DM अलंकृता पाण्डेय की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की बैठक में फैसला, गोराडीह के मध्य विद्यालय तरछा में राशि की फर्जी निकासी और सुल्तानगंज के स्कूल में मध्याह्न भोजन में छिपकली मिलने के मामले को प्रशासन ने माना गंभीर
Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर जिले में सरकारी विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना से जुड़ी अनियमितताओं को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मध्याह्न भोजन की राशि की कथित फर्जी निकासी और भोजन में छिपकली मिलने के मामले में संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक और रसोइया के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया है। जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय की अध्यक्षता में गुरुवार को आयोजित जिला स्तरीय चयन एवं अवधि विस्तार समिति की बैठक में इन मामलों की समीक्षा के बाद सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया।
प्रशासन की इस कार्रवाई को सरकारी विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना के संचालन में पारदर्शिता बनाए रखने और बच्चों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने पर जोर दिया गया है।
गोराडीह के मध्य विद्यालय तरछा में राशि की फर्जी निकासी का मामला
बैठक में गोराडीह प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय तरछा में मध्याह्न भोजन योजना से संबंधित राशि की कथित फर्जी निकासी के मामले पर चर्चा की गई।
सरकारी योजनाओं के तहत आवंटित राशि का निर्धारित उद्देश्य के अनुसार उपयोग करना संबंधित विद्यालय के जिम्मेदार पदाधिकारियों की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में राशि की फर्जी निकासी से जुड़े मामले को गंभीरता से लेते हुए समिति ने संबंधित प्रखंड साधन सेवी और विद्यालय के प्रधानाध्यापक या प्रभारी प्रधानाध्यापक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्णय लिया।
इस मामले में प्रशासन का मुख्य उद्देश्य योजना के संचालन में जवाबदेही सुनिश्चित करना और वित्तीय अनियमितताओं पर अंकुश लगाना है।
हालांकि, प्रेस विज्ञप्ति में कथित फर्जी निकासी की राशि, निकासी की अवधि और विस्तृत जांच के निष्कर्षों का उल्लेख नहीं किया गया है।
सुल्तानगंज के स्कूल में मध्याह्न भोजन में मिली थी छिपकली
बैठक में सुल्तानगंज प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय आजादनगर पनसलवा में मध्याह्न भोजन में छिपकली पाए जाने के मामले पर भी विचार-विमर्श किया गया।
विद्यालयों में मध्याह्न भोजन बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण योजना है। ऐसे में भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षित तरीके से भोजन तैयार करने की व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है।
भोजन में छिपकली मिलने की घटना ने विद्यालय में भोजन तैयार करने और उसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने से संबंधित व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए हैं। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित प्रखंड साधन सेवी, प्रधानाध्यापक या प्रभारी प्रधानाध्यापक और रसोइया के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्णय लिया है।
हालांकि, उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि घटना के बाद कितने बच्चों ने भोजन किया था या किसी बच्चे की तबीयत खराब होने की सूचना मिली थी या नहीं।
DM अलंकृता पाण्डेय की अध्यक्षता में हुई बैठक, सर्वसम्मति से फैसला
जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय चयन एवं अवधि विस्तार समिति की बैठक में दोनों मामलों की समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान मध्य विद्यालय तरछा में राशि की कथित फर्जी निकासी और प्राथमिक विद्यालय आजादनगर पनसलवा में मध्याह्न भोजन में छिपकली मिलने के मामले को गंभीरता से लिया गया। इसके बाद समिति ने संबंधित कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया।
बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी सुधीर कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मध्याह्न भोजन), अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM), बैंक सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और योजना की पारदर्शिता पर सवाल
मध्याह्न भोजन योजना का उद्देश्य सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है। इस योजना के प्रभावी संचालन के लिए भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और वित्तीय प्रबंधन पर निगरानी आवश्यक है।
एक ओर राशि की कथित फर्जी निकासी का मामला योजना के वित्तीय प्रबंधन से जुड़ा है, तो दूसरी ओर भोजन में छिपकली मिलने की घटना बच्चों के स्वास्थ्य और भोजन की सुरक्षा से संबंधित गंभीर सवाल खड़े करती है।
ऐसे मामलों में संबंधित कर्मियों की जिम्मेदारी तय करने के साथ-साथ विद्यालयों में नियमित निगरानी, भोजन की गुणवत्ता की जांच और वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है।
जिला प्रशासन के निर्णय के बाद अब संबंधित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
अब आगे क्या होगा?
जिला स्तरीय समिति ने संबंधित प्रखंड साधन सेवी, प्रधानाध्यापक या प्रभारी प्रधानाध्यापक और रसोइया के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। हालांकि, प्रेस विज्ञप्ति में किसी कर्मचारी को तत्काल निलंबित करने, सेवा से हटाने या किसी अन्य विशिष्ट दंड का आदेश जारी होने की जानकारी नहीं दी गई है।
इसलिए फिलहाल यह कहना उचित होगा कि संबंधित कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई का निर्णय लिया गया है, जबकि कार्रवाई का अंतिम स्वरूप और उसका क्रियान्वयन आगे की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
सरकारी विद्यालयों में बच्चों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना तथा योजनाओं की राशि का सही उपयोग सुनिश्चित करना प्रशासन के सामने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। अब इन दोनों मामलों में आगे होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।


