी मेला-2026 के तहत आयोजित यह सांस्कृतिक महोत्सव न केवल श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव प्रदान कर रहा है, बल्कि बिहार की समृद्ध लोक कला, संगीत और नृत्य परंपराओं को एक राष्ट्रीय पहचान भी दिला रहा है।


