Bhagalpur News: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले को लेकर भागलपुर जिला प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। मेले के सफल और सुरक्षित आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए समीक्षा भवन के सभागार में एक हाई-लेवल मीटिंग बुलाई गई। इस बैठक की संयुक्त अध्यक्षता भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडे और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार ने की। बैठक में सभी विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए कि श्रद्धालुओं की सेवा और सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सुरक्षा का अभेद्य किला: 15 किलोमीटर के कांवड़िया पथ पर 24 घंटे पुलिस पेट्रोलिंग
बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए एसएसपी प्रमोद कुमार ने सुरक्षा ब्लूप्रिंट का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि सुल्तानगंज से शुरू होने वाले पवित्र कांवड़िया मार्ग का लगभग 15 किलोमीटर का हिस्सा भागलपुर जिले के अधिकार क्षेत्र में आता है।
- लगातार गश्त: इस पूरे 15 किमी के रूट पर पुलिस की मोबाइल टीमें और पेट्रोलिंग गाड़ियां 24 घंटे मुस्तैद रहेंगी।
- असामाजिक तत्वों पर नज़र: सादे लिबास में भी पुलिस बल की तैनाती की जाएगी ताकि कोई भी अप्रिय घटना न हो।
गंगा घाटों पर जल पुलिस का पहरा, नदी में भी होगी गश्त
सुल्तानगंज के गंगा घाट पर उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए इस बार पानी से लेकर जमीन तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।
- विशेष निगरानी: गंगा घाटों पर वॉच टॉवर और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखी जाएगी।
- रिवर पेट्रोलिंग: नदी के भीतर किसी भी हादसे को रोकने के लिए पुलिस की विशेष टीमें नावों और मोटर बोट के जरिए लगातार गश्त (पेट्रोलिंग) करेंगी। स्थानीय गोताखोरों और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम को भी अलर्ट मोड पर रखा जाएगा।
“पिछले साल की गलतियों से सीखा सबक, इस बार व्यवस्था होगी बेमिसाल” — SSP
”पिछले वर्ष श्रावणी मेले के दौरान जो भी छोटी-मोटी कमियां या शिकायतें सामने आई थीं, उन सभी को चिन्हित कर इस बार पूरी तरह से दूर कर लिया गया है। हमारा लक्ष्य है कि देश-विदेश से आने वाले शिवभक्तों को एक सुखद और सुरक्षित माहौल मिले।”
— प्रमोद कुमार, एसएसपी (भागलपुर)
प्रशासन की टॉप 5 प्राथमिकताएं:
- यातायात प्रबंधन (Traffic Management): सुल्तानगंज और आसपास के इलाकों में जाम की स्थिति न बने, इसके लिए रूट डायवर्जन और पार्किंग की पुख्ता व्यवस्था।
- श्रद्धालुओं की सुविधा: कांवड़िया पथ पर शुद्ध पेयजल, रोशनी, स्वास्थ्य शिविर और शौचालय की उत्तम व्यवस्था।
- शांतिपूर्ण माहौल: मेला क्षेत्र को पूरी तरह से सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस का आपसी समन्वय।
- सख्त मॉनिटरिंग: सभी विभागों को उनकी जिम्मेदारी सौंप दी गई है और अधिकारी खुद ग्राउंड पर उतरकर निरीक्षण करेंगे।


