जाति-धर्म से ऊपर उठकर बिहार के नवनिर्माण की रखी मजबूत नींव, सामाजिक समानता और वंचितों के अधिकारों के लिए डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के योगदान को कांग्रेस नेताओं ने किया याद
Bhagalpur News: बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के अवसर पर भागलपुर में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस अवसर पर कांग्रेस के पूर्व विधायक अजीत शर्मा के आवास स्थित कांग्रेस कैंप कार्यालय में जयंती समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके योगदान को याद किया और उनके विचारों एवं आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
जयंती समारोह के दौरान पूर्व विधायक अजीत शर्मा ने डॉ. श्रीकृष्ण सिंह को बिहार के विकास और सामाजिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. श्रीकृष्ण सिंह ने अपने राजनीतिक जीवन में जाति, धर्म और समुदाय की सीमाओं से ऊपर उठकर सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का प्रयास किया। बिहार के विकास के लिए उनके द्वारा किए गए कार्य और उनकी दूरदर्शी सोच राज्य के इतिहास में हमेशा याद की जाती रहेगी।
सामाजिक समानता और वंचितों के अधिकारों के लिए किया काम
अजीत शर्मा ने कहा कि डॉ. श्रीकृष्ण सिंह का योगदान केवल बिहार के प्रशासनिक और आर्थिक विकास तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने सामाजिक समानता को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की। उनके व्यक्तित्व और कार्यों में समाज के सभी वर्गों को समान अवसर और सम्मान देने की भावना दिखाई देती थी।
उन्होंने देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में दलितों और वंचित वर्गों के पूजा-अर्चना के अधिकार से जुड़े ऐतिहासिक प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि सामाजिक भेदभाव को दूर करने की दिशा में डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की भूमिका महत्वपूर्ण रही। उनके प्रयासों ने समाज में समानता और समरसता के विचार को मजबूती प्रदान की।
डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के आदर्श आज भी प्रासंगिक
पूर्व विधायक अजीत शर्मा ने कहा कि डॉ. श्रीकृष्ण सिंह जैसे महान व्यक्तित्व का योगदान बिहार के इतिहास में सदैव अविस्मरणीय रहेगा। उनके विचार आज भी समाज को एकता, समानता और सद्भाव के रास्ते पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। वर्तमान समय में उनके आदर्शों को अपनाते हुए सामाजिक एकजुटता को मजबूत करना और सभी वर्गों के सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि महापुरुषों की जयंती मनाने का वास्तविक उद्देश्य उनके विचारों और कार्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के जीवन से प्रेरणा लेकर बिहार के विकास, सामाजिक न्याय और आपसी भाईचारे को मजबूत करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए।


