Home Blog Page 93

बिहार के हर बच्चे को मिलेगी ‘क्वालिटी एजुकेशन’, डिप्टी सीएम विजय चौधरी ने शिक्षा विभाग को दिए सख्त निर्देश

0

Patna News: बिहार के उपमुख्यमंत्री सह शिक्षा मंत्री  विजय कुमार चौधरी ने मंगलवार को शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि राज्य सरकार की तमाम नीतियों, आधुनिक टेक्नोलॉजी और प्रशिक्षण मॉड्यूल का एकमात्र और अंतिम लक्ष्य ‘प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाना’ है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बच्चों के शैक्षणिक विकास में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए।

​शिक्षकों के लिए सख्त संदेश: ईमानदारी और उपस्थिति अनिवार्य

​उपमुख्यमंत्री ने शिक्षकों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि विद्यालय में निर्धारित अवधि तक शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य है।

  • ​शिक्षण में ईमानदारी: शिक्षकों को पूरी निष्ठा के साथ पढ़ाना होगा। शिक्षण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी।
  • ​पारदर्शी स्थानांतरण: शिक्षकों के स्थानांतरण (Transfer) और पदस्थापन (Posting) के लिए बनाए गए सॉफ्टवेयर मैकेनिज्म को और अधिक पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी शिक्षक को परेशानी न हो।
  • ​प्रशिक्षण पर जोर: नई बहाली के बाद शिक्षकों के ट्रेनिंग मॉड्यूल को इतना प्रभावी बनाया जाए कि उसका सीधा लाभ क्लासरूम में बच्चों को मिले।

​सॉफ्टवेयर और एनजीओ के कार्यों की होगी नियमित समीक्षा

​बैठक में उपमुख्यमंत्री ने केवल योजनाओं को लागू करने पर ही नहीं, बल्कि उनके परिणाम (Impact Assessment) पर भी ध्यान केंद्रित किया:

  1. ​प्रशिक्षण का मूल्यांकन: ट्रेनिंग के बाद शिक्षकों की गुणवत्ता में कितना सुधार आया, इसका नियमित मूल्यांकन होगा।
  2. ​NGO की जवाबदेही: शिक्षा विभाग के साथ काम कर रहे एनजीओ (NGO) के कार्यक्रमों की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी कि उनका बच्चों की शिक्षा पर क्या प्रभाव पड़ रहा है।
  3. ​कौशल विकास: क्लास-रूम ऑब्जर्वेशन और कौशल विकास कार्यक्रमों को और अधिक सक्रिय बनाया जाएगा।

​सात निश्चय-3 के तहत ‘मॉडल स्कूल’ की तैयारी

​समीक्षा बैठक में प्राथमिक शिक्षा निदेशक श्री विक्रम विरकर ने पीपीटी (PPT) के माध्यम से विभाग की आगामी योजनाओं का खाका पेश किया, जिसमें प्रमुख बिंदु शामिल थे:

  • ​मॉडल स्कूल: सात निश्चय-3 के तहत प्रत्येक प्रखंड (Block) में मॉडल स्कूल बनाने की प्रक्रिया।
  • ​नई नीतियां: स्थानांतरण नीति और पुस्तकालय पात्रता परीक्षा की तैयारी।
  • ​पीएम श्री पोषण योजना: स्कूलों में पोषण और स्वास्थ्य की स्थिति।
  • ​संसाधन: पाठ्य पुस्तकों की उपलब्धता और एनजीओ संबद्धता।

​अंतिम लक्ष्य: बच्चों का बेहतर भविष्य

​उपमुख्यमंत्री ने अंत में दोहराया कि पूरी प्रशासनिक मशीनरी का मुख्य उद्देश्य बच्चों को एक बेहतर और शिक्षित भविष्य देना है। बैठक में निदेशक प्रशासन श्री मनोरंजन कुमार सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

​”हम जो भी प्रशिक्षण मॉड्यूल या टेक्नोलॉजी अपनाते हैं, उसका फलाफल तभी सफल माना जाएगा जब क्लासरूम में बैठा अंतिम बच्चा भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सके।” — विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री, बिहार

बिहार विधान परिषद सुरक्षा प्रहरी भर्ती: शारीरिक दक्षता परीक्षा आज से शुरू, जानें जरूरी गाइडलाइंस और शेड्यूल

0

Patna News: बिहार विधान परिषद में सुरक्षा प्रहरी (Security Guard) के पदों पर सीधी भर्ती के लिए बहुप्रतीक्षित शारीरिक दक्षता परीक्षा (Physical Efficiency Test) आज से शुरू हो गई है। यह परीक्षा 21 अप्रैल से 28 अप्रैल तक पटना के बिहार वेटनरी कॉलेज मैदान में आयोजित की जा रही है। विधान परिषद सचिवालय और पुलिस मुख्यालय ने परीक्षा के सफल संचालन के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

​RFID तकनीक से होगी दौड़ की निगरानी

​पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इस बार दौड़ आरएफआईडी (RFID) आधारित होगी। इसका मतलब है कि अभ्यर्थियों की दौड़ का समय और गति चिप के माध्यम से डिजिटल रूप से रिकॉर्ड की जाएगी, जिससे मानवीय त्रुटि की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।

​परीक्षार्थियों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश (Important Guidelines)

​अगर आप भी इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं, तो इन नियमों का पालन करना अनिवार्य है:

  • ​रिपोर्टिंग टाइम: अभ्यर्थियों को अपने निर्धारित समय से 2 घंटे पहले केंद्र पर पहुँचना होगा। देरी से आने पर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
  • ​अनिवार्य दस्तावेज: परीक्षा केंद्र पर प्रवेश-पत्र (Admit Card) के साथ एक वैध फोटो पहचान पत्र (जैसे वोटर आईडी या अन्य सरकारी पहचान पत्र) लाना अनिवार्य है।
  • ​प्रतिबंधित वस्तुएं: मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, स्मार्ट वॉच, बैग और किताबें जैसे किसी भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट या सामान को अंदर ले जाने की मनाही है।
  • ​तलाशी प्रक्रिया: केंद्र में प्रवेश से पहले सभी अभ्यर्थियों की गहन तलाशी ली जाएगी।

​कैसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड?

​सचिवालय ने स्पष्ट किया है कि एडमिट कार्ड डाक के माध्यम से नहीं भेजे जाएंगे। अभ्यर्थी इसे ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं:

  1. ​बिहार विधान परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  2. ​अपने रजिस्ट्रेशन आईडी (ID) और पासवर्ड के माध्यम से लॉगइन करें।
  3. ​प्रवेश-पत्र डाउनलोड कर उसका प्रिंटआउट ले लें। नोट: अभ्यर्थियों को इसकी सूचना उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ईमेल पर भी भेज दी गई है।

​तैयारी के साथ आएं अभ्यर्थी

​चूँकि यह एक शारीरिक दक्षता परीक्षा है, इसलिए अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे अपने साथ दौड़ने वाले जूते (Running Shoes) और उपयुक्त स्पोर्ट्स परिधान स्वयं लेकर आएं। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी स्थिति में परीक्षा की तिथि या समय बदलने का अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा।

​भर्ती का बैकग्राउंड

​बिहार विधान परिषद सचिवालय द्वारा सुरक्षा प्रहरी के रिक्त पदों पर सीधी भर्ती के लिए साल 2023 में विज्ञापन निकाला गया था। लंबे इंतजार के बाद अब शारीरिक योग्यता परीक्षा का चरण शुरू हुआ है। अनुशासनहीनता या नियमों का उल्लंघन करने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

बिहार में मई से मार्च 2027 तक 11 महीने चलेगा विशेष चालक प्रशिक्षण अभियान

0

Patna News: बिहार सरकार ने राज्य में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। परिवहन विभाग ने मुख्यमंत्री सात निश्चय-3 योजना के अंतर्गत ‘सुरक्षित सड़क, कुशल सेवा और बेहतर जीवन-यापन’ पहल की शुरुआत की है। इस योजना के तहत राज्य के सभी जिलों में अगले 11 महीनों (मई से मार्च 2027) तक व्यावसायिक चालकों के लिए एकीकृत प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जाएगा।

​किन्हें मिलेगा प्रशिक्षण?

​इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का दायरा काफी विस्तृत है। इसमें सरकारी और गैर-सरकारी दोनों क्षेत्रों के निबंधित व्यावसायिक चालक हिस्सा ले सकेंगे:

  • ​भारी वाहन (HMV): बस और ट्रक चालक।
  • ​हल्के वाहन (LMV): ऑटो, टैक्सी, ओला और उबर जैसे प्लेटफॉर्म से जुड़े चालक।

​ट्रेनिंग के साथ ‘इनाम’ भी: चालकों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि

​विभाग ने चालकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए न केवल उनके प्रशिक्षण का इंतजाम किया है, बल्कि उनके समय की कद्र करते हुए आर्थिक लाभ भी तय किया है:

  • ​प्रोत्साहन राशि: प्रत्येक भाग लेने वाले चालक को 200 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
  • ​अल्पाहार: प्रशिक्षण के दौरान चालकों को 100 रुपये का अल्पाहार (नाश्ता) भी उपलब्ध कराया जाएगा।

​क्या-क्या सीखेंगे चालक?

​यह प्रशिक्षण केवल ड्राइविंग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जीवन रक्षक कौशलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा:

  • ​यातायात नियम और संकेत: रोड साइन और सुरक्षित ड्राइविंग तकनीकों की बारीकियां।
  • ​गोल्डन ऑवर का महत्व: दुर्घटना के बाद के पहले एक घंटे (गोल्डन ऑवर) में घायलों की जान कैसे बचाई जाए, इसका विशेष प्रशिक्षण।
  • ​त्वरित प्राथमिक उपचार: हादसे की स्थिति में मेडिकल हेल्प पहुँचने से पहले की जाने वाली सहायता।
  • ​सरकारी नीतियां और लाभ: चालकों को बीमा, मुआवजा प्रक्रिया और परिवहन विभाग की नई नीतियों के प्रति जागरूक किया जाएगा।

​सड़क हादसों में कमी लाने का लक्ष्य

​परिवहन विभाग का मुख्य उद्देश्य चालकों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना है। एक प्रशिक्षित चालक न केवल स्वयं सुरक्षित रहता है, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों और यात्रियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करता है। चरणवार तरीके से राज्य के हर जिले में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम से लाखों चालकों के लाभान्वित होने की उम्मीद है।

​”इस योजना का मकसद सड़क सुरक्षा को मजबूत करना और राज्य के व्यावसायिक चालकों को अधिक जिम्मेदार और कुशल बनाना है। यह प्रशिक्षण उनके जीवन-यापन के स्तर को भी बेहतर करेगा।” — परिवहन विभाग अधिकारी

बिहार म्यूजियम के नाम एक और बड़ी उपलब्धि: देश की नंबर-1 ‘म्यूजियम शॉप’ बनी, करोड़ों में हुई कमाई

0

Patna News: बिहार की राजधानी पटना स्थित बिहार म्यूजियम ने कला और संस्कृति के साथ-साथ अब आर्थिक मोर्चे पर भी देश में अपना परचम लहराया है। बिहार म्यूजियम की ‘सोविनियर शॉप’ (Souvenir Shop) भारत की सबसे अधिक बिक्री करने वाली संग्रहालय दुकान बन गई है। पिछले एक साल के आंकड़ों ने यह साबित कर दिया है कि बिहार की पारंपरिक कला और शिल्प का जादू न केवल देसी बल्कि विदेशी पर्यटकों के सिर चढ़कर बोल रहा है।

​कमाई के आंकड़े: साल दर साल जबरदस्त उछाल

​बिहार म्यूजियम की दुकान ने राजस्व प्राप्ति के मामले में पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं:

  • ​वित्तीय वर्ष 2025-26: कुल 1 करोड़ 71 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
  • ​वित्तीय वर्ष 2024-25: 1 करोड़ 34 लाख रुपये का कारोबार हुआ था।
  • ​वृद्धि: पिछले वर्ष की तुलना में राजस्व में लगभग 27% की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

​क्या है पर्यटकों की पहली पसंद?

​म्यूजियम शॉप में मिलने वाले उत्पादों में परंपरा और आधुनिकता का बेजोड़ संगम है। यहाँ उपलब्ध सामानों को तीन प्रमुख श्रेणियों में बांटा जा सकता है:

​1. कला और हस्तशिल्प (Art & Craft)

  • ​मधुबनी और मिथिला पेंटिंग: इन कलाकृतियों से सजे उत्पाद पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र हैं।
  • ​सिक्कि कला: सिक्की से बने ईयररिंग्स और डेकोरेटिव आइटम्स।
  • ​जूट बैग्स: पर्यावरण के अनुकूल और स्टाइलिश जूट बैग।

​2. परिधान और फैशन (Apparel)

  • ​भागलपुरी सिल्क और खादी: ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा देते हुए यहाँ भागलपुरी सिल्क और बावन बूटी खादी कॉटन की साड़ियां उपलब्ध हैं।
  • ​खासियत: नालंदा की हस्तनिर्मित साड़ियाँ, जो पूरी तरह हैंडलूम तकनीक से बनी हैं।
  • ​कीमत: महिलाओं के लिए कॉटन कुर्तियां और साड़ियाँ 700 रुपये से लेकर 7,000 रुपये तक की रेंज में उपलब्ध हैं।

​3. डेली यूज और गिफ्ट आइटम्स

  • ​आकर्षक डिजाइन वाले की-रिंग, की-चेन, पेन और डायरी।
  • ​युवाओं के लिए लैपटॉप बैग और स्टाइलिश ‘मोदी कोट’।
  • ​घर की सजावट के लिए शो-पीस और वॉल हैंगिंग्स।

​स्थानीय कारीगरों और कैदियों को मिल रहा संबल

​इस शॉप की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह केवल एक व्यापारिक केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण का जरिया भी है।

​”यहाँ न केवल स्थानीय कारीगरों के हुनर को मंच मिल रहा है, बल्कि राज्य की जेलों में बंद कैदियों द्वारा बनाए गए उत्पादों को भी बिक्री के लिए रखा गया है। इससे कारीगरों को आर्थिक मजबूती मिल रही है।” — अशोक कुमार सिन्हा, अपर निदेशक, बिहार म्यूजियम

 

​भविष्य की योजना: अंतरराष्ट्रीय पहचान पर नजर

​बिहार म्यूजियम प्रबंधन अब इस सफलता को अगले स्तर पर ले जाने की तैयारी में है। आने वाले समय में यहाँ कई और नए उत्पादों को जोड़ा जाएगा। लक्ष्य साफ है—बिहार की समृद्ध संस्कृति, कला और शिल्प को नेशनल और इंटरनेशनल मार्केट में एक मजबूत ब्रांड के रूप में स्थापित करना।

​अगर आप भी बिहार की विरासत को अपने साथ ले जाना चाहते हैं, तो अगली बार बिहार म्यूजियम की यात्रा पर इस सोविनियर शॉप को एक्सप्लोर करना न भूलें!

भागलपुर एसएसपी ने किया बाखरपुर थाना के नए हाईटेक भवन का भूमिपूजन, आधुनिक सुविधाओं से होगा लैस

0

Bhagalpur News: भागलपुर जिले में सुदृढ़ कानून-व्यवस्था और स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार यादव  ने आज बाखरपुर थाना के नए और आधुनिक भवन के निर्माण हेतु चयनित भूमि पर विधिवत भूमिपूजन किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमिपूजन संपन्न होने के साथ ही निर्माण कार्य का औपचारिक शुभारंभ भी हो गया।

​आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा बाखरपुर थाना

​भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक ने नए भवन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित भवन केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं होगा, बल्कि यह अत्याधुनिक सुविधाओं से पूरी तरह सुसज्जित होगा।

​एसएसपी ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि:

  • ​दक्षता में वृद्धि: नया और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर पुलिसकर्मियों को तनावमुक्त माहौल प्रदान करेगा, जिससे उनके कार्यों के निष्पादन की क्षमता (Efficiency) में काफी वृद्धि होगी।
  • ​पारदर्शिता: भवन का डिजाइन और तकनीक ऐसी होगी जो पुलिसिया कामकाज में पारदर्शिता (Transparency) को और बढ़ावा देगी।
  • ​आम जनता को सुविधा: नए भवन में फरियादियों के बैठने और उनकी समस्याएं सुनने के लिए भी विशेष व्यवस्था होगी, जिससे पुलिस-पब्लिक संबंध बेहतर होंगे।

​समर्पित टीम और गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति

​इस ऐतिहासिक अवसर पर पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने भी बड़ी संख्या में शिरकत की। पुलिस और पब्लिक के बीच बेहतर समन्वय का यह अनूठा उदाहरण था, जहाँ सभी ने पुलिसिंग को बेहतर बनाने की इस पहल का स्वागत किया।

भागलपुर में भीषण गर्मी का कहर: DM का बड़ा आदेश— 11:30 बजे के बाद स्कूलों में पढ़ाई पर पाबंदी, धारा-163 लागू

0

Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर जिले में सूरज की तपिश और भीषण गर्मी ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। बच्चों के स्वास्थ्य पर इसके प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान और लू (Heatwave) की स्थिति को देखते हुए जिले के सभी शिक्षण संस्थानों के समय में बदलाव कर दिया गया है।

​11:30 बजे के बाद शैक्षणिक गतिविधियों पर रोक

​जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालय (प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों सहित) और कोचिंग संस्थानों में पूर्वाह्न 11:30 बजे के बाद किसी भी प्रकार की शैक्षणिक गतिविधि नहीं होगी।

  • ​आदेश की अवधि: यह आदेश कल यानी 22 अप्रैल 2026 से 24 अप्रैल 2026 तक प्रभावी रहेगा।
  • ​धारा-163 के तहत कार्रवाई: बच्चों के स्वास्थ्य और जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023’ की धारा-163 के तहत यह पाबंदी लगाई गई है।

​स्कूल प्रबंधनों को सख्त निर्देश

​प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्कूल और कोचिंग संस्थान अपने शैक्षणिक कैलेंडर और समय सारिणी (Timetable) को इस आदेश के अनुरूप पुनर्निर्धारित करें। यदि कोई संस्थान 11:30 बजे के बाद कक्षाएं संचालित करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

​मौसम विभाग का अलर्ट: लू का खतरा बढ़ा

​मौसम विभाग ने आने वाले कुछ दिनों में तापमान में और बढ़ोत्तरी होने की संभावना जताई है। दोपहर के समय चलने वाली गर्म हवाएं (Loo) बच्चों और बुजुर्गों के लिए घातक साबित हो सकती हैं। इसी के मद्देनजर जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर यह फैसला लिया है ताकि बच्चों को भीषण गर्मी में घर से बाहर न निकलना पड़े।

​अभिभावकों ने ली राहत की सांस

​लगातार बढ़ रहे पारे और तपती धूप के बीच बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर अभिभावक चिंतित थे। प्रशासन के इस फैसले का व्यापक स्वागत किया जा रहा है। अधिकारियों ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे दोपहर के समय पर्याप्त पानी पिएं और बिना जरूरी काम के तेज धूप में निकलने से बचें।

खेतों में उगेगा ‘लाल सोना’: बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर में सिंदूर की खेती शुरू

0

Bhagalpur News: सिल्क सिटी भागलपुर के नाम से मशहूर यह जिला अब ‘सिंदूर की खेती’ के लिए भी जाना जाएगा। बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU) सबौर ने एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए परिसर में सिंदूर की खेती की शुरुआत की है। यह पहल न केवल हमारी पारंपरिक धरोहर को संरक्षित करेगी, बल्कि किसानों के लिए आर्थिक समृद्धि के नए द्वार भी खोलेगी।

​श्रृंगार ही नहीं, खाद्य सामग्री में भी उपयोग: डॉ. शाहिदा खातून

​विश्वविद्यालय की प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक डॉ. शाहिदा खातून की देखरेख में यह खेती की जा रही है। उन्होंने सिंदूर के प्रति लोगों के नजरिए को लेकर एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।

​डॉ. खातून ने बताया:

​“आमतौर पर लोग सिंदूर को केवल महिलाओं के श्रृंगार और धार्मिक कार्यों से जोड़कर देखते हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि प्राकृतिक सिंदूर का उपयोग बड़े पैमाने पर खाद्य पदार्थों (Food Colors) में भी किया जाता है। इसकी मांग बाजार में बहुत अधिक है, जिसका लाभ किसान उठा सकते हैं।”

 

​धरोहर से व्यापार: कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह का विजन

​बिहार कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह ने इस परियोजना को ‘धरोहर से व्यापार’ (Heritage to Business) का नाम दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेती के संसाधनों को आधुनिक बाजार से जोड़ना है।

​कुलपति के अनुसार:

  • ​आर्थिक मजबूती: सिंदूर की खेती कम लागत में अधिक मुनाफा देने की क्षमता रखती है।
  • ​विकल्प: यह धान-गेहूं जैसी पारंपरिक फसलों के साथ किसानों के लिए एक बेहतरीन नकदी फसल (Cash Crop) का विकल्प बनेगी।
  • ​संभावनाएं: आने वाले समय में विश्वविद्यालय द्वारा किसानों को इसके बीज और उन्नत तकनीक उपलब्ध कराई जाएगी।

​किसानों के लिए नई उम्मीद

​बिहार में अपनी तरह की यह पहली बड़ी कोशिश मानी जा रही है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि सिंदूर की खेती से न केवल बिहार के कृषि परिदृश्य में विविधता आएगी, बल्कि इससे जुड़े छोटे उद्योगों (Small Scale Industries) को भी बढ़ावा मिलेगा। भागलपुर का सबौर अब इस पारंपरिक धरोहर को आधुनिक व्यापार में बदलने का केंद्र बनने जा रहा है।

मोतिहारी पुलिस ने 24 घंटे के अंदर झपटमार गिरोह का किया भंडाफोड़, 4 अपराधी गिरफ्तार, एक नाबालिग भी निरुद्ध

0

Motihari News: अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में मोतिहारी पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। भोपतपुर थाना पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर मोबाइल और पैसा छीनने वाले एक शातिर गिरोह का सफल उद्भेदन किया है। पुलिस ने इस मामले में 4 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक विधि-विरुद्ध बालक को निरुद्ध किया गया है।

​क्या था पूरा मामला?

​घटना 19 अप्रैल की है। भोपतपुर थाना अंतर्गत ग्राम जमुनिया स्थित चौक के पास दो मोटरसाइकिल सवार अज्ञात अपराधियों ने एक व्यक्ति से मोबाइल और पैसे की छिनतई (स्नैचिंग) की थी। इस संबंध में पीड़ित द्वारा लिखित आवेदन दिए जाने के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कांड सं0-52/26 दर्ज कर तकनीकी अनुसंधान शुरू किया गया।

​गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण

​पुलिस ने छापेमारी कर नदीकान्ही गांव के रहने वाले निम्नलिखित आरोपियों को दबोचा है:

  1. ​राहुल कुमार, पिता-अकलु सहनी
  2. ​सुरज कुमार, पिता-अकलु सहनी
  3. ​मिथुन कुमार, पिता-भूखल सहनी
  4. ​करीमन कुमार, पिता-स्व0 महेश सहनी

​इनके साथ ही गिरोह में शामिल एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है।

​बरामदगी: बाइक और मोबाइल जब्त

​छापेमारी के दौरान पुलिस ने अपराधियों के पास से लूट के सामान और वारदात में इस्तेमाल किए गए वाहन को बरामद कर लिया है:

  • ​मोबाइल: छिनतई किया गया 01 मोबाइल फोन।
  • ​मोटरसाइकिल: घटना में प्रयुक्त बाइक (रजिस्ट्रेशन नंबर- BR05BR4916) को जब्त कर लिया गया है।

​छापेमारी टीम की मुस्तैदी

​इस सफल उद्भेदन में सदर-02 मोतिहारी के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी  जितेश पाण्डेय के नेतृत्व में भोपतपुर थानाध्यक्ष पु0अ0नि0 विकास कुमार, अपर थानाध्यक्ष मो0 आरिफ हुसैन, सीमा कुमारी और सशस्त्र बल के जवानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

​मोतिहारी पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे जनता की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर हैं। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार अपराधियों के पुराने आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है।

भागलपुर विश्वविद्यालय की बड़ी लापरवाही उजागर, परीक्षा देने के बाद भी छात्रों को किया फेल

0

Bhagalpur News: तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) एक बार फिर अपनी प्रशासनिक लापरवाही और रिजल्ट में धांधली को लेकर विवादों के घेरे में है। मंगलवार को छात्र संगठन NSUI ने सराय वाजिद अली लेन में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। संगठन ने साफ तौर पर कहा कि विश्वविद्यालय में शिक्षा के नाम पर भ्रष्टाचार हो रहा है और हजारों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

​परीक्षा दी पर रिजल्ट में ‘अनुपस्थित’: लापरवाही की पराकाष्ठा

​प्रेस कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय अध्यक्ष शाकिब नजीर ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में ऐसे छात्र-छात्राएं हैं जिन्होंने समय पर परीक्षा दी और सभी नियमों का पालन किया, लेकिन जब रिजल्ट आया तो उन्हें ‘Absent’ (अनुपस्थित) दिखा दिया गया।

​शाकिब नजीर ने कहा:

​“छात्रों ने परीक्षा केंद्र पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण उन्हें फेल या अनुपस्थित कर दिया गया है। यह सीधे तौर पर छात्रों के करियर को तबाह करने की साजिश है।”

 

​NEP और एडमिशन को लेकर छात्रों का उत्पीड़न

​NSUI ने एक और बड़ा मुद्दा उठाते हुए कहा कि कई छात्र सभी विषयों में पास हैं, इसके बावजूद उन्हें नियमों का गलत हवाला देकर NEP श्रेणी में डाल दिया गया है। इससे उन्हें अगले सेमेस्टर में नामांकन (Admission) लेने से रोका जा रहा है। इसके अलावा, जब छात्र अपनी शिकायत लेकर कार्यालय जाते हैं, तो उनके साथ विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अभद्र व्यवहार किया जाता है।

​अल्टीमेटम: “मांगें पूरी नहीं हुई तो बंद होगा विश्वविद्यालय”

​संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने दो प्रमुख मांगें रखी हैं:

  1. ​जिन छात्रों को गलत तरीके से अनुपस्थित किया गया है, उन्हें तुरंत ‘Present’ कर रिजल्ट सुधारा जाए।
  2. ​जिन्हें NEP किया गया है, उन्हें प्रमोट कर अगले सेमेस्टर में नामांकन की अनुमति दी जाए।

​शाकिब नजीर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही इन मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो छात्र संगठन कुलपति का घेराव करेगा, धरना देगा और जरूरत पड़ने पर विश्वविद्यालय में तालाबंदी कर उसे पूरी तरह बंद कराया जाएगा।

​मौके पर मौजूद कार्यकर्ता

​इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में शाकिब नजीर के साथ खुसरो राजा, शाहरुख शेख, तौसीफ लतीफ, हुसैन, ओम कुमार, सैफ खान, अरमान खान, रजनीश कुमार, परवेज आलम और राजू खान समेत कई छात्र नेता मौजूद थे। सभी ने एक स्वर में विश्वविद्यालय प्रशासन की तानाशाही के खिलाफ लड़ने का संकल्प लिया।

भागलपुर समाहरणालय होगा और भी हाईटेक: जिलाधिकारी ने समीक्षा भवन में बन रहे नए VC रूम का किया निरीक्षण

0

Bhagalpur News: भागलपुर समाहरणालय स्थित समीक्षा भवन को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने की कवायद तेज हो गई है। मंगलवार को जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने समीक्षा भवन के ऊपरी तल पर चल रहे निर्माण कार्य का औचक निरीक्षण किया। यहाँ BISWAN (Bihar State Wide Area Network) के लिए नया कार्यालय और हाईटेक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) रूम तैयार किया जा रहा है।

​अंतिम चरण में निर्माण कार्य: जल्द शुरू होगी सेवा

​निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य की बारीकियों को देखा। वर्तमान में भवन के ऊपरी तल पर टाइल्स लगाने और फॉल्स सीलिंग का काम तेजी से चल रहा है। जिलाधिकारी ने कार्य की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया।

​क्या होगी खासियत?

​समीक्षा भवन के ऊपरी तल पर दो प्रमुख विंग तैयार किए जा रहे हैं:

  1. ​BISWAN VC रूम: यह विशेष रूप से तकनीकी और विभागीय नेटवर्क कार्यों के लिए समर्पित होगा।
  2. ​सामान्य VC रूम: मीटिंग्स और जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों के लिए एक अलग आधुनिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम बनाया जा रहा है।

​इन रूम्स के चालू होने से जिले की ऑनलाइन बैठकों और डेटा कनेक्टिविटी में काफी सुधार आएगा।

​कार्यपालक अभियंता को सख्त निर्देश

​जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता (भवन प्रमंडल) को निर्देशित किया कि फिनिशिंग का काम यथाशीघ्र पूरा कर कार्यालय को हैंडओवर करें। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने के लिए इस डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का जल्द चालू होना अनिवार्य है।

​निरीक्षण के दौरान मौजूद अधिकारी

​इस मौके पर जिलाधिकारी के साथ संयुक्त निदेशक जनसंपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, BISWAN के एल-1 नीतीश कुमार एवं भवन प्रमंडल के कनीय अभियंता उपस्थित रहे।