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भागलपुर में डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर कांग्रेस ने किया नमन, अजीत शर्मा बोले—बिहार के विकास में उनका योगदान अविस्मरणीय

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जाति-धर्म से ऊपर उठकर बिहार के नवनिर्माण की रखी मजबूत नींव, सामाजिक समानता और वंचितों के अधिकारों के लिए डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के योगदान को कांग्रेस नेताओं ने किया याद

Bhagalpur News:  बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के अवसर पर भागलपुर में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस अवसर पर कांग्रेस के पूर्व विधायक अजीत शर्मा के आवास स्थित कांग्रेस कैंप कार्यालय में जयंती समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके योगदान को याद किया और उनके विचारों एवं आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

जयंती समारोह के दौरान पूर्व विधायक अजीत शर्मा ने डॉ. श्रीकृष्ण सिंह को बिहार के विकास और सामाजिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. श्रीकृष्ण सिंह ने अपने राजनीतिक जीवन में जाति, धर्म और समुदाय की सीमाओं से ऊपर उठकर सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का प्रयास किया। बिहार के विकास के लिए उनके द्वारा किए गए कार्य और उनकी दूरदर्शी सोच राज्य के इतिहास में हमेशा याद की जाती रहेगी।

सामाजिक समानता और वंचितों के अधिकारों के लिए किया काम

अजीत शर्मा ने कहा कि डॉ. श्रीकृष्ण सिंह का योगदान केवल बिहार के प्रशासनिक और आर्थिक विकास तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने सामाजिक समानता को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की। उनके व्यक्तित्व और कार्यों में समाज के सभी वर्गों को समान अवसर और सम्मान देने की भावना दिखाई देती थी।

उन्होंने देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में दलितों और वंचित वर्गों के पूजा-अर्चना के अधिकार से जुड़े ऐतिहासिक प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि सामाजिक भेदभाव को दूर करने की दिशा में डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की भूमिका महत्वपूर्ण रही। उनके प्रयासों ने समाज में समानता और समरसता के विचार को मजबूती प्रदान की।

डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के आदर्श आज भी प्रासंगिक

पूर्व विधायक अजीत शर्मा ने कहा कि डॉ. श्रीकृष्ण सिंह जैसे महान व्यक्तित्व का योगदान बिहार के इतिहास में सदैव अविस्मरणीय रहेगा। उनके विचार आज भी समाज को एकता, समानता और सद्भाव के रास्ते पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। वर्तमान समय में उनके आदर्शों को अपनाते हुए सामाजिक एकजुटता को मजबूत करना और सभी वर्गों के सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा करना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि महापुरुषों की जयंती मनाने का वास्तविक उद्देश्य उनके विचारों और कार्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के जीवन से प्रेरणा लेकर बिहार के विकास, सामाजिक न्याय और आपसी भाईचारे को मजबूत करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए।

विजयादशमी पर अजीत शर्मा ने मां दुर्गा के दरबार में टेका मत्था, भागलपुर और बिहार की सुख-समृद्धि की कामना

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कचहरी चौक से बरारी और मिरजानहाट तक पूजा पंडालों में पहुंचकर पूर्व विधायक ने की पुष्पांजलि अर्पित; बोले— विजयादशमी केवल रावण दहन का पर्व नहीं, बल्कि अहंकार, क्रोध और द्वेष को समाप्त करने का संदेश भी है।

Bhagalpur News:  विजयादशमी के पावन अवसर पर भागलपुर के पूर्व विधायक एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के सदस्य अजीत शर्मा ने शहर के विभिन्न पूजा पंडालों में पहुंचकर मां दुर्गा के चरणों में पुष्पांजलि अर्पित की और समस्त भागलपुर सहित बिहारवासियों की सुख-समृद्धि, उन्नति एवं खुशहाली की कामना की। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए समाज में प्रेम, सद्भाव और सकारात्मकता बनाए रखने का संदेश दिया।

अजीत शर्मा ने भागलपुर शहर के कचहरी चौक स्थित सत्कार क्लब, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी (बरारी) और मोदीनगर (मिरजानहाट) में मां दुर्गा के दर्शन किए तथा विधिवत पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद मांगा। उन्होंने कामना की कि मां दुर्गा सभी भक्तजनों का कल्याण करें और भागलपुर समेत पूरे बिहार को विकास, उन्नति एवं समृद्धि के मार्ग पर आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करें।

विजयादशमी पर दिया सकारात्मक बदलाव और बेहतर समाज का संदेश

इस अवसर पर अजीत शर्मा ने कहा कि विजयादशमी का पर्व हमें बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है। यह पर्व केवल रावण दहन तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने भीतर मौजूद अहंकार, क्रोध, द्वेष और नकारात्मक विचारों को समाप्त करने की प्रेरणा भी देता है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में इन बुराइयों को दूर करने का संकल्प ले, तो समाज में आपसी सद्भाव, भाईचारा और सहयोग की भावना को और मजबूत किया जा सकता है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि पर्व-त्योहारों की मूल भावना को समझते हुए समाज में शांति, एकता और सौहार्द बनाए रखें। आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर सभी को एक बेहतर समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

विकसित भागलपुर और समृद्ध बिहार के लिए सामूहिक संकल्प का आह्वान

अजीत शर्मा ने कहा कि त्योहार हमें नई ऊर्जा, नई उम्मीद और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। विजयादशमी के अवसर पर हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि अपने आसपास के वातावरण को बेहतर बनाएंगे, सामाजिक एकता को मजबूत करेंगे और क्षेत्र के विकास में योगदान देंगे।

उन्होंने भागलपुर और बिहारवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि मां दुर्गा की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आएगी। साथ ही उन्होंने सभी लोगों से मिलकर एक बेहतर समाज, विकसित भागलपुर और समृद्ध बिहार के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

खेत बचाओ अभियान को बिहार में मिलेगा जन-आंदोलन का स्वरूप, 7,275 किसान चौपालों से 6.19 लाख किसानों तक पहुंचा जागरूकता संदेश

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कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राष्ट्रीय विमर्श में मृदा संरक्षण, जल प्रबंधन और प्राकृतिक खेती पर दिया जोर; 26 अक्टूबर से 30 नवंबर तक चलेगा अभियान

Patna News: बिहार में खेती को टिकाऊ, लाभकारी और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में राज्य सरकार ‘खेत बचाओ अभियान’ को व्यापक जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाएगी। बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शनिवार को कृषि भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘खेत बचाओ अभियान’ पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में हिस्सा लिया। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्री भी शामिल हुए। राष्ट्रीय विमर्श के दौरान मिट्टी की उर्वरता बचाने, जल संसाधनों के संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया गया।

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि खेतों का संरक्षण, किसानों की समृद्धि और टिकाऊ कृषि बिहार सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मिट्टी, संरक्षित जल और जागरूक किसान ही समृद्ध कृषि व्यवस्था तथा आत्मनिर्भर बिहार की मजबूत नींव हैं। खेतों और प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखना केवल आज की जरूरत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है।

7,275 किसान चौपालों के जरिए 6,19,436 किसानों तक पहुंचा जागरूकता अभियान

कृषि मंत्री ने बताया कि केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री के मार्गदर्शन में बिहार में विगत 1 जून से 30 जून तक ‘खेत बचाओ अभियान’ चलाया गया था। इस दौरान राज्यभर में 7,275 किसान चौपालों का आयोजन किया गया, जिनके माध्यम से 6,19,436 किसानों को जागरूक किया गया।

उन्होंने कहा कि किसान चौपालों के जरिए किसानों तक वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों की जानकारी पहुंचाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति उनकी भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया गया। यह पहल खेती को अधिक टिकाऊ बनाने तथा किसानों को मृदा स्वास्थ्य और संतुलित कृषि प्रबंधन के महत्व से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण रही।

26 अक्टूबर से 30 नवंबर तक चलेगा अभियान का अगला चरण

विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि आगामी 26 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक प्रस्तावित ‘खेत बचाओ अभियान’ को बिहार में व्यापक स्तर पर संचालित किया जाएगा। इस दौरान किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, जल संरक्षण और पोषक तत्वों के सतत प्रबंधन के प्रति जागरूक किया जाएगा।

अभियान के तहत किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और कृषि विभाग के कर्मियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर रहेगा। सरकार का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को केवल विभागीय कार्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय इसे जनभागीदारी से जुड़ा व्यापक अभियान बनाना है।

खेती केवल अन्न उत्पादन नहीं, सभ्यता और अर्थव्यवस्था का आधार

कृषि मंत्री ने कहा कि खेती केवल अन्न उत्पादन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह देश की सभ्यता, संस्कृति, अर्थव्यवस्था और जनजीवन का आधार है। खेत सुरक्षित रहेंगे, मिट्टी की उर्वरता बनी रहेगी और जल संसाधनों का उचित प्रबंधन होगा, तभी कृषि का भविष्य सुरक्षित और समृद्ध बन सकेगा।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सतत कृषि, पर्यावरण संरक्षण और किसानों की समृद्धि संबंधी दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार सरकार मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, जल प्रबंधन, संतुलित उर्वरक उपयोग और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने की दिशा में प्रयासरत है। इन पहलों का उद्देश्य कृषि उत्पादन को टिकाऊ बनाने के साथ किसानों की आय और कृषि व्यवस्था की दीर्घकालिक स्थिरता को मजबूत करना है।

जल संरक्षण से लेकर फसल विविधीकरण तक पर रहेगा जोर

कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि को लंबे समय तक टिकाऊ बनाए रखने के लिए कई स्तरों पर काम करना आवश्यक है। इसके लिए वर्षा जल संचयन, खेतों में नमी बनाए रखने, फसल विविधीकरण, फसल अवशेष प्रबंधन और दलहनी फसलों को बढ़ावा देने जैसे उपाय महत्वपूर्ण हैं।

उन्होंने कहा कि इन उपायों को अपनाने से मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर बनाए रखने, प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव को कम करने और कृषि उत्पादन में स्थिरता लाने में मदद मिल सकती है। किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों की जानकारी उपलब्ध कराने में कृषि वैज्ञानिकों, कृषि विज्ञान केंद्रों और विभागीय कृषि प्रसार तंत्र की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

राज्य सरकार का प्रयास है कि किसानों को ऐसी कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए, जिनसे उत्पादन के साथ-साथ मिट्टी, पानी और पर्यावरण का भी संरक्षण हो सके।

‘खेत सुरक्षित, समृद्ध किसान, खुशहाल बिहार’ का संकल्प

कार्यक्रम के दौरान विजय कुमार सिन्हा ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘खेत बचाओ अभियान’ कृषि, मृदा स्वास्थ्य, जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के सतत प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सामूहिक चिंतन तथा प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने का सराहनीय प्रयास है।

उन्होंने प्रकृति के संरक्षण को आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता समय की आवश्यकता है। उनका संदेश है—“खेत सुरक्षित, समृद्ध किसान, खुशहाल बिहार।”

‘Save Land, Save Life’ के संदेश के साथ अभियान का उद्देश्य खेती की जमीन, मिट्टी की उर्वरता और जल संसाधनों के संरक्षण के प्रति किसानों तथा आम लोगों को जागरूक करना है। कृषि मंत्री ने कहा कि स्वस्थ मिट्टी, संरक्षित जल और जागरूक किसान ही टिकाऊ कृषि, समृद्ध किसान और आत्मनिर्भर बिहार के निर्माण का आधार बनेंगे।

भागलपुर के दुर्गा पूजा पंडाल में कप्तान स्मिथ को मिला ‘आधुनिक सारथी’ का दर्जा, श्रीकृष्ण से तुलना कर दिया खास संदेश

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बरारी हाउसिंग बोर्ड के कृष्ण लीला आधारित पंडाल में दिखेगी अनूठी प्रस्तुति, 174 यात्रियों की जान बचाने की घटना को महाभारत के प्रसंग से जोड़ने की कोशिश; साहस, कर्तव्य और मानवता का संदेश देगी पूजा समिति।

Bhagalpur News:  सिल्क सिटी भागलपुर में दुर्गा पूजा की तैयारियां धीरे-धीरे जोर पकड़ने लगी हैं। शहर के विभिन्न इलाकों में पूजा समितियां आकर्षक पंडालों के निर्माण में जुटी हैं। कहीं भव्य सजावट तो कहीं धार्मिक और सामाजिक संदेशों के जरिए श्रद्धालुओं का ध्यान खींचने की तैयारी है। इसी बीच बरारी स्थित हाउसिंग बोर्ड का दुर्गा पूजा पंडाल अपनी अनूठी कल्पना को लेकर चर्चा में है। यहां भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं के साथ एक ऐसी प्रस्तुति तैयार की जा रही है, जिसमें कप्तान स्मिथ को आधुनिक सारथी के रूप में दर्शाया गया है।

कृष्ण लीला के बीच दिखेगी आधुनिक सारथी की अनूठी कहानी

बरारी हाउसिंग बोर्ड में तैयार हो रहे इस पंडाल का मुख्य विषय कृष्ण लीला है। पंडाल में तस्वीरों और दृश्य प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं को दर्शाने की तैयारी की गई है। धार्मिक आस्था से जुड़ी इस प्रस्तुति के बीच एक विशेष बैनर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बन सकता है। इस बैनर में कप्तान स्मिथ की तस्वीर लगाकर उन्हें आधुनिक सारथी के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

पूजा समिति की इस कल्पना में पौराणिक कथा और आधुनिक जीवन की एक घटना को जोड़ने का प्रयास किया गया है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को धर्म और आस्था के साथ साहस, जिम्मेदारी तथा संकट के समय लोगों की मदद करने के महत्व से भी परिचित कराना है।

महाभारत के श्रीकृष्ण और आधुनिक सारथी के बीच अनूठी तुलना

महाभारत में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन के सारथी बनकर उन्हें जीवन के कठिन समय में मार्गदर्शन दिया था। कुरुक्षेत्र के युद्ध में श्रीकृष्ण की भूमिका केवल रथ चलाने तक सीमित नहीं थी, बल्कि उन्होंने अर्जुन को सही निर्णय लेने और अपने कर्तव्य का पालन करने की प्रेरणा भी दी थी।

इसी प्रसंग को आधार बनाकर पूजा पंडाल में कप्तान स्मिथ को आधुनिक सारथी के रूप में दिखाने की योजना बनाई गई है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, हवाई यात्रा के दौरान 174 यात्रियों की जान बचाने की घटना को महाभारत की कथा से जोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है। जिस तरह श्रीकृष्ण संकट की घड़ी में अर्जुन के मार्गदर्शक बने थे, उसी तरह कप्तान स्मिथ को यात्रियों के लिए संकटमोचक की भूमिका में दर्शाया गया है।

यह तुलना धार्मिक आस्था और आधुनिक समय में कर्तव्य निभाने वाले लोगों के योगदान के बीच एक प्रतीकात्मक संबंध स्थापित करने की कोशिश है।

धार्मिक आस्था के साथ साहस और कर्तव्य का संदेश

आज के दौर में दुर्गा पूजा और अन्य धार्मिक उत्सव केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं रह गए हैं। कई पूजा समितियां अपने पंडालों के माध्यम से सामाजिक जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रीय एकता और मानवीय मूल्यों से जुड़े संदेश भी देती हैं।

बरारी हाउसिंग बोर्ड की यह प्रस्तुति भी इसी दिशा में एक अलग प्रयोग के रूप में देखी जा सकती है। भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं के साथ यात्रियों की जान बचाने की घटना को जोड़कर यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि कठिन परिस्थितियों में साहस, सूझबूझ और कर्तव्यनिष्ठा अनेक लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकती है।

दुर्गा पूजा में खास आकर्षण बन सकता है बरारी का पंडाल

दुर्गा पूजा के दौरान भागलपुर में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु विभिन्न पूजा पंडालों में दर्शन और सजावट देखने पहुंचते हैं। ऐसे में बरारी हाउसिंग बोर्ड का कृष्ण लीला आधारित पंडाल अपनी अलग विषयवस्तु के कारण लोगों के बीच चर्चा का विषय बन सकता है।

पौराणिक प्रसंगों को आधुनिक घटनाओं से जोड़ने की यह पहल श्रद्धालुओं, खासकर युवाओं के बीच उत्सुकता पैदा कर सकती है। अब देखना होगा कि पूजा के दौरान यह अनूठी प्रस्तुति लोगों का कितना ध्यान आकर्षित करती है।

‘स्वस्थ युवा स्वस्थ भागलपुर’ अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई: 209 ग्राम स्मैक के साथ तस्कर गिरफ्तार

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उल्टा पुल जामा मस्जिद के पास पुलिस की रेड; बबरगंज का रहने वाला अभिषेक आनंद गिरफ्तार, मोबाइल बरामद

Crime News: भागलपुर में युवाओं को नशे की लत से बचाने और मादक पदार्थों की तस्करी पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे “स्वस्थ युवा स्वस्थ भागलपुर” विशेष महाअभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हासिल हुई है। मोजाहिदपुर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 209 ग्राम अवैध स्मैक के साथ एक तस्कर को धर दबोचा है।

गुप्त सूचना पर हुई बड़ी कार्रवाई

वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) भागलपुर के निर्देशानुसार जिले भर में अवैध मादक पदार्थों के हॉट-स्पॉट्स पर लगातार छापेमारी की जा रही है। इसी कड़ी में 14 अक्टूबर को मोजाहिदपुर थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि उल्टा पुल जामा मस्जिद के पास कुछ लोग अवैध स्मैक की खरीद-बिक्री कर रहे हैं।

सूचना के सत्यापन और त्वरित कार्रवाई के लिए नगर पुलिस अधीक्षक की निगरानी तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (नगर-2) व मोजाहिदपुर थानाध्यक्ष रवि शंकर के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।

भागने की कोशिश की, पुलिस ने खदेड़कर दबोचा

गठित पुलिस टीम जब उल्टा पुल जामा मस्जिद के समीप पहुँची, तो पुलिस बल को देखकर संदिग्ध भागने लगे। सशस्त्र पुलिस बल ने मुस्तैदी दिखाते हुए पीछा कर एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया।

पकड़े गए अभियुक्त की पहचान अभिषेक आनंद (पिता- स्व. मनोज प्रसाद सिंह), निवासी- महेशपुर अलीगंज, थाना- बबरगंज, जिला- भागलपुर के रूप में हुई है। तलाशी लेने पर उसके पास से 209 ग्राम स्मैक और 01 मोबाइल फोन बरामद किया गया।

अन्य संलिप्त तस्करों की तलाश जारी

पुलिस ने अभियुक्त के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके साथ ही, इस नशीले कारोबार के नेटवर्क से जुड़े अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

छापेमारी टीम में शामिल पुलिसकर्मी:

  1. पु.अ.नि. सह-थानाध्यक्ष रवि शंकर (मोजाहिदपुर थाना)
  2. स.अ.नि. कादीर हुसैन (मोजाहिदपुर थाना)
  3. सिपाही 1644 दीनबंधु भारती (मोजाहिदपुर थाना)
  4. सिपाही 2097 संदीप कुमार (मोजाहिदपुर थाना)
  5. गृहरक्षक 362658 प्रिंसी कुमारी (मोजाहिदपुर थाना)

भागलपुर में रबी महाभियान-2026 का आगाज, महिला किसानों को मिला सम्मान; 22 अक्टूबर से पंचायतों में लगेगी कृषि चौपाल

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बाजार की मांग के अनुसार खेती करने पर जोर, केला-मक्का-मखाना और स्वीट कॉर्न जैसी फसलों को बढ़ावा देने की सलाह; 23 अक्टूबर से सभी प्रखंडों में प्रशिक्षण और कृषि उपादान वितरण कार्यक्रम

Bhagalpur News:  किसानों की आय बढ़ाने, खेती को आधुनिक एवं टिकाऊ बनाने और कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से गुरुवार, को भागलपुर में वासंतिक (रबी) महाभियान-2026 के अंतर्गत जिलास्तरीय कर्मशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके साथ ही अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष-2026 एवं महिला किसान दिवस-2026 भी मनाया गया। कार्यक्रम में कृषि एवं संबद्ध विभागों के अधिकारियों, कृषि वैज्ञानिकों, प्रसार कर्मियों और किसानों ने भाग लिया। इस दौरान प्रगतिशील महिला किसानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया तथा किसानों को पारंपरिक खेती के साथ बाजार की मांग के अनुरूप फसलों का चयन करने और जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने की सलाह दी गई।

दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन

जिलास्तरीय कार्यक्रम का उद्घाटन संयुक्त रूप से भागलपुर प्रमंडल के संयुक्त निदेशक (शस्य) श्याम बिहारी सिंह, उप विकास आयुक्त रवि राकेश, डीआरडीए के निदेशक (लेखा) दुर्गा शंकर प्रसाद, निदेशक (एनईपी) अमर कुमार मिश्र, एसडीसी सोनाली शरण और जिला कृषि पदाधिकारी प्रेम शंकर प्रसाद ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

कार्यक्रम की शुरुआत में आत्मा, भागलपुर के उप परियोजना निदेशक प्रभात कुमार सिंह ने उपस्थित अधिकारियों, कर्मियों और किसानों का स्वागत किया। इस अवसर पर कृषि क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने किसानों को खेती की नई तकनीकों, कृषि योजनाओं और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग के बारे में जानकारी दी।

चार महिला किसानों को मिला प्रगतिशील महिला किसान सम्मान

महिला किसान दिवस-2026 के अवसर पर कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिला किसानों को सम्मानित किया गया। उप विकास आयुक्त रवि राकेश ने चार प्रगतिशील महिला किसानों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया।

सम्मानित होने वाली महिला किसानों में शामिल हैं:

  • संगीता देवी — जगदीशपुर
  • स्वर्ण संध्या भारती — सबौर
  • रेखा रानी — पीरपैंती
  • शीला कुमारी — कहलगांव

इन महिला किसानों ने कृषि एवं उससे जुड़े उद्यमों के माध्यम से अपनी पहचान बनाई है। कार्यक्रम में महिला किसानों के उत्पादों को भी प्रदर्शित किया गया। इसके लिए मशरूम उत्पाद, वर्मी कम्पोस्ट, कतरनी चूड़ा और चावल के स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों के माध्यम से महिला किसानों के कृषि उत्पादों और उद्यमशीलता को सामने लाने का प्रयास किया गया।

22 अक्टूबर से पंचायतों में शुरू होगी कृषि जन कल्याण चौपाल

जिला कृषि विभाग की ओर से रबी मौसम में किसानों तक कृषि योजनाओं और तकनीकी जानकारी को पहुंचाने के लिए कार्यक्रमों की तिथियां भी घोषित की गईं।

भागलपुर जिले में 22 अक्टूबर 2026 से सभी प्रखंडों की सभी पंचायतों में वासंतिक (रबी) कृषि जन कल्याण चौपाल-सह-खेत बचाओ अभियान का आयोजन किया जाएगा।

वहीं, 23 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक जिले के सभी प्रखंडों में प्रखंडस्तरीय प्रशिक्षण-सह-उपादान वितरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। ये कार्यक्रम संबंधित प्रखंड कृषि कार्यालयों में होंगे।

इन कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को रबी फसलों की खेती, कृषि तकनीक और विभागीय योजनाओं से जुड़ी जानकारी देने के साथ कृषि उपादानों के वितरण की व्यवस्था की जाएगी।

बाजार की मांग के अनुसार खेती करें किसान: डीडीसी

उप विकास आयुक्त रवि राकेश ने किसानों और कृषि प्रसार कर्मियों को संबोधित करते हुए कृषि क्षेत्र को देश की अर्थव्यवस्था और विकास की बुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है और देश की सभ्यता के विकास में खेती की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कृषि क्षेत्र में व्यापक बदलाव के बिना उद्योगों के विकास की मजबूत नींव तैयार करना मुश्किल है।

उन्होंने किसानों को बदलते कृषि परिवेश के अनुसार खेती की रणनीति अपनाने की सलाह दी। डीडीसी ने कहा कि किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ केला, मक्का, मखाना और स्वीट कॉर्न जैसी फसलों की संभावनाओं पर भी ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने विशेष रूप से बाजार की मांग को ध्यान में रखकर फसल का चयन करने पर जोर दिया, ताकि किसानों को अपने उत्पादों का बेहतर बाजार मिल सके। इसके साथ ही खेती में जैविक और प्राकृतिक खादों के उचित इस्तेमाल को भी आवश्यक बताया।

प्रत्यक्षण के लिए बीज, जैविक खाद और जैव उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश

भागलपुर प्रमंडल के संयुक्त निदेशक (शस्य) श्याम बिहारी सिंह ने कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मियों को फसल प्रत्यक्षण से जुड़े कार्यों को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि प्रत्यक्षण के लिए आवश्यक कृषि इनपुट की सूची तैयार की जाए और प्रत्येक प्रखंड में एक प्रखंड या सहायक तकनीकी प्रबंधक को इसका नोडल बनाया जाए। संबंधित नोडल अधिकारी प्रत्यक्षण से जुड़े आवश्यक इनपुट की उपलब्धता, वितरण और कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे।

फसल की आवश्यकता के अनुसार प्रत्यक्षण में बीज, जैविक खाद और जैव उर्वरक को शामिल किया जा सकता है। इसका उद्देश्य किसानों को बेहतर कृषि तकनीकों से परिचित कराना और उन्हें उपयोगी कृषि संसाधन उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूत करना है।

संयुक्त निदेशक ने किसान सलाहकारों और कृषि समन्वयकों को यह भी निर्देश दिया कि अधिक से अधिक किसानों के मोबाइल फोन में बिहार कृषि ऐप डाउनलोड कराया जाए, ताकि वे कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी प्राप्त कर सकें।

रासायनिक खाद के अंधाधुंध इस्तेमाल से बचें, प्राकृतिक खेती अपनाएं: जिला कृषि पदाधिकारी

जिला कृषि पदाधिकारी प्रेम शंकर प्रसाद ने किसानों को मिट्टी, पानी और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए प्राकृतिक एवं जैविक खेती की ओर बढ़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि खेत-खलिहान किसानों की पहचान, विरासत और धरोहर हैं। इन प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि किसानों की खुशहाली और कृषि क्षेत्र में हरियाली लाना कृषि विभाग का प्रमुख दायित्व है। इसके लिए अधिकारियों और कर्मियों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करना चाहिए, ताकि भागलपुर कृषि के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना सके।

जिला कृषि पदाधिकारी ने किसानों को सलाह दी कि वे अपनी कुल कृषि भूमि के कम-से-कम एक चौथाई हिस्से में जैविक खेती करने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि रासायनिक खाद और कीटनाशकों के अंधाधुंध इस्तेमाल से मिट्टी, पानी और हवा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

उन्होंने किसानों से प्राकृतिक संसाधनों का समुचित उपयोग करने, जैविक खेती को बढ़ावा देने और मिट्टी के स्वास्थ्य को बनाए रखने की अपील की। उनके अनुसार, खेती में टिकाऊ तरीकों को अपनाना किसानों के अपने स्वास्थ्य और कृषि भूमि की उर्वरता, दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।

कृषि वैज्ञानिकों ने दी तकनीकी जानकारी

कार्यक्रम के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र, सबौर की वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अनिता कुमारी तथा बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर की कनीय वैज्ञानिक डॉ. स्नेहा शीखा और डॉ. गायत्री कुमारी ने किसानों एवं अधिकारियों को तकनीकी जानकारी दी।

प्रशिक्षण सत्र में कृषि से जुड़ी वैज्ञानिक जानकारियों को किसानों तक पहुंचाने और खेती में उपयोगी तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम में आत्मा, भागलपुर के उप परियोजना निदेशक प्रभात कुमार सिंह, भागलपुर के अनुमंडल कृषि पदाधिकारी रामजीवन सिंह, नवगछिया के अनुमंडल कृषि पदाधिकारी वरुण कुमार, कहलगांव की अनुमंडल कृषि पदाधिकारी डॉ. हेमलता कुमारी, नाबार्ड की जिला विकास प्रबंधक अर्चना प्रिया, जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. अंजली कुमारी सिन्हा, जिला मत्स्य पदाधिकारी प्रसुन कुमार प्रभात सहित कृषि एवं संबद्ध विभागों के पदाधिकारी और विभिन्न स्तरों के कर्मी उपस्थित रहे।

अंत में आत्मा, भागलपुर के उप परियोजना निदेशक प्रभात कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इसके साथ ही कार्यक्रम का समापन हुआ।

कार्यक्रमतिथिस्थान
कृषि जन कल्याण चौपाल-सह-खेत बचाओ अभियान22 अक्टूबर 2026 सेसभी प्रखंडों की सभी पंचायतें
रबी प्रशिक्षण-सह-उपादान वितरण कार्यक्रम23 से 31 अक्टूबर 2026सभी प्रखंड कृषि कार्यालय

भागलपुर में मिड-डे मील में गड़बड़ी पर बड़ा एक्शन! फर्जी निकासी और खाने में छिपकली मिलने के मामले में प्रधानाध्यापक व रसोइया पर होगी कार्रवाई

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DM अलंकृता पाण्डेय की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की बैठक में फैसला, गोराडीह के मध्य विद्यालय तरछा में राशि की फर्जी निकासी और सुल्तानगंज के स्कूल में मध्याह्न भोजन में छिपकली मिलने के मामले को प्रशासन ने माना गंभीर

Bhagalpur News:  बिहार के भागलपुर जिले में सरकारी विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना से जुड़ी अनियमितताओं को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मध्याह्न भोजन की राशि की कथित फर्जी निकासी और भोजन में छिपकली मिलने के मामले में संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक और रसोइया के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया है। जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय की अध्यक्षता में गुरुवार को आयोजित जिला स्तरीय चयन एवं अवधि विस्तार समिति की बैठक में इन मामलों की समीक्षा के बाद सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया।

प्रशासन की इस कार्रवाई को सरकारी विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना के संचालन में पारदर्शिता बनाए रखने और बच्चों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने पर जोर दिया गया है।

गोराडीह के मध्य विद्यालय तरछा में राशि की फर्जी निकासी का मामला

बैठक में गोराडीह प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय तरछा में मध्याह्न भोजन योजना से संबंधित राशि की कथित फर्जी निकासी के मामले पर चर्चा की गई।

सरकारी योजनाओं के तहत आवंटित राशि का निर्धारित उद्देश्य के अनुसार उपयोग करना संबंधित विद्यालय के जिम्मेदार पदाधिकारियों की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में राशि की फर्जी निकासी से जुड़े मामले को गंभीरता से लेते हुए समिति ने संबंधित प्रखंड साधन सेवी और विद्यालय के प्रधानाध्यापक या प्रभारी प्रधानाध्यापक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्णय लिया।

इस मामले में प्रशासन का मुख्य उद्देश्य योजना के संचालन में जवाबदेही सुनिश्चित करना और वित्तीय अनियमितताओं पर अंकुश लगाना है।

हालांकि, प्रेस विज्ञप्ति में कथित फर्जी निकासी की राशि, निकासी की अवधि और विस्तृत जांच के निष्कर्षों का उल्लेख नहीं किया गया है।

सुल्तानगंज के स्कूल में मध्याह्न भोजन में मिली थी छिपकली

बैठक में सुल्तानगंज प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय आजादनगर पनसलवा में मध्याह्न भोजन में छिपकली पाए जाने के मामले पर भी विचार-विमर्श किया गया।

विद्यालयों में मध्याह्न भोजन बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण योजना है। ऐसे में भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षित तरीके से भोजन तैयार करने की व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है।

भोजन में छिपकली मिलने की घटना ने विद्यालय में भोजन तैयार करने और उसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने से संबंधित व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए हैं। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित प्रखंड साधन सेवी, प्रधानाध्यापक या प्रभारी प्रधानाध्यापक और रसोइया के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्णय लिया है।

हालांकि, उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि घटना के बाद कितने बच्चों ने भोजन किया था या किसी बच्चे की तबीयत खराब होने की सूचना मिली थी या नहीं।

DM अलंकृता पाण्डेय की अध्यक्षता में हुई बैठक, सर्वसम्मति से फैसला

जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय चयन एवं अवधि विस्तार समिति की बैठक में दोनों मामलों की समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान मध्य विद्यालय तरछा में राशि की कथित फर्जी निकासी और प्राथमिक विद्यालय आजादनगर पनसलवा में मध्याह्न भोजन में छिपकली मिलने के मामले को गंभीरता से लिया गया। इसके बाद समिति ने संबंधित कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया।

बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी सुधीर कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मध्याह्न भोजन), अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM), बैंक सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और योजना की पारदर्शिता पर सवाल

मध्याह्न भोजन योजना का उद्देश्य सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है। इस योजना के प्रभावी संचालन के लिए भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और वित्तीय प्रबंधन पर निगरानी आवश्यक है।

एक ओर राशि की कथित फर्जी निकासी का मामला योजना के वित्तीय प्रबंधन से जुड़ा है, तो दूसरी ओर भोजन में छिपकली मिलने की घटना बच्चों के स्वास्थ्य और भोजन की सुरक्षा से संबंधित गंभीर सवाल खड़े करती है।

ऐसे मामलों में संबंधित कर्मियों की जिम्मेदारी तय करने के साथ-साथ विद्यालयों में नियमित निगरानी, भोजन की गुणवत्ता की जांच और वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है।

जिला प्रशासन के निर्णय के बाद अब संबंधित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

अब आगे क्या होगा?

जिला स्तरीय समिति ने संबंधित प्रखंड साधन सेवी, प्रधानाध्यापक या प्रभारी प्रधानाध्यापक और रसोइया के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। हालांकि, प्रेस विज्ञप्ति में किसी कर्मचारी को तत्काल निलंबित करने, सेवा से हटाने या किसी अन्य विशिष्ट दंड का आदेश जारी होने की जानकारी नहीं दी गई है।

इसलिए फिलहाल यह कहना उचित होगा कि संबंधित कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई का निर्णय लिया गया है, जबकि कार्रवाई का अंतिम स्वरूप और उसका क्रियान्वयन आगे की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

सरकारी विद्यालयों में बच्चों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना तथा योजनाओं की राशि का सही उपयोग सुनिश्चित करना प्रशासन के सामने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। अब इन दोनों मामलों में आगे होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।

कोलकाता के दंपति को मिला 11 महीने का बेटा, जिलाधिकारी ने पूरी कराई दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया

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परिवार में गूंजी खुशियों की नई किलकारी, कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बालक को सौंपा गया स्थायी रूप से; भागलपुर की विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्था से अब तक 70 से अधिक बच्चों को मिल चुका है नया परिवार

Bhagalpur News:  किसी परिवार के लिए बच्चे का इंतजार कितना भावुक और लंबा हो सकता है, इसका उदाहरण भागलपुर में सामने आया है। करीब पांच वर्षों की प्रतीक्षा के बाद कोलकाता के एक दंपति का परिवार आखिरकार पूरा हो गया। जिलाधिकारी, भागलपुर ने दत्तक ग्रहण की सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 11 महीने के बालक को दंपति को विधिवत स्थायी रूप से सौंप दिया। बच्चे के मिलने से दंपति की खुशियों का ठिकाना नहीं रहा।

यह दत्तक ग्रहण प्रक्रिया केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA), नई दिल्ली के CARINGS पोर्टल के माध्यम से पूरी की गई। पूरी प्रक्रिया दत्तक ग्रहण विनियम, 2022 और किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 के प्रावधानों के अनुरूप संपन्न हुई।

इस अवसर पर दंपति ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि लगभग पांच वर्षों से वे इस पल का इंतजार कर रहे थे। अब बच्चे के उनके जीवन में आने से उनका परिवार पूरा हो गया है।

पांच साल का इंतजार खत्म, घर में आएगी नई खुशियां

बच्चे को गोद लेने की प्रक्रिया केवल कानूनी औपचारिकता नहीं, बल्कि एक बच्चे को सुरक्षित भविष्य और परिवार देने की महत्वपूर्ण पहल है। भागलपुर में पूरी हुई इस प्रक्रिया ने एक दंपति को माता-पिता बनने की खुशी दी है।

जिलाधिकारी द्वारा सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 11 महीने के बालक को स्थायी रूप से दंपति को सौंपा गया। इस प्रक्रिया में निर्धारित कानूनी प्रावधानों और दत्तक ग्रहण संबंधी नियमों का पालन किया गया।

करीब पांच वर्षों तक इंतजार करने के बाद दंपति के जीवन में आए इस बदलाव ने उनके लिए एक नई शुरुआत का रास्ता खोल दिया है। अब बच्चे को परिवार का स्नेह, देखभाल और सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा।

भागलपुर की संस्था से 70 से अधिक बच्चों को मिला नया परिवार

इस अवसर पर जिला बाल संरक्षण इकाई की सहायक निदेशक ने दत्तक ग्रहण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि भागलपुर स्थित विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान से अब तक 70 से अधिक अनाथ एवं परित्यक्त बच्चों को दत्तक ग्रहण के माध्यम से विभिन्न परिवारों को सौंपा जा चुका है।

यह आंकड़ा बच्चों को परिवार और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे प्रयासों को दर्शाता है।

दत्तक ग्रहण की व्यवस्था के तहत पात्र इच्छुक अभिभावक निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी करके बच्चे को अपने परिवार का हिस्सा बना सकते हैं। इसका उद्देश्य बच्चों को संरक्षण, देखभाल, भावनात्मक सुरक्षा और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराना है।

हालांकि, दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत ही पूरी की जाती है। इसमें बच्चे के सर्वोत्तम हित, भावी अभिभावकों की पात्रता और आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं का विशेष ध्यान रखा जाता है।

बच्चे को गोद लेना चाहते हैं? जानिए कहां करना होगा पंजीकरण

जिला प्रशासन की ओर से आम नागरिकों को दत्तक ग्रहण के प्रति जागरूक करते हुए बताया गया कि इच्छुक व्यक्ति निर्धारित सरकारी पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं।

भारत में कानूनी दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) के माध्यम से संचालित होती है। इच्छुक भावी अभिभावक आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध दिशा-निर्देशों के अनुसार आवेदन कर सकते हैं।

दत्तक ग्रहण के लिए पंजीकरण करने वाले इच्छुक अभ्यर्थियों को आवश्यक दस्तावेज तैयार रखने चाहिए।

दत्तक ग्रहण के लिए आवश्यक दस्तावेज

जिला जनसंपर्क कार्यालय की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पंजीकरण के लिए निम्नलिखित दस्तावेज बताए गए हैं:

  1. पैन कार्ड
  2. आधार कार्ड
  3. विवाह प्रमाण-पत्र
  4. चिकित्सा फिटनेस प्रमाण-पत्र
  5. पुलिस सत्यापन प्रमाण-पत्र
  6. आय प्रमाण-पत्र

ध्यान दें कि आवश्यक दस्तावेज और पात्रता संबंधी शर्तें आवेदक की परिस्थिति तथा लागू नियमों के अनुसार अलग हो सकती हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध नवीनतम दिशा-निर्देशों की जांच करना जरूरी है।

कहां करें दत्तक ग्रहण के लिए आवेदन?

दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया के लिए इच्छुक अभिभावक केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण के आधिकारिक पोर्टल पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

आधिकारिक वेबसाइट:

आवेदन से संबंधित जानकारी, पंजीकरण और आवश्यक प्रक्रियाओं के लिए पोर्टल पर दिए गए निर्देशों का पालन करना चाहिए। दत्तक ग्रहण के लिए किसी भी अनधिकृत व्यक्ति या एजेंट के माध्यम से बच्चे को गोद लेने का प्रयास नहीं करना चाहिए। प्रक्रिया निर्धारित कानूनी व्यवस्था के तहत ही पूरी की जानी चाहिए।

बच्चों को परिवार देना, उनके भविष्य को सुरक्षित बनाना

भागलपुर में कोलकाता के दंपति को 11 महीने के बालक का स्थायी दत्तक ग्रहण के तहत सौंपा जाना एक परिवार के लिए नई शुरुआत है। करीब पांच वर्षों की प्रतीक्षा के बाद दंपति को माता-पिता बनने का अवसर मिला है।

वहीं, विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान से अब तक 70 से अधिक बच्चों को परिवार मिलना इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों को सामने लाता है।

दत्तक ग्रहण का उद्देश्य केवल किसी दंपति को बच्चा उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि बच्चे को प्रेम, सुरक्षा, देखभाल और परिवार का अधिकार दिलाना है। निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से दत्तक ग्रहण करने से बच्चों के संरक्षण और उनके बेहतर भविष्य को सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

भागलपुर में अवैध शराब के कारोबार पर पुलिस का बड़ा एक्शन, बाईपास थाना क्षेत्र में 500 लीटर अर्धनिर्मित देसी शराब बरामद

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दुर्गा पूजा से पहले ‘स्वस्थ युवा, स्वस्थ भागलपुर’ अभियान के तहत पुलिस की छापेमारी; पिस्ता पासी टोला के गड्ढेनुमा नाले से मिली शराब, मौके पर ही किया गया नष्ट

Bhagalpur News: दुर्गा पूजा के मद्देनजर जिले में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में गुरुवार  को बाईपास थाना पुलिस ने पिस्ता पासी टोला में छापेमारी कर करीब 500 लीटर अर्धनिर्मित अवैध देसी शराब बरामद की। पुलिस ने बरामद शराब को मौके पर ही नष्ट कर दिया। यह कार्रवाई वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले में चलाए जा रहे ‘स्वस्थ युवा, स्वस्थ भागलपुर’ अभियान के तहत की गई।

पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को गति मिली है। हालांकि, इस मामले में शराब बनाने और बेचने में शामिल लोगों की पहचान तथा उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।

गुप्त सूचना पर हरकत में आई पुलिस, विशेष टीम ने की छापेमारी

मिली जानकारी के अनुसार, बाईपास थानाध्यक्ष विकास कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि थाना क्षेत्र के पिस्ता पासी टोला में अवैध रूप से देसी शराब बनाने और बेचने का कारोबार किया जा रहा है।

सूचना मिलने के बाद थानाध्यक्ष ने पहले मामले का सत्यापन कराया। इसके बाद उनके नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम ने संबंधित इलाके में पहुंचकर घेराबंदी की और गड्ढेनुमा नाले में छापेमारी की।

छापेमारी के दौरान पुलिस को वहां करीब 500 लीटर अर्धनिर्मित देसी शराब मिली। इसके बाद पुलिस ने बरामद शराब को मौके पर ही नष्ट कर दिया, ताकि उसका अवैध इस्तेमाल नहीं किया जा सके।

इस कार्रवाई में एसआई रामदयाल यादव, एएसआई लक्ष्मी कुमारी सहित बाईपास थाना के अन्य पुलिस जवान शामिल थे।

दुर्गा पूजा को लेकर पुलिस अलर्ट, अवैध शराब के खिलाफ अभियान तेज

दुर्गा पूजा के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए भागलपुर पुलिस विशेष सतर्कता बरत रही है। इसी क्रम में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में अवैध शराब और मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।

बाईपास थानाध्यक्ष विकास कुमार ने बताया कि दुर्गा पूजा को देखते हुए क्षेत्र में अवैध शराब और मादक पदार्थों के खिलाफ सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखना और अवैध कारोबार पर रोक लगाना है।

पुलिस का कहना है कि अवैध शराब के निर्माण और बिक्री से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। ऐसी गतिविधियों की सूचना मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

‘स्वस्थ युवा, स्वस्थ भागलपुर’ अभियान के तहत कार्रवाई

वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘स्वस्थ युवा, स्वस्थ भागलपुर’ अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखने और अवैध शराब व मादक पदार्थों के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस की कार्रवाई को प्रभावी बनाना है।

पिस्ता पासी टोला में हुई छापेमारी इसी अभियान का हिस्सा है। पुलिस की इस कार्रवाई में बड़ी मात्रा में अर्धनिर्मित शराब को नष्ट किया गया है।

हालांकि, अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए केवल बरामदगी ही नहीं, बल्कि इसके निर्माण और बिक्री में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना भी महत्वपूर्ण है।

पुलिस की कार्रवाई के बाद कारोबारियों पर नजर

बाईपास थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस की नजर अवैध शराब के निर्माण और बिक्री से जुड़े संभावित ठिकानों पर बनी हुई है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी से स्पष्ट है कि पुलिस ऐसे मामलों को लेकर सक्रिय है।

अब देखना होगा कि पुलिस की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार पर कितना अंकुश लगता है और इस धंधे में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

रिपोर्ट: बिरेन्द्र कुमार राय

भागलपुर: सिटी एसपी अतुलेश झा ने किया जगदीशपुर थाने का निरीक्षण, लंबित कांडों पर सख्ती; थानाध्यक्ष को दिए 5 बड़े निर्देश

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70 से कम लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन का लक्ष्य, दुर्गा पूजा में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और रात की गश्ती बढ़ाने पर जोर; सिटी एसपी बोले- फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से सुनकर करें त्वरित कार्रवाई

Bhagalpur News: भागलपुर जिले में पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने, अपराध नियंत्रण तथा थानों की कार्यशैली में सुधार लाने के उद्देश्य से पुलिस के वरीय अधिकारी लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को भागलपुर के सिटी एसपी अतुलेश झा ने जगदीशपुर थाने का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाने के अभिलेखों, मालखाना, हाजत, सिरिस्ता शाखा, महिला हेल्प डेस्क और परिसर की साफ-सफाई का जायजा लिया। साथ ही, लंबित कांडों के निष्पादन, अपराध नियंत्रण, दुर्गा पूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और आम लोगों के साथ पुलिस के व्यवहार को लेकर थानाध्यक्ष रामचंद्र सिंह को आवश्यक निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान सिटी एसपी ने थाने में रखे हथियारों और जरूरी दस्तावेजों के रखरखाव की भी जांच की। उन्होंने रजिस्टरों को नियमित रूप से अपडेट रखने और पुलिस व्यवस्था से जुड़े कार्यों में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

लंबित कांडों के निष्पादन पर सिटी एसपी सख्त, अनुसंधानकर्ताओं को दिए निर्देश

निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सिटी एसपी अतुलेश झा ने बताया कि थानों का वार्षिक निरीक्षण पुलिस की नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। इसका उद्देश्य थाने की कार्यप्रणाली की समीक्षा करना और कमियों को दूर कर पुलिस व्यवस्था को बेहतर बनाना है।

उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान थाने के रिकॉर्ड, लंबित कांडों की स्थिति, क्षेत्र में गश्ती व्यवस्था, आम जनता के साथ पुलिस के संबंध और वरीय अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की गई।

सिटी एसपी के अनुसार, जगदीशपुर थाने में फिलहाल 70 से कम मामले लंबित हैं। पुलिस का प्रयास है कि लंबित कांडों की संख्या निर्धारित मानक के अनुरूप रखी जाए। इसके लिए इस माह के अंत तक मामलों को मानक के अनुरूप लाने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने सभी अनुसंधानकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे कांडों का गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान करते हुए उनका जल्द से जल्द निष्पादन सुनिश्चित करें। मामलों के निष्पादन में अनावश्यक देरी न हो और जांच की गुणवत्ता भी बनी रहे, इस पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

दुर्गा पूजा को लेकर अलर्ट मोड में पुलिस, पूजा पंडालों की सुरक्षा पर जोर

आगामी दुर्गा पूजा को देखते हुए सिटी एसपी ने जगदीशपुर थाना क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने का निर्देश दिया। उन्होंने थानाध्यक्ष रामचंद्र सिंह से कहा कि क्षेत्र के सभी पूजा पंडालों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं और असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखी जाए।

त्योहार के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़, आवागमन और शांति व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस को सतर्क रहने की आवश्यकता है। ऐसे में पूजा समितियों के साथ समन्वय, संवेदनशील स्थानों पर निगरानी और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तत्परता बनाए रखने पर जोर दिया गया।

सिटी एसपी के निर्देश का उद्देश्य दुर्गा पूजा के दौरान आम लोगों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना है।

रात की गश्ती बढ़ाएं, वाहन चेकिंग से अपराधियों पर कसें नकेल

अपराध नियंत्रण को लेकर भी सिटी एसपी ने पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने थाना क्षेत्र में रात्रि गश्ती तेज करने और नियमित वाहन चेकिंग अभियान चलाने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस की सक्रियता जरूरी है। क्षेत्र में नियमित गश्ती होने से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने में मदद मिलती है।

थानाध्यक्ष को निर्देश दिया गया कि क्षेत्र की परिस्थितियों के अनुसार पुलिस की निगरानी और गश्ती व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए, ताकि आम लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत हो सके।

थाने आने वाले फरियादियों की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई का निर्देश

सिटी एसपी अतुलेश झा ने पुलिसकर्मियों को आम जनता के साथ बेहतर व्यवहार बनाए रखने की भी हिदायत दी। उन्होंने कहा कि थाने में अपनी शिकायत लेकर आने वाले हर फरियादी की बात विनम्रता और गंभीरता से सुनी जानी चाहिए।

शिकायतों पर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करना पुलिस की जिम्मेदारी है। उन्होंने थानाध्यक्ष को निर्देश दिया कि आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े।

पुलिस और जनता के बीच बेहतर संबंध स्थापित करने के लिए संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। वार्षिक निरीक्षण के दौरान इस पहलू की भी समीक्षा की गई।

‘स्वस्थ युवा, स्वस्थ भागलपुर’ अभियान के तहत नशे के कारोबार पर कार्रवाई

नशे के अवैध कारोबार पर रोक लगाने को लेकर भी सिटी एसपी ने सख्त निर्देश दिए। उन्होंने ‘स्वस्थ युवा, स्वस्थ भागलपुर’ अभियान के तहत अवैध शराब और नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार छापेमारी करने को कहा।

उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि नशे के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए और ऐसे मामलों में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए।

नशे के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण को युवाओं और समाज के हित से जोड़ते हुए पुलिस को इस दिशा में सक्रियता बनाए रखने पर जोर दिया गया।

थानाध्यक्ष रामचंद्र सिंह को मिले ये 5 प्रमुख निर्देश

जगदीशपुर थाने के वार्षिक निरीक्षण के दौरान सिटी एसपी अतुलेश झा ने थानाध्यक्ष रामचंद्र सिंह को मुख्य रूप से पांच निर्देश दिए—

  1. लंबित कांडों का निष्पादन: सभी लंबित मामलों का गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान कर जल्द से जल्द निष्पादन सुनिश्चित करें।
  2. दुर्गा पूजा में सुरक्षा: थाना क्षेत्र के सभी पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखें और असामाजिक तत्वों पर विशेष निगरानी करें।
  3. गश्ती और वाहन चेकिंग: रात्रि गश्ती तेज करें, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें और वाहन चेकिंग अभियान चलाएं।
  4. फरियादियों की शिकायतों पर कार्रवाई: थाने में आने वाले लोगों की समस्याएं गंभीरता से सुनें और नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करें।
  5. नशे के कारोबार पर लगाम: ‘स्वस्थ युवा, स्वस्थ भागलपुर’ अभियान के तहत अवैध शराब और नशीले पदार्थों के कारोबार के खिलाफ लगातार छापेमारी करें।

निरीक्षण में मौजूद रहे पुलिस अधिकारी और जवान

जगदीशपुर थाने के वार्षिक निरीक्षण के दौरान थानाध्यक्ष रामचंद्र सिंह के अलावा थाने के सभी एएसआई, एसआई और पुलिस जवान मौजूद रहे। निरीक्षण के माध्यम से थाने की कार्यप्रणाली, अभिलेखों के रखरखाव, अनुसंधान की स्थिति और कानून-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई।

कुल मिलाकर, सिटी एसपी का यह निरीक्षण लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन, दुर्गा पूजा में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, रात्रि गश्ती बढ़ाने और आम जनता की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब इन निर्देशों का धरातल पर कितना प्रभाव दिखता है, इस पर सबकी नजर रहेगी।

रिपोर्ट: बिरेन्द्र कुमार राय, भागलपुर