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अकाल मृत्यु पर ‘जीवन जागृति सोसाइटी’ का प्रहार: सबौर के बाबूपुर घाट पर की गई बैरिकेडिंग

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Bhagalpur News: गंगा घाटों पर होने वाली डूबने की घटनाओं और अकाल मृत्यु को रोकने के लिए ‘जीवन जागृति सोसाइटी’ ने एक बार फिर मिसाल पेश की है। रविवार को संस्था द्वारा सबौर प्रखंड के बाबूपुर घाट पर बांस की मजबूत बैरिकेडिंग लगाई गई। इस सुरक्षा घेरे को स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि, वार्ड सदस्यों और प्रबुद्ध नागरिकों की मौजूदगी में ग्रामीणों को सुपुर्द किया गया, ताकि भविष्य में कोई भी अनहोनी न हो।

​“गंगा जल की जगह मृत शरीर घर आए, यह पीड़ा बर्दाश्त नहीं”: डॉ. अजय कुमार सिंह

​बैरिकेडिंग का उद्घाटन करते हुए संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार सिंह ने भावुक होते हुए कहा:

​”जब कोई व्यक्ति पुण्य प्राप्ति के लिए गंगा स्नान को निकलता है और घर उसका मृत शरीर पहुँचता है, तो उस परिवार की पीड़ा असहनीय होती है। सरकार त्योहारों पर तो बैरिकेडिंग करती है, लेकिन गंगा स्नान एक साल भर चलने वाला सिलसिला है। हमारी कोशिश है कि हर स्नानार्थी सुरक्षित अपने घर लौटे।”

 

​बचाव के लिए ‘स्थानीय समिति’ का गठन और आत्मनिर्भर पहल

​संस्था ने केवल बैरिकेडिंग ही नहीं की, बल्कि इसकी सुरक्षा के लिए एक ‘बचाव समिति’ भी बनाई है।

  • ​माइकिंग और निगरानी: घाट पर एक स्थानीय व्यक्ति को आर्थिक मदद देकर दुकान खुलवाई जाएगी और उसे एक माइक दिया जाएगा। उसका काम बैरिकेडिंग से छेड़छाड़ करने वालों को रोकना और लोगों को गहरे पानी में जाने से आगाह करना होगा।
  • ​निरंतर अभियान: डॉ. सिंह ने बताया कि 15 दिन पहले बटेश्वर स्थान में बैरिकेडिंग की गई थी और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

​सरकार से अपील: मुआवजे से बेहतर है बचाव पर खर्च

​डॉ. अजय सिंह ने सरकार को सुझाव देते हुए कहा कि बिहार सरकार हर साल डूबने वालों के परिजनों को करोड़ों रुपये मुआवजे के रूप में देती है। यदि उस राशि का एक तिहाई हिस्सा भी घाटों पर सुरक्षा और बैरिकेडिंग के लिए खर्च किया जाए, तो ऐसी त्रासदियों को हमेशा के लिए रोका जा सकता है।

​संस्था के प्रदेश अध्यक्ष का संदेश

​JLNMCH के पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष व संस्था के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतेंद्र कुमार ने कहा कि जीवन जागृति सोसाइटी दुर्घटनाओं को सुनकर भूलती नहीं, बल्कि उन्हें रोकने के लिए ठोस कदम उठाती है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे इस बैरिकेडिंग की रक्षा करें और दूसरों को भी सुरक्षित स्नान के लिए प्रेरित करें।

​ग्रामीणों में उत्साह: “जो सरकार को करना था, वो डॉ. अजय ने किया”

​स्थानीय कमिटी के मुख्य सचेतक नवल कुमार मंडल, गौरी शंकर पोद्दार और बजरंगी यादव ने डॉ. अजय सिंह के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि अब श्रद्धालु बेखौफ होकर इस घाट पर स्नान कर सकेंगे। इससे न केवल लोगों की जान बचेगी, बल्कि सुरक्षित घाट होने से यहाँ श्रद्धालुओं की भीड़ भी बढ़ेगी।

​बचाव समिति के सदस्य:

  • ​नवल कुमार मंडल (वार्ड सदस्य-1)
  • ​डब्लू कुमार (मुखिया प्रतिनिधि)
  • ​गौरी शंकर पोद्दार, बजरंगी यादव, राजेंद्र मंडल और पूर्णजय सिंह।

भागलपुर: ‘थार’ से हो रही थी शराब की तस्करी, पुलिस ने घेराबंदी कर दो तस्करों को दबोचा

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Bhagalpur News: बिहार में शराबबंदी को ठेंगा दिखाकर लग्जरी गाड़ियों से तस्करी करने वाले गिरोह के खिलाफ भागलपुर पुलिस ने कड़ा प्रहार किया है। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देशानुसार चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बरारी थाना पुलिस ने एक महिंद्रा थार (Thar) गाड़ी से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की है। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो शातिर तस्करों को भी रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

​गुप्त सूचना पर बिछाया गया जाल

​पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि झारखंड की ओर से एक सफेद रंग की थार गाड़ी में अवैध शराब की बड़ी खेप भागलपुर लाई जा रही है। सूचना मिलते ही नगर पुलिस अधीक्षक और पुलिस उपाधीक्षक (नगर-01) की निगरानी में बरारी थाना पुलिस ने नौलखा के समीप सघन वाहन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया।

​जैसे ही थार गाड़ी वहाँ पहुँची, पुलिस ने उसे घेराबंदी कर रोक लिया। तलाशी लेने पर गाड़ी के अंदर छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद हुई।

​कौन हैं गिरफ्तार तस्कर?

​पुलिस ने मौके से दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान इस प्रकार हुई है:

  1. ​सौरभ कुमार: पिता- दीपक अग्रवाल, निवासी- शिवपुरी कॉलोनी, थाना- ईशाकचक, भागलपुर।
  2. ​संजीत मंडल: पिता- स्व० अशोक मंडल, निवासी- छोटी खंजरपुर, थाना- जोगसर, भागलपुर।

​बरामदगी की पूरी लिस्ट

​पुलिस ने छापेमारी के दौरान निम्नलिखित सामान बरामद किया है:

  • ​विदेशी शराब: 137 लीटर
  • ​वाहन: 01 महिंद्रा थार (परिवहन में प्रयुक्त)
  • ​नगद राशि: 18,550 रुपये
  • ​मोबाइल फोन: 02
  • ​एटीएम कार्ड: 07
  • ​आधार कार्ड: 02

​छापेमारी टीम में शामिल पुलिसकर्मी

​इस सफल कार्रवाई को बरारी थानाध्यक्ष बिट्टू कुमार कमल के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। टीम में पु०अ०नि० विजय पासवान, सिपाही हरिनारायण गौरव और सिपाही मन्टु कुमार शामिल थे।

​पुलिस की चेतावनी

​पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अब इनके नेटवर्क की तलाश कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि शराब कहाँ से लाई जा रही थी और किसे सप्लाई होनी थी।

भागलपुर पुलिस का ‘विशेष समकालीन अभियान’: 24 घंटे में 37 गिरफ्तार, भारी मात्रा में कैश और शराब बरामद

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) भागलपुर के आदेशानुसार 4 अप्रैल  को पूरे जिले में ‘विशेष समकालीन अभियान’ चलाया गया। इस अभियान के दौरान पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुल 37 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस सक्रियता से आपराधिक तत्वों के बीच हड़कंप का माहौल है।

​ वारंटी और शराब तस्कर पुलिस की रडार पर

​पुलिस विभाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गिरफ्तारी के आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • ​कुल गिरफ्तारी: 37
  • ​विभिन्न कांडों के अभियुक्त: 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
  • ​वारंटी: लंबे समय से फरार चल रहे 14 वारंटियों को पुलिस ने धर दबोचा।
  • ​मद्यनिषेध कार्रवाई: शराब के कारोबार में संलिप्त 04 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।

​बड़ी बरामदगी: नकदी, गाड़ियाँ और मोबाइल जब्त

​अभियान के दौरान केवल गिरफ्तारियां ही नहीं हुईं, बल्कि पुलिस ने भारी मात्रा में अवैध सामान और नकदी भी बरामद की है:

  1. ​नकदी (Cash): छापेमारी के दौरान कुल 1,56,000 रुपये नकद बरामद किए गए।
  2. ​वाहन: पुलिस ने 03 चार पहिया वाहन और 02 बालू लदे ट्रैक्टर जब्त किए हैं।
  3. ​इलेक्ट्रॉनिक्स व दस्तावेज: 09 मोबाइल फोन, 07 एटीएम कार्ड, 02 आधार कार्ड और 01 पैन कार्ड बरामद किया गया।

​शराब माफियाओं पर प्रहार

​बिहार में पूर्ण शराबबंदी को प्रभावी बनाने के लिए इस अभियान के तहत भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की गई:

  • ​विदेशी शराब: 137 लीटर
  • ​देशी शराब: 60 लीटर

​वाहन चेकिंग में वसूला गया भारी जुर्माना

​सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के लिए पुलिस ने सघन वाहन जांच अभियान भी चलाया।

  • ​कुल जांचे गए वाहन: 1015
  • ​कुल शमन राशि (Fine): ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन और संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर कुल 70,500 रुपये का जुर्माना वसूला गया।

​पुलिस का संदेश

​भागलपुर पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि अपराध और अवैध कारोबार के खिलाफ यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

TMBU के इतिहास में नया अध्याय: सामाजिक विज्ञान संकाय स्नातकोत्तर NSS इकाई-1 का प्रथम सात दिवसीय विशेष शिविर शुरू

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Bhagalpur News: तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) के राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तहत एक ऐतिहासिक पहल की गई है। विश्वविद्यालय के प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्त्व विभाग स्थित रवींद्र भवन परिसर में सामाजिक विज्ञान संकाय स्नातकोत्तर NSS इकाई-1 के सात दिवसीय विशेष शिविर का भव्य शुभारंभ हुआ।

​यह आयोजन विश्वविद्यालय के इतिहास में इसलिए स्वर्णिम है क्योंकि पहली बार स्नातकोत्तर (PG) स्तर पर NSS की इकाई द्वारा विशेष शिविर आयोजित किया जा रहा है, जो अब तक केवल महाविद्यालयों तक सीमित था।

​प्रमुख अतिथि और उद्घाटन सत्र

​कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि, TMBU के स्टेट पदाधिकारी डॉ. जैनेंद्र कुमार, प्रभारी विभागाध्यक्ष डॉ. पवन शेखर और कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. उमेश तिवारी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। सत्र की शुरुआत विश्वविद्यालय के कुलगीत और NSS लक्ष्य गीत के साथ हुई।

​वक्ताओं के मुख्य विचार:

  • ​डॉ. जैनेंद्र कुमार (मुख्य अतिथि): “यह प्रशिक्षण शिविर स्वयंसेवकों के व्यक्तित्व में व्यापक परिवर्तन लाएगा। यहाँ से प्रशिक्षित होकर छात्र समाज के जागरूक अग्रदूत बनेंगे और राष्ट्र निर्माण में अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे।”
  • ​डॉ. पवन शेखर (अध्यक्षता): “युवा शक्ति ही राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम है। स्वयंसेवकों का कर्तव्य है कि वे स्वास्थ्य, शिक्षा और संस्कृति के प्रति समाज में जागरूकता पैदा करें।”
  • ​डॉ. उमेश तिवारी (कार्यक्रम पदाधिकारी): उन्होंने यूनिट की अब तक की उपलब्धियों और रचनात्मक कार्यों का विवरण देते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद स्वयंसेवकों ने समाज सेवा का जो आदर्श प्रस्तुत किया है, वह इस यूनिट को विश्वविद्यालय की सर्वश्रेष्ठ इकाई बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

​15 वर्षों का सपना हुआ साकार: डॉ. राहुल कुमार

​NSS के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. राहुल कुमार ने इस अवसर को भावुक और ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा:

​”जब मैंने पदभार ग्रहण किया था, तब स्वयंसेवकों से PG यूनिट की स्थापना का वादा किया था। पिछले 15 वर्षों से कई समन्वयकों ने इसके लिए प्रयास किया, लेकिन आज न केवल यह इकाई फलीभूत हुई है, बल्कि इसे भारत सरकार के क्षेत्रीय निदेशक द्वारा आधिकारिक मान्यता भी प्राप्त हो चुकी है।”

 

​उन्होंने हर्ष व्यक्त किया कि आज NSS के आयोजन अखबारों की सुर्खियां बन रहे हैं, जो संस्था की बढ़ती साख का प्रतीक है।

​शिविर की रूपरेखा और गोद लिया गया गाँव

  • ​अवधि: यह शिविर 11 अप्रैल तक चलेगा।
  • ​प्रतिभागी: सामाजिक विज्ञान संकाय के विभिन्न विभागों के 50 स्वयंसेवक प्रशिक्षण ले रहे हैं।
  • ​दत्तक ग्राम (Adopted Village): इस विशेष शिविर हेतु कंपनी बाग, वार्ड नंबर 13 का चयन ‘पोषित गांव’ के रूप में किया गया है, जहाँ स्वयंसेवक जागरूकता अभियान चलाएंगे।

​द्वितीय सत्र: ‘अंग क्षेत्र का इतिहास और विरासत’

​शिविर के दूसरे सत्र में बौद्धिक विमर्श हुआ। डॉ. पवन शेखर ने “अंग क्षेत्र का इतिहास और उसकी विरासत” विषय पर व्याख्यान दिया।

  • ​उन्होंने स्वयंसेवकों को अपने आसपास की ऐतिहासिक धरोहरों की पहचान करने और उनके संरक्षण के लिए प्रेरित किया।
  • ​उन्होंने पंचायत स्तर पर पुरातात्विक धरोहरों के दस्तावेजीकरण (Documentation) पर जोर दिया ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी संस्कृति से परिचित रह सकें।

​समापन: प्रथम दिवस के द्वितीय सत्र का समापन डॉ. उमेश तिवारी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ। यह शिविर आने वाले सात दिनों तक विभिन्न रचनात्मक और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से छात्रों में सेवा भाव और नेतृत्व क्षमता का विकास करेगा।

भागलपुर में गर्मी का ‘रेड अलर्ट’: लू से निपटने को सदर अस्पताल तैयार, 8 बेड का स्पेशल वार्ड एक्टिव

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Bhagalpur News: बिहार में सूरज के तल्ख तेवर और बढ़ती तपिश ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। इसी गंभीर स्थिति और भविष्य में ‘लू’ (Heat Wave) के खतरों को देखते हुए भागलपुर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। शहर के मॉडल सदर अस्पताल में लू की चपेट में आने वाले मरीजों के लिए एक विशेष 8 बेड का लू वार्ड (Heat Wave Ward) तैयार किया गया है।

​24 घंटे डॉक्टरों की तैनाती और दवाओं का स्टॉक

​मॉडल सदर अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजू कुमार ने बताया कि अस्पताल प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं।

  • ​विशेषज्ञ टीम: लू वार्ड में 24 घंटे डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी सुनिश्चित की गई है।
  • ​दवाइयों की उपलब्धता: मरीजों के लिए ओआरएस (ORS), जरूरी ड्रिप्स और लू के उपचार में काम आने वाली सभी महत्वपूर्ण जीवन रक्षक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक जमा कर लिया गया है।
  • ​सुविधाएं: वार्ड को ठंडा रखने और मरीजों को तुरंत राहत देने के लिए कूलर और पंखों की विशेष व्यवस्था की गई है।

​स्वास्थ्य विभाग की ‘सेफ्टी गाइडलाइन’

​बढ़ते तापमान को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने आम नागरिकों के लिए कुछ जरूरी सलाह जारी की है:

  1. ​दोपहर में सावधानी: सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक बहुत जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें।
  2. ​हाइड्रेशन: शरीर में पानी की कमी न होने दें। ज्यादा से ज्यादा पानी, छाछ और नींबू पानी का सेवन करें।
  3. ​पहनावा: बाहर निकलते समय हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और सिर को ढक कर रखें।

​”हमने सदर अस्पताल में 8 बेड का विशेष लू वार्ड तैयार कर लिया है। यहां दवाइयों और डॉक्टरों की राउंड-द-क्लॉक तैनाती की गई है। आम जनता से अपील है कि वे धूप से बचें, लेकिन यदि किसी को तेज बुखार, सिरदर्द या चक्कर आने जैसी समस्या हो, तो तुरंत अस्पताल आएं।”

— डॉ. राजू कुमार, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, मॉडल सदर अस्पताल

​स्मार्ट सिटी भागलपुर में गर्मी का प्रकोप हर दिन बढ़ रहा है। सदर अस्पताल की यह त्वरित तैयारी राहत देने वाली है, लेकिन डॉक्टरों का मानना है कि ‘बचाव ही सबसे बड़ा इलाज है’। प्रशासन की कोशिश है कि इस बार गर्मी के कारण जिले में कोई अनहोनी न हो।

मानदेय की ‘आंच’ पर रसोइयों का गुस्सा: भागलपुर में हुंकार, मांगे पूरी नहीं हुई तो पटना से दिल्ली तक होगा आंदोलन

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Bhagalpur News: राष्ट्रीय मध्याह्न भोजन रसोइया फ्रंट के बैनर तले रविवार को भागलपुर में रसोइयों की एक विशाल जिला स्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में जिले भर के सरकारी स्कूलों में कार्यरत रसोइयों ने अपनी बदहाली और सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ आवाज बुलंद की। रसोइयों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनके मानदेय और सुरक्षा की मांगों को अनसुना किया गया, तो वे सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

​20 हजार मानदेय का वादा अब तक अधूरा

​बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दा मानदेय वृद्धि का रहा। वक्ताओं ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने अप्रैल महीने से रसोइयों का मानदेय 20,000 रुपये करने की बात कही थी, लेकिन जमीनी स्तर पर यह घोषणा अब तक कागजों में ही सिमटी हुई है।

  • ​न्यूनतम मजदूरी का अभाव: रसोइयों ने बताया कि मौजूदा मानदेय में परिवार का पालन-पोषण करना नामुमकिन हो गया है।
  • ​सामाजिक सुरक्षा की मांग: कार्यस्थल पर सुरक्षा और सेवानिवृत्ति के बाद की सुविधाओं को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई।

​आंदोलन की रणनीति: पटना और दिल्ली घेरने की तैयारी

​बैठक के दौरान रसोइयों की एकजुटता पर जोर देते हुए यह निर्णय लिया गया कि अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। यदि जल्द ही मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो रसोइया फ्रंट के नेतृत्व में पटना और दिल्ली में चरणबद्ध तरीके से विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

​संगठन की एकजुटता और संकल्प

​जिला संयोजक समेत संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने संबोधित करते हुए कहा कि रसोइया शिक्षा व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं, लेकिन उनकी अनदेखी की जा रही है। बैठक के अंत में सभी रसोइयों ने अपने अधिकारों के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष जारी रखने का सामूहिक संकल्प लिया।

​स्मार्ट सिटी में ‘सफेद जहर’ का कहर: मासूमों के भविष्य को निगल रहा है सूखा नशा, सिटी DSP ने दी चेतावनी

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Bhagalpur News: रेशम नगरी भागलपुर में इन दिनों ‘सूखा नशा’ यानी ब्राउन शुगर का कारोबार जड़ें जमा चुका है। स्मार्ट सिटी के नाम से मशहूर यह शहर अब एक डरावनी सामाजिक समस्या की चपेट में है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस जानलेवा लत ने अब मासूम बच्चों और किशोरों के दरवाजों पर दस्तक दे दी है। यह नशा न केवल युवाओं के शरीर को खोखला कर रहा है, बल्कि शहर की कानून व्यवस्था के लिए भी बड़ी चुनौती बन गया है।

​बिना गंध का ‘साइलेंट किलर’: क्यों बढ़ रहा है इसका चलन?

​विशेषज्ञों के अनुसार, ब्राउन शुगर का सबसे खतरनाक पहलू इसका ‘गंधहीन’ होना है। शराब या अन्य नशों की तरह इसमें मुंह से दुर्गंध नहीं आती, जिसके कारण छात्र और युवा इसे आसानी से अपने परिजनों से छिपा लेते हैं।

  • ​एक हफ्ते में लत: महज 7 दिनों का लगातार सेवन किसी को भी इसका गुलाम बना सकता है।
  • ​अपराध का रास्ता: नशे की तलब पूरी करने के लिए पैसे न होने पर युवा चोरी, छिनतई और लूट जैसी वारदातों में शामिल हो रहे हैं।
  • ​व्यवहार में बदलाव: लत लगने के बाद पीड़ित के स्वभाव में चिड़चिड़ापन और नकारात्मकता घर कर लेती है।

​प्रशासन का ‘टू-वे’ प्लान: सप्लाई और डिमांड पर प्रहार

​सिटी डीएसपी अजय कुमार चौधरी ने इस गंभीर मुद्दे पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस दो मोर्चों पर काम कर रही है:

  1. ​सप्लाई चेन पर वार: पुलिस नशा तस्करों और उनके सिंडिकेट की पहचान कर रही है। छापेमारी तेज कर दी गई है ताकि नशे की उपलब्धता को खत्म किया जा सके।
  2. ​डिमांड में कमी: स्कूलों, मोहल्लों और गांवों में जागरूकता अभियान चलाकर बच्चों को इस जहर से दूर रहने की शिक्षा दी जा रही है।

​अभिभावकों से अपील: “सतर्क रहें, संवाद करें”

​सिटी डीएसपी ने जिले के सभी माता-पिता और शिक्षकों से भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि पुलिस अकेले इस जंग को नहीं जीत सकती।

​”अभिभावक अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें। उन्हें पढ़ाई और खेलकूद के लिए प्रेरित करें। अगर आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे या कोई नशा बेचता पाया जाए, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। आपकी एक जानकारी आने वाली पीढ़ी का भविष्य बचा सकती है।”

— अजय कुमार चौधरी, सिटी डीएसपी, भागलपुर

गैस की ‘आंच’ ने छीनी परदेस की रोटी: दिल्ली-चंडीगढ़ से काम-धंधा छोड़ बिहार लौट रहे मजदूर

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Bhagalpur News: कमरतोड़ महंगाई और रसोई गैस के अभूतपूर्व संकट ने प्रवासी मजदूरों के चूल्हे बुझा दिए हैं। दिल्ली, चंडीगढ़ और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में अपनी किस्मत आजमाने गए बिहार के मजदूर अब पलायन को मजबूर हैं। भागलपुर रेलवे स्टेशन पर इन दिनों घर वापसी करने वाले मजदूरों की भारी भीड़ देखी जा रही है, जिनकी आंखों में बड़े शहर का सपना टूटने का दर्द साफ झलक रहा है।

​मजदूरों की व्यथा: 500 रुपये किलो तक पहुंची गैस

​नई दिल्ली के आनंद विहार से गोड्डा जाने वाली गरीब रथ एक्सप्रेस से भागलपुर पहुंचे यात्रियों ने महानगरों के डरावने हालात बयां किए। मजदूरों के अनुसार, जिन इलाकों में वे रह रहे थे, वहां रसोई गैस की कीमत 400 से 500 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।

​”इतनी महंगी गैस खरीद पाना हमारे बस की बात नहीं थी। जितनी हमारी दिहाड़ी नहीं, उससे ज्यादा गैस पर खर्च हो रहा था। भूखे पेट काम करना मुमकिन नहीं था, इसलिए घर लौटना ही बेहतर समझा।”

— मिथुन यादव, सन्हौला (भागलपुर)

 

​पलायन की मुख्य वजहें

​मजदूरों ने वापसी के लिए तीन प्रमुख कारणों को जिम्मेदार ठहराया है:

  1. ​गैस की भारी किल्लत: पैसे होने के बावजूद कई इलाकों में गैस उपलब्ध नहीं है।
  2. ​अत्यधिक कीमतें: ब्लैक मार्केट में गैस के दाम आसमान छू रहे हैं।
  3. ​सीमित आय: वेतन में बढ़ोतरी न होने और खर्च बढ़ने से बचत शून्य हो गई है।

​अब गांव में ही तलाशेंगे रोजगार

​गरीब रथ से लौटे मोहम्मद दुरुल, नूर मोहम्मद, मोहम्मद चांद, अशोक साह, अंसार और मनोज तांती ने एक स्वर में कहा कि परदेस अब रहने लायक नहीं रहा। उन्होंने बताया कि अब वे अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों में ही मजदूरी या छोटा-मोटा काम तलाशेंगे। गैस संकट ने उनकी रोजी-रोटी पर सीधा प्रहार किया है।

​वहीं, मुंगेर के संग्रामपुर निवासी रवि, जो मजबूरी में दिल्ली जा रहे थे, उन्होंने कहा, “अगर वहां गैस नहीं मिली तो लकड़ी और उपले पर खाना बनाकर गुजारा करेंगे, लेकिन पेट पालने के लिए संघर्ष तो करना ही होगा।”

पुलिस की नाक के नीचे ‘व्हाट्सएप’ वाला खेल: भागलपुर पुलिस ने अवैध खनन सिंडिकेट का किया भंडाफोड़, 7 गिरफ्तार

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले की पीरपैंती पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो तकनीक का सहारा लेकर पुलिस को ही चकमा दे रहा था। यह गिरोह व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए पुलिस की गश्ती टीम (Patrolling Party) की पल-पल की लोकेशन ट्रैक करता था और अवैध खनन से लदी गाड़ियों को सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराता था। पुलिस ने इस मामले में 07 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।

​आधी रात को फिल्मी अंदाज में पीछा कर दबोचे गए आरोपी

​घटना की शुरुआत 3 अप्रैल 2026 की रात को हुई। पीरपैंती थाना की पुलिस टीम जब गश्ती पर थी, तो उन्हें महसूस हुआ कि कुछ अज्ञात चार पहिया वाहन लगातार उनका पीछा कर रहे हैं।

  • ​संदेह और कार्रवाई: जब पुलिस ने उन वाहनों को रोकने की कोशिश की, तो वे तेजी से भागने लगे।
  • ​पकड़-धकड़: पुलिस ने हार नहीं मानी और पीछा करते हुए साधु मड़िया फोरलेन रोड (हिरानंद मोड़) के पास संदिग्ध वाहन को घेर लिया।
  • ​चौंकाने वाला खुलासा: वाहन में सवार लोगों से जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उन्होंने स्वीकार किया कि वे व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से पुलिस गश्ती दल की लोकेशन माफियाओं तक पहुँचाते थे, ताकि अवैध खनन वाले वाहन बिना पकड़े जाए निकल सकें।

​मिर्जाचौकी सीमा तक फैला था जाल

​पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने मिर्जाचौकी सीमा क्षेत्र के पास छापेमारी की, जहाँ से एक और वाहन बरामद किया गया। इस दूसरे वाहन में सवार 3 और अपराधियों को हिरासत में लिया गया, जिन्होंने अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।

​जब्ती की सूची (Recovery Details)

​पुलिस ने इस ऑपरेशन के दौरान निम्नलिखित वस्तुएं बरामद की हैं:

  • ​नकद राशि: ₹1,30,500 (एक लाख तीस हजार पांच सौ रुपये)
  • ​वाहन: 01 कार और 01 स्कॉर्पियो
  • ​मोबाइल: 07 स्मार्टफोन (जिनका उपयोग लोकेशन शेयरिंग के लिए होता था)

​गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण

​गिरफ्तार किए गए आरोपियों में भागलपुर, खगड़िया और झारखंड के साहेबगंज जिले के शातिर शामिल हैं:

    1. ​शुभम कुमार (निमगाछी)
    2. ​बजरंगी भगत (गांधी नगर, साहेबगंज, झारखंड)
    3. ​नीतीश कुमार (मरैया, खगड़िया)
    4. ​धर्मदेव पंडित (फौजदारी)
    5. ​अभिषेक कुमार उर्फ चन्दन कुमार यादव (लकड़ाकोल) – इसका पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है।
    6. ​नंदजी यादव (लकड़ाकोल)
    7. ​मो० अहमद रजा (राजगंज)

​अभिषेक कुमार का काला इतिहास: गिरफ्तार अभिषेक कुमार पर पहले से ही पीरपैंती और शिवनारायणपुर थाने में हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर धाराओं में तीन मामले दर्ज हैं।

 

​पुलिस टीम की मुस्तैदी

​इस सफल कार्रवाई को पीरपैंती थानाध्यक्ष पु०नि० पंकज कुमार राउत के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। टीम में पु०अ०नि० अमोद कुमार ठाकुर, खनन पदाधिकारी और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।

​भागलपुर पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया है। पुलिस अब इन व्हाट्सएप ग्रुप्स के एडमिन और अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है जो इस सिंडिकेट का हिस्सा हैं।

खगड़िया: भीषण अगलगी में किसानों की मेहनत खाक, सांसद राजेश वर्मा ने जिलाधिकारी को दिए मुआवजे के कड़े निर्देश

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खगड़िया। एक तरफ प्रकृति की मार और दूसरी तरफ हादसों का कहर—खगड़िया के किसानों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पसराहा और नयागांव में गेहूं की खड़ी फसल में हुई भीषण अगलगी की घटना ने क्षेत्र के किसानों को दाने-दाने को मोहताज कर दिया है। इस त्रासदी पर त्वरित संज्ञान लेते हुए खगड़िया के माननीय सांसद राजेश वर्मा ने जिलाधिकारी और जिला कृषि पदाधिकारी को पत्र लिखकर प्रभावित किसानों को अविलंब उचित मुआवजा देने का कड़ा निर्देश दिया है।

​शॉर्ट सर्किट और पछुआ हवा ने बरपाया कहर

​घटना के अनुसार, खगड़िया लोकसभा के पसराहा स्थित बरहरा बहियार में 3 अप्रैल को खेतों के ऊपर से गुजर रहे हाई टेंशन तार में शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और करीब 25 से 30 बीघा में लगी गेहूं की तैयार फसल जलकर राख हो गई।

​अभी यह जख्म भरा भी नहीं था कि आज परबत्ता थाना क्षेत्र के नयागांव में भी भारी मात्रा में गेहूं की फसल आग की भेंट चढ़ गई। तेज पछुआ हवाओं ने आग को और भड़काने का काम किया, जिससे किसानों का लाखों रुपये का अनाज पल भर में नष्ट हो गया।

​”किसानों का नुकसान सिर्फ फसल का नुकसान नहीं, बल्कि उनके पूरे साल की मेहनत और परिवार की आजीविका का अंत है। प्रशासन को संवेदनशीलता दिखाते हुए जल्द से जल्द क्षति का आकलन कर मुआवजा देना चाहिए।”

— राजेश वर्मा, सांसद, खगड़िया

 

​आर्थिक संकट में किसान: सांसद बने उम्मीद की किरण

​विदित हो कि खगड़िया लोकसभा क्षेत्र के अधिकांश किसान गेहूं और मक्के की खेती पर ही निर्भर हैं। बीते दिनों हुई असमय बारिश और आंधी-तूफान ने पहले ही मक्के की फसल को काफी क्षति पहुँचाई थी। अब रही-सही कसर इस भीषण अग्निकांड ने पूरी कर दी है।

​ऐसी विकट परिस्थिति में किसान अपने जनप्रतिनिधि की ओर आशा भरी नजरों से देख रहे हैं। सांसद राजेश वर्मा ने हमेशा की तरह तत्परता दिखाते हुए स्पष्ट किया है कि वे इस दुःख की घड़ी में किसानों के साथ खड़े हैं और उन्हें हर संभव सरकारी सहायता दिलाकर ही दम लेंगे।