Bhagalpur News: विक्रमशिला सेतु के पिलर संख्या 133 के पास स्लैब टूटकर गंगा में गिर जाने के बाद से जिला प्रशासन सुरक्षा को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। सेतु पर बड़े वाहनों का आवागमन ठप्प होने के बाद बरारी पुल घाट पर यात्रियों का दबाव अत्यधिक बढ़ गया है। इसी को देखते हुए आज से अग्निशमन विभाग (Fire Department) ने घाट पर सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया है।
ज्वलनशील पदार्थों पर पूर्ण प्रतिबंध
अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नाव दुर्घटनाओं को रोकना है। अक्सर लोग नाव यात्रा के दौरान अपने साथ पेट्रोल, डीजल, गैस सिलेंडर या अन्य ज्वलनशील पदार्थ ले जाते हैं, जो बीच गंगा में बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। अब हर नाव की रवानगी से पहले यात्रियों के सामान की बारीकी से जांच की जाएगी।
एसएसपी का सख्त निर्देश: तैनात किए गए 30 जवान
वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने बरारी घाट की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए बताया कि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। घाट पर सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं:
- अस्थाई थाना: बरारी घाट पर एक अस्थाई पुलिस थाना स्थापित किया गया है।
- सुरक्षा बल: घाट की निगरानी के लिए 1 इंस्पेक्टर, 3 पुलिस पदाधिकारी और 30 बिहार पुलिस के जवान 24 घंटे तैनात रहेंगे।
- सतत निगरानी: अग्निशमन विभाग के जवान नावों पर लाइफ जैकेट और आग बुझाने वाले यंत्रों की उपलब्धता की भी जांच करेंगे।
विक्रमशिला सेतु की स्थिति तक जारी रहेगी व्यवस्था
प्रशासन का कहना है कि जब तक विक्रमशिला सेतु की स्थिति सामान्य नहीं हो जाती और आवागमन पूरी तरह बहाल नहीं होता, तब तक बरारी घाट पर नाव परिचालन ही यात्रियों के लिए मुख्य विकल्प है। ऐसे में भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए यह चेकिंग अभियान निरंतर जारी रहेगा।
यात्रियों से अपील
पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे सुरक्षा जांच में सहयोग करें और नाव पर किसी भी प्रकार का प्रतिबंधित या खतरनाक सामान लेकर न चढ़ें। आपकी थोड़ी सी जागरूकता एक बड़े हादसे को टाल सकती है।


