Bhagalpur News: विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद उपजे गंभीर यातायात संकट को दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने ‘वॉर फुटिंग’ (युद्ध स्तर) पर काम शुरू कर दिया है। सेतु पर वैकल्पिक आवागमन बहाल करने के लिए बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (BRO) की टीम भागलपुर पहुंच चुकी है। बेली ब्रिज के निर्माण से भागलपुर और उत्तर बिहार के बीच संपर्क को फिर से सुगम बनाने की तैयारी है।
तकनीकी विशेषज्ञों का जमावड़ा शुरू
जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बताया कि BRO के अधिकारियों की पहली टीम मंगलवार को ही भागलपुर पहुंच गई है। उन्होंने आगे की जानकारी साझा करते हुए कहा कि कुछ अन्य विशेषज्ञ और मुख्य तकनीकी टीम गुरुवार की शाम तक भागलपुर पहुंच जाएगी। टीम के आते ही पुल के निरीक्षण और बेली ब्रिज निर्माण की कार्ययोजना पर काम शुरू हो जाएगा।
प्रशासन ने की है पुख्ता व्यवस्था
BRO की टीम की सुविधा और कार्य की गति को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि:
- टीम के रहने, खाने-पीने और स्थानीय स्तर पर आवश्यक सभी संसाधनों की व्यवस्था जिला प्रशासन की ओर से कर दी गई है।
- प्रशासन का पूरा ध्यान इस बात पर है कि BRO की टीम को काम शुरू करने में किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक बाधा का सामना न करना पड़े।
क्या है बेली ब्रिज और इससे क्या होगा फायदा?
बेली ब्रिज एक अस्थाई लेकिन बेहद मजबूत पोर्टेबल स्टील ब्रिज होता है, जिसका उपयोग सेना अक्सर आपातकालीन स्थितियों में करती है।
- तेजी से निर्माण: यह अन्य पुलों की तुलना में बहुत कम समय में तैयार हो जाता है।
- यातायात बहाली: इसके बनने से विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से के ऊपर से छोटे और मध्यम वाहनों का परिचालन सुरक्षित तरीके से शुरू हो सकेगा।
- आम जन को राहत: पिछले कई दिनों से जाम और नाव के जोखिम भरे सफर से परेशान लोगों को इससे बड़ी राहत मिलेगी।
प्रशासन का भरोसा: जल्द खत्म होगी परेशानी
जिलाधिकारी ने भरोसा दिलाया है कि प्रशासन और BRO के संयुक्त प्रयास से बहुत जल्द बेली ब्रिज का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने से भागलपुर सहित आसपास के कई जिलों की लाइफलाइन प्रभावित हुई है, ऐसे में BRO की एंट्री ने लोगों के बीच एक नई उम्मीद जगा दी है।


