Patna News: बिहार के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक ‘श्रावणी मेला 2026’ के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। गुरुवार को पटना स्थित स्वास्थ्य विभाग के सभागार में स्वास्थ्य मंत्री निशांत और स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि की उपस्थिति में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में श्रावणी मेला से जुड़े बिहार के 14 जिलों के सिविल सर्जनों ने तैयारियों की विस्तृत रिपोर्ट पेश की। स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि मेले में आने वाले देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग के बड़े फैसले
- टोल फ्री नंबर जारी: निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा के लिए टोल फ्री नंबर 102 और स्वास्थ्य संबंधी सहायता व जानकारी के लिए 104 चौबीसों घंटे चालू रहेगा।
- अस्थायी स्वास्थ्य शिविर: सुल्तानगंज-देवघर कांवरिया पथ सहित प्रमुख मेला क्षेत्रों में हर दो से तीन किलोमीटर की दूरी पर अस्थायी हेल्थ कैंप बनाए जाएंगे।
- लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस: आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस (ALSA) और बेसिक लाइफ Support एम्बुलेंस (BLSA) तैनात रहेंगी।
- विशेष दवाओं का स्टॉक: सर्पदंश (Snake Bite) और जलजनित रोगों के इलाज के लिए एंटी स्नेक वेनम सीरम (ASVS) और एंटी रेबीज वैक्सीन (ARV) का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश।
कांवरिया पथ पर डॉक्टरों की तैनाती और मुस्तैद व्यवस्था
स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि श्रावणी मेले में देश के कोने-कोने से श्रद्धालु आते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा और सेहत हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
”मेला के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना न हो, इसका खास ध्यान रखा जाए। शिविरों से रेफर होने वाले मरीजों को बड़े अस्पतालों में त्वरित उपचार मिले, इसके लिए पूरी व्यवस्था को अभी से दुरुस्त कर लिया जाए।”
— निशांत, स्वास्थ्य मंत्री, बिहार
विभागीय निर्देश के अनुसार, कांवरिया मार्ग पर बनने वाले अस्थायी शिविरों में डॉक्टर, एएनएम (ANM), पैरा मेडिकल स्टाफ और अन्य स्वास्थ्यकर्मी चौबीसों घंटे तैनात रहेंगे। इन शिविरों में प्राथमिक उपचार, जरूरी दवाएं, बेड, ऑक्सीजन और आवश्यक चिकित्सा उपकरण पहले से उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
शुद्ध भोजन और साफ-सफाई पर रहेगा विशेष जोर
बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने मेला क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि मेला परिसर और कांवरिया पथ पर दुकान लगाने वाले खाद्य वेंडरों को प्रशिक्षित किया जाए, ताकि वे श्रद्धालुओं को पूरी तरह शुद्ध और स्वच्छ खाद्य पदार्थ (Food Items) उपलब्ध करा सकें। मिलावटखोरी और गंदगी पर सख्त नजर रखी जाएगी।
बिहार के इन 14 जिलों में अलर्ट और सिविल सर्जनों को टास्क
स्वास्थ्य विभाग ने श्रावणी मेला क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी प्रमुख जिलों को विशेष कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
भागलपुर, बांका, जमुई, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, सारण, वैशाली, दरभंगा, पूर्वी चम्पारण, जहानाबाद, लखीसराय, मधुबनी, समस्तीपुर और सिवान।
इन सभी जिलों के सिविल सर्जनों, जिला कार्यक्रम प्रबंधकों (DPM) और प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में की जा रही तैयारियों का नियमित निरीक्षण और अनुश्रवण (Monitoring) करें।
श्रावणी मेला 2026: स्वास्थ्य व्यवस्था का खाका
सुविधा का प्रकार | दूरी / उपलब्धता | मुख्य उद्देश्य |
|---|---|---|
अस्थायी स्वास्थ्य शिविर | प्रत्येक 2 से 3 किलोमीटर पर | श्रद्धालुओं को तत्काल प्राथमिक चिकित्सा सहायता |
निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा | टोल फ्री नंबर 102 | आपातकालीन स्थिति में मरीजों को तुरंत शिफ्ट करना |
हेल्थ हेल्पलाइन नंबर | टोल फ्री नंबर 104 | स्वास्थ्य संबंधी सहायता और जानकारी के लिए |
इमरजेंसी एम्बुलेंस कैटगरी | ALSA एवं BLSA | गंभीर मरीजों के लिए एडवांस और बेसिक लाइफ सपोर्ट |
विशेष जीवन रक्षक दवाएं | पर्याप्त स्टॉक (सभी कैंपों में) | सर्पदंश (Snake Venom) और एंटी रेबीज का तत्काल इलाज |
व्यापक जन-जागरूकता अभियान और डॉक्टरों के संपर्क नंबर
मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रमुख स्थलों और स्वास्थ्य शिविरों पर बड़े-बड़े होर्डिंग्स, बैनर और पोस्टर लगाए जाएंगे। इन प्रचार सामग्रियों पर वहां तैनात डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के मोबाइल नंबर साफ तौर पर लिखे होंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालु या उनके परिजन सीधे संपर्क कर सकें।


