बाजार की मांग के अनुसार खेती करने पर जोर, केला-मक्का-मखाना और स्वीट कॉर्न जैसी फसलों को बढ़ावा देने की सलाह; 23 अक्टूबर से सभी प्रखंडों में प्रशिक्षण और कृषि उपादान वितरण कार्यक्रम
Bhagalpur News: किसानों की आय बढ़ाने, खेती को आधुनिक एवं टिकाऊ बनाने और कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से गुरुवार, को भागलपुर में वासंतिक (रबी) महाभियान-2026 के अंतर्गत जिलास्तरीय कर्मशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके साथ ही अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष-2026 एवं महिला किसान दिवस-2026 भी मनाया गया। कार्यक्रम में कृषि एवं संबद्ध विभागों के अधिकारियों, कृषि वैज्ञानिकों, प्रसार कर्मियों और किसानों ने भाग लिया। इस दौरान प्रगतिशील महिला किसानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया तथा किसानों को पारंपरिक खेती के साथ बाजार की मांग के अनुरूप फसलों का चयन करने और जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने की सलाह दी गई।
दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन
जिलास्तरीय कार्यक्रम का उद्घाटन संयुक्त रूप से भागलपुर प्रमंडल के संयुक्त निदेशक (शस्य) श्याम बिहारी सिंह, उप विकास आयुक्त रवि राकेश, डीआरडीए के निदेशक (लेखा) दुर्गा शंकर प्रसाद, निदेशक (एनईपी) अमर कुमार मिश्र, एसडीसी सोनाली शरण और जिला कृषि पदाधिकारी प्रेम शंकर प्रसाद ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में आत्मा, भागलपुर के उप परियोजना निदेशक प्रभात कुमार सिंह ने उपस्थित अधिकारियों, कर्मियों और किसानों का स्वागत किया। इस अवसर पर कृषि क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने किसानों को खेती की नई तकनीकों, कृषि योजनाओं और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग के बारे में जानकारी दी।
चार महिला किसानों को मिला प्रगतिशील महिला किसान सम्मान
महिला किसान दिवस-2026 के अवसर पर कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिला किसानों को सम्मानित किया गया। उप विकास आयुक्त रवि राकेश ने चार प्रगतिशील महिला किसानों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया।
सम्मानित होने वाली महिला किसानों में शामिल हैं:
- संगीता देवी — जगदीशपुर
- स्वर्ण संध्या भारती — सबौर
- रेखा रानी — पीरपैंती
- शीला कुमारी — कहलगांव
इन महिला किसानों ने कृषि एवं उससे जुड़े उद्यमों के माध्यम से अपनी पहचान बनाई है। कार्यक्रम में महिला किसानों के उत्पादों को भी प्रदर्शित किया गया। इसके लिए मशरूम उत्पाद, वर्मी कम्पोस्ट, कतरनी चूड़ा और चावल के स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों के माध्यम से महिला किसानों के कृषि उत्पादों और उद्यमशीलता को सामने लाने का प्रयास किया गया।
22 अक्टूबर से पंचायतों में शुरू होगी कृषि जन कल्याण चौपाल
जिला कृषि विभाग की ओर से रबी मौसम में किसानों तक कृषि योजनाओं और तकनीकी जानकारी को पहुंचाने के लिए कार्यक्रमों की तिथियां भी घोषित की गईं।
भागलपुर जिले में 22 अक्टूबर 2026 से सभी प्रखंडों की सभी पंचायतों में वासंतिक (रबी) कृषि जन कल्याण चौपाल-सह-खेत बचाओ अभियान का आयोजन किया जाएगा।
वहीं, 23 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक जिले के सभी प्रखंडों में प्रखंडस्तरीय प्रशिक्षण-सह-उपादान वितरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। ये कार्यक्रम संबंधित प्रखंड कृषि कार्यालयों में होंगे।
इन कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को रबी फसलों की खेती, कृषि तकनीक और विभागीय योजनाओं से जुड़ी जानकारी देने के साथ कृषि उपादानों के वितरण की व्यवस्था की जाएगी।
बाजार की मांग के अनुसार खेती करें किसान: डीडीसी
उप विकास आयुक्त रवि राकेश ने किसानों और कृषि प्रसार कर्मियों को संबोधित करते हुए कृषि क्षेत्र को देश की अर्थव्यवस्था और विकास की बुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है और देश की सभ्यता के विकास में खेती की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कृषि क्षेत्र में व्यापक बदलाव के बिना उद्योगों के विकास की मजबूत नींव तैयार करना मुश्किल है।
उन्होंने किसानों को बदलते कृषि परिवेश के अनुसार खेती की रणनीति अपनाने की सलाह दी। डीडीसी ने कहा कि किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ केला, मक्का, मखाना और स्वीट कॉर्न जैसी फसलों की संभावनाओं पर भी ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने विशेष रूप से बाजार की मांग को ध्यान में रखकर फसल का चयन करने पर जोर दिया, ताकि किसानों को अपने उत्पादों का बेहतर बाजार मिल सके। इसके साथ ही खेती में जैविक और प्राकृतिक खादों के उचित इस्तेमाल को भी आवश्यक बताया।
प्रत्यक्षण के लिए बीज, जैविक खाद और जैव उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश
भागलपुर प्रमंडल के संयुक्त निदेशक (शस्य) श्याम बिहारी सिंह ने कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मियों को फसल प्रत्यक्षण से जुड़े कार्यों को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि प्रत्यक्षण के लिए आवश्यक कृषि इनपुट की सूची तैयार की जाए और प्रत्येक प्रखंड में एक प्रखंड या सहायक तकनीकी प्रबंधक को इसका नोडल बनाया जाए। संबंधित नोडल अधिकारी प्रत्यक्षण से जुड़े आवश्यक इनपुट की उपलब्धता, वितरण और कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे।
फसल की आवश्यकता के अनुसार प्रत्यक्षण में बीज, जैविक खाद और जैव उर्वरक को शामिल किया जा सकता है। इसका उद्देश्य किसानों को बेहतर कृषि तकनीकों से परिचित कराना और उन्हें उपयोगी कृषि संसाधन उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूत करना है।
संयुक्त निदेशक ने किसान सलाहकारों और कृषि समन्वयकों को यह भी निर्देश दिया कि अधिक से अधिक किसानों के मोबाइल फोन में बिहार कृषि ऐप डाउनलोड कराया जाए, ताकि वे कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी प्राप्त कर सकें।
रासायनिक खाद के अंधाधुंध इस्तेमाल से बचें, प्राकृतिक खेती अपनाएं: जिला कृषि पदाधिकारी
जिला कृषि पदाधिकारी प्रेम शंकर प्रसाद ने किसानों को मिट्टी, पानी और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए प्राकृतिक एवं जैविक खेती की ओर बढ़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि खेत-खलिहान किसानों की पहचान, विरासत और धरोहर हैं। इन प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि किसानों की खुशहाली और कृषि क्षेत्र में हरियाली लाना कृषि विभाग का प्रमुख दायित्व है। इसके लिए अधिकारियों और कर्मियों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करना चाहिए, ताकि भागलपुर कृषि के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना सके।
जिला कृषि पदाधिकारी ने किसानों को सलाह दी कि वे अपनी कुल कृषि भूमि के कम-से-कम एक चौथाई हिस्से में जैविक खेती करने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि रासायनिक खाद और कीटनाशकों के अंधाधुंध इस्तेमाल से मिट्टी, पानी और हवा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
उन्होंने किसानों से प्राकृतिक संसाधनों का समुचित उपयोग करने, जैविक खेती को बढ़ावा देने और मिट्टी के स्वास्थ्य को बनाए रखने की अपील की। उनके अनुसार, खेती में टिकाऊ तरीकों को अपनाना किसानों के अपने स्वास्थ्य और कृषि भूमि की उर्वरता, दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
कृषि वैज्ञानिकों ने दी तकनीकी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र, सबौर की वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अनिता कुमारी तथा बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर की कनीय वैज्ञानिक डॉ. स्नेहा शीखा और डॉ. गायत्री कुमारी ने किसानों एवं अधिकारियों को तकनीकी जानकारी दी।
प्रशिक्षण सत्र में कृषि से जुड़ी वैज्ञानिक जानकारियों को किसानों तक पहुंचाने और खेती में उपयोगी तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में आत्मा, भागलपुर के उप परियोजना निदेशक प्रभात कुमार सिंह, भागलपुर के अनुमंडल कृषि पदाधिकारी रामजीवन सिंह, नवगछिया के अनुमंडल कृषि पदाधिकारी वरुण कुमार, कहलगांव की अनुमंडल कृषि पदाधिकारी डॉ. हेमलता कुमारी, नाबार्ड की जिला विकास प्रबंधक अर्चना प्रिया, जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. अंजली कुमारी सिन्हा, जिला मत्स्य पदाधिकारी प्रसुन कुमार प्रभात सहित कृषि एवं संबद्ध विभागों के पदाधिकारी और विभिन्न स्तरों के कर्मी उपस्थित रहे।
अंत में आत्मा, भागलपुर के उप परियोजना निदेशक प्रभात कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इसके साथ ही कार्यक्रम का समापन हुआ।
| कार्यक्रम | तिथि | स्थान |
|---|---|---|
| कृषि जन कल्याण चौपाल-सह-खेत बचाओ अभियान | 22 अक्टूबर 2026 से | सभी प्रखंडों की सभी पंचायतें |
| रबी प्रशिक्षण-सह-उपादान वितरण कार्यक्रम | 23 से 31 अक्टूबर 2026 | सभी प्रखंड कृषि कार्यालय |


