Patna News: बिहार में पुलों की मजबूती और सुरक्षा को लेकर नीतीश सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने शनिवार को एक हाई-लेवल मीटिंग में राज्य के सभी बड़े पुलों का सघन सेफ्टी ऑडिट करने का कड़ा निर्देश जारी किया है। सचिव ने स्पष्ट कर दिया है कि अगले 72 घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट विभाग के PMIS पोर्टल पर अपलोड होनी चाहिए।
लापरवाही पर नपेंगे मुख्यालय के अफसर
समीक्षा बैठक के दौरान सचिव पंकज कुमार पाल ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि पुलों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक कहा:
”अगर किसी पुल में लापरवाही के कारण कोई क्षति होती है, तो न केवल क्षेत्रीय कार्यपालक अभियंता, बल्कि मुख्यालय स्तर के अधिकारी भी समान रूप से जिम्मेदार माने जाएंगे और उन पर कठोर कार्रवाई होगी।”
60 मीटर से बड़े हर पुल की होगी ‘माइक्रो-जांच’
विभाग ने ऑडिट के लिए विशेष मापदंड तय किए हैं। इसके तहत 60 मीटर से 250 मीटर और 250 मीटर से अधिक लंबाई वाले सभी पुलों की बारीकी से जांच की जाएगी। अधिकारियों को इन मुख्य बिंदुओं पर रिपोर्ट देने को कहा गया है:
- बेयरिंग और गडर: पुल के बेयरिंग और गडर की वर्तमान स्थिति।
- पाइल और ज्वाइंट: स्पैन स्लैब, पाइल और जॉइंट्स की मजबूती।
- अप्रोच रोड: पुल तक पहुँचने वाली सड़कों (अप्रोच रोड) की हालत।
- ड्रेनेज सिस्टम: मानसून से पहले जल निकासी और सफाई की व्यवस्था।
मानसून से पहले फुलप्रूफ तैयारी
आगामी मानसून को देखते हुए सभी कार्यपालक अभियंताओं को ‘हाई अलर्ट’ पर रखा गया है। सचिव ने नेशनल हाईवे (NH) विंग को भी निर्देशित किया है कि वे राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित पुलों का तत्काल सेफ्टी ऑडिट सुनिश्चित करें। बैठक में बिहार राज्य पुल निर्माण निगम (BRPNNL) और बिहार राज्य सड़क विकास निगम (BSRDCL) के वरीय अधिकारी भी मौजूद रहे।


