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ट्रेन की चपेट में आने से अज्ञात युवक की मौत, इलाके में सनसनी

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के नाथनगर थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक रेल हादसे में अज्ञात युवक की मौत हो गई। घटना फतेहपुर रेलवे ट्रैक के पोल संख्या 313/20 और 313/22 के बीच की है, जहां सुल्तानगंज से भागलपुर की ओर आ रही ट्रेन की चपेट में आने से युवक की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना रविवार सुबह की बताई जा रही है। हादसे के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मृतक युवक की पहचान अब तक नहीं हो सकी है, हालांकि स्थानीय लोग उसे विक्षिप्त (मानसिक रूप से अस्वस्थ) बता रहे हैं।

घटना की सूचना सुल्तानगंज कंट्रोल के माध्यम से आरपीएफ को दी गई, जिसके बाद आरपीएफ ने नाथनगर थाना पुलिस को अवगत कराया। सूचना मिलते ही नाथनगर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

पुलिस फिलहाल युवक की पहचान करने और हादसे के कारणों की जांच में जुटी हुई है। आसपास के इलाकों में पूछताछ की जा रही है ताकि मृतक के परिजनों का पता लगाया जा सके।
इस घटना ने एक बार फिर रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

भागलपुर में महिला आरक्षण पर सियासत तेज, 2029 तक 33% आरक्षण लागू करने का दावा

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Bhagalpur News: भागलपुर में आयोजित जन-आक्रोश महिला सम्मेलन के दौरान महिला आरक्षण को लेकर सियासी माहौल गरमा गया। कार्यक्रम में शामिल नेताओं ने महिलाओं को राजनीति में उचित भागीदारी दिलाने के लिए केंद्र सरकार की पहल को ऐतिहासिक बताते हुए 2029 तक 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने का दावा किया।

इस दौरान बिहपुर विधायक इंजीनियर शैलेंद्र ने प्रेस वार्ता में कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार दिलाने की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि इससे राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा।

वक्ताओं ने कहा कि भारत में नारी शक्ति को हमेशा सम्मान दिया गया है, लेकिन राजनीति में उनकी भागीदारी सीमित रही है। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि उन्होंने वर्षों तक महिला सशक्तिकरण के नाम पर राजनीति तो की, लेकिन ठोस कदम नहीं उठाए।

नेताओं ने जानकारी दी कि 16 अप्रैल 2026 को संसद में संविधान संशोधन विधेयक, परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश विधेयक पेश किए गए हैं। इनका मुख्य उद्देश्य 2029 तक लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ आरक्षण का मामला नहीं है, बल्कि यह देश की राजनीति में महिलाओं की निर्णायक भागीदारी की शुरुआत है। इससे न केवल नीति निर्माण में महिलाओं की भूमिका बढ़ेगी, बल्कि राजनीति में संवेदनशीलता, संतुलन और दूरदर्शिता का नया अध्याय भी जुड़ेगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह पहल तय समयसीमा में लागू होती है, तो आने वाले वर्षों में भारतीय राजनीति का स्वरूप काफी हद तक बदल सकता है।

बीजेपी की बढ़ती राजनीतिक पकड़, अन्य दलों में हलचल तेज

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Bhagalpur News: देश की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का प्रभाव लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। अपनी मजबूत संगठनात्मक संरचना, नेतृत्व क्षमता और स्पष्ट विचारधारा के चलते पार्टी न सिर्फ चुनावी मैदान में मजबूती से खड़ी है, बल्कि अब अन्य दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी अपनी ओर आकर्षित कर रही है।

हाल के दिनों में आम आदमी पार्टी (आप) समेत कई दलों के नेताओं के बीजेपी में शामिल होने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव आने वाले समय में बड़े राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।

बीजेपी का प्रमुख नारा “सबका साथ, सबका विकास” समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ने की सोच को दर्शाता है। यही कारण है कि विभिन्न विचारधाराओं से जुड़े नेता भी इस नीति से प्रभावित हो रहे हैं और पार्टी के साथ जुड़ने की संभावनाएं तलाश रहे हैं।

इसी क्रम में बिहार बीजेपी की प्रवक्ता डॉ. प्रीति शेखर ने बयान देते हुए कहा कि यह तो अभी शुरुआत है। आने वाले समय में अन्य दलों के कई बड़े नेता और कार्यकर्ता बीजेपी का दामन थाम सकते हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी की नीतियां, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकास की गति और मजबूत संगठनात्मक ढांचा ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि यह सिलसिला जारी रहा तो आने वाले चुनावों में राजनीतिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है, जहां बीजेपी और अधिक सशक्त स्थिति में नजर आ सकती है।

सड़क हादसे में राजमिस्त्री की मौत, बाइक चालक मौके से फरार

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक राजमिस्त्री की मौत हो गई। घटना मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र के नाव घाट के पास की है, जहां काम पर जा रहे एक मजदूर को तेज रफ्तार बाइक ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई, वहीं बाइक चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया।

मृतक की पहचान भतोरिया निवासी मनोहर यादव (56 वर्ष) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह दरियापुर की ओर से पैदल अपने घर लौट रहे थे, तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार बाइक ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें पास के एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत नाजुक देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद बाइक चालक मौके से फरार हो गया, लेकिन स्थानीय लोगों ने बाइक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। सूचना मिलते ही मधुसूदनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और बाइक को जब्त कर लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बाइक उसी थाना क्षेत्र के तौसीफ खान के नाम पर रजिस्टर्ड बताई जा रही है।

इधर, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार बाइक चालक की तलाश में जुट गई है।

मृतक के भतीजे राजेश कुमार यादव ने बताया कि मनोहर यादव मजदूरी के लिए घर से निकले थे, तभी यह हादसा हो गया। उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक अपने पीछे एक पुत्र और छह पुत्रियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। पत्नी अनीता देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।

बिहार में शिकायत निवारण तंत्र होगा और मजबूत, मिशन निदेशक ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

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Patna News: बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन के तहत राज्य में लोक शिकायत निवारण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मिशन निदेशक डॉ. बी. राजेन्दर की अध्यक्षता में अधिवेशन भवन, पटना में लोक शिकायत निवारण पदाधिकारियों एवं आईटी प्रबंधकों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें शिकायतों के त्वरित निष्पादन और डिजिटल व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक की शुरुआत मिशन निदेशक के संबोधन से हुई, जिसमें उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि आमजन की शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही ही सुशासन की आधारशिला है और इसे मजबूत करने के लिए सभी स्तरों पर गंभीरता से कार्य करना आवश्यक है।

इस दौरान 12 जुलाई 2025 को आयोजित पिछली समीक्षा बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुपालन की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में शिकायतों के निष्पादन, लंबित मामलों की स्थिति और प्रक्रिया में सुधार के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए यह सुनिश्चित करने पर बल दिया गया कि शिकायतों का निपटारा निर्धारित समय सीमा के भीतर हो। वहीं, लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम के तहत सेवा वितरण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न सुधारात्मक उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

तकनीकी पहलुओं पर चर्चा करते हुए एनआईसी द्वारा ServicePlus पोर्टल में लागू नई व्यवस्था का प्रस्तुतीकरण किया गया, जिसमें दस्तावेजों के डिजिटल अपलोड को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव शामिल हैं। इस पर अधिकारियों से फीडबैक लेकर इसे और उपयोगकर्ता अनुकूल बनाने की दिशा में सुझाव लिए गए।

इसके अलावा डीटीपीएल द्वारा बिहार सदन, नई दिल्ली स्थित लोक सेवा केंद्र के माध्यम से BRPGRA के तहत शिकायत प्राप्त करने और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई सुनिश्चित करने की नई व्यवस्था पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। इससे दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को भी आसानी से न्याय मिलने की उम्मीद जताई गई।

बैठक में HRMS (Human Resource Management System) के क्रियान्वयन की प्रगति की भी समीक्षा की गई, जिससे सरकारी कर्मियों के प्रबंधन और सेवा प्रक्रियाओं को डिजिटल रूप से मजबूत किया जा सके।

दिनभर चली इस महत्वपूर्ण बैठक के अंत में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और आईटी प्रबंधकों से व्यापक फीडबैक लिया गया। प्राप्त सुझावों के आधार पर राज्य में शिकायत निवारण एवं सेवा वितरण प्रणाली को और सशक्त बनाने के लिए आगे की रणनीति तय की गई।

बैठक में विभिन्न विभागों के लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, आईटी प्रबंधक, एनआईसी और डीटीपीएल के प्रतिनिधि सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मधुबनी में माँ जानकी नवमी महोत्सव 2026 की धूम: संस्कृति, भक्ति और प्रतिभा का अद्भुत संगम

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Bihar News: बिहार के मधुबनी में माँ जानकी नवमी महोत्सव 2026 के अवसर पर एक भव्य और आकर्षक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और युवा प्रतिभाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस महोत्सव का आयोजन माँ जानकी मिथिला पुरुष यादव समिति द्वारा किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे खेलकूद प्रतियोगिताओं के उद्घाटन के साथ हुई। इस अवसर पर बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार झा और खेल पदाधिकारी नीतीश कुमार ने संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। दिनभर वाटसन स्कूल मैदान और खेल भवन में कबड्डी, खो-खो और वॉलीबॉल जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जबकि विवाह भवन, नगर निगम मधुबनी में नृत्य और संगीत प्रतियोगिताओं ने दर्शकों का मन मोह लिया।
प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को माननीय कुलपति, विधान पार्षद और बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष द्वारा सम्मानित किया गया। इससे प्रतिभागियों का उत्साह और भी बढ़ा।
संध्या 4:30 बजे विवाह भवन में माँ जानकी नवमी का मुख्य कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. लक्ष्मी निवास पांडेय, विधान पार्षद घनश्याम ठाकुर और बोर्ड अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार झा द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन और पूजा-अर्चना की गई।
इस दौरान प्रवीण मिश्रा के नेतृत्व में प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। वैदिक आचार्य धर्मेन्द्र द्वारा मंत्रोच्चारण और स्वस्ति पाठ से पूरे परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मृत्युंजय कुमार झा ने कहा कि जानकी नवमी महोत्सव का आयोजन वर्ष 2010 से लगातार किया जा रहा है और इसका उद्देश्य माता जानकी के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जिस तरह रामनवमी मनाई जाती है, उसी तरह जानकी नवमी को भी पूरे उत्साह के साथ मनाएं और घर-घर 11 दीप जलाकर इस पर्व को विशेष बनाएं।
वहीं, कुलपति प्रो. लक्ष्मी निवास पांडेय ने कहा कि मिथिला की यह पावन भूमि हमारी सांस्कृतिक धरोहर है, और ऐसे आयोजन समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं।
कार्यक्रम के अंत में जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र झा ने धन्यवाद ज्ञापन किया, जबकि मंच संचालन डॉ. रणधीर कुमार यादव ने किया। इस अवसर पर जानकी सेना के प्रदेश अध्यक्ष वरुण कुमार सिंह समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
यह महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समृद्धि का भी संदेश दे गया।

पूर्व रेलवे की बड़ी उपलब्धि: यात्रियों की समस्याओं का समाधान अब सिर्फ 28 मिनट में, ‘रेल मदद’ पर रचा इतिहास

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कोलकाता/भागलपुर: भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधा और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए लगातार नए मानक स्थापित कर रहा है। इसी कड़ी में “यात्री सर्वोपरि” के मंत्र को सिद्ध करते हुए पूर्व रेलवे (Eastern Railway) ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, पूर्व रेलवे ने ‘रेल मदद’ पोर्टल पर शिकायतों के निपटान का औसत समय घटाकर मात्र 28 मिनट कर दिया है।

​रेलवे बोर्ड के मानकों से भी तेज़ समाधान

​पूर्व रेलवे द्वारा शिकायतों के निपटान में किया गया यह सुधार रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित समय सीमा से भी काफी कम है। इसका सीधा लाभ उन यात्रियों को मिल रहा है जो यात्रा के दौरान किसी समस्या का सामना करते हैं। अब यात्रियों की शिकायतों का समाधान उनकी यात्रा पूरी होने से पहले ही “रियल टाइम” में किया जा रहा है।

​प्रमुख सुधार और उपलब्धियां:

  • ​तेज़ी: शिकायतों के निपटान का औसत समय अब मात्र 28 मिनट है।
  • ​फीडबैक: 52.79% यात्रियों ने समाधान मिलने के बाद पूर्व रेलवे की सेवा को “Excellent” (उत्कृष्ट) रेटिंग दी है।
  • ​शिकायतों में कमी: पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले कुल शिकायतों में 1.79% की गिरावट दर्ज की गई है, जो बेहतर सर्विस का प्रमाण है।
  • ​फोकस एरिया: स्वच्छता, कोच मेंटेनेंस, खानपान, पानी की उपलब्धता और कर्मचारियों के व्यवहार जैसी श्रेणियों में विशेष सुधार हुआ है।

​महाप्रबंधक श्री मिलिंद देऊस्कर का विजन

​पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक श्री मिलिंद देऊस्कर के नेतृत्व में डिजिटल आधुनिकीकरण और 24×7 निगरानी तंत्र को मजबूत किया गया है। संभागीय नियंत्रण कक्षों में उन्नत निगरानी और फील्ड स्टाफ के बीच बेहतर समन्वय की वजह से ही यह त्वरित समाधान संभव हो पाया है। प्रशासन अब हर शिकायत को सेवा सुधारने के एक अवसर के रूप में देख रहा है।

​अधिकारियों का बयान

​पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शिबराम माझि ने इस सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा:

​“हमारे यात्री ही पूर्व रेलवे के हर कार्य का केंद्र हैं। रेल मदद के रिस्पॉन्स टाइम में यह ऐतिहासिक सुधार हमारी टीम की चौबीसों घंटे की कड़ी मेहनत का परिणाम है। हमारा लक्ष्य हर यात्रा को सुरक्षित और परेशानी मुक्त बनाना है।”

रोहतास में न्याय की जीत: लूट और हत्या के 5 दोषियों को उम्रकैद और सश्रम कारावास, स्पीडी ट्रायल से मिला इंसाफ

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Bihar News: बिहार के रोहतास जिले में कानून का इकबाल बुलंद करते हुए माननीय न्यायालय, सासाराम ने लूट के दौरान हत्या करने वाले पांच खूंखार अपराधियों को कड़ी सजा सुनाई है। पुलिस द्वारा की गई त्वरित जांच और प्रभावी स्पीडी ट्रायल के परिणामस्वरूप, तीन दोषियों को आजीवन कारावास और दो को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा मिली है।

​क्या था मामला?

​घटना 24 मार्च 2024 की शाम की है, जब सासाराम अनुमंडल के अंतर्गत धौडाढ़ ओ०पी० क्षेत्र में अपराधियों ने लूटपाट के दौरान एक व्यक्ति की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी थी। इस संबंध में सासाराम (धौडाढ़ ओ०पी०) में कांड संख्या 148/24 दर्ज किया गया था। पुलिस ने इस मामले में धारा 394/302/120(बी)/24 भा०द०वि० और 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।

​पुलिस की त्वरित कार्रवाई और स्पीडी ट्रायल

​रोहतास पुलिस अधीक्षक के कुशल निर्देशन में इस मामले की जांच बेहद कम समय में पूरी की गई। पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोप पत्र (Charge Sheet) दाखिल किया और अपराधियों को सजा दिलाने के लिए स्पीडी ट्रायल की प्रक्रिया अपनाई। आज, यानी 24 अप्रैल 2026 को न्यायालय ने अपना अंतिम फैसला सुना दिया।

​किसे क्या मिली सजा?

​न्यायालय ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए दोषियों को दो श्रेणियों में सजा सुनाई है:

​1. आजीवन कारावास (Life Imprisonment) + ₹20,000 जुर्माना

​इन तीन अपराधियों को अपनी पूरी जिंदगी जेल में काटनी होगी:

  • ​विष्णु कुमार (27 वर्ष): पिता- राजेन्द्र लाल, निवासी- माधोपुर, थाना- मनेर, जिला- पटना।
  • ​बिट्टू पासवान: पिता- ददन पासवान, निवासी- नन्दन, थाना- डुमराँव, जिला- बक्सर।
  • ​योगेश कुमार: पिता- कौशल सिंह, निवासी- धनकढ़ा, थाना- धौडाढ़, जिला- रोहतास।

​2. 10 साल का सश्रम कारावास + ₹20,000 जुर्माना

​इन दो अपराधियों को 10 वर्ष की कड़ी कैद की सजा मिली है:

    • ​मनोरंजन कुमार: पिता- विजय राम, निवासी- मेदनीपुर, थाना- धौडाढ़, जिला- रोहतास।
    • ​शंकर कुमार: पिता- दिनेश राम, निवासी- मेदनीपुर, थाना- धौडाढ़, जिला- रोहतास।

​रोहतास पुलिस का संदेश: > “अपराध और अपराधियों के विरुद्ध हमारी ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति जारी रहेगी। यह फैसला समाज में एक कड़ा संदेश है कि कानून के हाथ लंबे होते हैं और न्याय में अब देरी नहीं होगी।”

पूर्णिया पुलिस का बड़ा एक्शन: CEIR पोर्टल से 90 चोरी के मोबाइल बरामद, लाखों की रिकवरी

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Patna News: पूर्णिया पुलिस ने तकनीक के दम पर एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए चोरी और गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी में उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। पुलिस मुख्यालय, बिहार पटना के निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान के तहत CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल की मदद से जिलेभर से कुल 90 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पुलिस अधीक्षक पूर्णिया के निर्देश पर तकनीकी शाखा द्वारा यह विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में दर्ज सनहा और CEIR पोर्टल पर दर्ज मामलों का गहन विश्लेषण कर कार्रवाई की गई।
बरामद किए गए मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत करीब 24 लाख रुपये बताई जा रही है। इन सभी मोबाइलों को विधिवत प्रक्रिया पूरी कर उनके वास्तविक मालिकों को 25 अप्रैल 2026 को सौंप दिया गया, जिससे लोगों के चेहरे पर खुशी लौट आई।

तकनीकी टीम की अहम भूमिका

इस अभियान को सफल बनाने में पूर्णिया पुलिस की तकनीकी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम ने IMEI ट्रैकिंग और डिजिटल सर्विलांस के जरिए मोबाइल की लोकेशन ट्रेस कर उन्हें बरामद किया।

बेहतर कार्य के लिए सम्मान

मोबाइल बरामदगी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिस पदाधिकारियों को पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। इनमें—
पु.अ.नि. शशि कुमार भगत (सदर थाना)
पु.अ.नि. राहुल कुमार (सरसी थाना)
पु.अ.नि. संजना प्रसाद (कसबा थाना)
शामिल हैं, जिन्होंने अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई।

तकनीकी टीम के सदस्य

इस ऑपरेशन में तकनीकी शाखा के प्रभारी सहित कई पुलिसकर्मियों ने मिलकर काम किया, जिनकी सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से यह सफलता संभव हो पाई।
पूर्णिया पुलिस की इस कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि आधुनिक तकनीक और सतर्क पुलिसिंग के जरिए अपराध पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। साथ ही आम लोगों को भी यह संदेश दिया गया है कि चोरी या गुम हुए मोबाइल की सूचना तुरंत दर्ज कराएं, ताकि उन्हें वापस पाया जा सके।

पटना में अपार्टमेंट से लूटकांड का खुलासा: शातिर अपराधी गिरफ्तार, लाखों की बरामदगी

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Patna News: पटना में अपार्टमेंट में हुई लूट की घटना का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है। नगर पुलिस अधीक्षक (मध्य) कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह कार्रवाई पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र में हुई हालिया लूट की घटना के बाद तेज की गई जांच के दौरान की गई।
जानकारी के अनुसार, 23/24 फरवरी 2026 की रात पाटलिपुत्र स्थित एक अपार्टमेंट (फ्लैट नंबर-202) में गृहभेदन की घटना हुई थी। इस मामले में पीड़ित द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर पाटलिपुत्र थाना में कांड संख्या-104/26 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस लगातार जांच में जुटी हुई थी।
इसी क्रम में अप्रैल माह में पाटलिपुत्र कॉलोनी के एक अन्य अपार्टमेंट में भी बंद फ्लैट में चोरी की घटना सामने आई, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई। पुलिस ने विशेष सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मो. परवेज उर्फ कल्लू (उम्र करीब 22 वर्ष), निवासी आशानगर, जिला नालंदा के रूप में हुई है। वर्तमान में वह पटना के दीघा थाना क्षेत्र में किराये के मकान में रह रहा था। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिसमें चोरी, लूट और अन्य संगीन धाराएं शामिल हैं।

बरामदगी में क्या-क्या मिला?

पुलिस ने आरोपी के पास से भारी मात्रा में नकद और कीमती सामान बरामद किया है, जिसमें—
₹7,97,300 नकद
एक मोबाइल फोन
सोने-चांदी के आभूषण (चेन, कड़ा, ब्रेसलेट, लॉकेट, कान के टॉप्स आदि)
चांदी के सिक्के और मूर्ति
पायल और अन्य जेवरात

आपराधिक इतिहास ने चौंकाया

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ पाटलिपुत्र और श्रीकृष्णापुरी थाना समेत कई थानों में पहले से आधा दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं। इनमें चोरी, लूट और गृहभेदन जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं।

छापेमारी टीम की भूमिका

इस पूरे ऑपरेशन को सफल बनाने में पाटलिपुत्र थाना और श्रीकृष्णापुरी थाना की पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। विशेष टीम ने तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को दबोच लिया।
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल हैं। साथ ही अन्य लंबित मामलों में भी उससे कनेक्शन खंगाला जा रहा है।