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कोलकाता के दंपति को मिला 11 महीने का बेटा, जिलाधिकारी ने पूरी कराई दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया

परिवार में गूंजी खुशियों की नई किलकारी, कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बालक को सौंपा गया स्थायी रूप से; भागलपुर की विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्था से अब तक 70 से अधिक बच्चों को मिल चुका है नया परिवार

Bhagalpur News:  किसी परिवार के लिए बच्चे का इंतजार कितना भावुक और लंबा हो सकता है, इसका उदाहरण भागलपुर में सामने आया है। करीब पांच वर्षों की प्रतीक्षा के बाद कोलकाता के एक दंपति का परिवार आखिरकार पूरा हो गया। जिलाधिकारी, भागलपुर ने दत्तक ग्रहण की सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 11 महीने के बालक को दंपति को विधिवत स्थायी रूप से सौंप दिया। बच्चे के मिलने से दंपति की खुशियों का ठिकाना नहीं रहा।

यह दत्तक ग्रहण प्रक्रिया केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA), नई दिल्ली के CARINGS पोर्टल के माध्यम से पूरी की गई। पूरी प्रक्रिया दत्तक ग्रहण विनियम, 2022 और किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 के प्रावधानों के अनुरूप संपन्न हुई।

इस अवसर पर दंपति ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि लगभग पांच वर्षों से वे इस पल का इंतजार कर रहे थे। अब बच्चे के उनके जीवन में आने से उनका परिवार पूरा हो गया है।

पांच साल का इंतजार खत्म, घर में आएगी नई खुशियां

बच्चे को गोद लेने की प्रक्रिया केवल कानूनी औपचारिकता नहीं, बल्कि एक बच्चे को सुरक्षित भविष्य और परिवार देने की महत्वपूर्ण पहल है। भागलपुर में पूरी हुई इस प्रक्रिया ने एक दंपति को माता-पिता बनने की खुशी दी है।

जिलाधिकारी द्वारा सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 11 महीने के बालक को स्थायी रूप से दंपति को सौंपा गया। इस प्रक्रिया में निर्धारित कानूनी प्रावधानों और दत्तक ग्रहण संबंधी नियमों का पालन किया गया।

करीब पांच वर्षों तक इंतजार करने के बाद दंपति के जीवन में आए इस बदलाव ने उनके लिए एक नई शुरुआत का रास्ता खोल दिया है। अब बच्चे को परिवार का स्नेह, देखभाल और सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा।

भागलपुर की संस्था से 70 से अधिक बच्चों को मिला नया परिवार

इस अवसर पर जिला बाल संरक्षण इकाई की सहायक निदेशक ने दत्तक ग्रहण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि भागलपुर स्थित विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान से अब तक 70 से अधिक अनाथ एवं परित्यक्त बच्चों को दत्तक ग्रहण के माध्यम से विभिन्न परिवारों को सौंपा जा चुका है।

यह आंकड़ा बच्चों को परिवार और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे प्रयासों को दर्शाता है।

दत्तक ग्रहण की व्यवस्था के तहत पात्र इच्छुक अभिभावक निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी करके बच्चे को अपने परिवार का हिस्सा बना सकते हैं। इसका उद्देश्य बच्चों को संरक्षण, देखभाल, भावनात्मक सुरक्षा और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराना है।

हालांकि, दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत ही पूरी की जाती है। इसमें बच्चे के सर्वोत्तम हित, भावी अभिभावकों की पात्रता और आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं का विशेष ध्यान रखा जाता है।

बच्चे को गोद लेना चाहते हैं? जानिए कहां करना होगा पंजीकरण

जिला प्रशासन की ओर से आम नागरिकों को दत्तक ग्रहण के प्रति जागरूक करते हुए बताया गया कि इच्छुक व्यक्ति निर्धारित सरकारी पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं।

भारत में कानूनी दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) के माध्यम से संचालित होती है। इच्छुक भावी अभिभावक आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध दिशा-निर्देशों के अनुसार आवेदन कर सकते हैं।

दत्तक ग्रहण के लिए पंजीकरण करने वाले इच्छुक अभ्यर्थियों को आवश्यक दस्तावेज तैयार रखने चाहिए।

दत्तक ग्रहण के लिए आवश्यक दस्तावेज

जिला जनसंपर्क कार्यालय की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पंजीकरण के लिए निम्नलिखित दस्तावेज बताए गए हैं:

  1. पैन कार्ड
  2. आधार कार्ड
  3. विवाह प्रमाण-पत्र
  4. चिकित्सा फिटनेस प्रमाण-पत्र
  5. पुलिस सत्यापन प्रमाण-पत्र
  6. आय प्रमाण-पत्र

ध्यान दें कि आवश्यक दस्तावेज और पात्रता संबंधी शर्तें आवेदक की परिस्थिति तथा लागू नियमों के अनुसार अलग हो सकती हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध नवीनतम दिशा-निर्देशों की जांच करना जरूरी है।

कहां करें दत्तक ग्रहण के लिए आवेदन?

दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया के लिए इच्छुक अभिभावक केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण के आधिकारिक पोर्टल पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

आधिकारिक वेबसाइट:

आवेदन से संबंधित जानकारी, पंजीकरण और आवश्यक प्रक्रियाओं के लिए पोर्टल पर दिए गए निर्देशों का पालन करना चाहिए। दत्तक ग्रहण के लिए किसी भी अनधिकृत व्यक्ति या एजेंट के माध्यम से बच्चे को गोद लेने का प्रयास नहीं करना चाहिए। प्रक्रिया निर्धारित कानूनी व्यवस्था के तहत ही पूरी की जानी चाहिए।

बच्चों को परिवार देना, उनके भविष्य को सुरक्षित बनाना

भागलपुर में कोलकाता के दंपति को 11 महीने के बालक का स्थायी दत्तक ग्रहण के तहत सौंपा जाना एक परिवार के लिए नई शुरुआत है। करीब पांच वर्षों की प्रतीक्षा के बाद दंपति को माता-पिता बनने का अवसर मिला है।

वहीं, विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान से अब तक 70 से अधिक बच्चों को परिवार मिलना इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों को सामने लाता है।

दत्तक ग्रहण का उद्देश्य केवल किसी दंपति को बच्चा उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि बच्चे को प्रेम, सुरक्षा, देखभाल और परिवार का अधिकार दिलाना है। निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से दत्तक ग्रहण करने से बच्चों के संरक्षण और उनके बेहतर भविष्य को सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

विजय सिन्हा
विजय सिन्हाhttp://silktvnews.com
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