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भागलपुर में बाढ़ सुरक्षा को लेकर सांसद अजय मंडल सख्त, कटाव निरोधक कार्यों का किया निरीक्षण

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले में बाढ़ और कटाव की समस्या को लेकर प्रशासनिक सक्रियता तेज हो गई है। इसी कड़ी मेंभागलपुर सांसद अजय कुमार मंडल ने सोमवार को बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल नवगछिया के अंतर्गत विभिन्न कटाव निरोधक कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया और अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सांसद ने इस्माइलपुर-बिंदटोली तटबंध के स्पूर-7 और स्पूर-8 के बीच क्षतिग्रस्त हिस्सों का जायजा लिया। यहां तटबंध की मरम्मत और संरक्षण के लिए चल रहे कटाव रोधी कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।
इसके अलावा, अधिकारियों द्वारा प्रस्तावित कार्यों में स्पूर-8 और स्पूर-9 के बीच तटबंध की मरम्मत, ऊपरी और निचले हिस्सों का पुनर्विभाजन, नदी तट संरक्षण कार्यों की मरम्मत तथा क्षतिग्रस्त स्पूर-9 के जीर्णोद्धार जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। सांसद ने इन सभी कार्यों को जल्द से जल्द और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने का निर्देश दिया।
सांसद अजय मंडल ने गंगा नदी के बाएं किनारे स्थित काजिकोरिया-राघोपुर सीमांत बांध का भी निरीक्षण किया, जहां नोज-सी, डी-नोज, ई-नोज और महादेवपुर घाट क्षेत्र में कटाव रोधी कार्यों के जीर्णोद्धार की स्थिति का आकलन किया गया।
निरीक्षण के दौरान बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, नवगछिया के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई। इस दौरान सांसद ने स्पष्ट कहा कि जनहित से जुड़े इन महत्वपूर्ण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाए।
स्थानीय लोगों को हर वर्ष बाढ़ और कटाव की समस्या से जूझना पड़ता है, ऐसे में इन कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। सांसद के इस निरीक्षण से प्रशासनिक तंत्र में भी सक्रियता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

भागलपुर: मौज-मस्ती के दौरान चली थी गोली, दो आरोपी गिरफ्तार; भारी मात्रा में हथियार और कफ सिरप बरामद

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Bhagalpur News: भागलपुर पुलिस ने 25 अप्रैल को हुए युवक हत्याकांड की गुत्थी को महज 48 घंटों के भीतर सुलझा लिया है। पुलिस ने इस मामले में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में न केवल हत्या में प्रयुक्त हथियार, बल्कि नशीले पदार्थों की एक बड़ी खेप भी बरामद की गई है।

​फ्लैट के अंदर ‘खूनी’ पार्टी: विवाद में मारी गई गोली

​वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव के निर्देश पर हुई जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। हत्या की यह वारदात किसी पुरानी रंजिश का नतीजा नहीं, बल्कि अवैध हथियारों के साथ की जा रही ‘मौज-मस्ती’ का दुखद अंत थी।

  • ​घटना का स्थान: मानिक सरकार घाट रोड स्थित एक फ्लैट।
  • ​क्या हुआ: 25 अप्रैल की रात को दोस्त इकट्ठा होकर अवैध हथियारों के साथ समय बिता रहे थे। इसी दौरान आपस में विवाद हुआ और सौरभ जायसवाल को गोली मार दी गई।
  • ​इलाज के दौरान मौत: पूर्णिया जिले के रूपौली निवासी सौरभ जायसवाल को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

​पुलिस की विशेष टीम ने बिछाया जाल, दो गिरफ्तार

​मामले की गंभीरता को देखते हुए सिटी डीएसपी-2 के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। पुलिस ने वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी साक्ष्यों (Mobile tracking & Surveillance) का सहारा लिया।

  • ​गिरफ्तार आरोपी: पुलिस ने गौरव कुमार और राजा कुमार को दबोच लिया है।
  • ​जुर्म कबूला: पूछताछ के दौरान दोनों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और घटना के क्रम की पूरी जानकारी पुलिस को दी।

​हथियारों का जखीरा और नशीला सामान बरामद

​पुलिस की छापेमारी में आरोपियों के पास से बरामदगी ने प्रशासन के कान खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने इनके पास से निम्नलिखित सामान जब्त किया है:

  • ​अवैध हथियार: 1 देशी पिस्तौल और 2 देशी कट्टा।
  • ​कारतूस: 7 जिंदा कारतूस, 4 खोखा (इस्तेमाल किए हुए) और 1 विकृत बुलेट।
  • ​नशा: 86 बोतल प्रतिबंधित कफ सिरप (नशीली दवा के रूप में इस्तेमाल होने वाली)।

​प्रशासन की चेतावनी

​पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन अपराधियों के पास इतनी बड़ी मात्रा में हथियार और नशीला कफ सिरप कहाँ से आ रहा था। सिटी डीएसपी ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों को भी जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

​अपडेट एक नजर में:

विवरण

जानकारी

मृतक का नाम

सौरभ जायसवाल (बिरौली, पूर्णिया)

गिरफ्तार आरोपी

गौरव कुमार और राजा कुमार

बरामदगी

3 हथियार, 7 कारतूस, 86 बोतल कफ सिरप

कांड की वजह

हथियार के साथ मौज-मस्ती के दौरान विवाद

थाना क्षेत्र

जोगसर थाना, भागलपुर

​गौ हत्या पर उबला भागलपुर: समाहरणालय गेट पर हिंदू संगठनों का जोरदार प्रदर्शन, अवैध बूचड़खानों को बंद करने की मांग

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले में गौ रक्षा के मुद्दे पर हिंदू संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। शहर में बढ़ रही गौ हत्या की घटनाओं और प्रशासन की कथित उदासीनता के खिलाफ सोमवार को विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने समाहरणालय (DM कार्यालय) गेट पर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और प्रशासन के बीच नोकझोंक की स्थिति भी बनी रही।

​प्रशासन के रवैये से भड़के कार्यकर्ता

​प्रदर्शनकारी कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर जिलाधिकारी (DM) को ज्ञापन सौंपने पहुंचे थे।

  • ​गेट पर रोका गया: समाहरणालय गेट पर तैनात सुरक्षा बलों ने कार्यकर्ताओं को अंदर जाने से रोक दिया।
  • ​SDO ऑफिस जाने का निर्देश: कार्यकर्ताओं को अंदर जाने की अनुमति न देकर सदर अनुमंडल कार्यालय (SDO Office) जाने को कह दिया गया, जिससे प्रदर्शनकारी भड़क गए।
  • ​नाराजगी: कार्यकर्ताओं का कहना था कि प्रशासन उनकी गंभीर शिकायतों को सुनने के बजाय इधर-उधर टालने की कोशिश कर रहा है।

​अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई की मांग

​प्रदर्शन के दौरान हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों ने स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।

  • ​प्रतिदिन गौ हत्या का आरोप: कार्यकर्ताओं ने कहा कि भागलपुर शहर के विभिन्न इलाकों में प्रतिदिन अवैध रूप से गौ हत्या की जा रही है।
  • ​आस्था पर चोट: प्रदर्शनकारियों ने कहा, “गौ माता हिंदू समाज की आस्था का केंद्र हैं। उनकी हत्या न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि हमारी धार्मिक भावनाओं पर सीधा आघात है।”
  • ​ठोस कार्रवाई का अभाव: कार्यकर्ताओं का आरोप है कि अवैध बूचड़खानों की जानकारी बार-बार पुलिस और प्रशासन को दी जाती है, लेकिन अब तक कोई बड़ी या ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

​ज्ञापन में दी कड़ी चेतावनी

​हिंदू संगठनों ने अपनी मांगों का एक ज्ञापन सौंपा और स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द ही अवैध बूचड़खानों को सील नहीं किया गया और इस काले कारोबार में शामिल लोगों को जेल नहीं भेजा गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

​“हमारी मांग साफ है—अवैध बूचड़खाने तुरंत बंद हों और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

 

​प्रशासनिक रुख

​मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने कार्यकर्ताओं की बातों को सुना और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पुलिस बल को संवेदनशील इलाकों में चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

भागलपुर में रफ्तार का कहर: बारात छोड़कर लौट रही बस डिवाइडर से टकराकर हुई क्षतिग्रस्त, टला बड़ा हादसा

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के नाथनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत फतेहपुर बाईपास के पास एक तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, सुखद पहलू यह रहा कि हादसे के वक्त बस पूरी तरह खाली थी, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई।

​बारात छोड़कर सुल्तानगंज से लौट रही थी बस

​जानकारी के अनुसार, बस सुल्तानगंज में बारात छोड़ने के बाद वापस भागलपुर की ओर लौट रही थी। फतेहपुर बाईपास के पास चालक ने अचानक नियंत्रण खो दिया और बस सीधे डिवाइडर पर चढ़ गई।

  • ​चश्मदीदों की जुबानी: स्थानीय लोगों ने बताया कि अचानक एक तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। जब लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे, तो बस डिवाइडर से टकराई हुई थी।
  • ​खाली थी बस: गनीमत रही कि बस में यात्री या बाराती सवार नहीं थे, वरना दर्जनों लोगों की जान खतरे में पड़ सकती थी।

​हादसे के बाद चालक और खलासी फरार

​घटना के तुरंत बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अपनी लापरवाही को भांपते हुए बस का चालक और खलासी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए डायल 112 पुलिस को मामले की जानकारी दी।

​पुलिस की कार्रवाई और जांच

​सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद नाथनगर थाना अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।

    • ​जांच: पुलिस ने बस को अपने कब्जे में लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
    • ​पहचान: बस के नंबर के आधार पर मालिक और फरार चालक की तलाश की जा रही है।

​“बाईपास पर बढ़ते हादसों को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम लगाने की मांग की है।”

भागलपुर: पारिवारिक कलह ने ली टोटो चालक की जान, पत्नी के वियोग और विवाद में खाया जहर; दो मासूमों के सिर से उठा पिता का साया

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Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक युवक ने प्रेम विवाह के चार साल बाद पारिवारिक विवाद से तंग आकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। जोगसर थाना क्षेत्र के आदमपुर धोबिया टोला में रहने वाले 26 वर्षीय टोटो चालक शिव कुमार यादव की मौत से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा है।

​2018 में शुरू हुई प्रेम कहानी का हुआ दुखद अंत

​मृतक शिव कुमार यादव की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं थी, लेकिन इसका अंत बेहद दर्दनाक रहा।

  • ​प्रेम संबंध: शिव कुमार का साल 2018 से नारायणपुर की ब्यूटी कुमारी के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था।
  • ​शादी: साल 2020 में जब शिव अपनी प्रेमिका से मिलने उसके गांव गया, तो ग्रामीणों ने उन्हें पकड़ लिया और मंदिर में दोनों की जबरन शादी करा दी गई।
  • ​परिवार: शादी के बाद दोनों आदमपुर में खुशी-खुशी रहने लगे और उनके दो बच्चे भी हुए।

​6 महीने से चल रहा था विवाद, मायके में रह रही थी पत्नी

​परिजनों के अनुसार, पिछले छह महीनों से शिव कुमार के घर में अशांति फैली हुई थी।

  • ​पत्नी ब्यूटी कुमारी घर छोड़कर अपने मायके चली गई थी।
  • ​दोनों बच्चे अलग-अलग रह रहे थे—एक बच्चा पिता के साथ आदमपुर में था, जबकि दूसरा माँ के साथ नारायणपुर में।
  • ​आरोप है कि शिव जब भी पत्नी को फोन करता, वह उससे बात नहीं करती थी और फोन पर गाली-गलौज व अपमान करती थी, जिससे शिव गहरे मानसिक तनाव में रहने लगा था।

​मां का गंभीर आरोप: “रिश्तेदार के साथ था बहू का प्रेम प्रसंग”

​मृतक की मां अंजू देवी ने अपनी बहू पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने रोते हुए बताया कि:

​”मेरा बेटा अपनी पत्नी से बेहद प्यार करता था और हमेशा उसकी तस्वीर अपने सीने से लगाकर रखता था। लेकिन बहू का अपने ही एक रिश्तेदार (चचेरी मौसी के बेटे) के साथ अवैध संबंध चल रहा था। इसी वजह से वह शिव को प्रताड़ित करती थी और उसके साथ रहने को तैयार नहीं थी।”

 

​देर रात कमरे में उठाया आत्मघाती कदम

​घटना की रात शिव कुमार हमेशा की तरह अपना टोटो चलाकर घर लौटा और सीधे अपने कमरे में चला गया। किसी को अंदाजा नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगा।

  • ​जहर का सेवन: कमरे के अंदर शिव ने जहरीला पदार्थ खा लिया।
  • ​छोटे भाई ने देखा: देर रात जब छोटे भाई की नजर शिव की बिगड़ती हालत पर पड़ी, तो उसने शोर मचाया।
  • ​अस्पताल में मौत: आनन-फानन में परिजन उसे मायागंज अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

​पुलिसिया कार्रवाई और जांच

​सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर रही है और मोबाइल कॉल डिटेल्स के आधार पर भी जांच की जा सकती है। फिलहाल, शिव कुमार की मौत ने दो छोटे बच्चों को अनाथ कर दिया है और वृद्ध माता-पिता का सहारा छीन लिया है।

भागलपुर बना अंतरराष्ट्रीय प्रेम का गवाह: फिलिपींस से आई दुल्हन, हिंदू रीति-रिवाज से रचाई शादी

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले से एक अनोखी और दिल छू लेने वाली प्रेम कहानी सामने आई है, जिसने लोगों को हैरान भी किया है और भावुक भी। सात समंदर पार की दूरी को पार करते हुए एक युवक और युवती ने अपने प्यार को शादी के मुकाम तक पहुंचाया।

मामला भागलपुर के बेलारी मिल्की गांव का है, जहां के रहने वाले ऋषि की दोस्ती करीब 10 साल पहले फिलिपींस की सारा से सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। शुरुआत में सामान्य बातचीत से शुरू हुआ यह रिश्ता समय के साथ गहराता गया और दोनों के बीच प्यार पनपने लगा।

💬 सोशल मीडिया से शुरू हुआ रिश्ता, दिलों तक पहुंचा

बताया जाता है कि दोनों के बीच लगातार बातचीत होती रही, जिससे एक-दूसरे को समझने का मौका मिला। अलग-अलग देशों और संस्कृतियों के बावजूद दोनों का रिश्ता मजबूत होता गया।

✈️ प्यार के लिए पार किया सात समंदर

अपने रिश्ते को आगे बढ़ाने के लिए ऋषि ने बड़ा कदम उठाया। उन्होंने करीब ढाई लाख रुपये खर्च कर पासपोर्ट और वीजा बनवाया और फिलिपींस जाकर सारा से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सारा के माता-पिता से भी मुलाकात की।

👨‍👩‍👧‍👦 परिवार की सहमति से तय हुई शादी

दोनों परिवारों के बीच बातचीत के बाद इस रिश्ते को मंजूरी मिल गई। इसके बाद सारा अपने माता-पिता के साथ भारत आईं और भागलपुर के बेलारी मिल्की गांव पहुंचीं।

💍 हिंदू रीति-रिवाज से हुई शादी

गांव में पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाज और पूरे धूमधाम के साथ दोनों की शादी संपन्न हुई। विदेशी बहू को देखने के लिए गांव में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और यह शादी इलाके में चर्चा का विषय बन गई।

💼 क्या करते हैं ऋषि?

ऋषि एक निजी कंपनी में टेक्निकल एसोसिएट के पद पर कार्यरत हैं और अब अपने जीवन की नई शुरुआत पत्नी सारा के साथ कर चुके हैं।

🌍 चर्चा में बनी अनोखी प्रेम कहानी

यह प्रेम कहानी सिर्फ भागलपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी चर्चा का विषय बनी हुई है। सोशल मीडिया के इस दौर में यह कहानी एक मिसाल बनकर सामने आई है कि सच्चा प्यार दूरी और सरहदों का मोहताज नहीं होता।

मॉल की फ्रेंचाइजी के नाम पर 48 लाख की साइबर ठगी, नालंदा का शातिर अपराधी गया से गिरफ्तार

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Bhagalpur News: साइबर अपराधियों के खिलाफ भागलपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। मॉल की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर करीब 48 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को पुलिस ने गया जिले से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान नालंदा जिले के सिलाव थाना अंतर्गत भगवानपुर निवासी बीरेंद्र चौधरी के रूप में हुई है।

​क्या है पूरा मामला?

​बीते 13 अप्रैल 2026 को भागलपुर के साइबर थाने में ठगी का एक मामला दर्ज कराया गया था (कांड संख्या 29/2026)। पीड़ित ने आरोप लगाया था कि फर्जी वेबसाइट के माध्यम से मॉल की फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा देकर उनसे लाखों रुपये ऐंठ लिए गए हैं।

​पुलिस की घेराबंदी और गिरफ्तारी

​मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) भागलपुर के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण (Technical Analysis) का सहारा लिया, जिससे पता चला कि अपराधी नालंदा के पावापुरी इलाके में सक्रिय है।

  • ​लुका-छिपी का खेल: जब पुलिस की टीम ने नालंदा में छापेमारी की, तो आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा।
  • ​गया में दबोचा गया: भागलपुर पुलिस ने आरोपी का पीछा नहीं छोड़ा और अंततः उसे गया जिले के धनौती थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।

​बरामदगी और आगे की कार्रवाई

​पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्त के पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनका उपयोग ठगी की वारदातों में किया जाता था। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।

​छापेमारी दल में शामिल जांबाज अधिकारी

​इस सफल ऑपरेशन में साइबर थाना भागलपुर के कई अधिकारी और जवान शामिल थे:

    • ​पु.अ.नि. शिव कुमार सुमन, प्रशांत कुमार, रामकृष्ण।
    • ​सिपाही: कृष्ण मोहन सिंह, अवधेश कुमार।
    • ​तकनीकी टीम: धर्मेंद्र कुमार और अमरेश कुमार राज।

​सावधान रहें: भागलपुर पुलिस ने जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान वेबसाइट या लुभावने फ्रेंचाइजी ऑफर के चक्कर में आकर अपनी गाढ़ी कमाई न लुटाएं। किसी भी संदेह की स्थिति में तुरंत नजदीकी साइबर थाने को सूचित करें।

नवगछिया: ट्यूशन पढ़ने निकले दो सगे भाई लापता, 48 घंटे बाद भी सुराग नहीं; परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

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Bhagalpur News: नवगछिया पुलिस जिला के गोपालपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत डीमाहा गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब ट्यूशन पढ़ने निकले दो सगे भाई रहस्यमय तरीके से लापता हो गए। घटना 24 अप्रैल की है और दो दिन बीत जाने के बाद भी बच्चों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इस घटना ने पूरे गांव को चिंता में डाल दिया है और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

​साइकिल से निकले थे, फिर नहीं लौटे

​जानकारी के अनुसार, डीमाहा निवासी राजेश चौधरी के दो पुत्र हर्ष कुमार और मोक्ष कुमार 24 अप्रैल को रोजाना की तरह अपनी साइकिल पर सवार होकर ट्यूशन पढ़ने के लिए घर से निकले थे। शाम ढलने के बाद भी जब दोनों भाई घर वापस नहीं लौटे, तो परिजनों को चिंता होने लगी। शुरुआत में लगा कि शायद वे किसी दोस्त के घर रुक गए होंगे, लेकिन देर रात तक उनकी कोई खबर न मिलने पर परिवार में चीख-पुकार मच गई।

​परिजनों ने हर जगह की तलाश, पर मिला सन्नाटा

​लापता बच्चों के पिता राजेश चौधरी और अन्य परिजनों ने अपने स्तर पर पूरी रात खोजबीन की। सगे-संबंधियों, बच्चों के सहपाठियों और आसपास के गांवों में भी पूछताछ की गई, लेकिन हर्ष और मोक्ष का कहीं पता नहीं चला। बच्चों के अचानक गायब होने से गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं और परिजनों को किसी अप्रिय घटना या अनहोनी की गहरी आशंका सता रही है।

​पुलिस की कार्रवाई: गुमशुदगी का मामला दर्ज

​कोई सुराग नहीं मिलने पर हताश पिता राजेश चौधरी ने गोपालपुर थाना पहुंचकर पुलिस को लिखित आवेदन दिया है। आवेदन में उन्होंने बताया है कि उनके दोनों बेटे घर से ट्यूशन के लिए निकले थे और तब से लापता हैं। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर ली है और बच्चों की तलाश के लिए जाल बिछा दिया है।

​परिजनों की गुहार: जल्द मिले मासूम

​राजेश चौधरी ने पुलिस प्रशासन से हाथ जोड़कर गुहार लगाई है कि उनके बेटों को जल्द से जल्द सुरक्षित बरामद किया जाए। पुलिस ने स्थानीय लोगों और मुखबिरों को सक्रिय कर दिया है, साथ ही आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि बच्चों के जाने की दिशा का पता लगाया जा सके।

भागलपुर: हाथों की मेहंदी भी नहीं उतरी और उजड़ गया सुहाग, शादी के महज 10 दिन बाद नवविवाहिता का फंदे से लटका मिला शव

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Bhagalpur News: भागलपुर के रसलपुर थाना क्षेत्र से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। अभी शादी की शहनाइयों की गूंज शांत भी नहीं हुई थी कि एक घर से अर्थी उठने की तैयारी होने लगी। धनौरा गांव में महज 10 दिन पहले ब्याह कर आई नवविवाहिता अनामिका कुमारी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में घर के अंदर फंदे से लटका पाया गया। इस घटना के बाद से गांव में सन्नाटा पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

​खुशियां मातम में बदली: 10 दिन पहले ही हुई थी शादी

​जानकारी के अनुसार, मृतका अनामिका कुमारी की शादी बड़े ही अरमानों के साथ हिंदू रीति-रिवाज से नारद कुमार उर्फ फैन्टीस के साथ संपन्न हुई थी। शादी के बाद घर में उत्सव का माहौल था और नई नवेली दुल्हन के स्वागत की रस्में अभी चल ही रही थीं। लेकिन रविवार की सुबह जो खबर सामने आई, उसने सबको स्तब्ध कर दिया। अनामिका का शव संदिग्ध हालत में फंदे से झूलता मिला, जिससे शादी की खुशियां चंद पलों में चीख-पुकार में तब्दील हो गई।

​घटना के वक्त घर में अकेली थी मृतका

​बताया जा रहा है कि जिस समय यह खौफनाक वारदात हुई, अनामिका घर में अकेली थी। रविवार सुबह जब स्थानीय लोगों और परिजनों को इसकी जानकारी हुई, तो घर के अंदर का नजारा देख सबके होश उड़ गए। अनामिका को फंदे से लटका देख ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। आनन-फानन में पुलिस को सूचित किया गया।

​पुलिसिया कार्रवाई: पति हिरासत में, जांच जारी

​सूचना मिलते ही रसलपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर भेज दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मृतका के पति नारद कुमार उर्फ फैन्टीस को हिरासत में ले लिया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है।

​पुलिस इस मामले में दो मुख्य पहलुओं पर जांच कर रही है:

  1. ​क्या यह पारिवारिक कलह या दहेज से जुड़ा मामला है?
  2. ​क्या अनामिका ने खुदकुशी की है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है?

​ग्रामीणों में चर्चा और गहराता रहस्य

​धनौरा गांव के लोग इस घटना से हैरान हैं। लोगों का कहना है कि 10 दिन के भीतर ऐसा क्या हुआ कि एक नवविवाहिता को मौत को गले लगाना पड़ा? पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा। फिलहाल, पुलिस मृतका के मायके वालों के बयान का इंतजार कर रही है ताकि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके।

BAU में विश्व बौद्धिक संपदा दिवस 2026: कृषि नवाचार को ‘IPR’ के कवच से सशक्त बनाने का महामंथन

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Bhagalpur News: बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU), सबौर ने आज ‘विश्व बौद्धिक संपदा दिवस’ (World Intellectual Property Day) के अवसर पर कृषि क्षेत्र में नवाचार, तकनीक और कानूनी सुरक्षा को लेकर एक उच्चस्तरीय विचार-विमर्श सत्र का आयोजन किया। विश्वविद्यालय के निदेशालय अनुसंधान (DoR) में आयोजित इस मंथन का उद्देश्य प्रयोगशाला में होने वाले शोध को बौद्धिक संपदा अधिकारों (IPR) के जरिए बाजार और किसान के खेतों तक मजबूती से पहुँचाना है।

​प्रमुख आकर्षण: कृषि और खेल के नवाचारों का अनूठा संगम

​इस वर्ष World Intellectual Property Organization (WIPO) द्वारा निर्धारित थीम “IP and Sports: Ready, Set, Innovate” पर चर्चा करते हुए विशेषज्ञों ने एक दिलचस्प तुलना पेश की। जिस तरह खेलों में सटीकता और नई तकनीक खिलाड़ी के प्रदर्शन को निखारती है, ठीक उसी तरह कृषि में ‘नवाचार’ उत्पादकता की नई ऊंचाइयां छूने में मदद करता है।

​निदेशक अनुसंधान, डॉ. ए.के. सिंह ने सत्र की अध्यक्षता करते हुए कहा:

​“IPR केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह हमारे वैज्ञानिकों की मेहनत को स्वामित्व और मूल्य प्रदान करने का जरिया है। भविष्य का अनुसंधान केवल ‘पेपर’ (Paper) तक सीमित न रहे, बल्कि ‘पेटेंट’ (Patent) बनकर किसानों की आय बढ़ाए, यही हमारा लक्ष्य है।”

 

​बीएयू की उपलब्धियों का ‘रिपोर्ट कार्ड’: नवाचार का पावरहाउस

​सत्र के दौरान विश्वविद्यालय की अब तक की शानदार यात्रा का विवरण साझा किया गया। BAU ने बौद्धिक संपदा के क्षेत्र में अपनी धाक जमाते हुए निम्नलिखित उपलब्धियां दर्ज की हैं:

श्रेणी

संख्या

पेटेंट (Patents)

23

कॉपीराइट (Copyrights)

24

भौगोलिक संकेतक (GI Tags)

05

ट्रेडमार्क (Trademark)

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विशेषज्ञों ने जोर दिया कि आविष्कार प्रकटीकरण (Invention Disclosure) से लेकर लाइसेंसिंग और स्टार्टअप प्रोत्साहन तक की पूरी कड़ी को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा रहा है।

​कुलपति का संदेश: “नवाचार को आर्थिक लाभ में बदलना अनिवार्य”

​विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह ने अपने संदेश में वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को प्रेरित करते हुए कहा कि एक मजबूत IPR इकोसिस्टम ही कृषि उद्यमिता (Agri-entrepreneurship) की नींव है। उन्होंने Technology Readiness Levels (TRL) और उद्योगों के साथ तालमेल बिठाने पर विशेष जोर दिया ताकि तकनीकी हस्तांतरण (Technology Transfer) की प्रक्रिया तेज हो सके।

​मंथन के मुख्य बिंदु: छोटे किसानों तक पहुंचेगा लाभ

​सत्र में शामिल महाविद्यालयों के प्राचार्यों और वैज्ञानिकों ने सर्वसम्मति से कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं को रेखांकित किया:

  • ​GI आधारित ब्रांडिंग: बिहार के विशिष्ट उत्पादों को GI टैग के माध्यम से वैश्विक पहचान दिलाना।
  • ​बाजार उन्मुख अनुसंधान: शोध ऐसा हो जिसकी बाजार में मांग हो और जो उद्योगों को आकर्षित करे।
  • ​समावेशी नवाचार: यह सुनिश्चित करना कि IPR का लाभ केवल बड़े संस्थानों तक न रहे, बल्कि छोटे और वंचित किसानों को भी इसका आर्थिक लाभ मिले।

​कार्यक्रम का समापन

​कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. मनकेश कुमार ने किया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. चंदा कुशवाहा द्वारा प्रस्तुत किया गया। सत्र का समापन इस सामूहिक संकल्प के साथ हुआ कि बिहार कृषि विश्वविद्यालय को ‘IPR संचालित कृषि नवाचार’ का एक ऐसा केंद्र बनाया जाएगा, जहां हर नया विचार सुरक्षित होगा और हर नवाचार किसानों के लिए समृद्धि का द्वार खोलेगा।