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मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, जनहित और विकास योजनाओं को समय पर पूरा करने पर जोर

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Patna News: बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने मंगलवार को राज्य के सभी जिलाधिकारियों और विभिन्न विभागों के वरीय अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण योजनाओं की गहन समीक्षा बैठक की। बैठक में कृषि, स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा, ऊर्जा, सहकारिता और अन्य विभागों से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जनहित और विकास से जुड़ी योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया।

विकास योजनाओं और भूमि हस्तांतरण में तेजी के निर्देश

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने जिलाधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों और भूमि हस्तांतरण से जुड़े मामलों का तेजी से निष्पादन किया जाए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ साप्ताहिक और मासिक स्तर पर योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करने का निर्देश दिया, ताकि किसी भी योजना में अनावश्यक देरी न हो।
53.54 लाख किसानों की किसान रजिस्ट्री पूरी
बैठक में किसान रजिस्ट्री की प्रगति की भी समीक्षा की गई। राज्य में कुल 86.36 लाख किसानों की रजिस्ट्री का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक 53.54 लाख किसानों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है, जो लक्ष्य का करीब 62 प्रतिशत है।
वैशाली और शेखपुरा जिलों ने किसान रजिस्ट्री में बेहतर प्रदर्शन किया है। वहीं सारण और जमुई में अपेक्षाकृत धीमी प्रगति पर मुख्य सचिव ने नाराजगी जताई। उन्होंने इन जिलों में विशेष अभियान चलाकर पंजीकरण की रफ्तार बढ़ाने और राज्य स्तर पर सत्यापन के लिए लंबित आवेदनों का जल्द निपटारा करने का निर्देश दिया।
पीएम सूर्य घर योजना में 1.22 लाख से ज्यादा आवेदन
ऊर्जा विभाग की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि राज्य में अब तक 1,22,656 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। सोलर इंस्टॉलेशन का कार्य लगातार जारी है।
पटना जिला सोलर इंस्टॉलेशन और 7,294 लाख रुपये की सब्सिडी के मामले में सबसे आगे है। वहीं कुल 35,741 ऋण आवेदनों में से 58.8 प्रतिशत लोन स्वीकृत हो चुके हैं।
मुख्य सचिव ने बैंकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर ऋण आवेदनों के रिजेक्शन रेट को कम करने और रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना में तेजी लाने का निर्देश दिया।

आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण में जमीन की समस्या दूर करने पर जोर

आंगनवाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने जमीन की अनुपलब्धता और भूमि विवादों को तत्काल सुलझाने का निर्देश दिया। उन्होंने मनरेगा (वीबी-जी राम जी) और 15वें वित्त आयोग के संसाधनों का प्रभावी अभिसरण करते हुए आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा कराने को कहा।

राज्य में 2.59 करोड़ लोगों की टीबी स्क्रीनिंग

स्वास्थ्य विभाग की टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा में सामने आया कि राज्य में अब तक 2.59 करोड़ लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की जा चुकी है। यह 52 दिनों के निर्धारित लक्ष्य का 213 प्रतिशत है।
सारण जिले ने 400 प्रतिशत और सहरसा जिले ने 386 प्रतिशत स्क्रीनिंग के साथ बेहतर प्रदर्शन किया है। मुख्य सचिव ने जिला स्तर पर टीबी मुक्त भारत समिति को सक्रिय रखने और निक्षय पोर्टल पर सभी जांच परिणामों की समय पर एंट्री सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने फ्रंटलाइन स्क्रीनिंग को और बढ़ाने, शत-प्रतिशत अपफ्रंट न्यूक्लिक एसिड टेस्ट यानी NAT कराने तथा निक्षय पोषण योजना के तहत लाभार्थियों को भुगतान में तेजी लाने को कहा। अब तक 93,275 लाभार्थियों को निक्षय पोषण योजना के तहत भुगतान किया जा चुका है।

सहकारिता योजनाओं के लिए लंबित जमीन का जल्द होगा हस्तांतरण

सहकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान प्रखंड स्तरीय आधारभूत संरचनाओं, कोल्ड स्टोरेज और तरकारी आउटलेट्स के लिए लंबित तीन भूमि प्राप्तियों को तत्काल हस्तांतरित करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा प्याज भंडारण के लिए लंबित नौ भूमि प्राप्तियों को भी जल्द पूरा करने को कहा गया।

211 नए डिग्री कॉलेजों के लिए भूमि आवंटन में तेजी

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में 7 निश्चय-3 के तहत 211 नए डिग्री कॉलेजों के स्थायी परिसरों के निर्माण की भी समीक्षा की गई। अब तक 68 कॉलेजों के लिए भूमि विवरणी प्राप्त हो चुकी है, जबकि 143 कॉलेजों के लिए भूमि विवरणी लंबित है।
मुख्य सचिव ने पूर्वी चंपारण, सीवान और पटना सहित संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। ग्रामीण क्षेत्रों में न्यूनतम 5 एकड़, शहरी क्षेत्रों में 2.5 एकड़ और पटना शहरी क्षेत्र में 2 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने को कहा गया।
उन्होंने प्रखंड मुख्यालयों के नजदीक उपलब्ध सरकारी अथवा गैरमजरूआ आम भूमि को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर जल्द आवंटित करने का निर्देश दिया।

समयबद्ध तरीके से योजनाओं को पूरा करने का निर्देश

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार की जनकल्याणकारी और विकास योजनाओं का लाभ आम लोगों तक समय पर पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि भूमि, विभागीय समन्वय या प्रशासनिक प्रक्रिया के कारण योजनाओं में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में लंबित योजनाओं की नियमित निगरानी करने और साप्ताहिक एवं मासिक समीक्षा के माध्यम से प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में कृषि, स्वास्थ्य, ऊर्जा, उच्च शिक्षा और सहकारिता सहित कई महत्वपूर्ण योजनाओं को लेकर अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप तेजी से काम करने की हिदायत दी गई।

सुल्तानगंज में बेकाबू बाइक की टक्कर से 58 वर्षीय बुजुर्ग की मौत, परिवार में मचा कोहराम

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Bhagalpur News: सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के जागीरा गांव के समीप एक तेज रफ्तार अनियंत्रित बाइक की चपेट में आने से 58 वर्षीय जोगिंदर मंडल की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजनों में चीख-पुकार मच गई है और पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।

​इलाज के दौरान तोड़ा दम

स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जोगिंदर मंडल सड़क पार कर रहे थे, तभी सामने से आ रही एक तेज रफ्तार बाइक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वे गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े।

​हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें सुल्तानगंज रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज (JLNCH) अस्पताल रेफर कर दिया। मायागंज अस्पताल में इलाज के दौरान ही जोगिंदर मंडल ने दम तोड़ दिया।

​बाइक सवार भी घायल, इलाज जारी

इस दुर्घटना में बाइक सवार भी संतुलन बिगड़ने से सड़क पर गिरकर घायल हो गया। उसे भी इलाज के लिए सुल्तानगंज रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।

​घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

बिहार विद्या साथी’ ऐप लॉन्च: राज्य के 3 लाख विद्यार्थियों को 24×7 निःशुल्क ऑनलाइन शिक्षक और AI से मिलेगी पढ़ाई की सुविधा

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Patna News: राज्य में स्कूली शिक्षा को डिजिटल और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में बिहार सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज ‘संकल्प’ सभागार से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए 24×7 1:1 इंटरैक्टिव प्लेटफॉर्म ‘बिहार विद्या साथी’ ऐप का शुभारंभ किया।

​इस व्यवस्था के तहत राज्य के 38 जिलों के 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल विद्यालयों के करीब 3 लाख विद्यार्थियों को 24 घंटे निःशुल्क लाइव ट्यूटर सपोर्ट और AI आधारित अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।

​बिहार विद्या साथी ऐप की मुख्य विशेषताएं

  • ​24×7 1:1 इंटरैक्टिव लर्निंग: कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी किसी भी समय अपनी पसंद और सुविधा के अनुसार लाइव शिक्षक का चयन कर व्यक्तिगत रूप से पढ़ाई और शंकाओं का समाधान कर सकेंगे।
  • ​75 हजार शिक्षकों की उपलब्धता: विद्यार्थियों को तुरंत और निःशुल्क शैक्षणिक सहायता देने के लिए प्लेटफॉर्म पर 75,000 शिक्षक 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे।
  • ​प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी: कक्षा 9वीं-10वीं के सभी विषयों तथा 11वीं-12वीं के साइंस स्ट्रीम के लिए लाइव क्लास के साथ बिहार बोर्ड, JEE और NEET की डिजिटल अध्ययन सामग्री भी मिलेगी।
  • ​AI टूल्स आधारित शिक्षा: ऐप में आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स को शामिल किया गया है, जिससे छात्रों की कॉन्सेप्ट लर्निंग बेहतर होगी और अनलिमिटेड प्रैक्टिस की सुविधा मिलेगी।

​मुख्यमंत्री का संदेश

​ऐप लॉन्च के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना सरकार की प्राथमिकता है। विद्यार्थी जहाँ भी रहें, पढ़ाई में आने वाली समस्याओं का समाधान उन्हें तुरंत मिलेगा। यह योजना फिलहाल 700 मॉडल विद्यालयों से शुरू की जा रही है, जिसे जल्द ही राज्य के अन्य सरकारी स्कूलों में भी लागू किया जाएगा।

​छात्राओं ने दिया लाइव डेमो

​समारोह के दौरान राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय, शास्त्रीनगर की छात्राओं—जाहन्वी एवं जिया ने ऐप के उपयोग का लाइव डेमो प्रस्तुत किया।

​कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी और शिक्षा विभाग के वरीय अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि सभी जिलों के जिलाधिकारी और विद्यार्थी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

विक्रमशिला सेतु: बाढ़ के खतरे के बीच टला मरम्मत कार्य, फिलहाल निर्बाध जारी रहेगा आवागमन

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Bhagalpur News: गंगा का बढ़ता जलस्तर अब सिर्फ तटवर्ती इलाकों की चिंता नहीं बढ़ा रहा, बल्कि भागलपुर और नवगछिया को जोड़ने वाले विक्रमशिला सेतु की मरम्मत की तारीख भी आगे खिसका दी है। गंगा में लगातार बढ़ते पानी और संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए 29 अगस्त 2026 से प्रस्तावित सेतु मरम्मत कार्य फिलहाल टाल दिया गया है।

​यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब विक्रमशिला सेतु पूर्वी बिहार के लिए जीवनरेखा बना हुआ है। पुल बंद होने की स्थिति में भागलपुर और नवगछिया के बीच आवागमन पर व्यापक असर पड़ सकता है। फिलहाल राहत की बात यह है कि विक्रमशिला सेतु वाहनों के आवागमन के लिए खुला रहेगा।

​बाढ़ और सुरक्षा बनी मुख्य वजह

बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, गंगा में बाढ़ की स्थिति के दौरान सेतु पर मरम्मत कार्य कराना बेहद कठिन और जोखिमपूर्ण हो जाता है। पानी का बढ़ता दबाव, नदी की धारा और निर्माण संबंधी सुरक्षा चुनौतियां काम को प्रभावित कर सकती हैं। इसी वजह से 29 अगस्त से शुरू होने वाली मरम्मत प्रक्रिया को फिलहाल आगे बढ़ा दिया गया है। परिस्थितियां सामान्य होने के बाद नई तारीख तय कर निर्माण कार्य शुरू किए जाने की संभावना है।

​त्योहारों के बीच पुल बंद करने का था विरोध

विक्रमशिला सेतु को बंद कर मरम्मत कराने की प्रस्तावित योजना को लेकर स्थानीय स्तर पर पहले से ही चिंता जताई जा रही थी। आने वाले विभिन्न त्योहारों को देखते हुए स्थानीय सांसद अजय कुमार मंडल, राजद नेताओं और समाजसेवियों ने इस समय सेतु को बंद कर मरम्मत शुरू नहीं करने की मांग की थी। सांसद की ओर से मुख्यमंत्री से भी आग्रह किया गया था कि त्योहारों का समय निकलने के बाद सेतु की मरम्मत प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि पूर्वी बिहार के लोगों को आवागमन में बड़ी परेशानी का सामना न करना पड़े और भागलपुर मंडी का कारोबार प्रभावित न हो।

​प्रशासनिक प्रस्ताव और BRO की भूमिका

भागलपुर जिला प्रशासन ने भी पूर्वी बिहार के लोगों को संभावित परेशानी से बचाने के लिए मरम्मत कार्य को करीब 15 दिन आगे बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था। अब गंगा के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ के खतरे ने इस फैसले को और महत्वपूर्ण बना दिया है।

​विक्रमशिला सेतु की स्थायी मरम्मत का काम करीब 98 करोड़ रुपये की लागत से होना है, जिसके लिए एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन को ठेका मिला है। मरम्मत प्रक्रिया के दौरान बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन (BRO) की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। BRO की टीम पुराने बेली ब्रिज को हटाने के साथ उससे संबंधित कार्य करेगी और स्थायी मरम्मत प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। योजना के अनुसार BRO की टीम को 29 अगस्त को पुल बंद करने की प्रक्रिया के लिए 26 अगस्त तक भागलपुर पहुंचना था, लेकिन बाढ़ की आशंका के चलते फिलहाल यह प्रक्रिया रोक दी गई है।

​फिलहाल राहत, लेकिन चुनौती बरकरार

फिलहाल विक्रमशिला सेतु पर आवागमन जारी रहने से भागलपुर, नवगछिया और आसपास के इलाकों के लाखों लोगों को राहत मिली है। हालांकि, मरम्मत की जरूरत बनी हुई है और काम को केवल टाला गया है, खत्म नहीं किया गया।

​गंगा का जलस्तर कम होने और परिस्थितियां अनुकूल होने के बाद मरम्मत की नई तारीख सामने आ सकती है। यानी अभी गंगा की लहरों ने विक्रमशिला सेतु पर चलने वाले वाहनों की रफ्तार नहीं रोकी है, लेकिन मरम्मत का पहिया जरूर रोक दिया है। बाढ़ थमेगी, पानी उतरेगा और फिर शुरू होगी उस सेतु को मजबूती देने की कवायद, जो भागलपुर और नवगछिया के बीच सिर्फ पुल नहीं, बल्कि पूरे पूर्वी बिहार की जीवनरेखा है।

सावन की अंतिम सोमवारी पर भागलपुर के गंगा घाटों पर उमड़ा जनसैलाब, ‘बोल बम’ के जयकारों से गूंजी सिल्क सिटी

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Bhagalpur News: पवित्र सावन महीने की चौथी और अंतिम सोमवारी पर भागलपुर में आस्था और भक्ति का अभूतपूर्व नजारा देखने को मिल रहा है। भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए शहर के तमाम गंगा घाटों पर सुबह से ही कांवरियों और श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। गंगा तट से लेकर शहर की मुख्य सड़कों तक केवल ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के गगनभेदी जयकारे गूंज रहे हैं, जिससे पूरी सिल्क सिटी शिवमय हो गई है।

​गंगा जल भरकर धामों की ओर बढ़े कांवरियों के जत्थे

रविवार देर रात से ही भागलपुर के एसएम कॉलेज घाट, बरारी घाट और सीढ़ी घाट पर कांवरियों का पहुंचना शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं ने गंगा नदी में पवित्र स्नान कर संकल्प लिया और जल भरकर अपनी-अपनी मंजिलों की ओर रवाना हुए। कांवरियों के बड़े-बड़े जत्थे कंधों पर सजा हुआ कांवर लेकर बाबा बासुकीनाथ धाम, धनकुंड नाथ महादेव और जेठोर नाथ महादेव मंदिर में जलाभिषेक के लिए पैदल ही आगे बढ़ रहे हैं।

​भक्ति के रंग में रंगा पूरा शहर

अंतिम सोमवारी को लेकर शिवभक्तों में गजब का उत्साह और ऊर्जा देखने को मिल रही है। कांवरिया मार्ग पर बोल बम के धुनों पर नाचते-गाते और जयकारे लगाते श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। शहर में जगह-जगह स्थानीय लोगों और सामाजिक संस्थाओं द्वारा कांवरियों की सेवा के लिए शिविर लगाए गए हैं, जहां उनके लिए फल, शरबत और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था की गई है। शिवभक्तों के इस अटूट विश्वास और भक्ति से पूरा वातावरण पूरी तरह अध्यात्म के रंग में ढल चुका है।

भागलपुर में नगर निगम की बड़ी लापरवाही: गंदगी और दलदल के बीच जल भरने को मजबूर कांवरिया, पूर्व विधायक अजीत शर्मा का फूटा गुस्सा

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Bhagalpur News: सावन की चौथी और अंतिम सोमवारी को लेकर भागलपुर में शिवभक्तों का उत्साह और आस्था चरम पर है। पूरे शहर में बाबा बासुकीनाथ और देवघर जाने वाले कांवरियों का सैलाब उमड़ पड़ा है। गंगा तट से लेकर सड़कों तक केवल ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयकारे गूंज रहे हैं। लेकिन इस बीच, नगर निगम की घोर अनदेखी ने श्रद्धालुओं की आस्था पर पानी फेरने का काम किया है।

​एसएम कॉलेज घाट पर पसरा बदहाली का आलम

रविवार को देवघर और बासुकीनाथ धाम में जलाभिषेक के लिए जल भरने पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं को एसएम कॉलेज घाट पर भारी अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। घाट पर चारों ओर गंदगी का अंबार और तीखा दलदल बना हुआ है। इतनी बड़ी संख्या में कांवरियों के आगमन के बावजूद नगर निगम द्वारा न तो सफाई की समुचित व्यवस्था की गई और न ही दलदल से बचने के लिए बालू या पक्की एप्रोच रोड की कोई व्यवस्था देखने को मिली। श्रद्धालु बदबू और फिसलन भरे दलदल के बीच से ही गंगा जल भरने को मजबूर दिखे।

​अजीत शर्मा ने नगर निगम को घेरा: “आस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं”

घाट पर फैली इस बदहाली को लेकर भागलपुर के पूर्व विधायक अजीत शर्मा ने नगर निगम प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सावन के इस पवित्र महीने में देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालु भागलपुर पहुंचते हैं, लेकिन नगर निगम की लापरवाही के कारण उन्हें गंदगी और कीचड़ से गुजरना पड़ रहा है।

​अजीत शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा, “नगर निगम ने श्रद्धालुओं की सुविधाओं को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया है। यह सिर्फ प्रशासनिक नाकामी नहीं, बल्कि लाखों शिवभक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ है। अगर समय रहते व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो इसके खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।”

​श्रद्धालुओं में भी गहरा आक्रोश

घाट पर जल भरने आए कांवरियों ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की। श्रद्धालुओं का कहना है कि हर साल टैक्स और व्यवस्था के नाम पर दावे किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर नगर निगम का इंतेजाम पूरी तरह शून्य साबित हुआ है। अंतिम सोमवारी जैसे महत्वपूर्ण मौके पर भी घाटों की यह स्थिति प्रशासन की पोल खोलने के लिए काफी है।

19 बेटियों को साथ लेकर देवघर निकले झारखंड के संजीव, 40 साल से जारी है पैदल सफर; युवा पीढ़ी को सनातन संस्कृति से जोड़ने की अनोखी पहल

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Bhagalpur News: सावन के पावन महीने में चारों तरफ ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयकारे गूंज रहे हैं। भागलपुर के सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा का पवित्र जल भरकर रोजाना हजारों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) के लिए पैदल रवाना हो रहे हैं। इसी शिवमय माहौल के बीच झारखंड के गोड्डा जिले के रहने वाले संजीव कुमार आस्था और पारिवारिक मूल्यों की एक ऐसी अनूठी मिसाल पेश कर रहे हैं, जो पूरे क्षेत्र में चर्चा और प्रेरणा का विषय बनी हुई है। संजीव पिछले 40 वर्षों से लगातार बाबा बैद्यनाथ के दरबार की कठिन पैदल यात्रा कर रहे हैं, लेकिन इस बार उनकी यह यात्रा समाज को एक बड़ा संदेश दे रही है।

​19 बेटियों का जत्था: सनातन परंपरा और नारी शक्ति का अद्भुत संगम

​संजीव कुमार की इस बार की कांवड़ यात्रा इसलिए बेहद खास है क्योंकि उनके साथ उनके परिवार की 19 बेटियां भी कांवड़ उठाए पैदल देवघर जा रही हैं। इस खास टोली में कई बेटियां ऐसी हैं, जो पिछले 10 सालों से लगातार अपने पिता और अभिभावकों के साथ इस 105 किलोमीटर लंबी कठिन पैदल यात्रा का हिस्सा बन रही हैं। सावन की इस यात्रा में बेटियों का यह अटूट उत्साह, धार्मिक अनुशासन और भक्ति भाव हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है।

​यात्रा का मुख्य उद्देश्य: युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों और आस्था से जोड़ना

​इस प्रेरणादायक यात्रा के उद्देश्य पर बात करते हुए संजीव कुमार ने बताया कि आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में युवा पीढ़ी अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से दूर होती जा रही है। उनका मुख्य मकसद आज की नई पीढ़ी और खासकर बेटियों को गहरी आस्था, भक्ति और हमारी सनातन संस्कृति के संस्कारों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि जब बेटियां धर्म और परंपरा को समझेंगी, तो आने वाली पीढ़ियां अपने आप संस्कारी बनेंगी।

​समाज को मिल रहा महिला सशक्तिकरण का बड़ा संदेश

​रास्ते में जगह-जगह इस बेटियों की टोली का स्वागत किया जा रहा है। यात्रा में शामिल जूही कुमारी, अर्पणा झा और मीणा कुमारी जैसी युवा श्रद्धालुओं का कहना है कि बाबा भोलेनाथ की भक्ति से उन्हें मानसिक शांति और असीम ऊर्जा मिलती है। कांवड़ पथ पर बेटियों का यह अनुशासित जत्था न केवल सनातन धर्म की निष्ठा को दर्शा रहा है, बल्कि समाज को यह स्पष्ट संदेश भी दे रहा है कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं हैं।

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सुल्तानगंज में उफनाई गंगा: अजगैबीनाथ धाम में खतरे के निशान से 4 सेमी ऊपर बह रही नदी, SDRF अलर्ट; फिर भी भक्तों की आस्था भारी

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Bhagalpur News: विश्व प्रसिद्ध अजगैबीनाथ धाम सुल्तानगंज में उत्तरवाहिनी गंगा नदी के जलस्तर में हो रही लगातार वृद्धि से स्थिति गंभीर हो गई है। नदी का पानी नई सीढ़ी घाट की सीढ़ियों को पार करते हुए खतरे के निशान से लगभग चार सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। गंगा के उफान के बावजूद बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) जाने वाले कांवड़ियों और आम श्रद्धालुओं की अटूट आस्था में कोई कमी नहीं आई है। श्रद्धालु बेहद सतर्कता और भक्ति भाव के साथ गंगा स्नान कर पवित्र जल भर रहे हैं और देवघर के लिए रवाना हो रहे हैं।

​खतरे के निशान के पार पहुंचा पानी, अलर्ट मोड पर जिला प्रशासन

​पहाड़ी और मैदानी इलाकों से आ रहे पानी के कारण सुल्तानगंज में गंगा नदी की धारा प्रचंड रूप ले चुकी है। उफनाती गंगा को देखते हुए भागलपुर जिला प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गए हैं। नई सीढ़ी घाट और आसपास के संवेदनशील इलाकों में स्थिति पर लगातार चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना या हादसे को रोका जा सके।

​घाटों पर बांस-बल्ली की बैरिकेडिंग, SDRF और सुरक्षा नौकाएं तैनात

​श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्थानीय प्रशासन ने नई सीढ़ी घाट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए नदी में बांस की मजबूत बैरिकेडिंग और सुरक्षा जाल (सेफ्टी नेट) लगाए गए हैं। इसके अलावा, आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीम को मोटरबोट और सुरक्षा नौकाओं के साथ घाटों पर तैनात किया गया है। लाउडस्पीकर के जरिए लगातार उद्घोषणा की जा रही है कि कांवड़िये बैरिकेडिंग के अंदर ही स्नान करें।

​भक्तों का उत्साह बरकरार, सुरक्षा नियमों के पालन की अपील

​उफनाती नदी के बीच भी अजगैबीनाथ धाम में ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयकारे गूंज रहे हैं। स्नान के बाद कांवड़िये घाट पर ही जल संकल्प लेकर बाबा धाम की पैदल यात्रा शुरू कर रहे हैं। प्रशासन ने दूर-दराज से आने वाले सभी कांवड़ियों और श्रद्धालुओं से भावुक न होकर पूर्ण सतर्कता बरतने और जारी किए गए सुरक्षा निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की अपील की है।

भागलपुर में रेल पटरी के पास मिला युवक का शव: ट्रेन से कटकर मौत की आशंका, FSL टीम जांच में जुटी; पहचान की कोशिश तेज

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Bhagalpur News: जगदीशपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत दिननगर-पुरैनी स्थित छोटकी नदी के पास रेलवे ट्रैक के किनारे एक अज्ञात युवक का शव बरामद होने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। आशंका जताई जा रही है कि बीती रात ट्रेन की चपेट में आने से युवक की दर्दनाक मौत हुई है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के साथ-साथ रेलवे पुलिस (GRP/RPF) और पटना/भागलपुर से FSL (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाने में लग गई है।

​शौच के लिए निकले ग्रामीणों की पड़ी नजर, इलाके में फैली सनसनी

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह जब स्थानीय ग्रामीण शौच के लिए छोटकी नदी की ओर गए, तो उनकी नजर रेलवे पटरी के पास क्षत-विक्षत स्थिति में पड़े एक युवक के शव पर पड़ी। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने बिना देर किए घटना की जानकारी जगदीशपुर पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस टीम दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंची।

​घटनास्थल पर पहुंची FSL टीम, मोबाइल झपटमारी के कोण से भी जांच

​मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए फॉरेंसिक (FSL) की विशेष टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट्स और अन्य जरूरी साक्ष्य एकत्र किए हैं। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि इस रेलखंड पर आए दिन यात्रियों से मोबाइल झपटमारी और छिनतई की घटनाएं होती रहती हैं। ग्रामीणों की मानें तो इस तरह के गिरोह की सक्रियता के कारण क्षेत्र में अक्सर हादसे या वारदातें होती हैं। हालांकि, युवक ट्रेन से गिरा, हादसे का शिकार हुआ या इसके पीछे कोई साजिश है, यह जांच के बाद ही साफ हो पाएगा।

​शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, पहचान कराने में जुटी पुलिस

​मामले में स्थानीय जनप्रतिनिधि मोहम्मद आरिफ पहलवान ने भी पुलिस से त्वरित जांच और मृतक की पहचान करने की मांग की है। जगदीशपुर थाना प्रभारी ने बताया कि मृतक युवक की फिलहाल पहचान नहीं हो सकी है। शव को कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल (JLNMCH) भेज दिया गया है। पुलिस आसपास के थानों में गुमशुदगी की रिपोर्ट खंगाल रही है ताकि मृतक की शिनाख्त की जा सके।

सौर ऊर्जा से जगमगाएगा सबौर: ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए कार्यशाला का आयोजन, सब्सिडी पर सोलर पैनल लगाने की अपील

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Bhagalpur News: जलवायु परिवर्तन के खतरों से निपटने और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता घटाने की दिशा में एक अहम पहल करते हुए सबौर प्रखंड में विशेष कदम उठाया गया है। सबौर प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित सभागार में शनिवार को सौर ऊर्जा जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने ग्रामीणों और स्थानीय प्रतिनिधियों को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना जैसी सरकारी पहलों की जानकारी दी और घरों की छतों पर सब्सिडी दरों पर सोलर पैनल स्थापित करने के लिए जागरूक किया।

​कोयला और पानी पर घटेगी निर्भरता, पर्यावरण को मिलेगा बढ़ावा

​कार्यशाला को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि पारंपरिक बिजली का निर्माण बड़े पैमाने पर कोयला और जल संसाधनों के दोहन से होता है। इन सीमित प्राकृतिक संसाधनों को बचाने और भविष्य में बिजली संकट से उबरने का एकमात्र स्थायी विकल्प सौर ऊर्जा है। उन्होंने कहा कि सूरज की रोशनी एक ऐसा प्राकृतिक स्रोत है जो हर घर की छत तक मुफ्त में पहुंचता है, और इसका सही इस्तेमाल करके न सिर्फ बिजली बिल से राहत पाई जा सकती है बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी अहम योगदान दिया जा सकता है।

​केंद्र और राज्य सरकार की ओर से मिल रही बंपर सब्सिडी

​विशेषज्ञों ने बताया कि पहले के समय में सोलर पैनल और आवश्यक उपकरणों की उच्च लागत के कारण आम नागरिक इसे अपनाने से कतराते थे। हालांकि, अब केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त योजनाओं के तहत सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाने पर भारी सब्सिडी दी जा रही है। उपभोक्ता बेहद कम बजटीय लागत में अपने घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में ऑन-ग्रिड या ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम इंस्टॉल करवा सकते हैं।

​आंधी और तूफान जैसी आपात स्थितियों में भी मिलेगी निर्बाध बिजली

​कार्यशाला के दौरान 25-26 मई को क्षेत्र में आई भीषण आंधी का उदाहरण देते हुए वक्ताओं ने सोलर पावर के व्यावहारिक फायदों को समझाया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं या तेज आंधी के कारण जब बिजली के खंभे और तार टूट जाते हैं, तब पूरा क्षेत्र कई दिनों तक अंधेरे में डूब जाता है। ऐसी संकटपूर्ण परिस्थितियों में भी जिन घरों में सोलर सिस्टम स्थापित होगा, वहां बिना किसी रुकावट के बिजली की आपूर्ति जारी रहेगी।

​इस अवसर पर प्रखंड स्तरीय कई अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।