Bhagalpur News: भागलपुर के सबौर प्रखंड में सामाजिक कुप्रथाओं और नशे के खिलाफ एक बड़े जनआंदोलन की शुरुआत हो चुकी है। प्रखंड क्षेत्र में “नशे की लत को छोड़ो, स्वस्थ जीवन से नाता जोड़ो” अभियान के तहत एक व्यापक और भव्य जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जीविका दीदियों ने अपनी कला और जीवंत अभिनय के दम पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया, जिसने वहां मौजूद हर शख्स को सोचने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम के जरिए समाज को पूरी तरह नशा मुक्त बनाने और एक स्वस्थ, खुशहाल जीवनशैली अपनाने का पुरजोर संदेश दिया गया।
प्रशासनिक अमले की रही गरिमामयी मौजूदगी, सबने लिया नशा मुक्ति का संकल्प
इस बेहद महत्वपूर्ण सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मौके पर सबौर के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) प्रभात रंजन, बीसीओ विकास कुमार, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) राकेश कुमार, और जीविका स्कूल संघ की अध्यक्ष मानुषी देवी मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। इनके अलावा प्रखंड के कई अधिकारी, कर्मचारी और सैकड़ों की संख्या में जीविका दीदियां मौजूद थीं। कार्यक्रम में आए सभी लोगों ने एक सुर में नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक रूप से शपथ ली और महासंकल्प दोहराया।
नुक्कड़ नाटक ने दिखाया नशे का खौफनाक सच: बिखरते परिवार और डूबता बचपन
जीविका दीदियों और कलाकारों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। नाटक के माध्यम से बेहद मार्मिक ढंग से यह दिखाया गया कि कैसे शराब, स्मैक और अन्य मादक पदार्थों की लत एक हंसते-खेलते परिवार को बर्बादी की कगार पर ला खड़ा करती है। कलाकारों ने जीवंत अभिनय से दर्शाया कि नशा न सिर्फ इंसान के फेफड़े और सेहत को चाट जाता है, बल्कि घर की आर्थिक रीढ़ तोड़ देता है। इससे सामाजिक मान-प्रतिष्ठा धूमिल होती है और सबसे बुरा असर मासूम बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य पर पड़ता है। नाटक देखकर कई ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं।
बीडीओ प्रभात रंजन की अपील: गांव-गांव जाकर अलख जगाएंगी जीविका दीदियां
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रभात रंजन ने कहा कि नशा किसी भी सभ्य समाज के विकास में सबसे बड़ा रोड़ा है। जब तक समाज नशे की गिरफ्त में रहेगा, तब तक तरक्की की कल्पना अधूरी है। उन्होंने जीविका दीदियों के हौसले की सराहना करते हुए कहा कि हमारी ये दीदियां अब गांव-गांव और घर-घर जाकर इस अभियान को एक बड़े जनआंदोलन का रूप देंगी। जब महिलाएं जागरूक होंगी, तो पुरुष अपने आप नशे से तौबा कर लेंगे और हर घर में खुशहाली का दीया जलेगा।
अभियान को लेकर क्या बोले परियोजना पदाधिकारी?
कार्यक्रम के उद्देश्यों और सफलता पर बात करते हुए परियोजना पदाधिकारी अभिषेक कुमार ने कहा:
”इस जागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित करना है। नशा मुक्ति सिर्फ सरकार या पुलिस के भरोसे सफल नहीं हो सकती, इसके लिए जनभागीदारी जरूरी है। जीविका दीदियों के माध्यम से हम जमीनी स्तर पर लोगों की सोच बदल रहे हैं। आने वाले दिनों में इसके बेहद सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे और सबौर प्रखंड नशा मुक्ति के मामले में एक मिसाल बनेगा।”


