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मजदूर दिवस पर भागलपुर में जुटीं श्रमिक शक्तियाँ: उप श्रमायुक्त ने दी अधिकारों की जानकारी, मजदूरी की नई दरें जारी

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Bhagalpur News: अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर आज उप श्रमायुक्त कार्यालय, भागलपुर के प्रांगण में एक भव्य विधिक एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। उप श्रमायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के सैंकड़ों मजदूरों ने हिस्सा लिया, जहाँ उन्हें उनके कानूनी अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा और सरकार द्वारा संचालित लाभकारी योजनाओं से अवगत कराया गया।

​न्यूनतम मजदूरी की नई दरें सार्वजनिक

​शिविर के दौरान उप श्रमायुक्त श्री सुधांशु कुमार ने 01 अप्रैल 2026 से लागू हुई मजदूरी की नई दरों के बारे में विस्तार से बताया ताकि कोई भी मजदूर शोषण का शिकार न हो:

  • ​अकुशल मजदूर: ₹436 प्रतिदिन
  • ​अर्धकुशल मजदूर: ₹452 प्रतिदिन
  • ​कुशल मजदूर: ₹551 प्रतिदिन
  • ​अति कुशल मजदूर: ₹672 प्रतिदिन

​मजदूरों के लिए सरकारी योजनाओं का पिटारा

​कार्यक्रम में मजदूरों के कल्याण के लिए चल रही प्रमुख योजनाओं की जानकारी दी गई, जो उनके जीवन को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती हैं:

  • ​विवाह सहायता: बेटियों की शादी के लिए ₹50,000 की मदद।
  • ​मृत्यु लाभ: सामान्य मृत्यु पर ₹2,00,000 और दुर्घटना में मृत्यु पर ₹4,00,000 की राशि।
  • ​शिक्षा एवं पुरस्कार: बच्चों की शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति और मेधावी छात्रों को ₹25,000 तक का नकद पुरस्कार।
  • ​भवन मरम्मत एवं अन्य: मकान की मरम्मत के लिए ₹20,000 और मातृत्व/पितृत्व लाभ की सुविधा।

​शिकागो के बलिदान और 8 घंटे काम के अधिकार की चर्चा

​शिविर में एक्टू के प्रतिनिधि मुकेश मुक्त ने 1886 की शिकागो घटना को याद करते हुए मजदूरों को ‘8 घंटे कार्य’ के ऐतिहासिक अधिकार के बारे में बताया। वहीं, भारतीय मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष राजेश कुमार लाल ने मजदूर एकता पर बल देते हुए अपने हितों के लिए संगठित रहने का आह्वान किया।

​प्रवासी मजदूरों को विशेष सुरक्षा

​बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार योजना के तहत प्रवासी मजदूरों के लिए भी बड़ी घोषणाएं की गईं। यदि किसी प्रवासी मजदूर की कार्य के दौरान मृत्यु होती है, तो उन्हें ₹2,00,000 और पूर्ण निःशक्तता की स्थिति में ₹1,00,000 तक की सहायता दी जाएगी।

​इन अधिकारियों की रही उपस्थिति

​इस अवसर पर सहायक श्रमायुक्त निखिल कुमार रंजन, जिले के सभी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, चित्रंजन पांडे और अन्य विभागीय कर्मी मौजूद रहे। उप श्रमायुक्त ने अंत में सभी मजदूरों से अपील की कि वे अपने बच्चों को शिक्षित जरूर करें, क्योंकि शिक्षा ही गरीबी से निकलने का एकमात्र रास्ता है।

भागलपुर में पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लीन’: सुल्तानगंज हत्याकांड का मुख्य आरोपी कुख्यात रामधनी यादव एनकाउंटर में ढेर

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Crime News: भागलपुर पुलिस ने सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी और सभापति पर हुए जानलेवा हमले के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ (Encounter) में मुख्य आरोपी और कुख्यात अपराधी रामधनी यादव मारा गया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने घटना में शामिल अन्य चार अपराधियों को भी दबोच लिया है।

​क्या है पूरा मामला?

​बीते 28 अप्रैल 2026 को सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में घुसकर अज्ञात हमलावरों ने कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार और सभापति राज कुमार गुड्डू को गोली मार दी थी। इस हमले में कृष्ण भूषण कुमार की मौत हो गई थी, जबकि सभापति गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP), भागलपुर के निर्देश पर विशेष टीमों का गठन किया गया था।

​हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस पर फायरिंग

​पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर रामधनी यादव, दीपक यादव और पिंकू कुमार को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी रामधनी यादव ने हथियार बरामद करवाने की बात स्वीकार की। जब पुलिस टीम उसे लेकर अगुवानी पुल के समीप निर्माणाधीन सड़क के पास बगीचे में पहुंची, तो वहां पहले से घात लगाए रामधनी के गुर्गों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।

​जवाबी कार्रवाई और मौत

​पुलिस टीम ने खुद को बचाते हुए जवाबी कार्रवाई (Self Defense) में गोलियां चलाईं। इस मुठभेड़ में रामधनी यादव को गोली लग गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत इलाज के लिए जेएलएनएमसीएसच (मायागंज) अस्पताल लाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मुठभेड़ में तीन पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है।

​इन अपराधियों की हुई गिरफ्तारी

​मुठभेड़ और सघन छापेमारी के बाद पुलिस ने रामधनी यादव के गिरोह के अन्य सदस्यों को गिरफ्तार किया है:

  1. ​दीपक यादव (सा०-श्यामबाग, सुल्तानगंज)
  2. ​पिंकू कुमार (सा०-करारी तीनटंगा, नवगछिया)
  3. ​सन्नी यादव (पुत्र-दिवंगत रामधनी यादव)
  4. ​मटुकी मंडल (सा०-नारायणपुर, सुल्तानगंज)

​अपराधिक इतिहास: दहशत का दूसरा नाम था रामधनी

​मृतक अपराधी रामधनी यादव का लंबा अपराधिक इतिहास रहा है। उस पर 1981 से लेकर 2026 तक हत्या, लूट, रंगदारी और आर्म्स एक्ट के 28 से अधिक संगीन मामले दर्ज थे। भागलपुर पुलिस की इस कार्रवाई से जिले के अपराधियों में हड़कंप मच गया है।

पटना के पूर्व DM चंद्रशेखर सिंह बने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के नए सचिव, अनुपम कुमार को दी गई भावभीनी विदाई

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Patna News: बिहार के प्रशासनिक गलियारे से आज एक बड़ी खबर सामने आई है। 2010 बैच के तेजतर्रार आईएएस अधिकारी  चंद्रशेखर सिंह ने शुक्रवार को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD) के सचिव के रूप में विधिवत कार्यभार संभाल लिया है। उन्होंने निवर्तमान सचिव अनुपम कुमार का स्थान लिया है, जो अब अपनी नई पारी की शुरुआत करने के लिए केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली जा रहे हैं।

​विभागीय अधिकारियों ने दी विदाई

​पदभार ग्रहण करने के इस अवसर पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में एक सादे समारोह का आयोजन किया गया। विभाग के निदेशक अनिल कुमार समेत तमाम वरीय अधिकारियों और पदाधिकारियों ने निवर्तमान सचिव अनुपम कुमार को उनके सफल कार्यकाल के लिए बधाई दी और उन्हें भावभीनी विदाई दी। अधिकारियों ने श्री कुमार के साथ बिताए गए समय और उनके कुशल मार्गदर्शन को याद किया।

​कई महत्वपूर्ण विभागों की कमान चंद्रशेखर सिंह के हाथ

​ चंद्रशेखर सिंह का कद प्रशासनिक स्तर पर काफी मजबूत माना जाता है। वे वर्तमान में मुख्यमंत्री के सचिव के रूप में भी अपनी सेवा दे रहे हैं। इसके अलावा, अब उनके पास आई.पी.आर.डी. के साथ-साथ निम्नलिखित महत्वपूर्ण विभागों का अतिरिक्त प्रभार रहेगा:

  • ​संसदीय कार्य विभाग (सचिव)
  • ​आपदा प्रबंधन विभाग (सचिव)
  • ​बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड (अध्यक्ष)

​अनुभवी प्रशासक की नई पारी

​चंद्रशेखर सिंह का पिछला रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली रहा है। आई.पी.आर.डी. सचिव बनने से पूर्व वे पटना प्रमंडल के आयुक्त और पटना के जिलाधिकारी (DM) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहकर अपनी प्रशासनिक क्षमता का लोहा मनवा चुके हैं। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में उनके आने से सरकार की योजनाओं को आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने के प्रयासों में और गति आने की उम्मीद है।

मजदूर दिवस पर ‘वी केयर’ की नेक पहल: भीषण गर्मी में रिक्शा-ठेला चालकों को पिलाई लस्सी, दिया सम्मान का ‘गमछा’

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Bhagalpur News: अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर जहाँ पूरी दुनिया मजदूरों के अधिकारों की बात कर रही है, वहीं भागलपुर की सामाजिक संस्था ‘वी केयर’ ने जमीन पर उतरकर सेवा का अनूठा उदाहरण पेश किया। शहर के व्यस्ततम इलाके उल्टापूल पर संस्था द्वारा एक विशेष सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी में दिन-रात पसीना बहाने वाले रिक्शा और ठेला चालकों को राहत पहुंचाना था।

​गर्मी से राहत और श्रम का सम्मान

​बढ़ते तापमान और लू के थपेड़ों के बीच सड़कों पर काम कर रहे करीब 50 रिक्शा एवं ठेला चालकों के बीच संस्था के सदस्यों ने गमछा और ठंडी लस्सी का वितरण किया। गमछा जहाँ उन्हें धूप से बचाने में मदद करेगा, वहीं लस्सी ने इस भीषण गर्मी में उन्हें ताजगी और सुकून देने का काम किया। संस्था के इस प्रयास की स्थानीय लोगों और राहगीरों ने काफी सराहना की।

​“मेहनतकशों का सम्मान हमारी जिम्मेदारी”: कुश मिश्रा

​संस्था के संस्थापक कुश मिश्रा ने इस अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए कहा:

​“मजदूर समाज की वो नींव हैं, जिनके बिना विकास की कल्पना भी नहीं की जा सकती। इन मेहनतकश साथियों के परिश्रम को सम्मान देना और मुश्किल समय में उनके साथ खड़ा होना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। संस्था का यह छोटा-सा प्रयास उनके प्रति हमारे आदर और कृतज्ञता को प्रकट करने का एक माध्यम है।”

 

​इन सदस्यों ने निभाई सक्रिय भूमिका

​इस सेवा कार्य को सफल बनाने में ‘वी केयर’ की पूरी टीम ने जी-जान लगा दी। कार्यक्रम में नितेश, अमृतांशु झा, प्रियवर, डॉ. ऐश्वर्या, मनोज कुमार, राज वर्धन, मानव, शशि, राहुल खेतान, रिशांत, समुज्जुअल, और अभिषेक अग्रवाल सहित कई अन्य सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने हाथों से मजदूरों की सेवा की।

भागलपुर में शोक की लहर: कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रवीण सिंह कुशवाहा की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत

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Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। भागलपुर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रवीण सिंह कुशवाहा का एक भीषण सड़क हादसे में निधन हो गया है। यह दुर्घटना उत्तर प्रदेश के कन्नौज के समीप तब हुई, जब वे दिल्ली से वापस भागलपुर लौट रहे थे। इस खबर के बाद न केवल कांग्रेस पार्टी बल्कि पूरे भागलपुर जिले में शोक की लहर दौड़ गई है।

​कैसे हुआ हादसा?

​मिली जानकारी के अनुसार, प्रवीण सिंह कुशवाहा किसी निजी या पार्टी कार्य से दिल्ली गए हुए थे। शुक्रवार (01 मई 2026) को जब वे दिल्ली से वापस लौट रहे थे, तभी कन्नौज के पास उनकी गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि प्रवीण सिंह कुशवाहा की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि गाड़ी में उनके साथ कुछ अन्य लोग भी सवार थे, जिनके बारे में विस्तृत जानकारी का इंतज़ार है।

​राजनीतिक गलियारे में शोक का माहौल

​प्रवीण सिंह कुशवाहा भागलपुर की राजनीति में एक सक्रिय और मिलनसार व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते थे। उनके नेतृत्व में जिले में कांग्रेस संगठन को काफी मजबूती मिली थी। उनके आकस्मिक निधन पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

​“प्रवीण जी का जाना भागलपुर कांग्रेस के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने हमेशा जमीन से जुड़कर कार्यकर्ताओं की आवाज बुलंद की। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे।” — स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ता

 

​भागलपुर में समर्थकों की भीड़

​जैसे ही हादसे की खबर भागलपुर पहुंची, उनके आवास पर समर्थकों और शुभचिंतकों का तांता लग गया। हर कोई इस खबर से स्तब्ध है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वर्तमान में उनके पार्थिव शरीर को भागलपुर लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

मजदूर दिवस पर छपरा में न्याय की गूँज: “सशक्त मजदूर ही है सशक्त राष्ट्र की पहचान”

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Bihar News: अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के गरिमामयी अवसर पर छपरा व्यवहार न्यायालय परिसर में न्याय और सम्मान का संदेश गुंजा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देशानुसार, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DALSA), सारण और श्रम विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य ‘विधिक जागरूकता शिविर’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े श्रमिकों को उनके अधिकारों के प्रति सशक्त बनाना था।

​मजदूर समाज की रीढ़, न्याय उनकी प्राथमिकता: जिला जज

​कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष (DALSA), पुनीत कुमार गर्ग ने दीप प्रज्वलित किया। उन्होंने अपने संबोधन में मजदूरों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा:

​“मजदूर हमारे समाज और राष्ट्र की वास्तविक रीढ़ हैं। उनके पसीने से राष्ट्र का निर्माण होता है, इसलिए उनके अधिकारों की रक्षा करना और न्याय तक उनकी पहुंच को सरल बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

 

​कानूनी सुरक्षा और निःशुल्क सहायता पर जोर

​प्राधिकार के सचिव सह एसीजेएम राजीव कुमार ने कहा कि कानून की नजर में सब बराबर हैं और जागरूकता ही शोषण के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है। वहीं, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADCS) पुर्णेंदु रंजन ने भरोसा दिलाया कि किसी भी जरूरतमंद मजदूर के लिए निःशुल्क विधिक सहायता एक अधिकार के रूप में उपलब्ध है।

​न्यायिक दंडाधिकारी सुधा कुमारी ने जोर देकर कहा कि यदि किसी श्रमिक के अधिकारों का हनन होता है, तो उन्हें बिना किसी डर के कानूनी मदद लेनी चाहिए।

​सरकारी योजनाओं और न्यूनतम वेतन की जानकारी

  • ​श्रम अधीक्षक देवेन्द्र कुमार प्रभाकर ने विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और पंजीकरण की प्रक्रिया विस्तार से समझाई।
  • ​रिटेनर लॉयर डॉ० अमित रंजन ने मजदूरों को ‘न्यूनतम मजदूरी अधिनियम’ और कार्यस्थल पर सुरक्षा के मानकों के बारे में जानकारी दी।

​राष्ट्रीय लोक अदालत का निमंत्रण: 09 मई को होगा मामलों का निपटारा

​कार्यक्रम के अंत में सचिव, डालसा सारण ने आम जनता और श्रमिकों से एक विशेष अपील की। उन्होंने बताया कि आगामी 09 मई 2026 को छपरा व्यवहार न्यायालय में ‘राष्ट्रीय लोक अदालत’ का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे अपने लंबित मामलों का आपसी सहमति से त्वरित और निःशुल्क निपटारा कराने के लिए इस अवसर का लाभ उठाएं।

​मंच संचालन और उपस्थिति

​कार्यक्रम का सफल संचालन श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी कुमारी उषा कुशवाहा ने किया। इस अवसर पर न्यायिक पदाधिकारी, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारीगण, नज़रे इमाम, धर्मेन्द्र कुमार और पीएलवी मुकेश कुमार सहित बड़ी संख्या में श्रमिक और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

मुजफ्फरपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 20 लाख रुपये की संदिग्ध नकदी बरामद, जांच के बाद सरकारी खाते में जमा

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Bihar News: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में अपराध नियंत्रण और सघन जांच अभियान के दौरान पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देशानुसार चलाए जा रहे चेकिंग अभियान में पुलिस ने ₹20 लाख की भारी भरकम नकदी बरामद की है। यह कार्रवाई जिले के अहियापुर थाना क्षेत्र में की गई।

​चेकिंग के दौरान पकड़ा गया आरोपी

​जानकारी के अनुसार, अहियापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बस स्टैंड के पास पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान सागर कुमार नामक व्यक्ति को रोककर तलाशी ली गई। सागर कुमार मूल रूप से सांगोला (जिला सोलापुर, महाराष्ट्र) का निवासी है, जो वर्तमान में मुजफ्फरपुर के गरीबनाथ थाना क्षेत्र में रह रहा था। तलाशी के दौरान उसके पास से कुल ₹20,00,000/- (बीस लाख रुपये) नकद बरामद हुए।

​दस्तावेज दिखाने में रहा विफल

​पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में आरोपी सागर कुमार इतनी बड़ी राशि के संबंध में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। जब पुलिस ने रुपयों से संबंधित वैध दस्तावेज या स्रोत की जानकारी मांगी, तो वह कोई भी कागजात प्रस्तुत करने में विफल रहा।

​आयकर विभाग ने की कार्रवाई, सरकारी खाते में जमा हुई राशि

​मामले की गंभीरता को देखते हुए मुजफ्फरपुर पुलिस ने तुरंत इसकी सूचना आयकर विभाग (Income Tax Department) को दी। आयकर विभाग द्वारा गहन जांच की गई और अंततः 30 अप्रैल 2026 को उक्त पूरी राशि को भारतीय स्टेट बैंक (SBI), रेड क्रॉस, मुजफ्फरपुर स्थित सरकारी खाते में जमा करा दिया गया है।

​“जिले में अपराध नियंत्रण और शराबबंदी के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सघन जांच अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में यह बरामदगी हुई है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।” > — पुलिस विभाग, मुजफ्फरपुर

AgriStack पोर्टल पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी सम्मानित

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Bhagalpur News: बिहार की राजधानी पटना में आयोजित एक उच्च स्तरीय कार्यशाला के दौरान भागलपुर जिले ने एक बार फिर अपनी प्रशासनिक कुशलता का लोहा मनवाया है। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना AgriStack के सफल कार्यान्वयन और किसानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने के मामले में भागलपुर को राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया है।

​मुख्य सचिव और DGP के हाथों मिला सम्मान

​आज दिनांक 30 अप्रैल 2026 को पटना में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत एवं पुलिस महानिदेशक (DGP)  विनय कुमार ने संयुक्त रूप से भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। यह सम्मान भागलपुर द्वारा कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं को धरातल पर उतारने और किसानों के डेटा डिजिटलीकरण में दिखाई गई तत्परता के लिए दिया गया है।

​क्या है AgriStack और क्यों मिली यह उपलब्धि?

​AgriStack (agristack.gov.in) भारत सरकार के कृषि विभाग का एक क्रांतिकारी डिजिटल इकोसिस्टम है। इसका मुख्य उद्देश्य है:

  • ​किसानों का पंजीकरण: प्रत्येक किसान की एक विशिष्ट डिजिटल पहचान बनाना।
  • ​डेटा का डिजिटलीकरण: किसानों की जमीन, फसल और पात्रता का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन करना।
  • ​योजनाओं का सीधा लाभ: बिचौलियों को खत्म कर कृषि योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुँचाना।

​भागलपुर जिले ने इस अभियान के तहत रिकॉर्ड समय में अपने लक्ष्य को पूरा करते हुए जिले के सभी किसानों को पोर्टल से जोड़ने में सफलता हासिल की है। जिले के इस ‘फुल कवरेज’ मॉडल की सराहना पूरे राज्य में की जा रही है।

​जिलाधिकारी ने टीम को दिया श्रेय

​सम्मान प्राप्ति के बाद जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि यह उपलब्धि जिले के कृषि पदाधिकारियों, राजस्व कर्मियों और तकनीकी टीम की कड़ी मेहनत का परिणाम है। उन्होंने बताया कि इस पोर्टल से जुड़ने के बाद अब भागलपुर के किसानों को खाद, बीज, सब्सिडी और अन्य सरकारी लाभ प्राप्त करने में बेहद आसानी होगी।

​“हमारा लक्ष्य भागलपुर के हर किसान को तकनीक से जोड़कर उनकी आय बढ़ाना और सरकारी प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाना है। यह सम्मान हमें भविष्य में और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।” > — डॉ. नवल किशोर चौधरी, जिलाधिकारी, भागलपुर

 

​विकास की ओर बढ़ता भागलपुर

​इस सम्मान ने यह साबित कर दिया है कि भागलपुर न केवल स्मार्ट सिटी की रेस में आगे है, बल्कि कृषि और ग्रामीण विकास के डिजिटल बदलाव में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। संयुक्त निदेशक (जन-सम्पर्क) ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस ऐतिहासिक उपलब्धि की जानकारी साझा की है।

​भागलपुर में गरजा प्रशासन का बुलडोजर: तिलकामांझी के ‘रिमझिम होटल’ पर बड़ी कार्रवाई, लीज खत्म होने के बाद भी नहीं किया था खाली

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Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर में अतिक्रमणकारियों और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा जमाए लोगों के खिलाफ जिला प्रशासन ने अब तक का सबसे बड़ा अभियान छेड़ दिया है। गुरुवार को शहर के सबसे व्यस्त और रिहायशी इलाके तिलकामांझी चौक पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब नगर निगम और जिला प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल के साथ ‘रिमझिम होटल’ को ढहाने पहुंची। देखते ही देखते प्रशासन के बुलडोजर ने होटल के अवैध हिस्से को जमींदोज कर दिया।

​99 साल की लीज खत्म, फिर भी जमा था कब्जा

​जानकारी के अनुसार, रिमझिम होटल की जमीन नगर निगम से 99 साल की लीज पर ली गई थी। लीज की अवधि काफी समय पहले ही समाप्त हो चुकी थी, लेकिन होटल संचालक ने परिसर को खाली नहीं किया। नगर निगम द्वारा कई बार नोटिस जारी किए गए और चेतावनी भी दी गई, लेकिन संचालक की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। आखिरकार यह मामला अदालत की दहलीज तक पहुंचा।

​कोर्ट के आदेश पर भारी पुलिस बल के साथ एक्शन

​अदालत से आदेश मिलने के बाद प्रशासन ने बिना देरी किए कार्रवाई की योजना बनाई। गुरुवार को कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखे गए:

  • ​सुरक्षा घेरा: तीन थानों की पुलिस फोर्स और भारी संख्या में पुलिस के जवान तैनात रहे।
  • ​अधिकारी मौजूद: मौके पर खुद दंडाधिकारी (मजिस्ट्रेट) और नगर निगम के वरीय अधिकारी मौजूद रहे।
  • ​बैरिकेडिंग: अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरे इलाके को घेर लिया गया था, जिससे राहगीरों और भीड़ को दूर रखा जा सके।

​जब चलने लगा बुलडोजर…

​प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचते ही होटल को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की और उसके बाद बुलडोजर की मदद से अतिक्रमण को हटाना शुरू किया। कार्रवाई के दौरान काफी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी की वजह से स्थिति नियंत्रण में रही और बिना किसी बड़े विरोध के होटल के अवैध कब्जे को हटा दिया गया।

​प्रशासन की सीधी चेतावनी: अब किसी की खैर नहीं

​मौके पर मौजूद दंडाधिकारी राजेश कुमार ने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि शहर में अतिक्रमण को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

​”लीज खत्म होने के बाद भी सरकारी संपत्ति पर कब्जा जमाए रखना गैर-कानूनी है। हमने कई बार नोटिस दिया था, लेकिन पालन न होने पर कोर्ट के आदेशानुसार यह कार्रवाई की गई है। शहर में जहां भी अवैध कब्जा है, वहां बुलडोजर का चलना जारी रहेगा।” — राजेश कुमार, दंडाधिकारी

 

​शहर में हड़कंप का माहौल

​तिलकामांझी जैसे प्रमुख चौराहे पर हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद शहर के अन्य बड़े अतिक्रमणकारियों और अवैध रूप से सरकारी जमीन पर काबिज लोगों के बीच हड़कंप मच गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से साफ है कि आने वाले दिनों में भागलपुर की सड़कों और सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए अभियान और तेज होगा।

सावधान! मई के तीसरे हफ्ते में अचानक बंद हो जाएंगी बत्तियां, बिहार के 6 जिलों में बजेगा हवाई हमले का सायरन

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Patna News: बिहार में नागरिक सुरक्षा (Civil Defense) को लेकर एक बड़ी तैयारी शुरू हो गई है। गृह मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देश पर मई के तीसरे सप्ताह में पटना समेत राज्य के छह प्रमुख जिलों में हवाई हमला (Air Raid) और ब्लैकआउट (Blackout) संबंधी एक विशाल ‘मॉकड्रिल’ का आयोजन किया जाएगा। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य किसी भी आपातकालीन स्थिति या युद्ध जैसी परिस्थितियों में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

​पटना समेत इन 6 जिलों में होगी ‘जंग’ जैसी तैयारी

​आपदा प्रबंधन विभाग ने इस मॉकड्रिल के सफल संचालन के लिए कमर कस ली है। गुरुवार को विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें निम्नलिखित जिलों के जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को विशेष निर्देश दिए गए हैं:

  1. ​पटना
  2. ​किशनगंज
  3. ​बेगूसराय
  4. ​पूर्णिया
  5. ​अररिया
  6. ​कटिहार

​सायरन बजते ही करना होगा ‘ब्लैकआउट’ का पालन

​मॉकड्रिल के दौरान निर्धारित समय पर पूरे शहर में एक साथ सायरन गूंजेंगे। सायरन की आवाज सुनते ही चिन्हित क्षेत्रों में बिजली काट दी जाएगी या नागरिकों को स्वेच्छा से लाइटें बंद करनी होंगी।

  • ​सायरन की व्यवस्था: चौराहों पर लगे साउंड सिस्टम, थानों की गाड़ियां और फायर ब्रिगेड के सायरन का उपयोग किया जाएगा।
  • ​बिजली विभाग का समन्वय: सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ब्लैकआउट की सफलता के लिए बिजली विभाग के साथ जिला प्रशासन बेहतर तालमेल बिठाए।

​अस्पतालों के लिए विशेष निर्देश: प्राइवेसी और सुरक्षा सर्वोपरि

​इस मॉकड्रिल के दौरान अस्पतालों की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि:

  • ​अस्पतालों की खिड़कियों पर क्यूबिकल पर्दे या प्राइवेसी कर्टन अनिवार्य रूप से लगवाए जाएं, ताकि ब्लैकआउट के दौरान अंदर की रोशनी बाहर न दिखे।
  • ​आपातकालीन सेवाओं को इस तरह प्रशिक्षित किया जाए कि अंधेरे में भी चिकित्सा कार्य प्रभावित न हो।

​बेगूसराय का मॉडल बनेगा मिसाल

​बैठक में नागरिक सुरक्षा के महानिदेशक डॉ. परेश सक्सेना ने पिछले अभ्यासों का जिक्र करते हुए बेगूसराय जिले के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने अन्य जिलों के अधिकारियों से कहा कि वे इसी तर्ज पर अपनी तैयारी पूरी करें। उन्होंने सुझाव दिया कि इस अभ्यास में स्कूल-कॉलेजों के छात्रों, दवा व्यापारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी जोड़ा जाए ताकि जन-भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

​आम जनता के लिए जरूरी सूचना: घबराएं नहीं, यह बस एक अभ्यास है

​आपदा प्रबंधन विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस मॉकड्रिल का उद्देश्य केवल तैयारी को परखना है।

​”नागरिक सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। इस दौरान आम जन पैनिक (घबराएं) न करें, इसके लिए प्रशासन व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करेगा। सायरन बजना और बत्तियां बंद होना केवल एक सुरक्षा अभ्यास का हिस्सा है।” — डॉ. चंद्रशेखर सिंह, सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग

 

​बैठक में ये रहे मौजूद

​वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में नागरिक सुरक्षा निदेशालय के पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक, पटना सहित सभी 6 जिलों के जिलाधिकारी, संबंधित जिलों के एसपी, एसडीआरएफ (SDRF) के समादेष्टा और आपदा प्रबंधन विभाग के संयुक्त सचिव  मो. नदीमुल गफ्फार सिद्दीकी प्रमुख रूप से उपस्थित थे।