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रोटरी क्लब विक्रमशिला और पिंक का ‘ऑफिशियल क्लब विजिट’: समाज सेवा के संकल्पों के साथ जिलापाल नम्रता का भव्य स्वागत

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Bhagalpur News: भागलपुर शहर के पटल बाबू रोड स्थित रोटरी ऑफिस में शुक्रवार, 3 अप्रैल को रोटरी क्लब विक्रमशिला एवं रोटरी विक्रमशिला पिंक के संयुक्त तत्वावधान में ‘ऑफिशियल क्लब विजिट 2025-26’ का गरिमामयी आयोजन किया गया। इस बैठक में रोटरी की जिलापाल (District Governor) रोटेरियन नम्रता ने शिरकत की और क्लब द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की समीक्षा करते हुए भविष्य के लिए नया मार्गदर्शन दिया।

​अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ से हुआ अतिथियों का अभिनंदन

​कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि जिलापाल रोटेरियन नम्रता के पटना से आगमन के साथ हुई। उनका स्वागत रोटेरियन प्रवीण सिंह कुशवाहा और रोटेरियन सुधा पांडेय ने अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ देकर किया। वहीं, रोटरी विक्रमशिला के चार्टर अध्यक्ष और संगठन निर्माता रोटेरियन प्रवीण सिंह कुशवाहा का स्वागत पिंक क्लब की सचिव तबस्सुम परवेज ने किया। अध्यक्ष सुधा पांडेय द्वारा ‘मीटिंग कॉल टू ऑर्डर’ और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का विधिवत आगाज़ हुआ।

​रोटरी के ‘7 एरिया ऑफ फोकस’ पर जोर

​जिलापाल रोटेरियन नम्रता ने अपने संबोधन में रोटरी के वैश्विक सेवा सिद्धांतों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि रोटरी के 7 एरिया ऑफ फोकस में दुनिया का हर सामाजिक कार्य समाहित है। उन्होंने क्लब की मजबूती के लिए तीन मुख्य स्तंभों पर ध्यान देने की बात कही:

  1. ​मेंबरशिप (Membership): नए सदस्यों को जोड़ना और पुराने सदस्यों को सहेज कर रखना।
  2. ​प्रोजेक्ट्स (Projects): समाज को बेहतर सुविधाएं वापस देना।
  3. ​फाउंडेशन (Foundation): दान के माध्यम से वित्तीय नींव को मजबूत करना ताकि बड़े कार्य किए जा सकें।

​पर्यावरण और ‘रोटरी व्हील’ पर विशेष निर्देश

​जिलापाल ने पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पेड़-बाग लगाने की अपील की। उन्होंने किसी प्रमुख चौराहे पर ‘रोटरी व्हील’ लगवाने का निर्देश दिया, जो रोटरी का सिग्नेचर प्रोजेक्ट है। उन्होंने कहा, “रोटरी व्हील जीवन की निरंतरता का प्रतीक है; हम रहें न रहें, समाज के लिए हमारा काम निरंतर चलते रहना चाहिए।”

​नए सदस्यों का स्वागत और सम्मान

​बैठक के दौरान जिलापाल ने रोटरी विक्रमशिला के नए सदस्य प्रशांत बनर्जी और पिंक क्लब की नई सदस्या लूसी चौधरी को ‘रोटरी पिन’ पहनाकर आधिकारिक सदस्यता दिलाई। अंत में दोनों क्लबों के अध्यक्षों को उपहार भेंट किए गए और जिलापाल को स्मृति चिह्न (मोमेंटो) देकर सम्मानित किया गया। रोटेरियन प्रवीण सिंह कुशवाहा ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया और जिलापाल के मार्गदर्शन को अक्षरशः पूरा करने का भरोसा दिलाया।

सहरसा के किसानों ने आपदा को बनाया अवसर: जलभराव वाली जमीन पर उगाया ‘सफेद सोना’, अब बन रहे लखपति

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Patna News: बिहार के सहरसा जिले का सहसौल गांव आज पूरे राज्य के लिए मिसाल बन गया है। जिस जमीन पर सालों से पानी भरा रहता था और जो किसानों के लिए मुसीबत का सबब थी, आज वही जमीन ‘सफेद सोना’ यानी मखाना उगल रही है। जल-जीवन-हरियाली अभियान के जरिए यहाँ के किसानों ने न सिर्फ अपनी किस्मत बदली है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का एक नया अध्याय भी लिख दिया है।

​पलायन की मजबूरी से लखपति बनने तक का सफर

​सहसौल गांव के किसान गणेश कुमार महतो बताते हैं कि गांव की कई एकड़ जमीन वर्षों से जलमग्न रहती थी। किसान चाहकर भी धान या गेहूं की पारंपरिक खेती नहीं कर पाते थे। इस मजबूरी के कारण लोग या तो गांव से पलायन कर रहे थे या दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर थे। लेकिन ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं और जल-जीवन-हरियाली अभियान ने उनकी सोच बदल दी। मनरेगा के सहयोग से खराब पड़ी जमीन को पोखरों में तब्दील किया गया और मखाने की खेती शुरू की गई।

​कम लागत में तीन गुना मुनाफा

​मखाने की खेती इन किसानों के लिए घाटे का सौदा नहीं, बल्कि जैकपॉट साबित हो रही है। गणेश महतो के अनुसार, एक एकड़ में मखाने की खेती पर अधिकतम 15 हजार रुपये का खर्च आता है, जबकि इससे होने वाली आमदनी 50 हजार रुपये से भी अधिक है। बाजार में मखाने की कीमत 600 से 1200 रुपये प्रति किलो तक आसानी से मिल जाती है। आज गांव के 19 किसान इस मॉडल को अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर चुके हैं।

​पर्यावरण संतुलन और स्वरोजगार की नई राह

​इस पहल से न केवल किसानों की जेब भरी है, बल्कि गांव में नए तालाबों और पोखरों का सृजन हुआ है। यह जल संचयन और पर्यावरण संतुलन के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। पलायन कर चुके युवा अब वापस लौटकर अपने ही गांव में मखाना उद्योग से जुड़ रहे हैं। सरकार भी मखाना विकास योजना के तहत उन्नत बीजों और टूल किट पर भारी अनुदान दे रही है, जिससे इस क्षेत्र में क्रांति आ गई है।

​मंत्री का बयान: वैश्विक पहचान बना रहा बिहार का मखाना

​ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि मखाना की खेती ग्रामीण आत्मनिर्भरता का प्रमुख जरिया बन गई है। सरकार के सहयोग से बिहार का मखाना अब वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। उन्नत तकनीक और अनुदान के जरिए किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य तेजी से पूरा हो रहा है।

बिहार बना ‘लाइट-कैमरा-एक्शन’ का नया हब: फिल्म नीति का दिखा जादू, एक साथ 45 प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू

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Patna News: बिहार की धरती अब सिर्फ अपनी ऐतिहासिक विरासत के लिए ही नहीं, बल्कि सिनेमाई चकाचौंध के लिए भी दुनिया भर के फिल्ममेकर्स को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। राज्य सरकार की नई ‘बिहार फिल्म प्रोत्साहन नीति’ का असर धरातल पर दिखने लगा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, बिहार में एक साथ 45 फिल्म प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है, जो राज्य में रोजगार और पर्यटन के नए द्वार खोल रहे हैं।

​विभिन्न भाषाओं के प्रोजेक्ट्स को सरकार दे रही प्रोत्साहन

​बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम लिमिटेड द्वारा वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए जारी सूची ने सबको चौंका दिया है। इन 45 प्रोजेक्ट्स में विविधता का खास ख्याल रखा गया है। सूची के अनुसार:

  • ​22 हिंदी फिल्में
  • ​19 भोजपुरी फिल्में
  • ​1 मगही, 1 अंग्रेजी-भोजपुरी और 1 हिंदी-मैथिली फिल्म इसमें 38 फीचर फिल्में, 6 डॉक्यूमेंट्री और 1 दिलचस्प वेब सीरीज भी शामिल है। यह बिहार की भाषाई समृद्धि को वैश्विक पटल पर लाने की एक बड़ी कोशिश है।

​जुलाई से अब तक 39 फिल्मों की शूटिंग पूरी

​बिहार में फिल्म निर्माण की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जुलाई 2024 से अब तक 39 फिल्मों की शूटिंग सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है। बाकी बचे प्रोजेक्ट्स पर काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। सरकार की ओर से निर्माताओं को भारी सब्सिडी, सिंगल विंडो क्लीयरेंस और प्रशासनिक सहयोग दिया जा रहा है, जिससे बाहरी फिल्ममेकर्स के लिए बिहार में काम करना अब बेहद आसान हो गया है।

​इन प्रमुख फिल्मों से गुलजार है बिहार

​शूटिंग की कतार में कई बड़े नाम शामिल हैं, जिनमें संघतिया, द लॉन्ग जर्नी होम, बिहार का जलवा, सुहागिन के सेनुर, लाइफ लीला, चंपारण सत्याग्रह, बोध गया का महाबोधि मंदिर, और मिस बिहार जैसी फिल्में प्रमुख हैं। इसके अलावा अखंड भेदम, जय मईया शारदा भवानी और डिजिटल युग का संस्कार जैसे प्रोजेक्ट्स भी बिहार की मिट्टी की कहानियों को पर्दे पर उतार रहे हैं।

​राजगीर से चंपारण तक सज रही लोकेशन

​फिल्मों की शूटिंग के लिए बिहार के ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों को प्रमुखता दी जा रही है। राजगीर की वादियाँ, बोधगया की शांति, पटना की आधुनिकता, मुंगेर के किले और चंपारण की ऐतिहासिक धरती अब फिल्मी पर्दों पर अपनी खूबसूरती बिखेरेंगी। इन लोकेशनों के माध्यम से बिहार की धरोहर और धार्मिक महत्व को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल रही है।

बिहार में गर्मी का कहर: आंगनबाड़ी केंद्रों के समय में बड़ा बदलाव, अब सुबह 7:30 बजे से खुलेंगे केंद्र

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Patna News: बिहार में सूर्य देव के तल्ख तेवरों और बढ़ती तपिश ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। बच्चों और गर्भवती महिलाओं को लू की चपेट से बचाने के लिए समाज कल्याण विभाग ने राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में तत्काल प्रभाव से बदलाव करने का निर्णय लिया है।

​नया समय: सुबह 7:30 से 11:30 बजे तक

​भीषण गर्मी और दोपहर की चिलचिलाती धूप को देखते हुए अब सभी आंगनबाड़ी केंद्र सुबह 7:30 बजे से दोपहर 11:30 बजे तक ही संचालित होंगे। विभाग का मुख्य उद्देश्य छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को दोपहर की जानलेवा उमस और धूप से सुरक्षित रखना है। दोपहर होने से पहले ही केंद्रों की छुट्टी हो जाएगी, जिससे बच्चे सुरक्षित अपने घर पहुँच सकें।

​लापरवाही पर गिरेगी गाज: सेविका-सहायिकाओं को सख्त चेतावनी

​समाज कल्याण विभाग ने स्पष्ट किया है कि गर्मी के मौसम में पोषाहार वितरण (Nutrition Distribution) में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई सेविका या सहायिका ड्यूटी में लापरवाही बरतती है या पोषाहार की गुणवत्ता और वितरण में अनियमितता पाई जाती है, तो उन पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने निर्देश दिया है कि पोषण वाटिका और अन्य प्री-स्कूल गतिविधियां नए समय के अनुसार ही सुचारू रूप से चलाई जाएं।

​जिलाधिकारियों (DM) को मिला विशेष अधिकार

​विभाग ने यह भी साफ कर दिया है कि यदि आने वाले दिनों में गर्मी की तीव्रता और अधिक बढ़ती है, तो संबंधित जिलों के जिला मजिस्ट्रेट (DM) अपने स्तर पर समय में और बदलाव करने या केंद्रों को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय ले सकते हैं। सभी डीएम को स्थिति की निरंतर निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।

​अभिभावकों के लिए जरूरी सलाह

​प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे नए समय के अनुसार ही बच्चों को केंद्र भेजें। साथ ही, बच्चों को हल्के सूती कपड़े पहनाने, पर्याप्त पानी पिलाने और दोपहर के समय उन्हें घर के अंदर ही रखने की सलाह दी गई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि वे समय पर केंद्र पहुँचकर स्वास्थ्य जांच और प्री-स्कूल शिक्षा जैसी गतिविधियां समय सीमा के भीतर पूरी करें।

भागलपुर पुलिस का ‘एक्शन’ मोड: कहलगांव में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को महज 3 घंटे में दबोचा

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Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ कहलगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म की शर्मनाक घटना को अंजाम दिया गया। हालांकि, पुलिस ने इस संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी (विधि विरुद्ध बालक) को घटना के मात्र 3 घंटे के भीतर ही निरूद्ध कर अपनी सतर्कता का परिचय दिया है।

​कपिल बगीचा के पास घटी वारदात

​प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, दिनांक 01 अप्रैल 2026 को वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) भागलपुर को सूचना मिली कि कहलगांव थानांतर्गत LCT घाट वार्ड नंबर 05 के समीप स्थित कपिल बगीचा में एक नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म की घटना घटित हुई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग तुरंत हरकत में आ गया।

​पीडिता की मां के आवेदन पर FIR दर्ज

​सूचना के सत्यापन हेतु कहलगांव थानाध्यक्ष सशस्त्र बल के साथ मौके पर पहुँचे और आवश्यक पूछताछ की, जिसमें घटना की सत्यता की पुष्टि हुई। इसके बाद पीड़िता की मां द्वारा दिए गए लिखित आवेदन के आधार पर कहलगांव थाना कांड संख्या 131/2026 दर्ज की गई।

​विशेष टीम का गठन और त्वरित कार्रवाई

​एसएसपी भागलपुर के निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम और एफएसएल (FSL) टीम का गठन किया गया। इस टीम ने तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जाल बिछाया और महज 3 घंटे के अंदर आरोपी को धर-दबोचा।

​साक्ष्य के तौर पर कपड़े बरामद

​पुलिस ने आरोपी के पास से अपराध कारित करते समय पहने हुए कपड़े और अन्य साक्ष्य बरामद किए हैं, जिन्हें एफएसएल टीम द्वारा जब्त कर लिया गया है। इस कार्रवाई में कहलगांव थानाध्यक्ष श्यामला कुमार, पु०अ०नि० रविन्द्र कुमार, मुकलेश कुमार राम और अनुप्रिया सहित सशस्त्र बल की अहम भूमिका रही।

​रिपोर्ट: आलोक कुमार झा, भागलपुर

भागलपुर में ‘अग्निपरीक्षा’ शुरू: अप्रैल की शुरुआत में ही सूर्य देव के तीखे तेवर, सड़कों पर सन्नाटा और बढ़ी बेचैनी

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Bhagalpur News: मार्च की विदाई के साथ ही मौसम के मिजाज ने करवट बदल ली है। अप्रैल महीने का पहला सप्ताह शुरू होते ही भागलपुर और आस-पास के इलाकों में भीषण गर्मी ने दस्तक दे दी है। सुबह की गुनगुनी धूप अब दोपहर होते-होते ‘आग की लपटों’ जैसा अहसास करा रही है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होने लगा है।

​दोपहर में ‘कर्फ्यू’ जैसा मंजर

​आलम यह है कि सुबह 10 बजते ही सूरज की किरणें चुभने लगती हैं। दोपहर 12 से 3 बजे के बीच तापमान में हो रही बेतहाशा वृद्धि के कारण मुख्य सड़कों और बाजारों में सन्नाटा पसरने लगा है। लोग बहुत जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। बढ़ते पारे ने राहगीरों और बाइक सवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

​बचाव के लिए ‘देसी’ जुगाड़ का सहारा

​भीषण लू और तपिश से बचने के लिए लोग अब पारंपरिक सुरक्षा उपायों की ओर लौट रहे हैं। सड़कों पर चलने वाले मजदूर, रिक्शा चालक और राहगीर अपने सिर को तौलिया या गमछे से ढंककर धूप से बचते नजर आ रहे हैं। वहीं, महिलाएं और छात्र छाते का सहारा ले रहे हैं। इसके साथ ही, गन्ने का रस, बेल का शरबत और सत्तू जैसे ठंडे पेय पदार्थों की दुकानों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ने लगी है।

​बाजारों की बदली रौनक

​गर्मी का सीधा असर स्थानीय व्यापार पर भी दिख रहा है। दोपहर के वक्त बाजारों में ग्राहकों की संख्या नगण्य हो जाती है, जिससे दुकानदार भी परेशान हैं। हालांकि, शाम ढलते ही जैसे ही तापमान में थोड़ी गिरावट आती है, बाजारों में रौनक फिर से लौट आती है। लोग शाम के समय ही खरीदारी और जरूरी कामकाज निपटाना पसंद कर रहे हैं।

​आने वाले दिनों के लिए अलर्ट

​मौसम विभाग और जानकारों का मानना है कि अप्रैल की शुरुआत में गर्मी का यह रूप केवल एक संकेत है। आने वाले दिनों में लू (Loo) का प्रकोप और बढ़ सकता है, जिससे तापमान रिकॉर्ड स्तर तक पहुँचने की संभावना है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि लोग अधिक से अधिक पानी पिएं और सीधी धूप के संपर्क में आने से बचें।

​रिपोर्ट: आलोक कुमार झा, भागलपुर

​भागलपुर में भीषण सड़क हादसा: टक्कर के बाद धू-धू कर जले दो ट्रक, चालक की हालत नाजुक

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Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। नवगछिया पुलिस जिला अंतर्गत खरीक थाना क्षेत्र के खरीक चौक के पास दो ट्रकों के बीच हुई सीधी भिड़ंत के बाद भीषण आग लग गई। इस हादसे में दोनों वाहन पूरी तरह जलकर राख हो गए और एक चालक मौत से जंग लड़ रहा है।

​आमने-सामने की टक्कर और फिर अग्नि तांडव

​प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गिट्टी से लदा एक तेज रफ्तार ट्रक भागलपुर से खगड़िया की ओर जा रहा था। इसी दौरान खरीक चौक के समीप विपरीत दिशा से आ रहे एक मिनी ट्रक के साथ उसकी आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि इंजनों के टकराते ही जोर का धमाका हुआ और चंद सेकंडों में ही दोनों वाहनों ने आग पकड़ ली।

​विकराल आग की चपेट में आए दोनों वाहन

​हादसे के तुरंत बाद आग की लपटों ने विकराल रूप ले लिया। देखते ही देखते दोनों ट्रक आग का गोला बन गए। घटना स्थल पर मौजूद लोग चाहकर भी वाहनों के पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। आग की भीषण लपटों के कारण घंटों तक नवगछिया-खगड़िया मार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। जब तक आग पर काबू पाया जाता, तब तक दोनों वाहन लोहे के कंकाल में तब्दील हो चुके थे।

​गंभीर रूप से झुलसा ट्रक चालक

​इस भीषण अग्निकांड में ट्रक का चालक केबिन के अंदर ही फंस गया था। हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर साहस दिखाया और चालक को जलते हुए ट्रक से बाहर निकाला। चालक काफी गंभीर रूप से झुलस गया है, जिसे आनन-फानन में इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

​दो घंटे तक लगा रहा महाजाम

​हादसे और आगजनी के कारण एनएच-31 पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब दो घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। घटना की सूचना मिलते ही खरीक थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुँची। पुलिस ने क्रेन की मदद से जले हुए वाहनों को सड़क से हटवाया और कड़ी मशक्कत के बाद जाम खुलवाकर यातायात बहाल कराया।

​प्रत्यक्षदर्शी की जुबानी

​मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी मिथुन ने बताया, “गिट्टी वाला ट्रक काफी तेज रफ्तार में था। टक्कर के तुरंत बाद ही चिंगारी निकली और आग लग गई। सब कुछ इतनी जल्दी हुआ कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला।”

​रिपोर्ट: आलोक कुमार झा, भागलपुर

भागलपुर में बाबू वीर कुंवर सिंह विजयोत्सव की तैयारी तेज, 23 अप्रैल को भव्य आयोजन का ऐलान

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Bhagalpur News: स्वाधीनता संग्राम के महानायक बाबू वीर कुंवर सिंह की शौर्य गाथा को समर्पित ‘विजयोत्सव समारोह 2026’ इस बार ऐतिहासिक होने जा रहा है। भागलपुर के स्थानीय पर्ल पैलेस में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में इस भव्य आयोजन की रूपरेखा तैयार की गई, जिसमें राजनीति और समाज के कई दिग्गज चेहरों के शामिल होने की पुष्टि हुई है।

​23 अप्रैल को विजयोत्सव का भव्य शंखनाद

​डॉ. संजय सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 23 अप्रैल को बाबू वीर कुंवर सिंह विजयोत्सव समारोह को अभूतपूर्व तरीके से मनाया जाएगा। कार्यक्रम संयोजक डॉ. राजीव सिंह ने कार्यक्रम का खाका पेश करते हुए बताया कि आयोजन को भव्य बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

​दिग्गज अतिथियों का लगेगा जमावड़ा

​इस वर्ष के समारोह के मुख्य आकर्षण उत्तर प्रदेश के कद्दावर नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह होंगे। उनके साथ ही जौनपुर के पूर्व सांसद और ‘क्षत्रिय सम्राट’ कहे जाने वाले धनंजय सिंह सहित दर्जनों अन्य गणमान्य क्षत्रिय विभूतियाँ इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगी। अतिथियों का संबोधन टाउन हॉल में होगा, जहाँ वे वीर कुंवर सिंह के योगदान और राष्ट्रवाद पर अपने विचार साझा करेंगे।

​शोभा यात्रा और सम्मान समारोह

​विजयोत्सव के दिन शहर में एक विशाल शोभा यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा बाबू वीर कुंवर सिंह चौक से शुरू होकर तिलकामांझी चौक और आदमपुर चौक होते हुए पूरे शहर का भ्रमण करेगी और अंत में टाउन हॉल में एक विशाल जनसभा में तब्दील हो जाएगी।

​इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को ‘वीर कुंवर सिंह सम्मान’ से नवाजा जाएगा। इसके लिए भागलपुर शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा बांका, नवगछिया, मुंगेर, जमुई, सहरसा, पूर्णिया और कटिहार जैसे जिलों में सघन जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।

​समिति का गठन और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां

​समारोह के सफल संचालन के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है, जिसमें निम्नलिखित प्रमुख दायित्व सौंपे गए हैं:

  • ​कोषाध्यक्ष: रंजीत सिंह (सह-कोषाध्यक्ष: रौशन कृष्ण सिंह)
  • ​शोभा यात्रा प्रभारी: कुणाल सिंह (सह-प्रभारी: मोहित सिंह गप्पू, सोनू सिंह)
  • ​सोशल मीडिया प्रभारी: रोहित कुमार
  • ​मीडिया प्रभारी: साकेत तोमर एवं गोल्डन तोमर
  • ​आमंत्रण प्रभारी: राजेश सिंह, राहुल तोमर, रजनीश सिंह
  • ​साज-सज्जा प्रभारी: साकेत सिंह, शोणित सिंह
  • ​भोजन व्यवस्था प्रभारी: शैलेश सिंह, चंदन सिंह, ध्रुव सिंह

​अगली बैठक 5 अप्रैल को

​तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए विजयोत्सव की अगली बैठक 5 अप्रैल 2026 (रविवार) को पुनः पर्ल पैलेस के प्रांगण में आयोजित की जाएगी। आज की बैठक में डॉ. अभय सिंह, श्वेता सिंह, शिक्षाविद् अंशु सिंह, चन्दन सिंह, राजन सिंह सहित सैकड़ों गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

कहलगांव में नशे का कहर: ब्राउन शुगर की लत ने युवाओं को बनाया चोर, लहसुन तक सुरक्षित नहीं

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के कहलगांव प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत ओगरी से एक चिंताजनक और सामाजिक रूप से गंभीर मामला सामने आया है, जहां ब्राउन शुगर की लत ने युवाओं को अपराध की राह पर धकेल दिया है। स्थिति इतनी भयावह हो गई है कि नशे के आदी युवक अब अपनी लत पूरी करने के लिए लहसुन जैसी मामूली चीजों की चोरी करने पर मजबूर हो गए हैं।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पिछले कुछ समय से पंचायत क्षेत्र में नशाखोरी का प्रचलन तेजी से बढ़ा है। खासकर युवाओं के बीच ब्राउन शुगर का सेवन एक खतरनाक ट्रेंड बनता जा रहा है। नशे की लत इतनी गहरी हो चुकी है कि पैसे के अभाव में युवक खेतों और घरों से लहसुन चुराकर उसे बेचते हैं या सीधे नशे के बदले में इस्तेमाल करते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि रात के अंधेरे में खेतों में लगी लहसुन की फसल को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। कई किसानों ने शिकायत की है कि उनकी मेहनत की फसल लगातार चोरी हो रही है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। वहीं, कुछ घरों से भी लहसुन गायब होने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे लोगों में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है।
इस पूरे मामले ने प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में खुलेआम नशे का कारोबार चल रहा है, लेकिन उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। यदि समय रहते इस पर लगाम नहीं लगाई गई, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती है।
समाज के जागरूक लोगों ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन से मांग की है कि नशे के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जाए, साथ ही युवाओं के पुनर्वास और जागरूकता के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
यह घटना सिर्फ एक पंचायत की नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है कि नशा किस तरह युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर रहा है और उन्हें अपराध की ओर धकेल रहा है।

नवगछिया में भीषण सड़क हादसा: बैंक कर्मी महिला की मौके पर दर्दनाक मौत, आक्रोशित लोगों ने किया सड़क जाम

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Bhagalpur News:  भागलपुर जिले के नवगछिया पुलिस जिला अंतर्गत श्रीपुर पेट्रोल पंप के समीप गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक बैंक कर्मी महिला की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी और आक्रोश का माहौल बन गया। मृतका की पहचान सपना कुमारी के रूप में हुई है, जो नवगछिया के हरनाथचक की निवासी थीं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सपना कुमारी उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक में कार्यरत थीं और हाल ही में मधेपुरा जिले के कलासन शाखा में उनकी पोस्टिंग हुई थी। शुक्रवार को वह स्कूटी से कहीं जा रही थीं, तभी श्रीपुर पेट्रोल पंप के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। बताया जा रहा है कि ट्रक रॉन्ग साइड से आ रहा था, जिससे हादसा और भी भयावह हो गया।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सपना कुमारी सड़क पर गिर गईं और ट्रक का पहिया उनके ऊपर से गुजर गया, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई और गुस्साए लोगों ने ट्रक को पकड़ लिया, हालांकि चालक मौके से फरार होने में सफल रहा।
हादसे से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने मुआवजे और आरोपी चालक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कदवा फोर लेन और एसएच-58 को जाम कर दिया। सड़क जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर जाम हटवाया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार ट्रक चालक की तलाश शुरू कर दी गई है।
इस हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।