Bhagalpur News: सूबे में कड़े कानूनों के दावों के बावजूद दहेज दानवों का अत्याचार थमने का नाम नहीं ले रहा है। भागलपुर के सजौर थाना क्षेत्र से एक ऐसी ही दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां महज कुछ रुपयों की खातिर एक नवविवाहिता को मौत के मुंह में धकेलने की कोशिश की गई। ससुराल वालों पर आरोप है कि उन्होंने पहले विवाहिता के साथ बेरहमी से मारपीट की और फिर जबरन उसे कीटनाशक (जहर) पिला दिया। फिलहाल गंभीर हालत में पीड़िता का इलाज भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (मायागंज) में चल रहा है, जहां उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
एक साल पहले हुई थी शादी, किश्तों में मांग रहे थे दहेज
गंभीर रूप से जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही पीड़िता निशा कुमारी खैरा की रहने वाली है। उसकी शादी करीब एक वर्ष पहले सजौर थाना क्षेत्र के दरियापुर पंचायत स्थित घोरगांव निवासी मोहम्मद शाहबाज के साथ हुई थी। निशा ने बताया कि शादी के कुछ दिनों बाद से ही पति, सास और ससुर का असली चेहरा सामने आ गया और वे रुपयों की मांग को लेकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगे। पीड़िता के अनुसार, मायके वालों ने पहले 25 हजार रुपये दिए, फिर 50 हजार रुपये भी दिए। लेकिन लालचियों की भूख यहीं नहीं मिटी और वे मायके से 4 लाख रुपये नकद लाने का लगातार दबाव बनाने लगे।
मासूम बच्चे की भी नहीं की परवाह, पहले पीटा फिर जबरन पिलाया जहर
निशा का एक तीन महीने का छोटा बच्चा भी है, लेकिन हैवान बन चुके ससुराल वालों को उस मासूम पर भी तरस नहीं आया। मांग पूरी न होने पर निशा को अक्सर प्रताड़ित किया जाता था। बीती रात मामूली विवाद को बहाना बनाकर पति शाहबाज, सास और ससुर ने मिलकर पहले निशा को बुरी तरह पीटा। जब इससे भी उनका मन नहीं भरा, तो उन्होंने निशा को जबरन पकड़कर कीटनाशक दवा पिला दी।
ई-रिक्शा से लेकर पहुंचे मायागंज, मायके वालों ने बचाई जान
जहर पीने के बाद जब निशा की तबीयत बिगड़ने लगी और वह तड़पने लगी, तो ससुराल वाले उसे तड़पता छोड़ पीछे हट गए। घटना की जानकारी मिलते ही पीड़िता के मायके वाले आनन-फानन में घोरगांव पहुंचे। काफी मशक्कत और जद्दोजहद के बाद परिजनों ने निशा को एक ई-रिक्शा पर लादा और गंभीर हालत में भागलपुर के मायागंज अस्पताल लेकर पहुंचे। समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू किया, जिससे उसकी जान तो बच गई है, लेकिन हालत अभी भी खतरे से बाहर नहीं है।
कानूनी कार्रवाई की तैयारी, पुलिस जांच का इंतजार
पीड़िता निशा और उसके परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। निशा ने बताया कि घर टूटने के डर से उसने पहले हुई मारपीट की घटनाओं की शिकायत पुलिस में नहीं की थी, लेकिन इस बार जान पर बन आने के कारण वे लोग न्याय के लिए कानून का दरवाजा खटखटाएंगे। इस पूरे मामले में जब सजौर थानाध्यक्ष से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनसे संपर्क नहीं हो सका। परिजनों को उम्मीद है कि लिखित शिकायत के बाद पुलिस त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को जेल भेजेगी।
पीड़िता का बयान
अस्पताल के बेड पर जिंदगी की जंग लड़ रही पीड़िता निशा ने रोते हुए बताया:
”शादी के बाद से ही 4 लाख रुपये के लिए पति, सास और ससुर हमेशा मारते-पीटते थे। पहले भी दो बार पैसे दिए गए थे। कल रात उन लोगों ने मुझे पहले बहुत मारा और फिर जबरन पकड़कर मुंह में कीटनाशक दवा उड़ेल दी। मैं इंसाफ चाहती हूं, पुलिस उन लोगों को सजा दे।”


