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बिहार में ‘इंस्टेंट’ इंसाफ: सुल्तानगंज हत्याकांड का मुख्य आरोपी रामधनी यादव एनकाउंटर में ढेर, 3 जवान जख्मी

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Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर जिले से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) कृष्ण भूषण कुमार की सरेआम हत्या करने वाले मुख्य आरोपी रामधनी यादव का पुलिस मुठभेड़ में अंत हो गया है। बुधवार तड़के जब पुलिस उसे हथियार बरामदगी के लिए ले गई थी, तब अपराधियों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। जवाबी कार्रवाई में रामधनी यादव मारा गया, जबकि खाकी की लाज बचाते हुए तीन पुलिसकर्मी भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

​ मिशन ‘वेपन रिकवरी’ और अचानक खूनी संघर्ष

​मंगलवार को नगर परिषद कार्यालय में हुए खूनी तांडव के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी रामधनी यादव को गिरफ्तार कर लिया था। बुधवार की सुबह करीब 4:00 से 5:00 बजे के बीच, भागलपुर पुलिस की स्पेशल टीम उसे उस गुप्त स्थान पर ले गई जहाँ उसने हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार छिपाए थे।

​पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जैसे ही टीम चिन्हित स्थान पर पहुँची, वहाँ पहले से घात लगाए बैठे रामधनी के गुर्गों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इसी अफरा-तफरी का फायदा उठाकर रामधनी ने भागने और पुलिस का हथियार छीनने की कोशिश की। अपराधियों ने आधुनिक हथियारों से पुलिस को चारों ओर से घेर लिया था।

​ आत्मरक्षार्थ फायरिंग: 20 मिनट तक थर्रा उठा इलाका

​स्थिति को अनियंत्रित होते देख पुलिस टीम ने ‘आत्मरक्षार्थ’ (Self-Defense) मोर्चा संभाला और जवाबी फायरिंग शुरू की। लगभग 15 से 20 मिनट तक दोनों ओर से दर्जनों राउंड गोलियां चलीं। इस भीषण मुठभेड़ में मुख्य आरोपी रामधनी यादव को कई गोलियां लगीं और वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। अपने आका को गिरता देख उसके अन्य साथी अंधेरे और झाड़ियों का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।

​ मायागंज अस्पताल में अफरा-तफरी, आरोपी मृत घोषित

​मुठभेड़ के तुरंत बाद पुलिस ने घायल रामधनी और जख्मी जवानों को मायागंज अस्पताल (JLNMCH) पहुँचाया। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों ने जांच के बाद रामधनी यादव को मृत घोषित कर दिया। वहीं, घायल तीनों पुलिसकर्मियों का इलाज युद्ध स्तर पर जारी है। हालांकि जवानों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन अस्पताल परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

​“अपराधियों ने पुलिस टीम पर जानलेवा हमला किया था, जिसके जवाब में पुलिस को गोली चलानी पड़ी। इस घटना में मुख्य अभियुक्त मारा गया है और हमारे तीन वीर जवान घायल हुए हैं। अपराधियों के खिलाफ हमारा अभियान जारी रहेगा।”

— वरीय पुलिस अधिकारी, भागलपुर

 

​ आतंक का पर्याय था रामधनी यादव

​रामधनी यादव महज एक अपराधी नहीं, बल्कि सुल्तानगंज के व्यापारिक और राजनीतिक गलियारे में ‘आतंक’ का दूसरा नाम था।

  • ​अपराधिक इतिहास: उस पर हत्या, रंगदारी और लूट के दर्जनों मामले दर्ज थे।
  • ​विवाद की जड़: नगर परिषद की नीलामी और टेंडर प्रक्रियाओं में अपना वर्चस्व कायम करना ही इस खूनी संघर्ष की मुख्य वजह बनी।
  • ​प्रशासन को चुनौती: एक ईमानदार अधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की हत्या कर उसने सीधे तौर पर बिहार सरकार और प्रशासन के इकबाल को चुनौती दी थी।

​ पुलिस का अगला कदम: सिंडिकेट का होगा सफाया

​भले ही मुख्य आरोपी का अंत हो गया हो, लेकिन भागलपुर पुलिस अब रामधनी के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुट गई है।

  • ​छापेमारी जारी: फरार अज्ञात अपराधियों की तलाश में दियारा और संभावित ठिकानों पर छापेमारी तेज कर दी गई है।
  • ​कॉल डिटेल्स की जांच: पुलिस रामधनी के मोबाइल संपर्कों को खंगाल रही है ताकि उसके मददगारों और सफेदपोश संरक्षकों का पर्दाफाश हो सके।
  • ​हाई अलर्ट: जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

​ जनता और प्रशासनिक हलकों में प्रतिक्रिया

​ईओ कृष्ण भूषण कुमार की हत्या के बाद बिहार नगर सेवा संघ में भारी आक्रोश था। इस एनकाउंटर के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत की सांस ली है, वहीं आम जनता के बीच भी यह संदेश गया है कि कानून का हाथ अपराधियों की गर्दन तक पहुँचने में देर नहीं करता। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस कार्रवाई से अपराधियों के मनोबल पर करारी चोट पहुँची है।

सुल्तानगंज गोलीकांड अपडेट: नगर सभापति राजकुमार गुड्डू की हालत नाजुक, मायागंज से हायर सेंटर रेफर

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Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर जिले से इस वक्त की सबसे बड़ी और दुखद खबर सामने आ रही है। सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में हुए सनसनीखेज गोलीकांड में घायल नगर सभापति राजकुमार गुड्डू की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें भागलपुर के मायागंज अस्पताल से बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया है।

​कार्यालय में घुसकर अपराधियों ने बरसाईं गोलियां

​गौरतलब है कि अपराधियों ने दुस्साहस का परिचय देते हुए दिनदहाड़े सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। इस हमले में कार्यपालक पदाधिकारी (EO) कृष्णा भूषण कुमार को निशाना बनाया गया, जिनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं, नगर सभापति राजकुमार गुड्डू के सिर में गोली लगी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

​DM डॉ. नवल किशोर चौधरी ने दी जानकारी

​घटना की गंभीरता को देखते हुए भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मीडिया को बताया कि राजकुमार गुड्डू की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें मायागंज अस्पताल से रेफर कर दिया है। हालांकि, सुरक्षा और गोपनीयता के कारणों से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि उन्हें किस अस्पताल भेजा गया है।

​”प्रशासन की पहली प्राथमिकता घायल सभापति की जान बचाना और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।” – डॉ. नवल किशोर चौधरी, जिलाधिकारी, भागलपुर

 

​इलाके में तनाव, पुलिस की पैनी नजर

​इस वारदात के बाद से ही सुल्तानगंज और आसपास के इलाकों में भारी तनाव का माहौल है। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार यादव और जिला प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। पुलिस की कई टीमें अपराधियों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।

​सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

​सरकारी दफ्तर के भीतर घुसकर दो बड़े पदों पर आसीन व्यक्तियों को गोली मारना, अपराधियों के बढ़ते मनोबल को दर्शाता है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि अपराधियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

‘नल का जल’ योजना में लापरवाही पर PHED सचिव सख्त, कामचोर अभियंताओं को दी CRS की चेतावनी

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Patna News: बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘हर घर नल का जल’ की सफलता को लेकर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) अब पूरी तरह ‘एक्शन मोड’ में है। मंगलवार को विभागीय सचिव  पंकज कुमार पाल ने मुंगेर, लखीसराय और जमुई प्रमंडलों की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को कड़े लहजे में चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की सेवा में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों के लिए विभाग में कोई जगह नहीं है।

​फील्ड विजिट से गायब रहने वाले सहायक अभियंता पर गिरेगी गाज

​समीक्षा बैठक में उस वक्त हड़कंप मच गया जब यह तथ्य सामने आया कि मुख्यालय द्वारा निरीक्षण के लिए नामित सहायक अभियंता अपनी ड्यूटी छोड़कर फील्ड विजिट पर नहीं गए। सचिव ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए उक्त अभियंता के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। सचिव ने दो टूक कहा कि केवल कागजों पर काम दिखाने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।

​काम में लापरवाही पर ‘अनिवार्य सेवानिवृत्ति’ (CRS) का अल्टीमेटम

​बैठक के दौरान सचिव श्री पंकज कुमार पाल ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जो अभियंता कार्य निष्पादन में असमर्थ या उदासीन पाए जाएंगे, उन्हें CRS (अनिवार्य सेवानिवृत्ति) दे दी जाएगी।

  • ​लखीसराय और मुंगेर के कार्यपालक अभियंताओं को नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण करने का निर्देश दिया गया है।
  • ​अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि पाइपलाइन में लीकेज या किसी भी प्रकार की क्षति को तत्काल ठीक किया जाए ताकि जलापूर्ति बाधित न हो।

​CGRC पर लंबित शिकायतों का होगा त्वरित निपटारा

​सचिव ने केंद्रीकृत शिकायत निवारण केंद्र (CGRC) पर लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए उनके त्वरित निष्पादन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम जनता को हो रही परेशानी विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए। मुंगेर प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को निर्देशित किया गया कि लंबित योजनाओं को मिशन मोड में पूरा करें।

​निरीक्षण के लिए कड़े निर्देश: अब ग्राउंड जीरो पर होगी जांच

​विभागीय सचिव ने केवल सहायक ही नहीं, बल्कि अधीक्षण अभियंता को भी नियमित रूप से फील्ड में उतरने का आदेश दिया है। बैठक में स्पष्ट किया गया कि:

  1. ​जमीनी स्तर पर योजनाओं की वास्तविक स्थिति की निगरानी की जाएगी।
  2. ​जलापूर्ति में उत्पन्न होने वाली किसी भी बाधा को अविलंब दूर किया जाएगा।
  3. ​कार्यप्रणाली में सुधार न लाने वाले पदाधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

​आज की इस उच्चस्तरीय बैठक ने साफ संकेत दे दिए हैं कि बिहार सरकार ‘हर घर नल का जल’ योजना के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करेगी। सचिव के इस कड़े रुख से विभाग के भीतर हड़कंप मचा हुआ है, खासकर उन अधिकारियों के बीच जो अब तक फील्ड विजिट और जन-शिकायतों के प्रति लापरवाह थे।

पटना (बिहटा) में वर्ल्ड क्लास टेक्नोलॉजी सेंटर का उद्घाटन, मुजफ्फरपुर-मुंगेर समेत 4 शहरों में एक्सटेंशन सेंटर शुरू

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Patna News: बिहार के औद्योगिक विकास और युवाओं के कौशलवर्धन की दिशा में आज एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया। पटना के बिहटा में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी केंद्र (Technology Center) का भव्य उद्घाटन किया गया। यह केंद्र राज्य में ‘मेक इन बिहार’ के सपने को सच करने और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) सेक्टर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में मील का पत्थर साबित होगा।

​CM सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने किया उद्घाटन

​बिहटा में आयोजित मुख्य समारोह में बिहार के माननीय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और भारत सरकार के माननीय केंद्रीय MSME मंत्री जीतन राम मांझी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर इस टेक्नोलॉजी सेंटर का उद्धाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बिहटा केंद्र के साथ-साथ राज्य के चार अन्य प्रमुख शहरों—मुजफ्फरपुर, रोहतास, दरभंगा एवं मुंगेर—में विकसित इसके एक्सटेंशन सेंटर्स (विस्तार केंद्रों) का भी वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ किया।

​‘मेक इन बिहार’ के विजन को मिलेगी रफ्तार: मुख्यमंत्री

​अपने संबोधन में मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार तेजी से औद्योगिक प्रगति की ओर बढ़ रहा है और यह केंद्र उस परिवर्तन का सशक्त प्रतीक है।

​”हमारा लक्ष्य युवाओं को न केवल रोजगार के लिए तैयार करना है, बल्कि उन्हें रोजगार सृजक (Job Creators) बनाना है। यह टेक्नोलॉजी सेंटर अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस है, जो ‘मेक इन बिहार’ के विजन को आगे बढ़ाते हुए निवेश और नवाचार को आकर्षित करेगा। इससे इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और हमारी पारंपरिक अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।”

—  सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री, बिहार

 

​‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में ठोस कदम: जीतन राम मांझी

​केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आज का दिन बिहार के औद्योगिक इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होगा।

​”बिहटा का यह केंद्र और इसके विस्तार केंद्र स्थानीय युवाओं और उद्यमियों को विश्वस्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। यह उन्हें राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार से जोड़ने का कार्य करेगा, जो जमीनी स्तर पर ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को साकार करने की दिशा में एक ठोस कदम है।”

—  जीतन राम मांझी, केंद्रीय मंत्री, MSME मंत्रालय, भारत सरकार

 

​SC/ST हब और वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम का शुभारंभ

​कार्यक्रम के दौरान वंचित वर्गों के उद्यमियों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए राष्ट्रीय अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) हब के अंतर्गत स्पेशल वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम का भी शुभारंभ किया गया। यह पहल समावेशी विकास और सामाजिक न्याय के साथ उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

​लाभार्थियों के बीच टूलकिट, चेक और प्रमाणपत्र का वितरण

​जमीनी स्तर पर स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, मंत्रियों द्वारा विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित किया गया:

  • ​पीएम विश्वकर्मा योजना और ग्रामोद्योग विकास योजना के लाभार्थियों को आधुनिक टूलकिट दिए गए।
  • ​पीएमईजीपी (PMEGP) योजना के लाभार्थियों को ऋण राशि के चेक सौंपे गए।
  • ​SC/ST हब योजना के लाभार्थियों को प्रशिक्षण और सहायता प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।

​गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति

​कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें विधान पार्षद  नवल किशोर यादव, विधायक  दीपक कुमारी,  रोमित कुमार सिंह और  ललन मांझी शामिल थे। मंच पर बिहार के मुख्य सचिव  प्रत्यय अमृत, उद्योग विभाग के सचिव  कुंदन कुमार, मुख्यमंत्री सचिवालय के सचिव  कुमार रवि और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।

सुल्तानगंज नगर परिषद में ‘ब्लैक ट्यूजडे’: अपराधियों ने चैंबर में घुसकर बरसाईं गोलियां, EO कृष्ण भूषण की मौत, सभापति गुड्डू गंभीर

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Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर जिले का सुल्तानगंज इलाका मंगलवार (28 अप्रैल 2026) की दोपहर गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा। शहर के विकास का केंद्र माना जाने वाला सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय अचानक एक भयावह जंग के मैदान में तब्दील हो गया। बेखौफ अपराधियों ने दिनदहाड़े कार्यालय के भीतर घुसकर प्रशासनिक और राजनीतिक व्यवस्था के दो सबसे महत्वपूर्ण चेहरों को निशाना बनाया। इस दुस्साहसिक हमले में नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) कृष्ण भूषण की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि नगर परिषद सभापति राजकुमार उर्फ गुड्डू गोलियों से छलनी होकर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

​नीलामी के तुरंत बाद ‘काल’ बनकर टूटे अपराधी

​घटनाक्रम के अनुसार, मंगलवार की दोपहर नगर परिषद कार्यालय में विज्ञापनों के ठेके (विज्ञापन डाक) की नीलामी प्रक्रिया चल रही थी। प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई थी। इसके तुरंत बाद, EO कृष्ण भूषण अपने चैंबर में विभागीय कार्यों का निपटारा कर रहे थे और उनके साथ सभापति गुड्डू भी मौजूद थे। तभी, कार्यालय के बाहर एक तेज रफ्तार बुलेट मोटरसाइकिल आकर रुकी, जिस पर तीन नकाबपोश सवार थे। हाथ में हथियार लहराते हुए ये अपराधी सीधे EO के चैंबर की ओर बढ़े।

​चैंबर में घुसकर अंधाधुंध फायरिंग: अफरा-तफरी का माहौल

​चैंबर में दाखिल होते ही अपराधियों ने बिना कुछ कहे अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। हमलावरों का निशाना सीधे तौर पर वहां मौजूद अधिकारी और सभापति थे। गोलियों की आवाज सुनते ही कार्यालय में भगदड़ मच गई। कर्मचारी और आम लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। अपराधियों ने वारदात को इतनी तेजी से अंजाम दिया कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। फायरिंग के बाद तीनों अपराधी अपनी बुलेट पर हवा में गोलियां लहराते हुए फरार हो गए।

​अस्पताल में कोहराम: एक की मौत, दूसरे की स्थिति नाजुक

​वारदात के तुरंत बाद कार्यालय के कर्मचारी और स्थानीय लोग दोनों घायलों को लेकर स्थानीय अस्पताल पहुँचे। EO कृष्ण भूषण के शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में गोलियां लगी थीं, डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं, सभापति राजकुमार उर्फ गुड्डू की हालत भी गंभीर बनी हुई है, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत भागलपुर के मायागंज स्थित JLNMCH रेफर कर दिया गया है। फिलहाल वे वहां जीवन और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं।

​सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल: सुल्तानगंज बना ‘क्राइम जोन’?

​एक सरकारी कार्यालय के भीतर, जहाँ सुरक्षा के दावे किए जाते हैं, वहां घुसकर अधिकारी की हत्या करना बिहार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

  • ​इंटेलिजेंस की विफलता: तीन अपराधी एक ही मोटरसाइकिल पर हथियार लेकर शहर के बीचों-बीच घूमते रहे और वारदात कर निकल गए, यह पुलिस की गश्ती व्यवस्था पर सवाल है।
  • ​विज्ञापन डाक का विवाद: पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस खूनी खेल का तार विज्ञापन की नीलामी प्रक्रिया से जुड़ा है। अक्सर ऐसे ठेकों में आपसी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई देखने को मिलती है।

​प्रशासनिक प्रतिक्रिया: पुलिस और FSL टीम मौके पर

​घटना की जानकारी मिलते ही भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) और अन्य वरीय अधिकारी दलबल के साथ मौके पर पहुँचे।

  • ​FSL की जांच: घटनास्थल पर फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को बुलाया गया है जो खोखे और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा रही है।
  • ​CCTV फुटेज: पुलिस कार्यालय के आसपास और मुख्य मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है ताकि अपराधियों का सुराग मिल सके।

भागलपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर हुंकार: व्यवहार न्यायालय से निकली भव्य जागरूकता रैली, 9 मई को होगा ऐतिहासिक समाधान

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Bhagalpur News: आम लोगों को सस्ता, सुलभ और त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से भागलपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) ने कमर कस ली है। आगामी 9 मई को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत की सफलता सुनिश्चित करने और जनता के बीच अलख जगाने के लिए आज मंगलवार को व्यवहार न्यायालय (सिविल कोर्ट) परिसर से एक विशाल जागरूकता रैली निकाली गई।

​जिला जज ने दिखाई हरी झंडी

​जागरूकता रैली को भागलपुर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर न्यायालय के कई वरिष्ठ न्यायिक पदाधिकारी, प्राधिकार के सचिव, अधिवक्ता और बड़ी संख्या में कोर्ट कर्मी शामिल हुए। यह रैली हाथों में तख्तियां और बैनर लिए शहर के विभिन्न व्यस्त मार्गों, चौकों और चौराहों से गुजरी। रैली के माध्यम से लोगों को ‘हर जोर-जुल्म की टक्कर में, लोक अदालत है टक्कर में’ और ‘आपसी सुलह से न्याय’ जैसे संदेश दिए गए।

​किन मामलों का होगा मौके पर निपटारा?

​9 मई को आयोजित होने वाली लोक अदालत में हजारों लंबित मामलों के निपटारे का लक्ष्य रखा गया है। प्राधिकार के अधिकारियों के अनुसार, इस विशेष शिविर में वैसे मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी जो सुलह योग्य हैं और दोनों पक्ष आपसी सहमति से समाधान चाहते हैं।

​प्रमुख मामले:

  1. ​बैंक रिकवरी: बैंक ऋण और चेक बाउंस (NI Act) से जुड़े मामले।
  2. ​पारिवारिक विवाद: पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद (Matrimonial/Family disputes) और भरण-पोषण (Maintenance) के केस।
  3. ​जमीन विवाद: राजस्व और भूमि अधिग्रहण से संबंधित दीवानी मामले।
  4. ​श्रम विवाद: मजदूरी और कर्मचारी हर्जाने से जुड़े केस।
  5. ​विद्युत/पानी: बिजली और पानी के बिलों से संबंधित समझौते।
  6. ​अन्य: फौजदारी के शमनीय अपराध, बीमा क्लेम, सड़क दुर्घटना के मामले और लंबित दीवानी वाद।

​लोक अदालत के फायदे: ‘जीतो भी, जीतें हम’

​जागरूकता रैली के दौरान प्राधिकार के सचिव ने आम जनता से अपील की कि वे इस अवसर का भरपूर लाभ उठाएं। लोक अदालत में मामले सुलझाने के निम्नलिखित प्रमुख फायदे हैं:

  • ​कोई कोर्ट फीस नहीं: लोक अदालत में मामला दायर करने पर कोई कोर्ट फीस नहीं लगती।
  • ​त्वरित न्याय: सालों से लंबित मामलों का कुछ ही मिनटों में निपटारा होता है।
  • ​अंतिम निर्णय: लोक अदालत का फैसला सिविल कोर्ट के डिक्री के समान ही मान्य होता है और इसके खिलाफ कहीं भी अपील नहीं की जा सकती।
  • ​संबंधों में सुधार: आपसी सहमति से समझौता होने के कारण दोनों पक्षों के बीच कड़वाहट खत्म होती है और आपसी संबंध बेहतर होते हैं।

गर्मी में यात्रियों को बड़ी राहत: मालदा मंडल के 34 स्टेशनों पर 90 वॉटर कूलर तैनात, भागलपुर और मालदा टाउन में विशेष व्यवस्था

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Bhagalpur News: भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच रेल यात्रा को सुगम बनाने के लिए पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने एक बड़ी और सराहनीय पहल की है। यात्रियों को चिलचिलाती धूप और प्यास से राहत दिलाने के लिए मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर ठंडे और सुरक्षित पेयजल की व्यापक व्यवस्था की गई है। मालदा मंडल ने अपने 34 महत्वपूर्ण स्टेशनों पर कुल 90 वॉटर कूलर स्थापित किए हैं।

​DRM के मार्गदर्शन में यात्री सुविधाओं पर जोर

​मंडल रेल प्रबंधक (DRM) श्री मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन और वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता (सामान्य) श्री चंद्र कुमार पटेल के पर्यवेक्षण में यह अभियान चलाया जा रहा है। रेलवे का उद्देश्य है कि प्लेटफॉर्म पर पैर रखते ही यात्री को शीतल जल उपलब्ध हो, जिससे उनकी यात्रा थकान मुक्त और सुखद बन सके।

​किस स्टेशन पर कितने वॉटर कूलर? (एक नजर में)

​मालदा मंडल ने प्रमुख स्टेशनों की सूची जारी की है जहाँ यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए पर्याप्त संख्या में कूलर लगाए गए हैं:

  • ​मालदा टाउन: 10 यूनिट
  • ​भागलपुर: 08 यूनिट
  • ​साहिबगंज, सुल्तानगंज, जमालपुर, गोड्डा और न्यू फरक्का: 05-05 यूनिट
  • ​बांका और बरहरवा: 04-04 यूनिट
  • ​मुंगेर, पीरपैंती और जंगीपुर रोड: 03-03 यूनिट
  • ​राजमहल: 02 यूनिट

​रखरखाव और स्वच्छता पर विशेष नजर

​सिर्फ मशीनें लगाना ही काफी नहीं है, इसलिए रेलवे प्रशासन इनके नियमित रखरखाव (Maintenance) पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। संबंधित तकनीकी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे समय-समय पर वॉटर फिल्टर और कूलिंग सिस्टम की जांच करें। स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए नियमित अंतराल पर मशीनों की सफाई और पानी की गुणवत्ता का निरीक्षण किया जा रहा है।

​यात्रियों से सहयोग की अपील

​रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से भी अनुरोध किया है कि वे इन सार्वजनिक सुविधाओं का जिम्मेदारी के साथ उपयोग करें। स्टेशन परिसर में स्वच्छता बनाए रखने और पानी की बर्बादी रोकने में सहयोग दें ताकि ये सुविधाएं लंबे समय तक सभी के लिए उपयोगी बनी रहें।

सहरसा में मासूम से दरिंदगी: 7 साल की बच्ची के साथ गंभीर अपराध, पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार

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Bihar News: बिहार के सहरसा जिले के काशनगर थाना क्षेत्र से इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है, जहाँ एक 7 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ गंभीर अपराध को अंजाम दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सहरसा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और घटना के चंद घंटों के भीतर ही मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

​गंभीर हालत में अस्पताल लाई गई मासूम

​मिली जानकारी के अनुसार, रविवार (26 अप्रैल) को काशनगर थाना क्षेत्र की रहने वाली एक 7 साल की बच्ची को अत्यंत गंभीर स्थिति में सहरसा के सदर अस्पताल लाया गया। जैसे ही पुलिस को इसकी सूचना मिली, पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देश पर तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया गया ताकि जांच और आरोपी की गिरफ्तारी जल्द से जल्द सुनिश्चित की जा सके।

​SDPO के नेतृत्व में विशेष टीम ने संभाली कमान

​घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए सिमरी बख्तियारपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) के नेतृत्व में वरिष्ठ और महिला पुलिस अधिकारियों की टीम तत्काल सदर अस्पताल पहुंची। प्रथम दृष्टया मामला गंभीर लैंगिक अपराध (Sexual Offense) का प्रतीत होने पर पीड़िता के उपचार को प्राथमिकता दी गई। महिला पुलिस अधिकारियों की देखरेख में बच्ची का प्राथमिक उपचार कराया गया और स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सीय संस्थान (Higher Center) रेफर कर दिया गया है।

​एफएसएल (FSL) टीम ने जुटाए वैज्ञानिक साक्ष्य

​पुलिस की एक टीम ने घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया। वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्यों के संग्रहण के लिए एफएसएल (FSL) टीम को भी बुलाया गया, जिसने मौके से आवश्यक नमूने और भौतिक साक्ष्य संकलित किए हैं। पुलिस का कहना है कि इन वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट में आरोपी के खिलाफ मामला और भी मजबूत होगा।

​पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज, आरोपी गिरफ्तार

​पीड़िता की मां के फर्दबयान के आधार पर महिला थाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है और उसका चिकित्सीय परीक्षण कराया गया है। इस पूरे प्रकरण की सूचना ‘वन स्टॉप सेंटर’ सहरसा को भी दे दी गई है ताकि पीड़िता को आवश्यक कानूनी और सामाजिक सहायता मिल सके।

​पुलिस की अपील:

सहरसा पुलिस ने मीडिया और आम जनता से विशेष अनुरोध किया है कि इस मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए पीड़िता और उसके परिवार की गोपनीयता और गरिमा का सम्मान करें। किसी भी प्रकार की अपुष्ट जानकारी साझा करने से बचें।

भागलपुर में पंचायत सचिवों का हुंकार: पांच सूत्री मांगों को लेकर महासमागम, सरकार को दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

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Bhagalpur News: भागलपुर के सिकंदरपुर स्थित एक मैरिज हॉल में बिहार राज्य पंचायत सचिव संघ (जिला शाखा, भागलपुर) द्वारा आयोजित ‘पंचायत सचिव महासमागम’ संपन्न हुआ। इस समागम में भागलपुर और मुंगेर प्रमंडल के सैकड़ों पंचायत सचिवों ने शिरकत की और अपनी लंबित मांगों को लेकर हुंकार भरी।

​इन 5 प्रमुख मांगों पर अडिग है संघ

​महासमागम के दौरान पंचायत सचिवों ने अपनी एकजुटता दिखाते हुए सरकार के समक्ष पांच प्रमुख मांगें रखी हैं, जो उनके भविष्य और कार्यशैली के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं:

  1. ​पदनाम परिवर्तन: शैक्षणिक योग्यता के आधार पर पदनाम बदलकर GPRO किया जाए।
  2. ​ग्रेड-पे में वृद्धि: वर्तमान ग्रेड-पे 2000 रुपये को बढ़ाकर 4200 रुपये करने की मांग।
  3. ​स्थानांतरण नीति: अंतर-जिला स्थानांतरण (Inter-District Transfer) की सुविधा बहाल हो।
  4. ​परिवहन भत्ता: कार्य की अधिकता और भागदौड़ को देखते हुए 2000 रुपये मासिक परिवहन भत्ता दिया जाए।
  5. ​प्रोन्नति की बाधा: BPRO पद पर प्रोन्नति के लिए निर्धारित 55 वर्ष की उम्र सीमा को समाप्त किया जाए।

​सरकार की चुप्पी पर नाराजगी

​संघ के अध्यक्ष विजेन्द्र कुमार सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पंचायत सचिव ग्रामीण विकास की रीढ़ हैं, लेकिन सरकार उनकी जायज मांगों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा, “हम लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे हैं, लेकिन अब हमारे धैर्य का बांध टूट रहा है। यदि सरकार ने जल्द ही कोई ठोस निर्णय नहीं लिया, तो यह आंदोलन भागलपुर से लेकर पटना तक और भी उग्र रूप लेगा।”

​दो प्रमंडलों की एकजुटता से घबराया प्रशासन

​इस महासमागम की सबसे खास बात भागलपुर और मुंगेर प्रमंडल के सचिवों का एक मंच पर आना रहा। वक्ताओं ने कहा कि पंचायत स्तर पर सरकार की सभी योजनाओं को धरातल पर उतारने वाले सचिव आज खुद बुनियादी सुविधाओं और सम्मानजनक वेतन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। समागम के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया गया कि अब और इंतजार संभव नहीं है।

भागलपुर: ग्रीन सिटी कॉलोनी में बजरंगबली की प्राण प्रतिष्ठा, 51 महिलाओं की भव्य कलश यात्रा से गूँजा इलाका

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Bhagalpur News: ​भागलपुर सिल्क सिटी के ग्रीन सिटी कॉलोनी में आज का दिन धार्मिक उल्लास और अटूट आस्था के नाम रहा। नवनिर्मित मंदिर में संकटमोचन बजरंगबली की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा के पावन अवसर पर भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस दौरान पूरे क्षेत्र का वातावरण भक्ति के रस में सराबोर नजर आया।

​गंगा तट से भरा गया पवित्र जल

​धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत वैदिक परंपरा के अनुसार कलश यात्रा के साथ हुई। मोहल्ले की 51 महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर सिर पर मंगल कलश धारण किया। श्रद्धालुओं का यह जत्था गाजे-बाजे के साथ बरारी पुल घाट के लिए रवाना हुआ। गंगा तट पर विद्वान पंडितों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश में पवित्र गंगाजल भरा गया।

​जयघोष से भक्तिमय हुआ वातावरण

​गंगाजल भरने के पश्चात शोभायात्रा वापस ग्रीन सिटी कॉलोनी की ओर लौटी। कलश यात्रा जिस मार्ग से भी गुजरी, वहां का वातावरण “जय श्रीराम” और “जय बजरंगबली” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। स्थानीय निवासियों ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। शोभायात्रा में शामिल महिलाओं और युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।

​आयोजन में गणमान्य लोगों की रही सक्रिय भागीदारी

​इस भव्य आयोजन का नेतृत्व सुनील कुमार मंडल ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में मंदिर समिति के सदस्यों और स्थानीय वरिष्ठ नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन में मुख्य रूप से सिकंदर सिंह, शंभू कुमार शर्मा, वेदानंद सिंह, भोला कुमार मंडल, प्रभास कुमार यादव, डॉ. साकेत बिहारी शरण, किशोर सिंह, धर्मेंद्र कुमार, आलोक झा, सुनील सिंह, मुकेश कुमार, अशोक कुमार, रामकुमार सिंह, संजय कुमार सिंह, राजू जैसवाल, भुट्टो सिंह, रामाशीष कुमार और पवन कुमार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे रहे।

​वैदिक विधि-विधान से होगी प्राण प्रतिष्ठा

​मंदिर समिति के अनुसार, प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा पूरी तरह से शास्त्रोक्त विधि-विधान और विशेष पूजा-अर्चना के साथ संपन्न की जा रही है। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं के बीच भारी उत्साह है और शाम को महाप्रसाद वितरण का भी आयोजन किया जाएगा।