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बिहार बना तकनीकी शिक्षा का हब: अब राज्य में ही गढ़ा जा रहा बच्चों का भविष्य, पलायन में आई भारी कमी

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Patna News: बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में हुए क्रांतिकारी बदलावों का असर अब ज़मीनी स्तर पर दिखने लगा है। उपमुख्यमंत्री सह विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बुधवार को पटना के संवाद कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि बिहार अब तकनीकी शिक्षा का ‘हब’ बन चुका है। राज्य से छात्रों के पलायन में न केवल भारी कमी आई है, बल्कि छात्र अब अपने ही घर में रहकर विश्वस्तरीय तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

​नीतीश की नीतियों को सम्राट चौधरी दे रहे गति

​उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ‘सात निश्चय’ कार्यक्रमों ने राज्य की तस्वीर बदल दी है। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार के कार्यों और नीतियों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है। शिक्षा सहित सभी क्षेत्रों में विकास की गति अब और तेज़ हो गई है।” उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जल्द ही राज्य में मंत्रिमंडल का विस्तार भी होने वाला है।

​मात्र 10 रुपये में बीटेक और 5 रुपये में पॉलिटेक्निक

​विभागीय सचिव लोकेश कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता में जो आंकड़े पेश किए, वे चौंकाने वाले और गर्व करने वाले हैं:

  • ​न्यूनतम शुल्क: बिहार के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में नामांकन शुल्क मात्र 10 रुपये और पॉलिटेक्निक में सिर्फ 5 रुपये है।
  • ​सीटों की संख्या: सत्र 2025-26 के लिए इंजीनियरिंग कॉलेजों में 14,553 और पॉलिटेक्निक संस्थानों में 17,243 सीटें स्वीकृत हैं।
  • ​प्लेसमेंट: साल 2025-26 में अब तक 15,246 बच्चों को विभिन्न निजी कंपनियों में शानदार रोजगार मिल चुका है।

​महिला सशक्तिकरण और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

​विजय कुमार चौधरी ने कहा कि तकनीकी शिक्षा में महिलाओं को दिए जा रहे 33 फीसदी आरक्षण की वजह से बिहार महिला सशक्तिकरण की दिशा में देश का अग्रणी राज्य बन रहा है। कॉलेजों में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ बनाए गए हैं, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय स्तर की हो गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के दौर में विज्ञान और तकनीक के बिना सामान्य जीवन जीना असंभव है और बिहार का युवा इस क्षेत्र में अब सबसे आगे होगा।

​प्रेस वार्ता की मुख्य झलकियां:

  • ​पलायन पर रोक: अब बिहार का पैसा और संसाधन बाहर नहीं जा रहा।
  • ​हर जिले में पहुंच: बिहार के सभी 38 जिलों में इंजीनियरिंग कॉलेज और 46 पॉलिटेक्निक संस्थान क्रियाशील हैं।
  • ​आर्थिक राहत: गरीब से गरीब मेधावी छात्र भी अब बिना किसी आर्थिक बोझ के इंजीनियर बन रहा है।

​इस अवसर पर विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह, निदेशक अहमद महमूद और बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय के कुलपति सुरेश कान्त वर्मा सहित कई वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे।

भागलपुर पुलिस की मज़बूत पैरवी का असर: नाथनगर के अभियुक्त शाहबाज अंसारी को कोर्ट ने सुनाई सजा

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले में अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुँचाने के लिए भागलपुर पुलिस द्वारा लगातार मज़बूत पैरवी की जा रही है। इसी कड़ी में भागलपुर पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। माननीय न्यायालय ने नाथनगर (ललमटिया) थाना क्षेत्र के एक मामले में सुनवाई करते हुए अभियुक्त को कारावास की सजा सुनाई है।

​क्या है पूरा मामला?

​यह मामला नाथनगर (ललमटिया) थाना के कांड संख्या 75/14 से जुड़ा है। अभियुक्त शाहबाज अंसारी के खिलाफ भा०द०वि० की धारा 224 के तहत मामला दर्ज था। पुलिस ने इस मामले में गहन तफ्तीश की और समय पर न्यायालय में चार्जशीट (आरोप पत्र) समर्पित की।

​न्यायालय का फैसला

​भागलपुर पुलिस द्वारा प्रस्तुत किए गए ठोस साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर माननीय न्यायालय ने शाहबाज अंसारी को दोषी पाया। कोर्ट ने अभियुक्त को 04 माह 10 दिन के कारावास की सजा सुनाई है।

​पुलिस की सक्रियता आई काम

​इस मामले में अभियुक्त को सजा दिलाने में  मनीष कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके द्वारा की गई कानूनी पैरवी और साक्ष्यों के सही प्रस्तुतीकरण के कारण ही मामले का निष्पादन हो सका और अपराधी को सजा मिली।

​सोशल मीडिया पर पुलिस का संदेश

​भागलपुर पुलिस ने इस उपलब्धि को साझा करते हुए स्पष्ट किया है कि “जन विश्वास और संकल्प” के साथ वे अपराधियों को कानून के शिकंजे में लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से जिले के अपराधियों में हड़कंप है और आम जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है।

घोघा इलाके का कुख्यात अपराधी ‘टिब्वा मंडल’ और उसका साथी गिरफ्तार, रंगदारी मांगने के मामले में हुई जेल

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Crime News: बिहार के भागलपुर जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। घोघा थाना क्षेत्र में दहशत का पर्याय बन चुके कुख्यात अपराधी टिब्वा मंडल उर्फ चन्द्रभानु मंडल और उसके सहयोगी अकबाली यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई रंगदारी के एक मामले की जांच के दौरान की गई।

​क्या है पूरा मामला?

​मिली जानकारी के अनुसार, पन्नुचक निवासी संजीव कुमार गुप्ता ने 29 दिसंबर 2025 को घोघा थाने में आवेदन दिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि टिब्वा मंडल और उसके साथियों द्वारा उनसे रंगदारी की मांग की जा रही है और न देने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी जा रही है। पुलिस ने इस मामले में कांड संख्या 194/25 दर्ज कर जांच शुरू की थी।

​एसएसपी के निर्देश पर ऐसे हुई गिरफ्तारी

​अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP), भागलपुर के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में पुलिस अधीक्षक (नगर), एसडीपीओ कहलगांव, डीआईयू टीम और घोघा थानाध्यक्ष शामिल थे।

  • ​पहली गिरफ्तारी: टीम ने सबसे पहले इस कांड के प्राथमिक अभियुक्त अकबाली यादव को एकचारी दियारा स्थित उसके बासा से दबोचा।
  • ​मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी: अकबाली यादव की निशानदेही पर पुलिस ने एकचारी थाना अंतर्गत जटाधारी बाबा मंदिर के पास छापेमारी की, जहाँ से मुख्य अपराधी टिब्वा मंडल को गिरफ्तार किया गया।

​टिब्वा मंडल का काला चिट्ठा (अपराधिक इतिहास)

​गिरफ्तार टिब्वा मंडल कोई साधारण अपराधी नहीं है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उस पर साल 2006 से लेकर 2026 तक 14 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं। इसमें:

  • ​हत्या (धारा 302): कहलगांव और घोघा थाने में हत्या के कई मामले।
  • ​जानलेवा हमला (धारा 307): कई बार पुलिस और आम नागरिकों पर हमले का आरोप।
  • ​आर्म्स एक्ट: अवैध हथियार रखने और तस्करी के दर्जनों केस।
  • ​रंगदारी: व्यापारियों और स्थानीय लोगों को डराने-धमकाने के मामले।

​छापेमारी टीम में शामिल पुलिस अधिकारी

​इस सफल ऑपरेशन में घोघा थानाध्यक्ष आशुतोष कुमार, पु०अ०नि० राजेश कुमार, स०अ०नि० महानंद सिंह, स०अ०नि० नवीन कुमार और डीआईयू टीम भागलपुर के साथ सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।

मेधा, मेहनत और शहादत की अनकही कहानी, सुल्तानगंज के जांबाज EO कृष्ण भूषण कुमार पंचतत्व में विलीन

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Bhagalpur News: बिहार प्रशासनिक सेवा के चमकते सितारे और सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) स्व. कृष्ण भूषण कुमार अब हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन उनकी वीरता और ईमानदारी की कहानी बिहार के प्रशासनिक इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गई है। बुधवार को मधुबनी के गदियानी लोहरसारी में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

​संघर्षों से तपकर निखरा था व्यक्तित्व

​कृष्ण भूषण कुमार का जीवन संघर्ष और सफलता की एक प्रेरणादायक मिसाल है। मूल रूप से मधुबनी के रहने वाले कृष्ण भूषण ने बहुत कम उम्र में ही अपने माता-पिता (पिता स्व. रामचंद्र साह और माता स्व. सीमा देवी) को खो दिया था। अनाथ होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी मेधा के दम पर 2018 में UGC NET जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा उत्तीर्ण की। उनके भाई बताते हैं कि वे हमेशा से समाज के लिए कुछ बड़ा करना चाहते थे।

​सेवा और साहस का संगम

​उन्होंने 28 फरवरी 2025 को कहलगांव में कार्यपालक पदाधिकारी के रूप में अपना प्रशासनिक सफर शुरू किया था। उनकी कार्यकुशलता को देखते हुए उन्हें सुल्तानगंज का अतिरिक्त प्रभार मिला।

  • ​शहादत की रात: 28 अप्रैल को जब अपराधियों ने दफ्तर पर हमला किया, तो कृष्ण भूषण कुमार ने भागने के बजाय अपराधियों को पकड़ने का साहस दिखाया।
  • ​सर्वोच्च बलिदान: इसी संघर्ष में अपराधियों ने उन्हें गोली मार दी। उन्होंने अपने कर्तव्य की वेदी पर अपनी जान न्यौछावर कर दी।

​राजकीय सम्मान: गार्ड ऑफ ऑवर और अंतिम विदाई

​मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर प्रशासन ने शहीद अधिकारी को वह सम्मान दिया जिसके वे हकदार थे।

  • ​अंतिम विदाई: जिलाधिकारी आनंद शर्मा और एसपी योगेंद्र कुमार ने पार्थिव शरीर पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
  • ​सलामी: बिहार पुलिस के जवानों ने शस्त्र झुकाकर उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया।
  • ​25 लाख की सहायता: मौके पर ही जिलाधिकारी ने उनकी पत्नी शालू कुमारी को 25 लाख रुपये का चेक सौंपा और बच्चों (3 साल का बेटा और 1 साल की बेटी) के भविष्य के लिए हर संभव मदद का भरोसा दिया।

​प्रशासनिक हलके में शोक और संकल्प

​शोक सभा में नगर विकास विभाग के विशेष सचिव मनन राम और कई अन्य वरीय अधिकारी शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में कहा कि कृष्ण भूषण कुमार की शहादत बेकार नहीं जाएगी। अपराधियों को उनके किए की सजा जरूर मिलेगी।

सुल्तानगंज गोलीकांड: शहीद EO कृष्ण भूषण कुमार के परिवार को 25 लाख की आर्थिक मदद, राजकीय सम्मान के साथ दी जाएगी अंतिम विदाई

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Patna News: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) स्व. कृष्ण भूषण कुमार के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारी के अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा को सलाम करते हुए उनके आश्रितों के लिए बड़ी सहायता राशि की घोषणा की है।

​कर्तव्य की वेदी पर सर्वोच्च बलिदान

​मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि कृष्ण भूषण कुमार एक बेहद कर्मठ और साहसी अधिकारी थे। उन्होंने अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए जिस वीरता का परिचय दिया और अपने प्राणों की आहुति दी, उसे राज्य हमेशा याद रखेगा।

​सरकार की ओर से बड़ी घोषणाएं

​मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, राज्य सरकार ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं:

  • ​आर्थिक सहायता: शहीद अधिकारी के परिवार (आश्रित) को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
  • ​राजकीय सम्मान: स्व. कृष्ण भूषण कुमार का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान (State Funeral) के साथ किया जाएगा।
  • ​संवेदना: मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोकाकुल परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है।

​क्या था मामला? (बैकग्राउंड)

​बता दें कि भागलपुर के सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में बीते दिनों अपराधियों ने दिनदहाड़े हमला कर दिया था। इस हमले में कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए थे और इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से ही प्रशासनिक महकमे और आम जनता में भारी आक्रोश और शोक व्याप्त है।

​प्रशासन में शोक की लहर

​एक होनहार अधिकारी के इस तरह चले जाने से बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों में गहरा दुःख है। सरकार की इस त्वरित घोषणा को शहीद अधिकारी के सम्मान और उनके परिवार के प्रति संवेदनशीलता के रूप में देखा जा रहा है।

सुल्तानगंज गोलीकांड: समीक्षा भवन में नम आंखों से दी गई शहीद अधिकारी को श्रद्धांजलि, DM बोले- ‘प्रशासन के लिए अपूरणीय क्षति’

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Bhagalpur News: सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में हुए सनसनीखेज गोलीकांड ने पूरे प्रशासनिक महकमे को झकझोर कर रख दिया है। अपराधियों की गोलियों का शिकार हुए कर्तव्यनिष्ठ कार्यपालक पदाधिकारी (EO) कृष्ण भूषण प्रसाद की मौत के बाद आज भागलपुर के समीक्षा भवन में एक शोक सभा का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित इस सभा में जिले के तमाम आला अधिकारियों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

​कर्तव्य की वेदी पर बलिदान हुए कृष्ण भूषण प्रसाद

​बीते मंगलवार को सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में उस वक्त चीख-पुकार मच गई थी, जब हथियारबंद अपराधियों ने दिनदहाड़े दफ्तर में घुसकर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस कायराना हमले में कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण प्रसाद और नगर परिषद अध्यक्ष राजकुमार गुड्डू को गोलियां लगी थीं। गंभीर रूप से घायल ईओ कृष्ण भूषण प्रसाद ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि सभापति का इलाज अभी भी जारी है।

​डीएम ने याद किए अधिकारी के सेवा कार्य

​शोक सभा को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा:

​”कृष्ण भूषण प्रसाद एक बेहद शांत, सरल और अपने काम के प्रति पूरी तरह समर्पित अधिकारी थे। पिछले एक साल से वे भागलपुर जिले में अपनी सेवाएं दे रहे थे। कहलगांव से लेकर सुल्तानगंज तक उनके कार्य करने की शैली सराहनीय थी। उनका इस तरह असमय जाना बिहार प्रशासनिक सेवा और जिले के लिए एक ऐसी क्षति है जिसे कभी पूरा नहीं किया जा सकता।”

 

​जिले में आक्रोश और सुरक्षा पर सवाल

​इस घटना ने सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों की सुरक्षा पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। दफ्तर के भीतर घुसकर एक राजपत्रित अधिकारी की हत्या से प्रशासनिक हलके में गहरा आक्रोश है।

  • ​अधिकारियों की मौजूदगी: शोक सभा में एडीएम, एसडीओ सहित जिले के सभी विभागों के वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे।
  • ​इलाज जारी: नगर परिषद अध्यक्ष राजकुमार गुड्डू अभी भी अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं, जिनकी स्थिति पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

​न्याय की मांग तेज

​शोक सभा के दौरान अधिकारियों ने अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त से सख्त सजा सुनिश्चित करने की मांग की। पुलिस प्रशासन का दावा है कि आरोपियों की पहचान के लिए छापेमारी जारी है और बहुत जल्द सलाखों के पीछे होंगे।

राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हुए कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार, CM के निर्देश पर परिजनों को मिला 25 लाख का चेक

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Bihar News: कर्तव्यनिष्ठा और सेवा की मिसाल पेश करने वाले सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी स्व. कृष्ण भूषण कुमार को आज राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। मधुबनी स्थित उनके पैतृक आवास पर आयोजित इस शोकाकुल विदाई समारोह में प्रशासनिक अधिकारियों सहित भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा।

​प्रशासनिक अमले ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

​दिवंगत अधिकारी के असामयिक निधन की खबर से पूरे प्रशासनिक जगत में शोक की लहर है। इस दुःखद घड़ी में जिलाधिकारी आनंद शर्मा और पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार मधुबनी स्थित उनके आवास पहुंचे।

  • ​श्रद्धासुमन: जिलाधिकारी और एसपी ने पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनकी सेवाओं को याद किया।
  • ​गार्ड ऑफ ऑनर: बिहार सरकार के निर्देशानुसार दिवंगत अधिकारी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।

​मुख्यमंत्री के निर्देश पर 25 लाख की आर्थिक सहायता

​मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के विशेष निर्देश के आलोक में जिलाधिकारी ने दिवंगत अधिकारी की पत्नी शालू कुमारी को सांत्वना दी और तत्काल सहायता के रूप में 25 लाख रुपये का चेक प्रदान किया। जिलाधिकारी ने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि प्रशासन हर मोड़ पर इस परिवार के साथ खड़ा है।

​जिलाधिकारी और एसपी का संबोधन

​जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा:

​“स्वर्गीय कृष्ण भूषण कुमार एक साहसी और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी थे। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान ईमानदारी की जो मिसाल पेश की, उसे हमेशा याद रखा जाएगा। उनका जाना विभाग और समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है।”

 

​पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने भी उनके योगदान को स्मरण किया और कहा कि उनके जैसे समर्पित अधिकारी का असमय चले जाना अत्यंत पीड़ादायक है।

​अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब

​इस शोकसभा में राज्य सरकार के कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी शामिल हुए। नगर विकास एवं आवास विभाग के विशेष सचिव मनन राम और उप सचिव रंजन कुमार ने पटना से आकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इसके अलावा:

  • ​नगर आयुक्त उमेश भारती, डीपीआरओ परिमल कुमार
  • ​एसडीओ चंदन झा, एसडीपीओ अमित कुमार सहित कई जिला स्तरीय पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। सभी ने नम आंखों से अपनी प्रिय अधिकारी को अंतिम विदाई दी।

भागलपुर में सनसनीखेज ‘हाफ मर्डर’: युवक का गला रेता, परिजनों ने पुलिस पर लगाया मिलीभगत और अनदेखी का आरोप

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Bhagalpur Crime News: भागलपुर का नाथनगर इलाका एक बार फिर रक्तरंजित हो उठा है। यहाँ एक 17 वर्षीय युवक पर जानलेवा हमला कर उसका गला काटने की कोशिश की गई है। इस ‘हाफ मर्डर’ की घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत व्याप्त है। वहीं, पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया है।

​क्या है पूरा घटनाक्रम?

​जानकारी के अनुसार, घटना 25 अप्रैल की रात करीब 9 बजे की है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि उनका 17 वर्षीय बेटा अपनी दुकान के पास खड़ा था, तभी अचानक कुछ असामाजिक तत्व गाली-गलौज करते हुए अवैध हथियारों के साथ वहां पहुंचे।

  • ​जानलेवा हमला: हमलावरों ने युवक को घेर लिया और सीधे उसके गले पर धारदार हथियार से वार कर दिया।
  • ​खून से लथपथ हुआ युवक: वार इतना जबरदस्त था कि युवक वहीं लहूलुहान होकर गिर पड़ा।
  • ​परिजनों पर पत्थरबाजी: जब परिवार के लोग बचाने आए, तो उन पर भी पथराव और मारपीट की गई, जिसमें कई अन्य सदस्य भी चोटिल हुए हैं।

​अस्पताल में चल रहा है इलाज

​गंभीर रूप से घायल युवक को तत्काल भागलपुर के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, युवक की स्थिति नाजुक बनी हुई है और उसका इलाज जारी है। परिजनों का कहना है कि यह हमला युवक की जान लेने की नीयत से ही किया गया था।

​पुलिस पर गंभीर आरोप: ‘एकतरफा हो रही है जांच’

​इस मामले में सबसे बड़ा विवाद पुलिस की भूमिका को लेकर खड़ा हो गया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि:

  1. ​देरी से कार्रवाई: 26 अप्रैल को लिखित शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।
  2. ​धमकी का सिलसिला: आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और पीड़ित परिवार को केस वापस लेने के लिए जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
  3. ​विपक्षी पक्ष का ‘काउंटर केस’: परिजनों का आरोप है कि पुलिस के ढुलमुल रवैये के कारण ही विपक्षी पक्ष ने 28 अप्रैल को मनगढ़ंत कहानी बनाकर जवाबी केस दर्ज करा दिया, ताकि मुख्य मामले को कमजोर किया जा सके।

​पुलिस का पक्ष

​वहीं, नाथनगर थाना पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें मिली हैं और मामले की तहकीकात की जा रही है। पुलिस का दावा है कि निष्पक्ष जांच के बाद साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

​तनावपूर्ण स्थिति

​फिलहाल इलाके में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है। स्थानीय लोगों में पुलिस के खिलाफ आक्रोश देखा जा रहा है। अब देखना यह होगा कि ‘हाफ मर्डर’ जैसे गंभीर मामले में भागलपुर पुलिस कब तक मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजती है।

​रिपोर्ट: आलोक कुमार झा, भागलपुर

दिल्ली में बिहार के युवक की गोली मारकर हत्या: बर्थडे पार्टी के बाद बहस और फिर खूनी खेल, आरोपी गिरफ्तार

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Patna News: देश की राजधानी दिल्ली के जाफ़रपुर कलां थाना इलाके में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ बिहार के रहने वाले एक 21 वर्षीय युवक पांडव कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। यह घटना उस वक्त हुई जब मृतक अपने दोस्तों के साथ एक बर्थडे पार्टी से लौट रहा था। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

​बर्थडे पार्टी की खुशी मातम में बदली

​जानकारी के अनुसार, जाफ़रपुर कलां निवासी रूपेश कुमार (जो मूल रूप से बिहार के खगड़िया जिले के रहने वाले हैं) के बेटे की बर्थडे पार्टी थी। पार्टी खत्म होने के बाद देर रात करीब 2:15 बजे रूपेश अपने कुछ दोस्तों, जिनमें मृतक पांडव, कृष्ण, दीपक और अन्य शामिल थे, के साथ घर के पास मुख्य सड़क (कैप्टन पृथ्वी सिंह डागर मार्ग) पर खड़े होकर बातचीत कर रहे थे।

​मामूली बहस और फिर सीने में उतार दी गोली

​घटनाक्रम के मुताबिक, सड़क के दूसरी तरफ एक ऑफिस के ऊपर रहने वाला नीरज नाम का शख्स नीचे आया और वहां खड़े युवाओं के समूह से बहस करने लगा।

  • ​CCTV फुटेज में कैद वारदात: सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि नीरज अपना हथियार लहराते हुए बहस कर रहा है।
  • ​अचानक फायरिंग: बहस के दौरान नीरज ने अचानक अपनी पिस्टल पांडव के सीने पर तानी और गोली चला दी।
  • ​एक ही गोली से दो शिकार: गोली पांडव के सीने को चीरते हुए पीछे बैठे उसके दोस्त कृष्ण के पेट में जा लगी। दोनों को तुरंत RTR अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने पांडव को मृत घोषित कर दिया, जबकि कृष्ण का इलाज जारी है।

​मृतक जोमैटो में करता था काम

​मृतक पांडव कुमार मात्र 21 साल का था और दिल्ली के बिंदापुर इलाके में रहकर जोमैटो डिलीवरी बॉय के रूप में काम करता था। वह अपनी मेहनत से अपने परिवार का सहारा बनने की कोशिश कर रहा था, लेकिन एक सनकी अपराधी की गोली ने उसकी जिंदगी छीन ली।

​आरोपी गिरफ्तार, हथियार बरामद

​पुलिस ने आरोपी की पहचान नीरज के रूप में की है, जो मूल रूप से रोहतक (हरियाणा) का रहने वाला है और पिछले 15 सालों से इसी इलाके में रह रहा था।

  • ​गिरफ्तारी: पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
  • ​बरामदगी: मौके से 9mm का एक खाली कारतूस बरामद किया गया है।
  • ​FIR दर्ज: जाफ़रपुर कलां थाने में धारा 103(i)/109(i) BNS और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।

​बिहार पुलिस और दिल्ली पुलिस में संपर्क

​चूंकि मृतक और उसके दोस्त मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं, इसलिए बिहार पुलिस मुख्यालय ने दिल्ली पुलिस से संपर्क साधा है। अधिकारियों ने घटना की पूरी जानकारी ली है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए मामले की क्लोज मॉनिटरिंग की जा रही है।

​“दिल्ली पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और आरोपी को सख्त सजा दिलाने के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।” — पुलिस सूत्रों के अनुसार

सुल्तानगंज गोलीकांड: CID DIG जयंत कांत ने संभाली जांच की कमान, नगर परिषद उप-सभापति के पति की एनकाउंटर से गरमाया मामला

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Crime News: बिहार के चर्चित सुल्तानगंज गोलीकांड में अब सीआईडी (CID) की एंट्री हो गई है। पुलिस मुठभेड़ में मुख्य आरोपी रामधनी यादव की मौत के बाद उपजे विवाद और संवेदनशीलता को देखते हुए सीआईडी के डीआईजी जयंत कांत और विभाग के एसपी ने खुद घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।

​इस हाई-प्रोफाइल मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है, क्योंकि मृतक रामधनी यादव सुल्तानगंज नगर परिषद की उप-सभापति नीलम देवी के पति थे।

​घटनास्थल पर घंटों चली जांच

​बुधवार को सीआईडी के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय पहुंची। डीआईजी जयंत कांत ने घटनास्थल का चप्पा-चप्पा छाना और घटनाक्रम को रिक्रिएट करने की कोशिश की।

  • ​बारीकी से मुआयना: टीम ने उन बिंदुओं की जांच की जहां से फायरिंग शुरू हुई थी।
  • ​साक्ष्यों का संकलन: जांच टीम ने पुलिस टीम और प्रत्यक्षदर्शियों से जुड़े इनपुट भी लिए।
  • ​अधिकारियों को निर्देश: जांच के दौरान डीआईजी ने स्थानीय पुलिस अधिकारियों को मामले से जुड़े हर छोटे सबूत को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए।

​क्या है पूरा मामला?

​बता दें कि सुल्तानगंज गोलीकांड का मुख्य आरोपी रामधनी यादव पुलिस की गिरफ्त में था। पुलिस टीम उसे गुप्त सूचना के आधार पर हथियार बरामदगी के लिए ले जा रही थी। पुलिस के मुताबिक:

  1. ​हथियार बरामदगी के दौरान रामधनी के सहयोगियों ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
  2. ​खुद को बचाने के लिए पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें रामधनी यादव गंभीर रूप से घायल हो गया।
  3. ​उसे इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

​उप-सभापति के पति होने से बढ़ा सियासी पारा

​रामधनी यादव की पत्नी नीलम देवी नगर परिषद की उप-सभापति हैं, जिसके कारण इस एनकाउंटर पर सवाल भी उठ रहे हैं और यह चर्चा का केंद्र बना हुआ है। परिजनों और समर्थकों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है, जिसे देखते हुए प्रशासन फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है।

​CID जांच से क्या निकलेगा निष्कर्ष?

​मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच सीआईडी को सौंपी गई है। डीआईजी जयंत कांत का स्वयं घटनास्थल पर पहुंचना यह दर्शाता है कि विभाग किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरतना चाहता। पुलिस और अपराधियों के बीच हुई इस मुठभेड़ की सत्यता और कानूनी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है।

​“सीआईडी की टीम पूरे मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।” — जांच अधिकारी का संकेत

 

​रिपोर्ट: आलोक कुमार झा, भागलपुर