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जनगणना 2027: भागलपुर DM ने कसी कमर, मुखिया जी के साथ की ऑनलाइन बैठक; अब घर बैठे खुद भरें अपनी जानकारी

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Bhagalpur News: जनगणना 2027 को डिजिटल और सटीक बनाने की दिशा में भागलपुर जिला प्रशासन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। मंगलवार को समाहर्ता कार्यालय स्थित समीक्षा भवन में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में जिले के सभी मुखिया और जनप्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 17 अप्रैल से शुरू हुए मकान सूचीकरण (House Listing) अभियान की प्रगति की समीक्षा करना और इसे गति देना था।

​डिजिटल जनगणना: खुद भरें अपनी जानकारी (Self-Enumeration)

​जिलाधिकारी ने बैठक में बताया कि इस बार की जनगणना को आधुनिक और त्रुटिरहित बनाने के लिए जनता को स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन भरने का विकल्प दिया गया है।

  • ​कैसे भरें जानकारी: नागरिक आधिकारिक वेबसाइट http://se.census.gov.in पर जाकर अपने मोबाइल नंबर और ओटीपी (OTP) के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं।
  • ​क्या जानकारी देनी है: परिवार के सदस्यों की संख्या, मकान का प्रकार, पेयजल, बिजली, रसोई घर, शौचालय और परिवार के पास उपलब्ध संसाधनों (जैसे- मोबाइल, इंटरनेट, वाहन, अनाज आदि) की जानकारी खुद भरी जा सकती है।
  • ​सुरक्षा कोड (11 डिजिट): फॉर्म सबमिट करने के बाद एक 11 अंकों का सुरक्षा कोड प्राप्त होगा। जब प्रगणक (Enumerator) आपके घर आएंगे, तो आपको बस यह कोड दिखाना होगा, जिससे आपका डेटा सत्यापित हो जाएगा।

​मुखिया जी और प्रगणकों को टास्क: हर दिन का लक्ष्य निर्धारित

​DM डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बैठक में मौजूद सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) और मुखियाओं को सख्त निर्देश दिए:

  1. ​लक्ष्य: आज कम से कम प्रत्येक पंचायत में 100 लोगों का फॉर्म ऑनलाइन सबमिट करवाएं और कल से इस लक्ष्य को बढ़ाकर 500 प्रतिदिन करें।
  2. ​स्कूल के बच्चों का सहयोग: जिलाधिकारी ने एक अभिनव सुझाव देते हुए कहा कि नवम और दशम वर्ग के छात्र मोबाइल चलाने में निपुण होते हैं, उनकी मदद से उनके अभिभावकों का फॉर्म भरवाया जाए।
  3. ​जीविका और विकास मित्र: इस अभियान में जीविका दीदी, विकास मित्र और पंचायत स्तर के कार्यपालक सहायकों को भी सक्रिय रूप से लगाया जाएगा।

​जनप्रतिनिधियों ने दिया फीडबैक

​बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने बारी-बारी से सभी प्रखंडों के मुखियाओं से संवाद किया। कई जनप्रतिनिधियों ने बताया कि उन्होंने अपना फॉर्म खुद भर लिया है और वे ग्रामीणों को भी इसके लिए प्रेरित कर रहे हैं। उप विकास आयुक्त (DDC)  प्रदीप कुमार सिंह ने सुल्तानगंज प्रखंड से जुड़कर अभियान की स्थिति की जानकारी दी।

​बैठक में मौजूद अधिकारी

​समीक्षा बैठक में संयुक्त निदेशक जनसंपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी लखी राम मुरमू सहित विभिन्न प्रखंडों के वरीय पदाधिकारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े रहे।

JEE Main 2026: गया के शुभम कुमार ने रचा इतिहास, बने बिहार टॉपर; सीएम सम्राट चौधरी ने दी बधाई

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Patna News: बिहार की मेधा ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाई है। इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE Main 2026 के परिणाम घोषित होने के साथ ही गया जिले के शुभम कुमार ने सफलता का परचम लहराते हुए राज्य में शीर्ष स्थान (State Topper) प्राप्त किया है। शुभम की इस अभूतपूर्व उपलब्धि से न केवल गया जिला, बल्कि पूरा बिहार गौरवान्वित महसूस कर रहा है।

​सम्राट चौधरी ने ट्वीट कर थपथपाई पीठ

​बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर शुभम कुमार की सफलता की सराहना करते हुए इसे राज्य के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने लिखा:

​“युवा प्रतिभा ने बढ़ाया बिहार का मान! गयाजी जिले के शुभम कुमार द्वारा जेईई मेन 2026 में राज्य में शीर्ष स्थान प्राप्त करना पूरे बिहार के लिए गर्व का क्षण है। उनकी यह उपलब्धि समर्पण, कठोर परिश्रम और उत्कृष्टता का प्रतीक है।”

 

​मुख्यमंत्री ने शुभम के साथ-साथ परीक्षा में सफल होने वाले अन्य सभी विद्यार्थियों को भी उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

​मेहनत और लगन की मिसाल बने शुभम

​शुभम कुमार की इस सफलता के पीछे उनकी वर्षों की कड़ी मेहनत और लगन छिपी है। गया जैसे शहर से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की कठिनतम परीक्षाओं में से एक में टॉप करना नई पीढ़ी के छात्रों के लिए एक प्रेरणा बन गया है।

  • ​कठोर परिश्रम: शुभम ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के मार्गदर्शन और शिक्षकों के सहयोग को दिया है।
  • ​प्रेरणा स्रोत: सम्राट चौधरी ने शुभम की सफलता को नई पीढ़ी के लिए एक बड़ी प्रेरणा बताया है, जो यह सिद्ध करता है कि प्रतिभा किसी पहचान की मोहताज नहीं होती।

​राज्यभर में खुशी की लहर

​JEE Main में बिहार के छात्रों का प्रदर्शन इस बार भी उत्कृष्ट रहा है। शुभम के टॉपर बनने की खबर मिलते ही उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि बिहार के छात्र सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी मेधा से बार-बार यह साबित करते हैं कि वे देश के सर्वश्रेष्ठ मस्तिष्क हैं।

​शुभम का अगला लक्ष्य अब JEE Advanced में बेहतर प्रदर्शन कर देश के प्रतिष्ठित IIT संस्थान में दाखिला लेना है।

मैट्रिक सफलता की खुशी मातम में बदली: अजगैविनाथ धाम में नहाने के दौरान रक्सौल का होनहार छात्र गंगा में डूबा

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Bhagalpur News: भागलपुर के सुल्तानगंज स्थित पवित्र अजगैविनाथ गंगा घाट से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहाँ गंगा स्नान करने के दौरान रक्सौल से आए एक 16 वर्षीय किशोर की डूबने से मौत की आशंका जताई जा रही है। डूबा हुआ युवक आदर्श कुमार, रक्सौल के टुमरिया टोला निवासी रितेश ठाकुर का पुत्र बताया जा रहा है। वह अपनी हालिया मैट्रिक परीक्षा में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने की खुशी में बाबा वैद्यनाथ को जल अर्पण करने देवघर जा रहा था।

​कैसे हुई घटना? (चश्मदीदों की जुबानी)

​घटना रविवार दोपहर करीब 12 बजे की है। आदर्श अपने भाई आर्यन शर्मा और दोस्त आर्यन कुमार (पिता झुन्ना राम) के साथ गंगा स्नान कर रहा था। उसके साथ आए परिजनों ने बताया:

  • ​पैर फिसलने से हुआ हादसा: स्नान के दौरान अचानक आदर्श का पैर फिसल गया और वह संतुलन खोकर गहरे पानी में चला गया।
  • ​बचाने की नाकाम कोशिश: आदर्श को डूबता देख उसके भाई और दोस्त ने उसे बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन पानी का बहाव तेज होने के कारण वे खुद भी डूबने लगे। किसी तरह उन्होंने अपनी जान बचाई, लेकिन आदर्श गहरे पानी में समा गया।

​खुशी मनाने आए थे, अब छाया मातम

​परिजनों ने रुआंसे गले से बताया कि आदर्श ने हाल ही में मैट्रिक (10वीं) की परीक्षा में प्रथम स्थान (First Division) प्राप्त किया था। इसी सफलता का आभार व्यक्त करने और मन्नत पूरी होने पर वह सुल्तानगंज से जल भरकर देवघर के लिए प्रस्थान करने वाला था। किसे पता था कि जिस गंगा तट पर वह पुण्य कमाने आया था, वहीं उसके साथ यह अनहोनी हो जाएगी।

​SDRF की टीम रेस्क्यू में जुटी

​घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और SDRF (State Disaster Response Force) की टीम तुरंत अजगैविनाथ घाट पहुंची। गोताखोरों और नाव की मदद से गंगा की लहरों में आदर्श की तलाश की जा रही है। समाचार लिखे जाने तक युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका है।

​पुलिस ने घाट पर मौजूद अन्य श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि वे सुरक्षा घेरे (बैरिकेटिंग) के भीतर ही स्नान करें और गहरे पानी में जाने का जोखिम न उठाएं।

​परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

​हादसे के बाद से ही घाट पर चीख-पुकार मची है। आदर्श के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। रक्सौल से आए अन्य श्रद्धालु और स्थानीय लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं।

​भागलपुर में जमीन विवाद में लापता अधेड़ का नदी किनारे मिला शव, घर पहुंचे डीएसपी

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Crime News: भागलपुर में अपराध का ग्राफ थमने का नाम नहीं ले रहा है। नाथनगर थाना क्षेत्र के चौकी नियामतपुर से लापता हुए अधेड़ किशोर कुमार का शव बरारी पुल घाट के समीप नदी किनारे बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई है। इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद पुलिस प्रशासन रेस हो गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी टू राकेश कुमार देर रात खुद मृतक के घर पहुंचे और परिजनों से विस्तृत पूछताछ की।

​अपहरण के बाद हत्या की आशंका

​मृतक की पत्नी निधि कुमारी ने नाथनगर थाने में अपहरण की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। आवेदन के अनुसार, किशोर कुमार दोपहर करीब 3:30 बजे घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। परिजनों को अनहोनी की आशंका तभी हो गई थी जब उनका मोबाइल बंद आने लगा। अंततः बरारी पुलिस द्वारा बरामद शव की पहचान किशोर कुमार के रूप में होने पर परिजनों में कोहराम मच गया।

​जमीन विवाद और ‘बाउंस चेक’ का एंगल

​हत्या के पीछे करोड़ों की जमीन का विवाद सामने आ रहा है। परिजनों ने सीधे तौर पर हत्या का आरोप लगाया है। विवाद की मुख्य कड़ियाँ इस प्रकार हैं:

  • ​पदमपुर (कहलगांव) से जुड़ा कनेक्शन: किशोर कुमार का जमीन बिक्री को लेकर कहलगांव के पदमपुर निवासी कोला दास और शिवम कुमार गुप्ता के साथ एग्रीमेंट हुआ था।
  • ​चेक बाउंस का विवाद: जमीन के बदले दी गई राशि का एक चेक बैंक में बाउंस हो गया था, जिसे लेकर दोनों पक्षों में लंबे समय से तनातनी चल रही थी।
  • ​लगातार मिल रही थी धमकी: पत्नी निधि कुमारी का आरोप है कि उक्त लोगों द्वारा किशोर कुमार को लगातार फोन पर जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं।

​जांच में जुटे आला अधिकारी

​घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई। डीएसपी टू राकेश कुमार ने मृतक के घर पहुंचकर परिजनों के बयान दर्ज किए और संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच के निर्देश दिए। वहीं नाथनगर इंस्पेक्टर राजीव रंजन सिंह ने पुष्टि की है कि बरारी में मिला शव किशोर कुमार का ही है।

​पुलिस अब इस हत्याकांड के सभी तकनीकी पहलुओं, जैसे कॉल डिटेल्स (CDR) और जमीन के कागजातों की बारीकी से जांच कर रही है।

​परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

​किशोर कुमार की मौत की खबर मिलते ही चौकी नियामतपुर में मातम पसर गया है। परिजनों का कहना है कि अगर पुलिस समय रहते धमकी देने वालों पर कार्रवाई करती, तो शायद आज किशोर कुमार जिंदा होते। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।

नवगछिया में युवक की धारदार हथियार से गोदकर बेरहमी से हत्या, इलाके में सनसनी

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Crime News: भागलपुर जिले के नवगछिया थाना क्षेत्र में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। यहाँ एक युवक की धारदार हथियार से वार कर निर्मम हत्या कर दी गई है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। हमलावरों ने इतनी बेरहमी दिखाई कि युवक के शरीर के हर हिस्से को हथियार से गोद डाला।

​मृतक की पहचान: ससुराल में रह रहा था युवक

​मृतक की पहचान पूर्णिया जिले के सपाहा डुमरी निवासी कैलाश सिंह के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, कैलाश सिंह की शादी के बाद से ही वह अपने ससुराल रंगरा प्रखंड के साधोपुर गांव में रह रहा था। वह घर से नवगछिया जाने की बात कहकर निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। सुबह उसका क्षत-विक्षत शव मिलने से हड़कंप मच गया।

​वारदात की वीभत्सता: शरीर पर अनगिनत जख्म

​हत्या की इस घटना ने लोगों के रोंगटे खड़े कर दिए हैं। शव की स्थिति को देखकर हत्यारों की दरिंदगी का अंदाजा लगाया जा सकता है:

  • ​गंभीर चोटें: मृतक के सिर, कंधे, कलाई और पेट पर गहरे जख्म के निशान पाए गए हैं।
  • ​बेरहमी से वार: हमलावरों ने धारदार हथियार का इस्तेमाल कर उसे तड़पा-तड़पा कर मौत के घाट उतारा।
  • ​लूटपाट की आशंका कम: पुलिस को शव के पास से मृतक का मोबाइल और नगदी बरामद हुई है, जिससे प्राथमिक तौर पर यह लूटपाट का नहीं बल्कि रंजिश का मामला प्रतीत होता है।

​पुलिसिया कार्रवाई और जांच के बिंदु

​घटना की सूचना मिलते ही नवगछिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

  1. ​शव का पोस्टमार्टम: पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नवगछिया अनुमंडल अस्पताल भेज दिया है।
  2. ​शराब का एंगल: परिजनों ने बताया कि घर से निकलने के वक्त वह शराब के नशे में था। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या नशे की हालत में उसका किसी से विवाद हुआ था।
  3. ​आपसी रंजिश: लूटपाट न होने के कारण पुलिस अब आपसी रंजिश, पुरानी दुश्मनी या किसी पारिवारिक विवाद के कोण से मामले की तफ्तीश कर रही है।

​परिजनों में कोहराम, गांव में मातम

​जैसे ही कैलाश सिंह की हत्या की खबर साधोपुर गांव पहुंची, परिजनों में चीख-पुकार मच गई। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस को जल्द से जल्द हत्यारों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजना चाहिए।

​पुलिस का बयान: “हम सभी पहलुओं पर बारीकी से जांच कर रहे हैं। घटनास्थल से कुछ अहम सुराग मिले हैं, जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।”

सिल्क सिटी में चढ़ा पारा, तो याद आया ‘देसी फ्रिज’: भागलपुर में मिट्टी के घड़े और सुराही की भारी मांग

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Bhagalpur News: जैसे-जैसे सूरज की तपिश बढ़ रही है और सिल्क सिटी भागलपुर का पारा चढ़ रहा है, वैसे-वैसे लोगों की जीवनशैली में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। कंक्रीट के जंगलों और आधुनिक गैजेट्स के दौर में, भागलपुर के लोग एक बार फिर अपनी जड़ों की ओर लौट रहे हैं। शहर के बाजारों में इन दिनों मिट्टी के घड़े और सुराही की मांग में जबरदस्त उछाल आया है।

​बाजारों में बढ़ी रौनक, ‘घंटाघर’ बना मुख्य केंद्र

​शहर के हृदय स्थल घंटाघर के समीप मिट्टी के बर्तनों की दुकानों पर सुबह से शाम तक ग्राहकों की कतारें देखी जा रही हैं। स्थानीय दुकानदारों के चेहरे पर मुस्कान है क्योंकि सालों बाद मिट्टी के इन बर्तनों का क्रेज इतना अधिक बढ़ा है।

​दुकानदार दीपक कुमार बताते हैं:

​“पिछले कुछ दिनों से बिक्री में 40-50% का इजाफा हुआ है। लोग अब फैंसी फ्रिज के बजाय मिट्टी की सोंधी खुशबू वाला ठंडा पानी पसंद कर रहे हैं। शाम के समय ग्राहकों की इतनी भीड़ होती है कि स्टॉक कम पड़ने लगा है।”

 

​क्यों लोग छोड़ रहे हैं फ्रिज और अपना रहे हैं घड़ा?

​फ्रिज का पानी गला खराब कर सकता है, लेकिन मिट्टी के घड़े का पानी स्वास्थ्य के लिए वरदान माना जाता है। विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों के अनुसार इसके पीछे कई कारण हैं:

  • ​प्राकृतिक शीतलन: मिट्टी के छिद्रों से होने वाले वाष्पीकरण के कारण पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा होता है।
  • ​संतुलित pH लेवल: मिट्टी की प्रकृति क्षारीय (Alkaline) होती है, जो पानी के अम्लीय (Acidic) गुणों को खत्म कर शरीर का pH बैलेंस बनाए रखती है।
  • ​पाचन में सुधार: घड़े का पानी मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाता है और पेट की बीमारियों से राहत देता है।
  • ​किफायती विकल्प: महज 100 से 300 रुपये में मिलने वाला यह ‘देसी फ्रिज’ हर वर्ग की जेब के अनुकूल है।

​कुम्हारों के चेहरे खिले, पारंपरिक कला को मिला नया जीवन

​बढ़ती मांग ने न केवल पर्यावरण को फायदा पहुँचाया है, बल्कि स्थानीय कुम्हारों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार किया है। प्लास्टिक और स्टील के बर्तनों के बढ़ते चलन के बीच इस व्यवसाय पर संकट मंडरा रहा था, लेकिन इस साल की गर्मी ने पारंपरिक मिट्टी शिल्प को संजीवनी दे दी है।

​ स्वास्थ्य और संस्कृति का संगम

​भागलपुर में मिट्टी के बर्तनों की यह वापसी केवल एक मौसमी बदलाव नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और अपनी संस्कृति के प्रति सम्मान का भी प्रतीक है। कम लागत और जीरो मेंटेनेंस वाला यह प्राकृतिक तरीका आज के आधुनिक युग में भी सबसे प्रभावी साबित हो रहा है।

22 साल बाद रेप केस के फरार आरोपी की तलाश में बिहार पहुंची महाराष्ट्र पुलिस

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Bhagalpur News: कानून के हाथ लंबे होते हैं, यह कहावत एक बार फिर सच साबित होती दिख रही है। महाराष्ट्र के नागपुर में 22 साल पहले हुए एक सनसनीखेज रेप कांड का मुख्य आरोपी, जो दशकों से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था, अब कानून के शिकंजे में फंसता नजर आ रहा है। मंगलवार को महाराष्ट्र पुलिस ने भागलपुर जिले के नाथनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत शाहपुर गांव में आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सघन छापेमारी अभियान चलाया।

​क्या है पूरा मामला? (कांड संख्या 333/2002)

​यह मामला साल 2002 का है। महाराष्ट्र के नागपुर जिले के सावनेर थाना में निलेश कुमार के खिलाफ बलात्कार (Rape) का मामला दर्ज किया गया था। कांड संख्या 333/2002 के तहत दर्ज इस केस में निलेश मुख्य अभियुक्त है। घटना के बाद से ही आरोपी फरार हो गया और अपनी पहचान छिपाकर रहने लगा।

​बीते 22 वर्षों से पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचना के आधार पर अब पुलिस की टीम भागलपुर पहुंची है।

​छापेमारी की मुख्य बातें

​महाराष्ट्र पुलिस के दरोगा शरद प्रसाद चौधरी के नेतृत्व में आई टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से शाहपुर गांव में दबिश दी। अभियान के दौरान निम्नलिखित कदम उठाए गए:

  • ​संभावित ठिकानों पर दबिश: पुलिस ने आरोपी के घर और उसके रिश्तेदारों के ठिकानों पर बारीकी से तलाशी ली।
  • ​नोटिस चस्पा: आरोपी के घर पर माननीय न्यायालय में उपस्थित होने का कानूनी नोटिस चस्पा किया गया है।
  • ​जनप्रतिनिधियों से सहयोग: पुलिस ने गांव के सरपंच और अन्य जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर आरोपी के बारे में जानकारी जुटाने में मदद मांगी।
  • ​स्थानीय लोगों से पूछताछ: आसपास के लोगों से भी पूछताछ की गई ताकि आरोपी की वर्तमान गतिविधियों का पता चल सके।

​पुलिस की चेतावनी: “जल्द सरेंडर करें या होगी कड़ी कार्रवाई”

​दरोगा शरद प्रसाद चौधरी ने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि आरोपी निलेश कुमार को जल्द से जल्द न्यायालय में आत्मसमर्पण करना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आरोपी पेश नहीं होता है, तो उसकी संपत्ति की कुर्की-जब्ती समेत अन्य कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

​“हमारा अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक आरोपी सलाखों के पीछे नहीं होता। अगर जरूरत पड़ी तो हम अन्य राज्यों में भी छापेमारी करेंगे।”

— शरद प्रसाद चौधरी, दरोगा (महाराष्ट्र पुलिस)

 

​इलाके में बढ़ी हलचल

​22 साल पुराने मामले में अचानक हुई इस बड़ी कार्रवाई से शाहपुर और आसपास के इलाकों में चर्चा का माहौल है। स्थानीय पुलिस का कहना है कि वे महाराष्ट्र पुलिस को हर संभव सहयोग प्रदान कर रहे हैं। पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि आरोपी के बारे में कोई भी सुराग मिले, तो तुरंत नजदीकी थाने को सूचित करें।

बबरगंज पुलिस ने ब्राउन शुगर के साथ शातिर अपराधी चंदन पोद्दार को किया गिरफ्तार

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले में अपराधियों और नशा तस्करों के खिलाफ वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान में बबरगंज पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने छापेमारी कर इलाके के कुख्यात अपराधी चंदन पोद्दार को रंगे हाथों प्रतिबंधित नशीले पदार्थ ‘ब्राउन शुगर’ और नगदी के साथ गिरफ्तार किया है।

​मोहद्दी नगर में बिछाया गया जाल

​भागलपुर पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 19 अप्रैल को गुप्त सूचना मिली थी कि मोहद्दी नगर इलाके में अवैध मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री होने वाली है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक (नगर-02) के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।

​जब टीम मोहद्दी नगर स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पास पहुँची, तो पुलिस को देखकर एक युवक भागने लगा। मुस्तैद पुलिस बल ने घेराबंदी कर उसे धर दबोचा।

​तलाशी में मिला नशा और कैश

​पकड़े गए व्यक्ति की पहचान चंदन पोद्दार (पिता- दिलीप पोद्दार, निवासी- सकरुल्लचक) के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसके पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया गया:

  • ​ब्राउन शुगर: 1.58 ग्राम
  • ​नगद राशि: ₹9,046 (बिक्री के पैसे होने की आशंका)
  • ​मोबाइल फोन: 01
  • ​मोटर साइकिल: 01

​अपराध की दुनिया का पुराना खिलाड़ी है चंदन

​पुलिस जांच में पता चला है कि चंदन पोद्दार कोई नया अपराधी नहीं है। उस पर पहले से ही मोजाहिदपुर (बबरगंज) और बबरगंज थाने में 7 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं। वर्ष 2019 से लेकर 2025 तक वह चोरी, छिनतई और नशा तस्करी जैसे कई कांडों में शामिल रहा है। इस गिरफ्तारी से इलाके में नशा कारोबारियों के बीच हड़कंप मच गया है।

​छापेमारी टीम में ये थे शामिल

​इस सफल कार्रवाई में बबरगंज थाना के पुलिस अवर निरीक्षक (पु०अ०नि०) सह अपर थानाध्यक्ष विशाल कुमार के साथ पु०अ०नि० शिवाजी कुमार, पु०अ०नि० प्रताप कुमार और सिपाही अरुण कुमार, सतीश कुमार एवं प्रियंका कुमारी की अहम भूमिका रही।

मधुबनी में औद्योगिक क्रांति: ‘सावी ग्लोबल’ से चमकेगा ‘Made in Bihar’ ब्रांड, 12 हजार परिवारों को मिलेगा रोजगार!

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Patna News: बिहार का मधुबनी जिला, जो अब तक अपनी विश्वप्रसिद्ध ‘मधुबनी पेंटिंग’ और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता था, अब औद्योगिक क्रांति की नई गाथा लिख रहा है। पंडौल औद्योगिक क्षेत्र में ‘सावी ग्लोबल फैशन प्राइवेट लिमिटेड’ (Savi Global Fashion) की टेक्सटाइल और लेदर यूनिट की शुरुआत बिहार के बदलते आर्थिक परिदृश्य का प्रतीक बन गई है। यह केवल एक फैक्ट्री नहीं, बल्कि ‘मेड इन बिहार’ ब्रांड को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

​300 करोड़ का निवेश और विशाल बुनियादी ढांचा

​सावी ग्लोबल फैशन की यह यूनिट अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है:

  • ​कुल निवेश: ₹300 करोड़ की लागत से इस मेगा प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारा गया है।
  • ​विशाल परिसर: यह फैक्ट्री पंडौल के औद्योगिक क्षेत्र में 13.27 एकड़ में फैली हुई है।
  • ​निर्माण क्षेत्र: लगभग 6.65 एकड़ क्षेत्र में मुख्य विनिर्माण इकाई (Built-up area) तैयार की गई है।

​क्या बनेगा इस फैक्ट्री में?

​यहाँ विश्व स्तरीय गुणवत्ता के टेक्सटाइल गारमेंट्स (कपड़े), लेदर प्रोडक्ट्स और फुटवियर (जूते) का निर्माण किया जाएगा। ये उत्पाद न केवल घरेलू बाजारों की मांग पूरी करेंगे, बल्कि बिहार को एक राष्ट्रीय मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करेंगे।

​रोजगार का महाकुंभ: 12,000 परिवारों को मिलेगा सहारा

​इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी ताकत इसका रोजगार सृजन है।

  • ​सीधा रोजगार: इस इकाई से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 12,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
  • ​भर्ती शुरू: फैक्ट्री में भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिससे स्थानीय युवाओं को अब काम के लिए पलायन नहीं करना पड़ेगा। यह हजारों परिवारों के लिए स्थिरता और आय का एक नया स्रोत बनेगा।

​‘Made in Bihar’ अब एक ग्लोबल ब्रांड: कुंदन कुमार

​उद्योग विभाग के सचिव और बियाडा (BIADA) के प्रबंध निदेशक कुंदन कुमार ने इस प्रोजेक्ट को बिहार के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा:

​”सावी ग्लोबल की यह यूनिट ‘मेड इन बिहार’ ब्रांड को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य सरकार बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और फास्ट-ट्रैक अप्रूवल के जरिए उद्योग-अनुकूल माहौल सुनिश्चित कर रही है।”

खेती का ‘बिहार मॉडल’ देख दुनिया हैरान: 190 गांव बने मिसाल, जलवायु परिवर्तन की चुनौती को अवसर में बदला

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Patna News: ग्लोबल वॉर्मिंग और मौसम के बदलते मिजाज के बीच बिहार ने कृषि जगत में एक नई इबारत लिख दी है। जहाँ दुनिया भर में जलवायु परिवर्तन (Climate Change) खाद्य सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ है, वहीं बिहार का ‘जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम’ अब पूरे देश के लिए रोल मॉडल बन गया है। राज्य के सभी 38 जिलों के करीब 3 लाख किसान इस नई तकनीक को अपनाकर न केवल अपनी आय बढ़ा रहे हैं, बल्कि भविष्य के लिए खाद्य सुरक्षा भी सुनिश्चित कर रहे हैं।

​पायलट प्रोजेक्ट से ‘रोल मॉडल’ तक का सफर

​राज्य सरकार ने वर्ष 2019-20 में बेहद छोटे स्तर पर एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसकी शुरुआत की थी। आज महज 6 साल के भीतर राज्य के 190 गांव पूरी तरह जलवायु अनुकूल खेती की मिसाल पेश कर रहे हैं। कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) के वैज्ञानिकों की देखरेख में 20 अलग-अलग प्रकार के फसल चक्र का प्रदर्शन किसानों के खेतों पर सफलतापूर्वक किया गया है।

​आंकड़ों में बिहार की ‘हरित सफलता’:

  • ​रकबा: वर्ष 2019 से 2025 तक कुल 2.63 लाख एकड़ भूमि में खरीफ, रबी और गरमा फसलें उगाई गईं।
  • ​लाभार्थी: अब तक 2.78 लाख से अधिक किसान सीधे इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं।
  • ​प्रशिक्षण: लगभग 6.4 लाख किसानों को एक्सपोजर विजिट और ट्रेनिंग के जरिए नवाचारों से जोड़ा गया।

​मोटे अनाजों (Millets) पर विशेष फोकस

​जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए बिहार ने 9 तरह के मोटे अनाजों की खेती को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया है। करीब 1,910 एकड़ भूमि में ज्वार, बाजरा, रागी, सांवा, कोदो, कुटकी, कंगनी, चीना और ब्राउनटॉप मिलेट उगाए जा रहे हैं। ये फसलें कम पानी और विपरीत मौसम में भी बंपर पैदावार देने में सक्षम हैं।

​आधुनिक तकनीक से खेती की लागत में कमी

​खेती को स्मार्ट बनाने के लिए सरकार ने संसाधनों का भी खूब विस्तार किया है:

  1. ​पानी की बचत: 12,807 एकड़ भूमि में लेजर लैंड लेवलर से समतलीकरण किया गया, जिससे पानी की बर्बादी रुकी।
  2. ​पराली प्रबंधन: 10,978 एकड़ में वेस्ट डीकम्पोजर और 5,577 टन स्ट्रॉ बैलर के माध्यम से पराली का प्रबंधन किया गया। इससे फसल अवशेष जलाने की घटनाओं में 17,387 एकड़ तक की कमी आई है।
  3. ​हैप्पी सीडर: करीब 1,892 एकड़ में इस तकनीक से गेहूं की बुआई की गई, जो मिट्टी की उर्वरता बनाए रखती है।

​भविष्य की राह: खाद्य सुरक्षा और खुशहाल किसान

​बिहार सरकार का यह कदम न केवल पर्यावरण को बचा रहा है, बल्कि उत्पादन की लागत को कम कर किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहा है। कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि इसी गति से काम जारी रहा, तो बिहार आने वाले समय में देश का सबसे बड़ा ‘क्लाइमेट स्मार्ट’ कृषि राज्य होगा।