Bhagalpur News: मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और भाईचारे के माहौल में संपन्न कराने के लिए भागलपुर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। जिले में अमन-चैन और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासनिक और पुलिस महकमे ने फुलप्रूफ रणनीति तैयार कर ली है। इसी सिलसिले में समाहरणालय स्थित समीक्षा भवन के सभागार में जिलाधिकारी अलंकृता पांडे और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार यादव की संयुक्त मौजूदगी में केंद्रीय शांति समिति के सदस्यों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान मुहर्रम के जुलूस के रूट, सुरक्षा के कड़े इंतजामों और जिले के संवेदनशील इलाकों की मौजूदा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।
सुरक्षा का ऐसा घेरा कि परिंदा भी पर न मार सके, ड्रोन और CCTV से होगी मॉनिटरिंग
समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए भागलपुर के एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने प्रशासन के कड़े तेवरों को साफ कर दिया। उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर: जिले के सभी चिन्हित और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की तैनाती की जाएगी।
- तीसरी आंख का पहरा: पारंपरिक जुलूस के रास्तों और भीड़भाड़ वाले इलाकों की निगरानी के लिए भारी संख्या में सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए जा रहे हैं।
- आसमान से नजर: पूरे मेला और जुलूस क्षेत्र की ड्रोन कैमरों के जरिए हवाई निगरानी (Aerial Surveillance) की जाएगी, ताकि हर गतिविधि पर तुरंत एक्शन लिया जा सके।
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई तो खैर नहीं, सीधे होगी जेल
इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले शरारती तत्वों को एसएसपी ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है।
”मुहर्रम के दौरान सोशल मीडिया के सभी प्लेटफॉर्म्स (Facebook, WhatsApp, X) की चौबीसों घंटे मॉनिटरिंग की जा रही है। अगर किसी ने भी भ्रामक जानकारी, भड़काऊ पोस्ट या अफवाह फैलाने की कोशिश की, तो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे समाजकंटकों पर पुलिस सीधे कड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए जेल भेजेगी।”
— प्रमोद कुमार यादव, एसएसपी (भागलपुर)
शांति समिति की बैठक के मुख्य बिंदु और फैसले:
- रूट का कड़ाई से पालन: मुहर्रम का जुलूस केवल उन्हीं रास्तों से गुजरेगा जो पहले से जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित और स्वीकृत हैं। नए रूट की अनुमति बिल्कुल नहीं होगी।
- सख्त पुलिस गश्त (Patrolling): पर्व के दौरान जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में पुलिस की मोबाइल टीमें लगातार गश्त करती रहेंगी।
- सद्भाव की अपील: जिला प्रशासन और शांति समिति के सदस्यों ने संयुक्त रूप से सभी जिलेवासियों से अपील की है कि वे वर्षों पुरानी गंगा-जमुनी तहजीब को बरकरार रखते हुए आपसी सौहार्द के साथ शांतिपूर्ण तरीके से मुहर्रम मनाएं।


