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बिहार बना तकनीकी शिक्षा का हब: अब राज्य में ही गढ़ा जा रहा बच्चों का भविष्य, पलायन में आई भारी कमी

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी का बड़ा बयान— नीतीश कुमार की नीतियों को आगे बढ़ा रहे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी; 38 जिलों में इंजीनियरिंग और 46 पॉलिटेक्निक कॉलेज दे रहे छात्रों को नई उड़ान।

Patna News: बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में हुए क्रांतिकारी बदलावों का असर अब ज़मीनी स्तर पर दिखने लगा है। उपमुख्यमंत्री सह विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बुधवार को पटना के संवाद कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि बिहार अब तकनीकी शिक्षा का ‘हब’ बन चुका है। राज्य से छात्रों के पलायन में न केवल भारी कमी आई है, बल्कि छात्र अब अपने ही घर में रहकर विश्वस्तरीय तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

नीतीश की नीतियों को सम्राट चौधरी दे रहे गति

​उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ‘सात निश्चय’ कार्यक्रमों ने राज्य की तस्वीर बदल दी है। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार के कार्यों और नीतियों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है। शिक्षा सहित सभी क्षेत्रों में विकास की गति अब और तेज़ हो गई है।” उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जल्द ही राज्य में मंत्रिमंडल का विस्तार भी होने वाला है।

मात्र 10 रुपये में बीटेक और 5 रुपये में पॉलिटेक्निक

​विभागीय सचिव लोकेश कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता में जो आंकड़े पेश किए, वे चौंकाने वाले और गर्व करने वाले हैं:

  • न्यूनतम शुल्क: बिहार के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में नामांकन शुल्क मात्र 10 रुपये और पॉलिटेक्निक में सिर्फ 5 रुपये है।
  • सीटों की संख्या: सत्र 2025-26 के लिए इंजीनियरिंग कॉलेजों में 14,553 और पॉलिटेक्निक संस्थानों में 17,243 सीटें स्वीकृत हैं।
  • प्लेसमेंट: साल 2025-26 में अब तक 15,246 बच्चों को विभिन्न निजी कंपनियों में शानदार रोजगार मिल चुका है।

महिला सशक्तिकरण और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

​विजय कुमार चौधरी ने कहा कि तकनीकी शिक्षा में महिलाओं को दिए जा रहे 33 फीसदी आरक्षण की वजह से बिहार महिला सशक्तिकरण की दिशा में देश का अग्रणी राज्य बन रहा है। कॉलेजों में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ बनाए गए हैं, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय स्तर की हो गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के दौर में विज्ञान और तकनीक के बिना सामान्य जीवन जीना असंभव है और बिहार का युवा इस क्षेत्र में अब सबसे आगे होगा।

प्रेस वार्ता की मुख्य झलकियां:

  • पलायन पर रोक: अब बिहार का पैसा और संसाधन बाहर नहीं जा रहा।
  • हर जिले में पहुंच: बिहार के सभी 38 जिलों में इंजीनियरिंग कॉलेज और 46 पॉलिटेक्निक संस्थान क्रियाशील हैं।
  • आर्थिक राहत: गरीब से गरीब मेधावी छात्र भी अब बिना किसी आर्थिक बोझ के इंजीनियर बन रहा है।

​इस अवसर पर विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह, निदेशक अहमद महमूद और बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय के कुलपति सुरेश कान्त वर्मा सहित कई वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे।

विजय सिन्हा
विजय सिन्हाhttp://silktvnews.com
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