Bhagalpur News: भागलपुर के मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र से एक बेहद ही हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक छोटे से घरेलू काम के दौरान हुए हादसे ने हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। मंगलवार की अहले सुबह स्कूटी की बैटरी चार्ज करने के दौरान करंट की चपेट में आने से एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक अपने पीछे दो मासूम बच्चों और पत्नी को रोता-बिलखता छोड़ गया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
सुबह 3 बजे काल बनकर दौड़ा करंट, बोर्ड में प्लग लगाते ही हुआ हादसा
मृतक की पहचान मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र के सरदारपुर गांव निवासी हीरामन राय के पुत्र विष्णुदेव राय के रूप में की गई है।
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा मंगलवार की सुबह करीब तीन बजे हुआ। विष्णुदेव राय घर के भीतर अपनी स्कूटी की बैटरी चार्ज करने के लिए बिजली के बोर्ड में चार्जर का प्लग लगा रहे थे। इसी दौरान अचानक बिजली के शॉर्ट सर्किट की वजह से पूरे बोर्ड में हाई-वोल्टेज करंट आ गया। विष्णुदेव को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वह बिजली के झटके से बुरी तरह झुलसकर वहीं गिर पड़े।
बचाने दौड़े परिजनों को भी लगा झटका, मायागंज अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत
घर के भीतर चीख-पुकार सुनकर सो रहे परिजन तुरंत विष्णुदेव को बचाने के लिए दौड़े। लेकिन करंट इतना तेज था कि उन्हें छूने की कोशिश में परिजनों को भी बिजली का जोरदार झटका लगा। इसके बाद आनन-फानन में मुख्य स्विच से बिजली की सप्लाई को बंद किया गया।
परिजन गंभीर रूप से झुलसे विष्णुदेव को लेकर तुरंत भागलपुर के मायागंज अस्पताल (JLNMCH) भागे। लेकिन अफसोस, अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अस्पताल में दहाड़ मारकर रो पड़ी पत्नी, मासूम बच्चों को नहीं पता कि अब सिर से उठ गया पिता का साया
विष्णुदेव की मौत की खबर मिलते ही उनकी पत्नी और दोनों मासूम बच्चे रोते-बिलखते मायागंज अस्पताल पहुँचे। पति के बेजान शरीर को देखते ही पत्नी दहाड़ मारकर रोने लगी, जिसे देख अस्पताल में मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। वहीं, दूसरी ओर मृतक के दोनों मासूम बच्चे इस बात से पूरी तरह अनजान थे कि उनके पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे और उनके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ चुका है।


