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भागलपुर में छठ के बाद जुटेंगे बिहार के NET-JRF अभ्यर्थी और शोधार्थी, 9,560 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों पर नियमित बहाली की उठेगी मांग

 API व्यवस्था खत्म करने, NET उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए राज्य स्तरीय फेलोशिप और शोधार्थियों को हॉस्टल व HRA देने समेत 9 मांगों को लेकर टीएमबीयू में राज्यस्तरीय महासम्मेलन की तैयारी, पुष्पम कुमार ने कहा—योग्य युवाओं के भविष्य के लिए उठाएंगे आवाज।

Bhagalpur News:  बिहार में उच्च शिक्षा की व्यवस्था में सुधार, शोधार्थियों की समस्याओं के समाधान और असिस्टेंट प्रोफेसर की नियमित नियुक्ति की मांग को लेकर NET-JRF Qualified Association, Bihar की ओर से छठ महापर्व के तुरंत बाद भागलपुर में राज्यस्तरीय महासम्मेलन आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) में प्रस्तावित इस महासम्मेलन में बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों के पीएचडी स्कॉलर्स, NET और JRF उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को आमंत्रित किया गया है। संगठन का कहना है कि इस सम्मेलन के माध्यम से उच्च शिक्षा और शोध से जुड़े मुद्दों पर आवाज बुलंद की जाएगी तथा अपनी नौ सूत्रीय मांगों को लेकर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।

9,560 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों पर नियमित विज्ञापन जारी करने की मांग

एसोसिएशन की प्रमुख मांग बिहार के विश्वविद्यालयों में रिक्त बताए जा रहे 9,560 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों पर नियमित भर्ती विज्ञापन जल्द जारी करने की है। संगठन का कहना है कि उच्च शैक्षणिक योग्यता हासिल करने वाले युवाओं को नियुक्ति के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। भर्ती प्रक्रिया समयबद्ध, पारदर्शी और योग्य अभ्यर्थियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने वाली होनी चाहिए।

एसोसिएशन के मुख्य आयोजक पुष्पम कुमार ने कहा कि बिहार में उच्च शिक्षा और शोधार्थियों से जुड़े कई ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। उनके मुताबिक, NET और JRF जैसी पात्रता हासिल करने के बाद भी अनेक युवा रोजगार और शोध से जुड़ी सुविधाओं को लेकर परेशानियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छठ के बाद भागलपुर की धरती से मेधावी युवाओं की आवाज उठाई जाएगी, ताकि सरकार और शिक्षा विभाग तक उनकी मांगें पहुंच सकें।

API व्यवस्था समाप्त करने की मांग

एसोसिएशन ने अपनी नौ सूत्रीय मांगों में API व्यवस्था को समाप्त करने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया है। संगठन की मांग है कि असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति में मौजूदा API प्रणाली की जगह वस्तुनिष्ठ परीक्षा आधारित सीधी और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था लागू की जाए। संगठन का मानना है कि चयन प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिसमें अभ्यर्थियों की योग्यता का निष्पक्ष आकलन हो सके।

इसके अलावा, एसोसिएशन ने आगामी नियुक्तियों में अधिकतम आयु सीमा को पूर्व निर्धारित स्तर पर बनाए रखने की मांग की है। संगठन का कहना है कि भर्ती में देरी से प्रभावित अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए आयु सीमा से जुड़े प्रावधानों पर विचार किया जाना चाहिए।

इंटरव्यू पैनल में सभी वर्गों के विषय विशेषज्ञों की भागीदारी की मांग

भर्ती प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए संगठन ने इंटरव्यू पैनल में विभिन्न वर्गों के विषय विशेषज्ञों को शामिल करने की मांग की है। एसोसिएशन के अनुसार, चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए विशेषज्ञों की भागीदारी महत्वपूर्ण है, ताकि अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके।

NET उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए राज्य स्तरीय फेलोशिप की मांग

शोध को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संगठन ने राज्य स्तर पर NET उत्तीर्ण मेधावी अभ्यर्थियों के लिए अतिरिक्त मासिक वित्तीय सहायता यानी स्टेट NET फेलोशिप शुरू करने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि आर्थिक कठिनाइयों के कारण शोध और उच्च शिक्षा प्रभावित नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही शोधार्थियों को विश्वविद्यालयों में हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध कराने अथवा नियमानुसार मकान किराया भत्ता (HRA) देने की मांग भी रखी गई है।

शोधार्थियों के लिए बने स्टेट रिसर्च ID कार्ड

एसोसिएशन ने शोधार्थियों के लिए विशेष स्टेट रिसर्च ID कार्ड जारी करने का प्रस्ताव रखा है। संगठन की मांग है कि इस कार्ड के माध्यम से शोधार्थियों को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा, शोध के लिए सरकारी विभागों से आंकड़े जुटाने में सहयोग और पुस्तकालयों में निःशुल्क प्रवेश जैसी सुविधाएं मिलें।

संगठन का मानना है कि ऐसी सुविधाएं मिलने से शोधार्थियों को अपने शोध कार्य में सहूलियत होगी और उन्हें विभिन्न संस्थानों से आवश्यक जानकारी जुटाने में मदद मिलेगी।

यूनिवर्सिटी ट्रांसफर और गाइड बदलने की प्रक्रिया सरल करने की मांग

शोध के दौरान विपरीत परिस्थितियों का सामना करने वाले विद्यार्थियों के लिए एसोसिएशन ने विश्वविद्यालय बदलने और शोध गाइड बदलने की प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि निर्धारित नियमों के तहत ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे वास्तविक कठिनाइयों का सामना कर रहे शोधार्थियों को राहत मिल सके और उनका शोध कार्य अनावश्यक रूप से बाधित न हो।

सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों से MoU का प्रस्ताव

अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए संगठन ने नजदीकी सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) करने की मांग भी रखी है। एसोसिएशन के अनुसार, इससे शोधार्थियों को प्रयोगशाला, तकनीकी संसाधनों और संबंधित विषयों पर व्यावहारिक अध्ययन में मदद मिल सकती है।

NET-JRF उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को ही शामिल होने की पात्रता

आयोजक मंडल के मुताबिक, एसोसिएशन और प्रस्तावित महासम्मेलन से जुड़ने के लिए NET या JRF उत्तीर्ण अभ्यर्थी ही पात्र होंगे। सम्मेलन में शामिल होने के इच्छुक अभ्यर्थी संगठन के आधिकारिक संपर्क नंबर पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

प्रेस संपर्क: पुष्पम कुमार, मुख्य आयोजक/एडमिन, NET-JRF Qualified Association, Bihar।

मोबाइल: 8051983888

ईमेल: netjrfbihar@gmail.com

संगठन का संदेश: “सशक्त शोधार्थी, समृद्ध बिहार।”

भागलपुर में प्रस्तावित यह महासम्मेलन बिहार के शोधार्थियों और उच्च शिक्षा से जुड़े युवाओं की मांगों को एक मंच पर लाने की पहल है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि महासम्मेलन के बाद संगठन अपनी नौ सूत्रीय मांगों को सरकार और संबंधित शिक्षा संस्थानों तक पहुंचाने के लिए क्या कदम उठाता है।

विजय सिन्हा
विजय सिन्हाhttp://silktvnews.com
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