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भागलपुर में दिनदहाड़े बड़ी लूट: पेट्रोल पंप मालिक से 8.10 लाख रुपये लूटे, शाहकुंड-अकबरनगर मुख्य सड़क पर वारदात से सनसनी

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के शाहकुंड थाना क्षेत्र में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। शनिवार को शाहकुंड-अकबरनगर मुख्य सड़क पर सैदपुर और जानीपुर के बीच अज्ञात हथियारबंद अपराधियों ने एक पेट्रोल पंप मालिक को निशाना बनाया और दिनदहाड़े 8 लाख 10 हजार रुपये लूटकर फरार हो गए। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

 रेकी कर रहे थे अपराधी, धक्का मारकर गिराया

​पीड़ित पेट्रोल पंप मालिक मंटू कुमार ने बताया कि वह पंप से कलेक्शन की भारी भरकम नकदी लेकर एसबीआई (SBI) शाहकुंड शाखा में जमा करने जा रहे थे। अपराधियों ने पहले से ही उनकी रेकी की थी।

  • ​पीछा कर रहे थे लुटेरे: दो बाइक पर सवार चार अपराधी लगातार मंटू कुमार का पीछा कर रहे थे।
  • ​वारदात का तरीका: जैसे ही मंटू कुमार सैदपुर और जानीपुर के बीच सुनसान जगह पर पहुँचे, अपराधियों ने उनकी बाइक में जोरदार धक्का मारा, जिससे वह असंतुलित होकर गिर पड़े।
  • ​हथियार के बल पर लूट: मंटू कुमार के गिरते ही एक अपराधी ने हथियार तान दिया और बाइक की डिक्की तोड़कर उसमें रखे 8 लाख 10 हजार रुपये निकाल लिए। इसके बाद चारों अपराधी बाइक से फरार हो गए।

​ सीसीटीवी (CCTV) में कैद हुए अपराधी, पुलिस ने शुरू की छापेमारी

​घटना की सूचना मिलते ही शाहकुंड थाना अध्यक्ष अनिल कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुँचे और मामले की छानबीन शुरू की।

  • ​फुटेज आया सामने: सड़क किनारे लगे सीसीटीवी कैमरों की जाँच में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। फुटेज में साफ दिख रहा है कि दो बाइकों पर सवार अपराधी पेट्रोल पंप मालिक का पीछा कर रहे थे।
  • ​पुलिस की विशेष टीम गठित: विधि व्यवस्था डीएसपी नवनीत कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन कर दिया गया है। अपराधियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

​ सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

​दिनदहाड़े हुई इस बड़ी लूट ने पुलिस की गश्ती और सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है। स्थानीय व्यवसायियों में इस घटना को लेकर काफी आक्रोश है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और लूटी गई राशि बरामद कर ली जाएगी।

​ भागलपुर में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं ने आम जनता और व्यवसायियों की चिंता बढ़ा दी है। अब देखना यह है कि पुलिस सीसीटीवी के आधार पर कब तक इन शातिर लुटेरों को सलाखों के पीछे भेज पाती है।

आईटी सेक्टर में बिहार की लंबी छलांग! मंत्री श्रेयसी सिंह ने अश्विनी वैष्णव से की मुलाकात; बिहार बनेगा पूर्वी भारत का ‘टेक हब’

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Patna News: बिहार अब केवल खेती और श्रम के लिए नहीं, बल्कि हाई-टेक निवेश और आईटी क्रांति के लिए पहचाना जाएगा। शनिवार को बिहार की सूचना प्रावैधिकी (IT) मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह ने नई दिल्ली में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से शिष्टाचार भेंट की। इस बैठक का मुख्य एजेंडा बिहार को पूर्वी भारत के सबसे बड़े ‘टेक हब’ के रूप में स्थापित करना और राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना था।

​ बिहार की नई नीतियों पर टिकी निवेशकों की नजर

​बैठक के दौरान श्रेयसी सिंह ने बिहार सरकार द्वारा हाल ही में लागू की गई क्रांतिकारी नीतियों के बारे में केंद्रीय मंत्री को विस्तार से जानकारी दी। इनमें शामिल हैं:

  • ​Bihar IT Policy 2024: निवेशकों को आकर्षित करने के लिए विशेष रियायतें।
  • ​Bihar GCC Policy 2026: ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स की स्थापना पर जोर।
  • ​Bihar Semiconductor Policy 2026: चिप निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में बिहार को अग्रणी बनाना।

​ गया और पटना में हाई-टेक इंफ्रास्ट्रक्चर की तैयारी

​मंत्री ने राज्य में तकनीकी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार से विशेष सहयोग का अनुरोध किया है:

  1. ​IIT पटना में विस्तार: रिसर्च पार्क और स्टार्टअप इन्क्यूबेशन के दूसरे चरण (Phase-II) की स्थापना।
  2. ​गया IMC: गया स्थित इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण इकाइयों की शुरुआत।
  3. ​AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: बिहार में मेगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेंटर विकसित करने की योजना।

​ निवेश और रोजगार के लिए केंद्र से माँगा ‘बूस्टर डोज’

​श्रेयसी सिंह ने बिहार में आईटी और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बड़े निवेश आकर्षित करने के लिए केंद्र से तीन मुख्य माँगें रखीं:

  • ​निवेश लीड्स: केंद्र सरकार बड़े निवेशकों को बिहार की ओर प्रोत्साहित करे।
  • ​VGF सपोर्ट: व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (Viability Gap Funding) प्रदान करने का आग्रह।
  • ​STPI और NIELIT का विस्तार: राज्य के विभिन्न संभागों में तकनीकी प्रशिक्षण केंद्रों का नेटवर्क बढ़ाना।

​ अश्विनी वैष्णव ने की सराहना, सहयोग का भरोसा

​केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने बिहार की युवा शक्ति और राज्य के तेजी से बदलते तकनीकी परिदृश्य की सराहना की। उन्होंने बिहार को आईटी क्षेत्र में हर संभव तकनीकी और वित्तीय सहयोग देने का आश्वासन दिया। उन्होंने माना कि बिहार के पास एक बड़ा टैलेंट पूल है जो देश की डिजिटल इकोनॉमी में बड़ी भूमिका निभा सकता है।

​ डिजिटल परिवर्तन से बदलेगा बिहार का चेहरा

​मुलाकात के बाद श्रेयसी सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच यह समन्वय बिहार के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि बिहार जल्द ही डिजिटल नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति का केंद्र बनेगा, जिससे राज्य के युवाओं को अपने ही घर में गुणवत्तापूर्ण रोजगार मिलेगा।

​श्रेयसी सिंह की इस सक्रियता से यह साफ है कि बिहार अब आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में निवेश का नया ठिकाना बनने के लिए पूरी तरह तैयार है।

शिक्षा की नई इबारत: गया का कुरमावां बना रोल मॉडल, अब बेटियों के हौसलों से उड़ रहा है पूरा पंचायत

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Patna News: “बदलेगा बिहार, पढ़ेगी बेटी”—यह नारा गया जिले के कोंच प्रखंड अंतर्गत कुरमावां पंचायत में पूरी तरह सच साबित हो रहा है। कभी विकास की दौड़ में पीछे छूट जाने वाला यह इलाका आज अपनी बेटियों की शिक्षा और शत-प्रतिशत स्कूल उपस्थिति के कारण पूरे राज्य के लिए एक मिसाल बन गया है। सरकारी योजनाओं और स्थानीय नेतृत्व के सटीक तालमेल ने इस पंचायत की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल दी है।

 बेटियों के कदमों में सफलता: 100% लड़कियां जा रही हैं स्कूल

​कुरमावां पंचायत में आज शिक्षा की एक नई लहर है। स्थिति यह है कि यहाँ की 100 प्रतिशत लड़कियां नियमित रूप से स्कूल जा रही हैं। शिक्षा के प्रति यह जुनून केवल साक्षरता तक सीमित नहीं है, बल्कि यहाँ की बेटियां अब लड़कों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं।

  • ​सफलता की गूंज: पंचायत की दर्जनों लड़कियां आज सरकारी नौकरियों में अपनी सेवा दे रही हैं।
  • ​विविध क्षेत्र: यहाँ की बेटियां अब वकील बनकर न्याय दिला रही हैं, तो कई अन्य राज्यों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर बड़े कॉरपोरेट घरानों में अपनी पहचान बना रही हैं।

​ सरकारी योजनाओं ने भरे हौसलों के रंग

​इस बदलाव के पीछे बिहार सरकार की दूरदर्शी योजनाओं का बड़ा हाथ है। मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, स्कूलों में मुफ्त यूनिफॉर्म, साइकिल योजना और ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ जैसे अभियानों ने ग्रामीण अभिभावकों की सोच को बदला है। अब बेटियां बोझ नहीं, बल्कि घर का गर्व मानी जा रही हैं।

​ मुखिया उमेश कुमार का विजन: जर्जर गलियों से स्मार्ट क्लासरूम तक

​पंचायत के मुखिया उमेश कुमार के अनुसार, कुछ साल पहले तक यहाँ की स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण थी। बुनियादी ढांचा जर्जर था और लड़कियों को स्कूल भेजना एक बड़ी चुनौती थी। लेकिन सरकार के सहयोग से हुए कार्यों ने सब बदल दिया:

  1. ​आधुनिक बुनियादी ढांचा: स्कूल भवनों का निर्माण और स्मार्ट क्लासरूम की स्थापना ने बच्चों को शिक्षा के प्रति आकर्षित किया।
  2. ​जन संवाद: लगातार अभिभावकों के साथ बैठकें और जागरूकता अभियानों के जरिए शिक्षा के महत्व को घर-घर पहुँचाया गया।
  3. ​सुविधाएं: बेहतर सड़कों और बिजली की उपलब्धता ने सुरक्षित वातावरण तैयार किया।

​ रोजगार और भविष्य की राह

​पंचायत अब केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की ओर भी बढ़ रही है। मुखिया ने बताया कि पंचायत में पॉवर सब-स्टेशन का निर्माण कार्य तेजी पर है। इससे न केवल बिजली की समस्या का स्थायी समाधान होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।

​ कुरमावां पंचायत की यह कहानी साबित करती है कि अगर नेतृत्व में इच्छाशक्ति हो और योजनाओं का क्रियान्वयन सही ढंग से किया जाए, तो सबसे पिछड़ा इलाका भी रोल मॉडल बन सकता है।

​सावधान! थाली में परोसा जा रहा है ‘धीमा जहर’, कृषि मंत्री ने रासायनिक कीटनाशकों के अंधाधुंध इस्तेमाल पर जताई चिंता

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Patna News: फसलों में रासायनिक कीटनाशकों का बढ़ता और अनियंत्रित उपयोग न केवल हमारी सेहत के लिए बल्कि पर्यावरण के लिए भी एक बड़ा खतरा बन गया है। शनिवार को बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने किसानों और आम जनता को आगाह करते हुए कहा कि कीटनाशी अवशेष युक्त खाद्य पदार्थ कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का मुख्य कारण बन रहे हैं।

​ ‘लाल और पीले’ लेबल वाले कीटनाशकों से बचें किसान

​कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की है कि वे बाजार में मिलने वाले अत्यधिक विषैले लाल, पीले और नीले लेबल वाले कीटनाशकों के बजाय हरे त्रिकोण लेबल वाले सुरक्षित विकल्पों का चुनाव करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि:

  • ​अंतिम विकल्प: रासायनिक कीटनाशकों का प्रयोग केवल तभी करें जब फसल बचाने का कोई और रास्ता न बचा हो।
  • ​अनुशंसित मात्रा: कीटनाशकों का उपयोग केवल कृषि विशेषज्ञों द्वारा तय की गई मात्रा में ही करें। अधिक उपयोग से फसलों की गुणवत्ता गिरती है और जहर की मात्रा बढ़ जाती है।

​ जैविक खेती और प्राकृतिक विकल्पों पर जोर

​मंत्री ने किसानों को सलाह दी कि वे रासायनिक जहर के बदले प्रकृति के करीब आएं। उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण वैज्ञानिक और जैविक उपाय सुझाए:

  1. ​जैविक कीटनाशी: नीम का तेल, फफूंदनाशी और जीवाणुनाशी का प्रयोग करें।
  2. ​वैज्ञानिक तकनीक: खेतों में फेरोमोन ट्रैप, लाइट ट्रैप और अवरोधक फसलों (Trap Crops) का इस्तेमाल करें।
  3. ​प्राकृतिक मित्र: खेतों में कीटों के प्राकृतिक शत्रुओं (परभक्षी एवं परजीवी) का संरक्षण करें, जो बिना किसी रसायन के हानिकारक कीटों को खत्म कर देते हैं।

​ सिर्फ सब्जी ही नहीं, दूध-दही भी हो रहे जहरीले

​कृषि मंत्री ने एक चौंकाने वाला तथ्य साझा करते हुए बताया कि कीटनाशकों का प्रभाव केवल अनाज या सब्जियों तक सीमित नहीं है। चारे के माध्यम से यह जहर पशुओं के शरीर में पहुँच रहा है, जिससे दूध, दही और मांस जैसे उत्पादों की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। यह मानव जीवन के लिए एक ‘साइलेंट किलर’ की तरह काम कर रहा है।

​ टिकाऊ खेती से बनेगा स्वस्थ समाज

​उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे फसल चक्र (Crop Rotation) अपनाएं और ऐसी किस्मों का चयन करें जिनमें बीमारियां कम लगती हों। उन्होंने कहा:

​”सुरक्षित, संतुलित और टिकाऊ खेती अपनाकर किसान न केवल अपनी उपज की गुणवत्ता बढ़ा सकते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को एक स्वस्थ समाज भी दे सकते हैं।”

 

सरकार अब एकीकृत कीट-व्याधि प्रबंधन (IPM) को बढ़ावा देने पर फोकस कर रही है ताकि बिहार के खेतों से निकलने वाला अनाज पूरी तरह सुरक्षित और पौष्टिक हो।

बिहार में पोषण अभियान की बड़ी सफलता: 45 लाख से अधिक लाभुकों को मिला ‘टेक होम राशन’, चेहरे की पहचान से रुकी धांधली

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Patna News: बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग ने पूरक पोषाहार योजना के तहत एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। आईसीडीएस (ICDS) निदेशालय के माध्यम से राज्य के 1 लाख 15 हजार 64 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पारदर्शी तरीके से ‘टेक होम राशन’ (THR) का वितरण सुनिश्चित किया गया है। तकनीक के बेहतर तालमेल से जनवरी महीने में ही 45 लाख से अधिक जरूरतमंदों तक सीधा लाभ पहुँचाया गया है।

​ फेस रिकग्निशन सिस्टम: फर्जीवाड़े पर लगा लगाम

​अब आंगनबाड़ी केंद्रों पर राशन का वितरण पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि चेहरा पहचान प्रणाली (FRS) के माध्यम से किया जा रहा है। विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार:

  • ​पंजीकृत लाभार्थी: राज्य में कुल 54 लाख 03 हजार 766 गर्भवती महिलाएं, धात्री माताएं और 6 महीने से 3 वर्ष तक के बच्चे पंजीकृत हैं।
  • ​सत्यापन: इनमें से 53 लाख 82 हजार 471 लाभुकों का चेहरा पहचान प्रणाली के जरिए सफलतापूर्वक सत्यापन किया जा चुका है।
  • ​सफल वितरण: जनवरी महीने में कुल 45 लाख 56 हजार 22 लाभुकों को टीएचआर (THR) का लाभ दिया गया।

​ इन 5 जिलों ने मारी बाजी, सबसे ज्यादा हुआ वितरण

​आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि बिहार के कुछ जिलों ने इस योजना को लागू करने में शानदार प्रदर्शन किया है। सर्वाधिक लाभुकों वाले टॉप 5 जिले इस प्रकार हैं:

  1. ​पूर्वी चंपारण: 2,09,480 लाभुक (राज्य में सबसे आगे)
  2. ​कटिहार: 1,88,853 लाभुक
  3. ​पूर्णिया: 1,58,194 लाभुक
  4. ​पश्चिम चंपारण: 1,54,014 लाभुक
  5. ​गया: 1,53,230 लाभुक

​ तकनीक से आई पारदर्शिता, राष्ट्रीय स्तर पर सराहना

​आईसीडीएस निदेशालय के अधिकारियों का मानना है कि इस नई तकनीक से न केवल वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता आई है, बल्कि फर्जी लाभार्थियों को सिस्टम से बाहर करना भी आसान हो गया है। चेहरे की पहचान (Face Recognition) होने के कारण अब राशन केवल वास्तविक जरूरतमंदों तक ही पहुँच रहा है।

​बिहार सरकार की इस डिजिटल पहल की राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रशंसा हो रही है, जहाँ केंद्र सरकार के ‘पोषण ट्रैकर ऐप’ के साथ तालमेल बिठाकर कुपोषण के खिलाफ लड़ाई को और मजबूत किया जा रहा है।

​ योजना का मुख्य उद्देश्य

​पूरक पोषाहार योजना का प्राथमिक उद्देश्य राज्य में महिलाओं और बच्चों के पोषण स्तर में सुधार करना है। टीएचआर वितरण के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि गर्भवती महिलाओं और नवजातों को उचित कैलोरी और प्रोटीन युक्त आहार मिल सके, जिससे मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी आए।

बिहार में तकनीक के प्रयोग से समाज कल्याण की योजनाओं को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में यह एक क्रांतिकारी कदम साबित हो रहा है।

पटना मरीन ड्राइव बनेगा और भी हरा-भरा: 3 महीने में लगेंगे 1 लाख पौधे, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान

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Patna News: बिहार की राजधानी पटना के मरीन ड्राइव (जेपी गंगा पथ) को पर्यावरण के अनुकूल और सुंदर बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। शनिवार को पटना के होटल ताज सिटी सेंटर में आयोजित “मानव-वन्यजीव: द्वंद से सह-अस्तित्व की ओर” विषय पर आयोजित कार्यशाला में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की कि अगले तीन महीनों के भीतर मरीन ड्राइव पर एक लाख पेड़ लगाए जाएंगे।

​ विकास के साथ पर्यावरण का संतुलन अनिवार्य

​उपमुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार विकास की गति को धीमा किए बिना पर्यावरण को बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि:

  • ​क्षतिपूर्ति पौधारोपण: विकास कार्यों के दौरान यदि कहीं भी पेड़ काटने की मजबूरी होती है, तो उसके बदले अन्य स्थानों पर उससे कहीं अधिक संख्या में पौधे लगाए जाते हैं।
  • ​बढ़ता वन क्षेत्र: बिहार के बंटवारे के समय राज्य में वन क्षेत्र मात्र 6 प्रतिशत था, जो पिछले 20 वर्षों के निरंतर प्रयासों से अब बढ़कर 15 प्रतिशत हो गया है।

​ ईको-टूरिज्म और पटना के लिए नई सौगातें

​बिहार को पर्यटन के मानचित्र पर मजबूती से उभारने के लिए डिप्टी सीएम ने कई महत्वपूर्ण जानकारी साझा की:

  1. ​लव कुश पार्क: वाल्मीकि नगर में करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य पार्क का निर्माण किया जा रहा है।
  2. ​वर्ल्ड क्लास एक्वेरियम: पटना मरीन ड्राइव के पास विश्व स्तरीय एक्वेरियम बनाने की योजना पर काम चल रहा है।
  3. ​वाटर मेट्रो: पटनावासियों को जल्द ही वाटर मेट्रो रेल की सुविधा मिलेगी, जो परिवहन के क्षेत्र में एक नई क्रांति होगी।

​ देसी प्रजातियों के पौधों से सजेगा ‘ग्रीन कॉरिडोर’

​कार्यशाला में मौजूद पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि पटना-डोभी ग्रीन कॉरिडोर के किनारे पीपल, नीम, पाकड़ और जामुन जैसे देसी प्रजातियों के पेड़ लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विदेशी पौधों की तुलना में देसी पेड़ पर्यावरण के लिए अधिक लाभदायक और टिकाऊ होते हैं।

​वहीं, केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री डॉ. राज भूषण चौधरी ने वन्य जीवों के कॉरिडोर संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए जनभागीदारी आवश्यक है।

​ गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति और सर्वे रिपोर्ट का विमोचन

​इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में वाल्मीकि नगर सांसद सुनील कुमार, बक्सर सांसद सुधाकर सिंह और आरा सांसद सुदामा प्रसाद ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान ‘भीमबांध वन्यप्राणी आश्रयणी’ की सर्वे रिपोर्ट का विमोचन भी किया गया।

​कार्यक्रम में पर्यावरण विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, प्रधान मुख्य वन संरक्षक प्रभात कुमार सहित कई विशेषज्ञ और पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे।

​राज्य सरकार की इस पहल से न केवल पटना की आबोहवा सुधरेगी, बल्कि मरीन ड्राइव आने वाले पर्यटकों के लिए यह इलाका अब और भी ज्यादा सुकून भरा और हरियाली से भरपूर होगा।

भूमि माफियाओं की अब खैर नहीं! बिहार में नहीं रुकेगा भूमि सुधार अभियान: विजय कुमार सिन्हा

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Patna News: बिहार के उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भू-माफियाओं और भ्रष्ट अधिकारियों को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। मुंगेर के प्रेक्षा गृह में आयोजित ‘भूमि सुधार जन-कल्याण संवाद’ के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में भूमि सुधार की प्रक्रिया अब एक आंदोलन का रूप ले चुकी है और इसे किसी भी कीमत पर रोका नहीं जाएगा।

​ जमीन विवाद अब कागजों पर नहीं, जमीन पर सुलझेंगे

​उपमुख्यमंत्री ने मुंगेर की ऐतिहासिक धरती से जनता को संबोधित करते हुए कहा कि जमीन का विवाद सिर्फ दो व्यक्तियों का झगड़ा नहीं होता, बल्कि यह पीढ़ियों तक तनाव और दुश्मनी पैदा करता है। उन्होंने संकल्प दोहराया कि:

​”सरकार का लक्ष्य भूमि विवादों को केवल फाइलों में बंद रखना नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर पूरी तरह समाप्त करना है।”

 

​15 हजार से अधिक शिकायतों की डिजिटल मॉनिटरिंग

​विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि ‘जन-कल्याण संवाद’ के माध्यम से सरकार सीधे जनता के द्वार तक पहुँच रही है। अब तक इस कार्यक्रम में 15,000 से अधिक शिकायतें मिली हैं। इन सभी शिकायतों को डिजिटल प्रणाली में दर्ज किया गया है ताकि इनकी नियमित मॉनिटरिंग की जा सके और त्वरित समाधान सुनिश्चित हो।

माफियाओं और भ्रष्ट अधिकारियों को सीधी चेतावनी

​उपमुख्यमंत्री ने भू-माफियाओं को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारी या गरीबों की जमीन पर कब्जा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

  • ​अंचल अधिकारियों (CO) को निर्देश: अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज करें।
  • ​अधिकारियों पर गाज: काम में लापरवाही, भ्रष्टाचार या अनावश्यक देरी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने साफ कहा कि “ईमानदारी का सम्मान होगा, लेकिन भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है।”

​भ्रम फैलाने वालों और हड़ताल की राजनीति पर कड़ा प्रहार

​विपक्ष या कुछ खास तत्वों द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम पर जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग उनके निजी सचिव के नाम पर मनगढ़ंत कहानियां गढ़ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि:

  • ​सरकार किसी के दबाव या बहकावे में निर्णय नहीं लेती।
  • ​सभी फैसले नियम और जनहित के आधार पर ही लिए जाते हैं।
  • ​हड़ताल और तालाबंदी जैसी अराजकता अब बिहार में बर्दाश्त नहीं की जाएगी, क्योंकि इससे जनता का काम प्रभावित होता है।

 विकसित और शांतिपूर्ण बिहार का निर्माण

​संबोधन के अंत में उन्होंने जनता से इस अभियान में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि जब गांवों में भूमि विवाद खत्म होंगे, तभी सामाजिक सौहार्द बढ़ेगा और बिहार विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा। “आने वाली पीढ़ियों को हम एक विवाद-मुक्त और स्वाभिमानी बिहार सौंपना चाहते हैं।”

​कार्यक्रम में ये गणमान्य रहे उपस्थित

​कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर विभाग के प्रधान सचिव  सीके अनिल, प्रमंडलीय आयुक्त  प्रेम सिंह मीणा, डीआईजी राकेश कुमार, एसपी सैयद इमरान मसूद, और प्रभारी जिलाधिकारी मनोज कुमार सहित राजस्व विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और भारी संख्या में आम जन उपस्थित थे।

​उपमुख्यमंत्री के इस कड़े रुख से यह साफ है कि बिहार सरकार अब राजस्व विभाग की व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए मिशन मोड में काम कर रही है।

गर्मियों में रेलवे की बड़ी तैयारी! कोलकाता–योग नगरी ऋषिकेश के बीच स्पेशल ट्रेन चलेगी

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Malda News: गर्मियों के दौरान बढ़ती यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने और बेहतर सुविधा देने के लिए रेलवे ने एक बड़ा फैसला लिया है। कोलकाता और योग नगरी ऋषिकेश के बीच स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही भागलपुर और गांधीधाम के बीच चल रही स्पेशल ट्रेन सेवा को भी जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
रेलवे द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ट्रेन संख्या 04312 योग नगरी ऋषिकेश–कोलकाता स्पेशल प्रत्येक शुक्रवार को 17 अप्रैल 2026 से 10 जुलाई 2026 तक (कुल 13 ट्रिप) रात 22:20 बजे योग नगरी ऋषिकेश से प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन सुबह 08:00 बजे कोलकाता पहुंचेगी।
वहीं, वापसी दिशा में ट्रेन संख्या 04311 कोलकाता–योग नगरी ऋषिकेश स्पेशल प्रत्येक रविवार को 19 अप्रैल 2026 से 12 जुलाई 2026 तक (कुल 13 ट्रिप) दोपहर 13:55 बजे कोलकाता से रवाना होगी और अगले दिन रात 23:30 बजे योग नगरी ऋषिकेश पहुंचेगी।
यह स्पेशल ट्रेन पूर्वी रेलवे के अंतर्गत नैहाटी, बंडेल, बर्द्धमान, दुर्गापुर और आसनसोल जैसे प्रमुख स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी। यात्रियों की सुविधा के लिए इसमें जनरल सेकेंड क्लास, स्लीपर क्लास और एसी कोच की व्यवस्था की गई है।

बुकिंग की जानकारी जल्द:

रेलवे ने बताया है कि इस स्पेशल ट्रेन की बुकिंग तिथि की घोषणा जल्द ही की जाएगी।

भागलपुर–गांधीधाम स्पेशल सेवा जारी:

इसके अलावा, रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 09451/09452 गांधीधाम–भागलपुर–गांधीधाम स्पेशल ट्रेन सेवा को भी जारी रखने का फैसला लिया है।
ट्रेन संख्या 09451 गांधीधाम–भागलपुर स्पेशल 15 मई 2026 से 26 जून 2026 तक प्रत्येक शुक्रवार (कुल 7 ट्रिप) को चलेगी। वहीं, ट्रेन संख्या 09452 भागलपुर–गांधीधाम स्पेशल 18 मई 2026 से 29 जून 2026 तक प्रत्येक सोमवार (कुल 7 ट्रिप) को संचालित होगी।

यात्रियों को बड़ी राहत:

गर्मियों में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह कदम काफी राहत भरा साबित होगा। इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वालों को कंफर्म टिकट मिलने में आसानी होगी और भीड़भाड़ भी कम होगी।

भागलपुर स्टेशन पर यात्रियों को बड़ी सौगात, दूसरी मोबाइल फूड वैन सेवा शुरू

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Bhagalpur News: मालदा मंडल द्वारा यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। भागलपुर रेलवे स्टेशन पर दूसरी मोबाइल फूड वैन (MFV) सेवा का शुभारंभ किया गया है, जिससे यात्रियों को अब और बेहतर खानपान सुविधाएं मिल सकेंगी।
यह पहल मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक कार्तिक सिंह के पर्यवेक्षण में लागू की गई है। रेलवे का उद्देश्य है कि यात्रियों को उनकी यात्रा के दौरान स्वच्छ, गुणवत्तापूर्ण और सुलभ भोजन उपलब्ध कराया जा सके।
इस नई मोबाइल फूड वैन का उद्घाटन रेलवे स्वास्थ्य इकाई, भागलपुर के सहायक मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (ACMS) डॉ. सत्येंद्र कुमार द्वारा किया गया। इस मौके पर स्टेशन निदेशक उत्पल शर्मा, स्टेशन अधीक्षक, वाणिज्य निरीक्षक सहित कई रेल अधिकारी और यात्री भी मौजूद रहे।
रेलवे के अनुसार, यह मोबाइल फूड वैन विशेष रूप से इस तरह डिजाइन की गई है कि यात्रियों को ताजा, साफ-सुथरा और किफायती भोजन आसानी से मिल सके। वैन में स्वच्छता और हाइजीन का विशेष ध्यान रखा गया है, साथ ही आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं ताकि सेवा तेज और प्रभावी हो।
त्योहारों और भीड़भाड़ के समय में इस तरह की सुविधा यात्रियों के लिए काफी लाभदायक साबित होगी। इससे स्टेशन परिसर में खानपान सेवाओं में सुधार आएगा और यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलेगा।
मालदा मंडल की यह पहल स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि रेलवे अपने यात्रियों को बेहतर सुविधा और संतुष्टि प्रदान करने के लिए लगातार प्रयासरत है।

सहरसा–जमालपुर के बीच नई MEMU पैसेंजर ट्रेन शुरू, 7 अप्रैल से नियमित सेवा

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Malda News: मालदा मंडल की ओर से यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सहरसा और जमालपुर के बीच नई मेमू पैसेंजर ट्रेन सेवा शुरू करने का ऐलान किया गया है। यह नई सेवा 7 अप्रैल 2026 से अगले आदेश तक नियमित रूप से संचालित की जाएगी।
रेलवे द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 63398/63397 सहरसा–जमालपुर–सहरसा मेमू पैसेंजर ट्रेन दोनों दिशाओं में तय समय-सारणी और निर्धारित स्टॉपेज के साथ चलेगी। इस नई ट्रेन के शुरू होने से खासकर दैनिक यात्रियों, छात्रों और कामकाजी लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

सुबह सहरसा से प्रस्थान:

ट्रेन संख्या 63398 सहरसा–जमालपुर मेमू पैसेंजर सुबह 05:15 बजे सहरसा से रवाना होगी और परमिनिया हॉल्ट, सोनबरसा कचहरी, सिमरी बख्तियारपुर, मानसी जंक्शन, खगड़िया जंक्शन, सबदलपुर जंक्शन और मुंगेर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रुकते हुए 08:05 बजे जमालपुर पहुंचेगी।

रात में जमालपुर से वापसी:

वापसी में ट्रेन संख्या 63397 जमालपुर–सहरसा मेमू पैसेंजर रात 21:45 बजे जमालपुर से खुलेगी और मुंगेर, खगड़िया, मानसी सहित अन्य स्टेशनों पर ठहराव करते हुए अगली सुबह 01:00 बजे सहरसा पहुंचेगी।

स्पेशल ट्रेन सेवा होगी बंद:

रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल चल रही 05509/05510 सहरसा–जमालपुर मेमू स्पेशल ट्रेन सेवा को 7 अप्रैल 2026 से बंद कर दिया जाएगा और उसकी जगह यह नई नियमित ट्रेन सेवा शुरू होगी।

यात्रियों को होगा लाभ:

इस नई ट्रेन सेवा से कोसी और अंग क्षेत्र के बीच यात्रा और अधिक सुगम हो जाएगी। खासकर ऑफिस जाने वाले, व्यापारियों और छात्रों को समय पर आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी।