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जगदीशपुर हटिया में ‘गुंडा टैक्स’ का आतंक! बिना रसीद अवैध वसूली से दुकानदार परेशान, अंचल कार्यालय पर मिलीभगत के गंभीर आरोप

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के जगदीशपुर अंचल क्षेत्र से भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां लगने वाले साप्ताहिक हटिया बाजार में दुकानदारों से सरेआम अवैध वसूली की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि सरकारी हटिया होने के बावजूद यहां गैर-सरकारी लोग ‘वसूली भाई’ बनकर छोटे व्यवसायियों का शोषण कर रहे हैं, जिससे स्थानीय दुकानदारों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

​बिना रसीद ₹400 तक की वसूली: रसीद मांगो तो मिलती है धमकी

​ग्रामीणों और दुकानदारों के अनुसार, प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को लगने वाले इस हाट में तानाशाही का आलम है। छोटे-बड़े दुकानदारों से ₹50 से लेकर ₹400 तक की राशि जबरन वसूली जाती है।

  • ​नियमों की धज्जियां: जब दुकानदार राकेश कुमार और अन्य व्यवसायियों ने इस वसूली के बदले सरकारी रसीद या कूपन की मांग की, तो उन्हें न केवल रसीद देने से मना कर दिया गया, बल्कि विरोध करने पर दुकान हटाने और अंजाम भुगतने की धमकी भी दी गई।

​अंचल कार्यालय की भूमिका पर सवाल: “शिकायत की तो मिली डांट”

​इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू अंचल कार्यालय का रवैया है। पीड़ित दुकानदार राहुल ने आरोप लगाया कि जब वे इस अवैध वसूली की शिकायत लेकर अंचलाधिकारी (CO) के पास पहुंचे, तो समस्या सुनने के बजाय उन्हें डांट-फटकार कर भगा दिया गया।

  • ​मिलीभगत का आरोप: ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि इस अवैध वसूली गिरोह को अंचल कार्यालय का संरक्षण प्राप्त है। चर्चा है कि अंचल के नाजीर समेत 7-8 कर्मचारियों का समूह इस पूरे खेल के पीछे है, जो अवैध रूप से जमा किए गए पैसों की बंदरबांट करते हैं।

​छोटे व्यापारियों के निवाले पर डाका

​जगदीशपुर हटिया में ज्यादातर गरीब और छोटे किसान अपनी उपज बेचने आते हैं। ऐसे में बिना किसी सरकारी टेंडर या रसीद के मोटी रकम की वसूली उनके पेट पर लात मारने जैसा है। दुकानदारों का कहना है कि अगर यह सरकारी हटिया है, तो पैसा सीधे सरकारी खाते में क्यों नहीं जा रहा? और अगर निजी वसूली हो रही है, तो इसका आदेश किसने दिया?

​प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग

​फिलहाल अंचलाधिकारी से इस विषय पर संपर्क नहीं हो पाया है, लेकिन स्थानीय लोगों और पीड़ित दुकानदारों ने जिलाधिकारी (DM) भागलपुर से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और अवैध वसूली करने वाले ‘सिंडिकेट’ को तुरंत खत्म किया जाए।

बिहार में ‘सम्राट’ का डंडा: अपराधियों को उनकी जगह दिखाएं, ढुलमुल नीति अब बीती बात—सीएम सम्राट चौधरी का डीएम-एसपी को कड़ा संदेश

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Patna News: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार की कमान संभालते ही प्रशासनिक और पुलिस महकमे में नई ऊर्जा और सख्ती का संचार कर दिया है। पटना के अधिवेशन भवन में प्रदेश भर के सभी डीएम (DM) और एसपी (SP) के साथ अपनी पहली उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया कि बिहार अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर चलेगा। उन्होंने स्पष्ट लहजे में अधिकारियों को चेतावनी दी कि अब बीच का रास्ता अपनाने का समय खत्म हो चुका है।

​पुलिस कप्तानों को निर्देश: “अपराध हुआ तो रिजल्ट चाहिए”

​मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर जिलों के एसपी को दो टूक शब्दों में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराधियों के मन में कानून का खौफ होना चाहिए, न कि आम जनता के मन में।

  • ​सख्त कार्रवाई: अपराधियों को उनकी सही जगह दिखाएं ताकि किसी भी गड़बड़ी फैलाने वाले का मंसूबा कामयाब न हो।
  • ​जवाबदेही तय: सीएम ने कहा कि यदि कहीं भी कोई बड़ी वारदात होती है, तो पुलिस को तुरंत परिणाम (Result) देना होगा। अब फाइलों में जांच के नाम पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
  • ​बेटियों की सुरक्षा सर्वोपरि: बच्चियों के साथ जघन्य अपराध करने वालों के खिलाफ मुख्यमंत्री ने सबसे सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जाए।

​जिलाधिकारियों को हिदायत: “फाइलों में नहीं, ग्राउंड जीरो पर होगी समीक्षा”

​प्रशासनिक सुधारों को लेकर मुख्यमंत्री ने डीएम को विकास योजनाओं की रफ्तार बढ़ाने का आदेश दिया।

  • ​समय पर पूरा हो काम: विकास की योजनाओं में किसी भी तरह की कोताही या देरी अब अधिकारियों पर भारी पड़ेगी।
  • ​नया वर्किंग मॉडल: सीएम ने एक बड़ा क्रांतिकारी बदलाव करते हुए कहा कि अब समीक्षा बैठकें एसी कमरों में नहीं होंगी। सरकार अब सीधे ‘ग्राउंड जीरो’ पर पहुंचेगी, जहां काम चल रहा है। वहीं पर योजनाओं की प्रगति की जांच होगी और अधिकारियों से बात की जाएगी।

​75 फीसदी समस्याओं का ‘मास्टर फार्मूला’

​बैठक के दौरान सम्राट चौधरी ने एक बड़ा मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि अगर जिले के DM और SP सही सोच और समन्वय (Coordination) के साथ काम करें, तो जिले की 75 फीसदी समस्याएं बिना किसी अतिरिक्त प्रयास के खुद-ब-खुद हल हो जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को जनता के प्रति संवेदनशील और अपराधियों के प्रति कठोर बनने की सलाह दी।

​ बिहार में अब ‘सम्राट मॉडल’ लागू

​यह बैठक महज एक समीक्षा नहीं, बल्कि बिहार के प्रशासनिक ढांचे के लिए एक ‘वेक-अप कॉल’ थी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी सरकार का लक्ष्य केवल कुर्सी संभालना नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन है। अब देखना यह है कि राजधानी से मिला यह कड़ा संदेश जिलों के धरातल पर कितनी जल्दी असर दिखाता है।

सुल्तानगंज एनकाउंटर के बाद बिहपुर विधायक का बड़ा ऐलान: कुख्यात शबनम यादव को चेतावनी— ‘सुधर जाओ या क्षेत्र छोड़ दो’

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Bhagalpur News: बिहार के सुल्तानगंज में अपराधी रामधनी यादव के एनकाउंटर के बाद अब कोसी दियारा के अपराधियों के खिलाफ चौतरफा दबाव बढ़ गया है। इसी कड़ी में बिहपुर के भाजपा विधायक इंजीनियर कुमार शैलेंद्र अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। विधायक ने इलाके के कुख्यात अपराधी और ‘घुड़सवार गिरोह’ के सरगना शबनम यादव के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उसे अंतिम चेतावनी दे दी है।

​सोशल मीडिया पर फोटो साझा कर दी ललकार

​विधायक कुमार शैलेंद्र ने सोशल मीडिया पर शबनम यादव की तस्वीर साझा करते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि अपराधियों के दिन अब लद चुके हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि या तो अपराधी अपराध का रास्ता छोड़ दें और सुधर जाएं, अन्यथा उन्हें क्षेत्र छोड़कर भागना होगा। विधायक ने कहा कि कोसी की धरती पर अब गुंडाराज नहीं चलेगा।

​किसानों की जमीन और फसलों पर ‘टेढ़ी नजर’ बर्दाश्त नहीं

​विधायक ने अपने संदेश में मुख्य रूप से किसानों के हितों की बात की है। उन्होंने कहा:

  • ​जमीन कब्जाने का खेल खत्म: अपराधियों द्वारा किसानों की पुश्तैनी जमीनों पर कब्जा करने और रंगदारी मांगने का दौर अब खत्म होगा।
  • ​फसल लूट पर रोक: दियारा इलाके में तैयार फसलों को जबरन काट लेने वाले गिरोहों को अब बख्शा नहीं जाएगा।
  • ​घुड़सवार गिरोह का अंत: शबनम यादव, जो रंगरा से लेकर नारायणपुर तक फैले ‘घुड़सवार गिरोह’ का नेतृत्व करता है, उसके खौफ के साम्राज्य को ढहाने का समय आ गया है।

​दो दर्जन से अधिक मामलों में है वांछित

​शबनम यादव कोई छोटा नाम नहीं है; वह नवगछिया पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

  • ​अपराधिक इतिहास: शबनम यादव पर हत्या, लूट, रंगदारी और जमीन कब्जाने के दो दर्जन से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं।
  • ​आतंक का क्षेत्र: उसका घुड़सवार गिरोह रंगरा, बिहपुर और नारायणपुर जैसे दुर्गम दियारा क्षेत्रों में सक्रिय है, जहाँ वह घोड़ों पर सवार होकर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता है।

​नवगछिया पुलिस जिला में हड़कंप

​विधायक की इस सीधी चुनौती और सोशल मीडिया पर अपराधी की तस्वीर सार्वजनिक किए जाने के बाद पूरे पुलिस जिला क्षेत्र में खलबली मच गई है। विधायक के इस कड़े रुख को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के ‘जीरो टॉलरेंस’ मॉडल से जोड़कर देखा जा रहा है। स्थानीय लोग अब उम्मीद जता रहे हैं कि दियारा इलाके में शांति बहाल होगी और किसानों को अपराधियों के चंगुल से मुक्ति मिलेगी।

TNB कॉलेज के छात्रों का हल्लाबोल: NEP की पेचीदगियों से भविष्य पर संकट, 3 मई तक समाधान नहीं हुआ तो विवि में होगा उग्र आंदोलन

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Bhagalpur News: नई शिक्षा नीति (NEP) के लागू होने के बाद उत्पन्न हुई विसंगतियों और रिजल्ट में आ रही तकनीकी खराबी को लेकर टीएनबी कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को Socialist Student Association of India (SSAI) के कॉलेज अध्यक्ष देव सूरज के नेतृत्व में दर्जनों छात्रों ने तिलका माँझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) के परीक्षा नियंत्रक और कुलसचिव को ज्ञापन सौंपकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।

​दो प्रमुख मांगों को लेकर आर-पार की जंग

​छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने दो प्रमुख समस्याएं रखी हैं, जिनके कारण सैकड़ों विद्यार्थियों का शैक्षणिक सत्र अधर में लटका हुआ है:

  1. ​रिजल्ट में देरी और सेमेस्टर-5 का फॉर्म: सत्र 2023-27 के वे छात्र जिन्होंने सेमेस्टर-1 की परीक्षा सत्र 2025-29 के साथ दी थी, उनका रिजल्ट अब तक जारी नहीं किया गया है। रिजल्ट नहीं आने के कारण उनका NEP स्टेटस क्लियर नहीं हो पा रहा है, जिससे वे आगे की प्रक्रिया से वंचित हैं। छात्रों की मांग है कि उन्हें सेमेस्टर-5 का परीक्षा फॉर्म भरने की अनुमति तुरंत दी जाए।
  2. ​छूटी हुई परीक्षाओं का आयोजन: जिन छात्र-छात्राओं की परीक्षा किसी अपरिहार्य कारणवश किसी सेमेस्टर में छूट गई है और उन पर NEP का पेच फंस गया है, उनके लिए विशेष परीक्षा आयोजित कर उन्हें पुनः अवसर दिया जाए।

​“छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद करे प्रशासन”

​प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे देव सूरज ने विश्वविद्यालय प्रशासन को कड़े शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर की त्रुटियों का खामियाजा छात्र क्यों भुगतें?

​”NEP के नाम पर छात्रों का एक-एक साल बर्बाद किया जा रहा है। हमने प्रशासन को 3 मई तक का अल्टीमेटम दिया है। यदि तय समय सीमा के भीतर रिजल्ट में सुधार और समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो 4 मई से विश्वविद्यालय में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।”

 

​कुलसचिव से मुलाकात और एकजुटता

​ज्ञापन सौंपने के बाद छात्रों ने कुलसचिव से भी मुलाकात कर वस्तुस्थिति से अवगत कराया। इस मौके पर मुकेश, आंचल, विनोद पंडित, मुस्कान, आलिया सहित भारी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे। छात्रों का कहना है कि वे अपने हक की लड़ाई के लिए किसी भी स्तर तक जाने को तैयार हैं।

नाथनगर CTS में अनुशासन की उड़ी धज्जियां: बिना अनुमति बाहर निकले प्रशिक्षु सिपाही आपस में भिड़े, बीच सड़क पर जमकर हुआ हंगामा

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Bhagalpur News: सिपाही प्रशिक्षण केंद्र (CTS) नाथनगर में बुधवार को अनुशासन उस वक्त तार-तार हो गया जब बिना अनुमति बाहर निकले प्रशिक्षु सिपाही बीच सड़क पर एक-दूसरे से उलझ गए। मनसकामनानाथ मंदिर रोड से मछली पट्टी जाने वाली सड़क पर प्रशिक्षुओं के बीच हुई मारपीट और गाली-गलौज का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

​“ज्यादा रंगबाजी करोगे तो यहीं धांस देंगे”: बीच सड़क पर हाई-वोल्टेज ड्रामा

​मामला बुधवार दोपहर करीब एक बजे का है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि अनुशासन का पाठ पढ़ने वाले प्रशिक्षु सिपाही आम लोगों की तरह बीच सड़क पर गुत्थमगुत्था हो रहे हैं। विवाद इतना बढ़ा कि एक पक्ष ने धमकी भरे लहजे में कहा, “ज्यादा रंगबाजी करोगे तो ऑर्डर मिल गया है, यहीं धांस देंगे।” बात यहीं नहीं रुकी, विवाद के दौरान एक प्रशिक्षु ने फोन कर कैंपस के अंदर से अपने 8-10 अन्य साथियों को बाहर बुला लिया। इसके बाद सभी ने मिलकर दूसरे प्रशिक्षु का कॉलर पकड़ा और उसे घसीटते हुए जबरन सीटीएस (CTS) परिसर के अंदर ले गए।

​कैमरा देख भड़के प्रशिक्षु, पत्रकारों को दी धमकी

​हंगामे के दौरान जब वहां मौजूद पत्रकारों ने वीडियो और फोटो बनाने की कोशिश की, तो प्रशिक्षु सिपाही उन पर भी भड़क गए। अनुशासन तोड़ने वाले इन सिपाहियों ने पत्रकारों को मोबाइल बंद करने और फुटेज डिलीट करने की धमकी तक दे डाली।

​प्राचार्य का सख्त रुख: “प्रोटोकॉल तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई”

​इस पूरे मामले पर सीटीएस एसपी सह प्राचार्य लाल बाबू ने कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो और फोटो के आधार पर सभी संबंधित प्रशिक्षुओं की पहचान कर उन्हें तलब किया गया।

  • ​कड़ा अल्टीमेटम: प्राचार्य ने सभी को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्ट किया कि बिना अनुमति परिसर से बाहर जाना और सार्वजनिक स्थान पर मारपीट करना गंभीर अनुशासनहीनता है।
  • ​चेतावनी: फिलहाल पहली गलती मानकर सभी को सख्त अल्टीमेटम दिया गया है। प्राचार्य ने दो टूक कहा है कि यदि भविष्य में किसी ने भी ट्रेनिंग प्रोटोकॉल तोड़ने की कोशिश की, तो उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

बिना टिकट यात्रियों पर रेलवे का बड़ा प्रहार: फरक्का एक्सप्रेस में विशेष छापेमारी, वसूला लाखों का जुर्माना

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Bhagalpur News: पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ अपनी कमर कस ली है। बुधवार, 29 को जमालपुर-भागलपुर-साहिबगंज रेल खंड पर एक व्यापक टिकट जांच अभियान चलाया गया, जिससे बेटिकट यात्रियों और अनियमित तरीके से यात्रा करने वालों में हड़कंप मच गया।

​फरक्का एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों में सघन तलाशी

​मंडल रेल प्रबंधक (DRM) मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री कार्तिक सिंह के नेतृत्व में यह विशेष अभियान मुख्य रूप से ट्रेन संख्या 15734 फरक्का एक्सप्रेस में चलाया गया। इसके अलावा, जमालपुर से साहिबगंज के बीच चलने वाली अन्य प्रमुख ट्रेनों में भी वाणिज्य निरीक्षकों और टिकट जांच कर्मियों की टीम ने अचानक छापेमारी की।

​462 मामले पकड़े गए, ₹2.93 लाख का जुर्माना वसूला

​रेलवे द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस एक दिवसीय सघन जांच के दौरान कुल 462 यात्री बिना टिकट या अनियमित टिकट के साथ यात्रा करते पकड़े गए। रेलवे ने इन यात्रियों से मौके पर ही ₹2,93,715 (दो लाख तिरानवे हजार सात सौ पंद्रह रुपये) की राशि बतौर जुर्माना वसूल की।

​रेलवे की अपील: ‘उचित टिकट लेकर ही करें सफर’

​मालदा मंडल के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि रेलवे राजस्व की सुरक्षा और वैध टिकट लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए ऐसे अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगे। रेलवे ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे हमेशा वैध टिकट के साथ ही ट्रेन में प्रवेश करें ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई या आर्थिक दंड का सामना न करना पड़े।

दोगच्छी में भीषण सड़क हादसा: तिलक समारोह से लौट रहे युवकों की बाइक ट्रैक्टर में घुसी, 3 की हालत नाजुक

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Bhagalpur News: खुशियों वाले घर में उस वक्त मातम पसर गया जब तिलक समारोह से लौट रहे चार युवकों की मोटरसाइकिल आगे चल रहे ट्रैक्टर से जा टकराई। घटना नाथनगर थाना क्षेत्र के दोगच्छी की है, जहाँ बुधवार की रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों की नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए मायागंज अस्पताल (JLNMCH) रेफर किया गया है।

​तेज रफ्तार और अनियंत्रित बाइक ने बरपाया कहर

​मिली जानकारी के अनुसार, दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर चार युवक एक तिलक समारोह में शामिल होने के बाद वापस लौट रहे थे। इसी दौरान दोगच्छी के पास उनकी बाइक अनियंत्रित हो गई और सड़क पर आगे चल रहे एक ट्रैक्टर में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और सभी युवक लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े।

​घायलों की पहचान और स्थानीय लोगों की तत्परता

​हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय निवासी सुनील यादव ने मानवता का परिचय देते हुए तुरंत घायलों को संभाला और उन्हें अस्पताल पहुँचाने में मुख्य भूमिका निभाई। घायलों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:

  • ​त्रिपुरारी कुमार
  • ​हरियो (अकबरनगर निवासी, स्व. प्रमोद रॉय के पुत्र)
  • ​मंगल कुमार
  • ​रविशंकर

​नशे में होने की आशंका, पुलिस जांच में जुटी

​घटना की सूचना मिलते ही नाथनगर पुलिस मौके पर पहुँची। घायलों को पहले नाथनगर रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए रात करीब 9 बजे मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया।

​प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि बाइक सवार युवक शराब के नशे में थे, जिसके कारण वे तेज रफ्तार बाइक पर नियंत्रण खो बैठे। हालांकि, नाथनगर इंस्पेक्टर राजीव रंजन सिंह ने बताया कि फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और नशे की बात की आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही की जाएगी।

चरवाहा से ‘क्राइम किंग’ बनने तक की खूनी दास्तां, जानें कौन था एनकाउंटर में ढेर हुआ रामधनी यादव

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Bhagalpur News: बिहार के सुल्तानगंज में नगर परिषद कार्यालय के भीतर घुसकर तांडव मचाने वाले मुख्य आरोपी रामधनी यादव का अंत पुलिस की गोलियों से हो गया। लेकिन सुल्तानगंज के इस ‘डॉन’ के एनकाउंटर के साथ ही अपराध के उस अध्याय का भी अंत हो गया, जिसने पिछले एक दशक से इलाके में खौफ पैदा कर रखा था।

​शुरुआत: लाठी लेकर गाय चराने वाला ‘चरवाहा’

​रामधनी यादव का अतीत किसी सामान्य ग्रामीण जैसा ही था। स्थानीय लोगों के अनुसार, वह कभी सुल्तानगंज के दीघा और आसपास के बहियार (मैदानों) में गायों और भैंसों को चराने (चरवाहा) का काम करता था। हाथ में लाठी और कंधे पर गमछा रखने वाला रामधनी तब तक सिर्फ अपनी मेहनत के लिए जाना जाता था।

​अपराध की दुनिया में पहला कदम

​रामधनी की महत्वाकांक्षा उसे खेतों से निकालकर ठेकेदारी और दबंगई की ओर ले आई। बताया जाता है कि शुरुआत में वह छोटे-मोटे झगड़ों और जमीन के विवादों में पंचायती करने लगा। धीरे-धीरे उसने हथियार थाम लिए और दियारा क्षेत्र के अपराधियों के साथ उसका उठना-बैठना शुरू हो गया। देखते ही देखते, चरवाहा रहने वाला रामधनी सुल्तानगंज के अपराध जगत का एक जाना-पहचाना नाम बन गया।

​टेंडर और वर्चस्व की जंग

​रामधनी यादव की असली ताकत तब बढ़ी जब उसने सरकारी टेंडरों में दखल देना शुरू किया।

  • ​पार्किंग और घाट की बंदोबस्ती: सुल्तानगंज में पार्किंग और नमामि गंगे घाट के टेंडरों पर कब्जे को लेकर उसका विवाद कई बार प्रशासनिक अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों से हुआ।
  • ​जमीन कब्जा: आरोप है कि उसने बहियार और शहरी इलाकों में कई विवादित जमीनों पर जबरन कब्जा किया।
  • ​नगर परिषद में दखल: वह नगर परिषद के कामों में अपनी मनमर्जी चलाना चाहता था। जब सभापति राजकुमार गुड्डू और EO कृष्ण भूषण कुमार ने उसके रसूख के आगे झुकने से इनकार कर दिया, तो उसने इस खूनी साजिश को अंजाम दिया।

​वह काला दिन: 28 अप्रैल 2026

​मंगलवार की दोपहर रामधनी ने अपने गुर्गों के साथ नगर परिषद कार्यालय में घुसकर अंधाधुंध फायरिंग की। उसने सोचा था कि खौफ फैलाकर वह सुल्तानगंज का बेताज बादशाह बन जाएगा। इस हमले में EO कृष्ण भूषण कुमार शहीद हो गए और सभापति राजकुमार गुड्डू गंभीर रूप से घायल हो गए।

​‘सम्राट मॉडल’ और अंत

​बिहार में बदली हुई राजनीतिक फिजा और कानून व्यवस्था की कड़ाई का असर 24 घंटे के भीतर दिखा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सख्त आदेश के बाद पुलिस ने उसे घेर लिया। भागने की कोशिश और पुलिस पर फायरिंग के दौरान जवाबी कार्रवाई में रामधनी यादव एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया।

​निष्कर्ष

​रामधनी यादव का चरवाहा से अपराधी बनने का सफर यह बताता है कि कैसे गलत संगत और जल्दी पैसा कमाने की चाहत एक इंसान को मौत के दरवाजे तक ले जाती है। आज सुल्तानगंज की जनता ने राहत की सांस ली है, लेकिन यह घटना व्यवस्था के लिए एक सबक भी है।

सुल्तानगंज गोलीकांड: मौत से जूझ रहे सभापति राजकुमार गुड्डू, मास्टरमाइंड रामधनी यादव एनकाउंटर में ढेर

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Bhagalpur News: भागलपुर के सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में हुए सनसनीखेज गोलीकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। अपराधियों की गोलियों का शिकार हुए नगर परिषद सभापति राजकुमार उर्फ गुड्डू की स्थिति अभी भी अत्यंत नाजुक बनी हुई है। वहीं, इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया है।

​पटना में जिंदगी की जंग लड़ रहे सभापति

​नगर परिषद कार्यालय के भीतर अपराधियों ने सभापति राजकुमार गुड्डू को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। गोलियां उनके सिर और फेफड़ों के पास लगी हैं। भागलपुर में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें गंभीर हालत में पटना (PMCH) रेफर किया गया है। ताज़ा जानकारी के अनुसार, डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी निगरानी कर रही है, लेकिन सिर में लगी गोली के कारण उनकी स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है और वे वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं।

​साहस दिखाते हुए शहीद हुए EO कृष्ण भूषण कुमार

​इस हमले के दौरान नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) कृष्ण भूषण कुमार ने अदम्य साहस का परिचय दिया। जब अपराधी सभापति पर गोलियां बरसा रहे थे, तब उन्होंने निहत्थे ही अपराधियों को रोकने की कोशिश की। इस बीच अपराधियों ने उन्हें भी लक्ष्य बनाकर करीब से चार गोलियां मारीं। अस्पताल ले जाने के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उनके परिवार को 25 लाख रुपये की सहायता राशि और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की घोषणा की है।

​पुलिस का बड़ा एक्शन: मुख्य आरोपी का एनकाउंटर

​घटना के बाद पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर गठित SIT ने 24 घंटे के भीतर बड़ी कामयाबी हासिल की। हत्याकांड का मास्टरमाइंड माना जाने वाला रामधनी यादव पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। पुलिस जब उसे गिरफ्तार करने पहुंची, तो उसने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने उसे ढेर कर दिया। इस मुठभेड़ में तीन पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए हैं।

​हमले के पीछे ‘टेंडर’ और ‘अतिक्रमण’ का विवाद

​शुरुआती जांच और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस खूनी संघर्ष के पीछे नगर परिषद के करोड़ों के टेंडर (पार्किंग और घाट बंदोबस्ती) का विवाद सामने आ रहा है। साथ ही, हाल के दिनों में शहर में चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान ने भी अपराधियों को नाराज कर दिया था। पुलिस अब उन सफेदपोश चेहरों की तलाश कर रही है, जिन्होंने इन अपराधियों को पनाह दी थी।

​सिल्क सिटी और सुल्तानगंज में भारी तनाव

​इस घटना के बाद से सुल्तानगंज के व्यापारियों और स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। सभापति के समर्थक लगातार उनके स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहे हैं और प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि फरार चल रहे अन्य दो शूटरों को भी जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।

भागलपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मॉल की फ्रेंचाइजी के नाम पर 48 लाख की ठगी करने वाले नालंदा के शातिर साइबर ठग गिरफ्तार

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Bhagalpur News: साइबर अपराधियों के खिलाफ भागलपुर पुलिस को एक बार फिर बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। मॉल की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर करीब 48 लाख रुपये की बड़ी साइबर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने नालंदा जिले से दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) भागलपुर के कड़े निर्देशों के बाद की गई है।

​फर्जी वेबसाइट के जाल में फंसाया

​मामले का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़ित व्यक्ति ने 13 अप्रैल 2026 को साइबर थाना भागलपुर में लिखित शिकायत दर्ज कराई। अपराधियों ने एक नामी मॉल की फर्जी वेबसाइट तैयार की थी और फ्रेंचाइजी देने के नाम पर पीड़ित से किश्तों में कुल 48 लाख रुपये ठग लिए थे। पुलिस ने कांड सं०-29/2026 दर्ज कर मामले की तकनीकी जांच शुरू की।

​पावापुरी में छिपे थे ठग, ऐसे दबोचे गए

​एसएसपी भागलपुर के निर्देशन में साइबर थाना पुलिस और तकनीकी टीम ने मोबाइल नंबरों और बैंक खातों का विश्लेषण किया। जांच में पता चला कि इस गिरोह के तार नालंदा जिले से जुड़े हैं। पुलिस की विशेष टीम ने नालंदा के पावापुरी में छापेमारी कर दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया:

  1. ​प्रेमचंद्र कुमार (पावापुरी मोड़, नालंदा)
  2. ​आशीष कुमार (दशरथपुर, पावापुरी, नालंदा)

​बता दें कि इसी गिरोह का एक और सदस्य बिरेन्द्र चौधरी पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

​क्या-क्या हुआ बरामद?

​पुलिस ने गिरफ्तार ठगों के पास से ठगी में इस्तेमाल होने वाले निम्नलिखित सामान बरामद किए हैं:

  • ​मोबाइल फोन: 03
  • ​एटीएम कार्ड: 02
  • ​पासबुक: 02

​इन अधिकारियों की रही मुख्य भूमिका

​इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में साइबर थाना के पु०अ०नि० शिव कुमार सुमन, प्रशांत कुमार, रामकृष्ण, सिपाही कृष्ण मोहन सिंह, विपीन रविदास और तकनीकी टीम के सिपाही धर्मेन्द्र कुमार एवं अमरेश कुमार राज शामिल थे।

​सावधान रहें: भागलपुर पुलिस ने अपील की है कि किसी भी अनजान वेबसाइट पर भरोसा न करें और फ्रेंचाइजी या निवेश के नाम पर पैसे मांगने वालों की पूरी जांच साइबर सेल से जरूर कराएं।