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NEET 2026: भागलपुर के ‘सत्यम वेव संस्थान’ का ऐतिहासिक प्रदर्शन, 10 छात्रों ने लहराया सफलता का परचम!

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Bhagalpur News: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) 2026 के परिणाम घोषित होते ही भागलपुर के प्रतिष्ठित सत्यम वेव संस्थान में उत्सव का माहौल है। संस्थान के होनहार विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए सफलता का एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस वर्ष संस्थान के 10 विद्यार्थियों ने NEET परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है, जिनमें से दो विद्यार्थियों का सरकारी मेडिकल कॉलेज (Government Medical College) में सीट पक्का होना लगभग तय माना जा रहा है। इस ऐतिहासिक सफलता से संस्थान, अभिभावकों और पूरे जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है।

​ टॉपर्स ने बढ़ाया मान: आस्था को 4,704 और सैंपल को मिली 13,414 रैंक

​संस्थान की होनहार छात्रा आस्था पटेल ने परीक्षा में शानदार 99.9 परसेंटाइल अंक अर्जित कर ऑल इंडिया रैंक (AIR) 4,704 हासिल की है और संस्थान का नाम रोशन किया है। वहीं, संस्थान के एक और प्रतिभावान छात्र Sample Kumar ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 99.9 परसेंटाइल के साथ ऑल इंडिया रैंक (AIR) 13,414 प्राप्त की है।

​”दोनों विद्यार्थियों की यह असाधारण उपलब्धि उनकी अटूट लगन, अनुशासित दिनचर्या और सत्यम वेव संस्थान के अनुभवी शिक्षकों के सटीक मार्गदर्शन का प्रतिफल है।”

 

​ इन 8 अन्य विद्यार्थियों ने भी बिखेरी अपनी चमक

​शीर्ष दो टॉपर्स के अलावा, संस्थान के 8 अन्य विद्यार्थियों ने भी अत्यंत सराहनीय प्रदर्शन किया है। इन छात्रों ने 450 से 510 अंकों के बीच स्कोर कर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है:

  • ​सोनू कुमार
  • ​अंशुमन कुमार
  • ​हिमांगी
  • ​वैष्णवी
  • ​प्रिया
  • ​तृया
  • ​काजल
  • ​अभिनव

​इन सभी विद्यार्थियों की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि यदि सही दिशा, नियमित अभ्यास (Regular Practice) और गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन मिले, तो देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक ‘NEET’ को भी क्रैक किया जा सकता है।

​ निदेशक राकेश कुमार का संदेश: “यह सामूहिक प्रयास की जीत है”

​इस गौरवपूर्ण अवसर पर सत्यम वेव संस्थान के निदेशक राकेश कुमार ने सभी सफल छात्र-छात्राओं और उनके गौरवान्वित अभिभावकों को मिठाई खिलाकर हार्दिक बधाई दी।

​सफल छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा:

​”यह सफलता केवल विद्यार्थियों की नहीं, बल्कि उनके माता-पिता के अटूट विश्वास और हमारे शिक्षकों के दिन-रात के समर्पण का सामूहिक परिणाम है। सत्यम वेव संस्थान का लक्ष्य केवल पढ़ाना नहीं, बल्कि हर विद्यार्थी के डॉक्टर बनने के सपने को हकीकत में बदलना है। हम भविष्य में भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शिक्षा और बेहतर प्रतियोगी माहौल देने के लिए संकल्पित हैं।”

भागलपुर कोर्ट का बड़ा फैसला: चाचा की बेरहमी से हत्या करने वाले कलयुगी भतीजे को उम्रकैद, 5 साल बाद मिला इंसाफ

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रिश्तों का कत्ल: 5 साल बाद आया ऐतिहासिक फैसला

​Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ न्यायालय ने रिश्तों को तार-तार करने वाले एक जघन्य हत्याकांड में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। भागलपुर व्यवहार न्यायालय ने बहुचर्चित आशीष मिश्रा हत्याकांड में सुनवाई पूरी करते हुए दोषी भतीजे दीपक कुमार मिश्रा को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है। इसके साथ ही माननीय अदालत ने दोषी पर 25 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है और कहा है कि कानून के घर में देर है अंधेर नहीं।

​ क्या था पूरा मामला? 5 फरवरी 2022 की वो खौफनाक रात

​यह दिल दहला देने वाली वारदात करीब पांच साल पहले 5 फरवरी 2022 को घटित हुई थी। पुलिस रिकॉर्ड और अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों के अनुसार, बाईपास थाना क्षेत्र के बैजानी गांव के रहने वाले आशीष मिश्रा अपने सगे भतीजे दीपक कुमार मिश्रा के साथ बाइक पर सवार होकर घर से निकले थे।

​दोनों जैसे ही लोदीपुर थाना क्षेत्र के बाईपास के समीप पहुंचे, घात लगाए बैठे कलयुगी भतीजे दीपक ने अचानक अपने चाचा पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। दीपक ने एक के बाद एक कई वार किए, जिससे आशीष मिश्रा की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया था और हर कोई स्तब्ध था कि एक भतीजा अपने चाचा का कातिल कैसे बन सकता है।

​ अदालत में टिकीं सबकी निगाहें, साक्ष्यों के आधार पर मिली सजा

​इस मामले की लंबी सुनवाई भागलपुर व्यवहार न्यायालय के एडीजे 13 प्रशांत कुमार झा की अदालत में चली। अभियोजन पक्ष की ओर से पुख्ता सबूत, फोरेंसिक रिपोर्ट और चश्मदीद गवाहों को अदालत के सामने पेश किया गया। करीब पांच साल तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद, अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को मद्देनजर रखते हुए दीपक कुमार मिश्रा को भादवि की संबंधित धाराओं के तहत दोषी पाया। अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए अपराधी को समाज के लिए एक नजीर बनाने के उद्देश्य से उम्रकैद और जुर्माने की सजा का ऐलान किया।

​ बिना फीस के लड़ी लड़ाई, वकील महावीर तिवारी बने ‘मसीहा’

​इस पूरे केस में सबसे भावुक और सराहनीय पहलू मृतक पक्ष के अधिवक्ता महावीर तिवारी का रहा। मामले की जानकारी देते हुए अधिवक्ता महावीर तिवारी ने बताया कि अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषी को कानून के मुताबिक कड़ी से कड़ी सजा दी है।

​वहीं, मृतक के भाई और मामले के सूचक (शिकायतकर्ता) प्रीतम कुमार मिश्रा ने कोर्ट के फैसले पर गहरा संतोष व्यक्त किया। उन्होंने न्यायपालिका का आभार जताते हुए अधिवक्ता महावीर तिवारी को भगवान का रूप बताया। प्रीतम मिश्रा ने भावुक होते हुए कहा,

​”हमे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और आखिरकार हमारे भाई को न्याय मिल गया। अधिवक्ता महावीर तिवारी ने इस पूरे मामले की पैरवी बिना कोई फीस (निःशुल्क) लिए की। अगर आज वो निःस्वार्थ भाव से हमारा साथ न देते, तो शायद एक गरीब परिवार के लिए न्याय की यह लड़ाई इतनी आसान नहीं होती।”

 

​इस फैसले के बाद से कोर्ट परिसर और पीड़ित परिवार के गांव में न्याय की जीत की चर्चा हो रही है।

भागलपुर-मुंगेर फोरलेन पर भीषण हादसा: हाईवा और पिकअप की टक्कर में बेगूसराय और खगड़िया के दो युवकों की दर्दनाक मौत

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Bhagalpur News: बिहार में रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। भागलपुर-सुल्तानगंज-मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन सड़क पर शनिवार की अहले सुबह एक बार फिर रफ्तार ने दो जिंदगियां लील लीं। सुलतानगंज थाना क्षेत्र के गनगनिया गांव (रेलवे स्टेशन के समीप) के पास एक तेज रफ्तार हाईवा ट्रक और पिकअप वैन के बीच आमने-सामने की भीषण टक्कर हो गई। इस दर्दनाक हादसे में पिकअप वैन के चालक और खलासी की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिकअप वैन के परखच्चे उड़ गए।

​सब्जी लोड कर समस्तीपुर से भागलपुर जा रही थी पिकअप

​मिली जानकारी के अनुसार, मालवाहक पिकअप वैन (सब्जी लोड करने वाली गाड़ी) समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय से परवल और बैंगन लादकर भागलपुर की ओर जा रही थी। जैसे ही पिकअप वैन गनगनिया रेलवे स्टेशन के समीप फोरलेन सड़क पर पहुंची, विपरीत दिशा (भागलपुर से मुंगेर की ओर) से आ रहे एक तेज रफ्तार हाईवा ट्रक ने सामने से जोरदार टक्कर मार दी।

​गाड़ी के परखच्चे उड़े, मलबे में फंसने से तड़प-तड़प कर हुई मौत

​टक्कर इतनी भयानक थी कि पिकअप वैन का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। चालक और खलासी गाड़ी के केबिन में ही बुरी तरह फंस गए और दोनों की तड़प-तड़प कर मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी हाईवा चालक ट्रक लेकर मौके से फरार होने में कामयाब रहा।

​पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद शवों को निकाला बाहर, बेगूसराय और खगड़िया के थे मृतक

​घटना की सूचना मिलते ही सुलतानगंज थाना पुलिस दलबल के साथ तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से काफी मशक्कत के बाद पिकअप वैन के मलबे को काटकर दोनों मृतकों के शवों को बाहर निकाला।

​मृतकों की पहचान:

  • ​चालक/खलासी (प्रथम): गुलशन कुमार (25 वर्ष), पिता- रामभरोस दास, निवासी- मंसूरचक, जिला- बेगूसराय।
  • ​चालक/खलासी (द्वितीय): सुमन कुमार (23 वर्ष), पिता- दिनेश तांती, निवासी- मथुरापुर काली स्थान, जिला- खगड़िया।

​पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर भेजे गए शव

​सुलतानगंज पुलिस ने घटना की जानकारी मृतकों के परिजनों को दे दी है। पुलिस ने आवश्यक कागजी कार्रवाई और पंचनामा तैयार करने के बाद दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (मायागंज), भागलपुर भेज दिया है। पुलिस फरार हाईवा और उसके चालक की तलाश में जुट गई है। इस हादसे के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है।

श्रावणी मेले से पहले ही सुल्तानगंज में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, बंगाल-नेपाल से पहुंचे हजारों कांवड़िए; लेकिन तैयारियों पर उठे गंभीर सवाल!

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Bhagalpur News: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के आधिकारिक आगाज में अभी भले ही 11 दिन का समय शेष है, लेकिन सुल्तानगंज के उत्तरवाहिनी गंगा तट और बाबा अजगैविनाथ धाम में अभी से ही सावन की अद्भुत छटा बिखरने लगी है। पड़ोसी देश नेपाल और पश्चिम बंगाल में 17 जुलाई से श्रावण माह की शुरुआत होते ही उत्तरवाहिनी गंगा घाट पर कांवड़ियों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा है। ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के गगनभेदी जयघोष के साथ श्रद्धालु गंगा जल भरकर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर कूच कर रहे हैं।

​लेकिन, इस भारी भीड़ के बीच ही सुल्तानगंज में प्रशासनिक तैयारियों की जमीनी हकीकत और दावों की पोल खुलती नजर आ रही है।

​लाइट की मुकम्मल व्यवस्था नहीं, अंधेरे में स्नान करने को मजबूर श्रद्धालु

​स्थानीय पुजारियों और देश-विदेश से पहुंच रहे श्रद्धालुओं का आरोप है कि बंगाल और नेपाल में सावन शुरू होने के कारण कांवड़ियों की संख्या में लगातार भारी बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन प्रशासन की तरफ से अब तक बुनियादी सुविधाएं भी पूरी नहीं की जा सकी हैं।

​सबसे बड़ी समस्या रोशनी (लाइटिंग) की है। गंगा घाटों से लेकर कच्ची कांवड़िया पथ तक अभी तक पर्याप्त लाइट की व्यवस्था नहीं की गई है। इसके चलते तड़के सुबह या देर शाम आने वाले श्रद्धालुओं को घने अंधेरे के बीच ही गंगा नदी में स्नान करना पड़ रहा है और अंधेरे में ही अपनी कठिन यात्रा की शुरुआत करनी पड़ रही है, जिससे हादसों का डर बना हुआ है।

​पंडा समाज ने जताई नाराजगी, उठाए व्यवस्था पर सवाल

​अजगैविनाथ धाम के स्थानीय पंडा समाज ने भी इस कुव्यवस्था को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है।

​ “बंगाल और नेपाल के श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया है, लेकिन घाटों पर न तो सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम दिख रहे हैं और न ही रोशनी की। मेला सिर पर है और व्यवस्थाएं अभी भी अधूरी हैं।”

— चुन्नू मुन्नू लाल मौहरिया (पंडा, सुल्तानगंज, भागलपुर)

 

​प्रशासन का दावा: ‘युद्ध स्तर पर चल रहा है काम’

​दूसरी ओर, इन तमाम शिकायतों और उठते सवालों के बीच जिला प्रशासन अपनी पीठ थपथपाने में जुटा है। प्रशासनिक अधिकारियों का दावा है कि राजकीय श्रावणी मेले की तैयारियां युद्ध स्तर पर जारी हैं। गंगा घाट से लेकर कांवड़िया पथ तक श्रद्धालुओं की हर सुविधा के लिए लगातार काम किए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए बचे हुए कामों को तेजी से पूरा कर व्यवस्थाओं को और भी चाक-चौबंद बना लिया जाएगा।

​अब देखना यह होगा कि महज 11 दिन बाद शुरू होने वाले इस ऐतिहासिक मेले से पहले प्रशासन का यह ‘युद्ध स्तर’ का काम धरातल पर कब तक उतर पाता है, ताकि बाबा के दर पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

NEET UG 2026 Result: अंकुर कुमार ने रचा इतिहास, 720 में से 695 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक 61 पर जमाया कब्जा!

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Bhagalpur News: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा घोषित NEET UG 2026 के नतीजों में छात्रों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। इस परीक्षा में भागलपुर बरारी थाना क्षेत्र के संतनगर निवासी अंकुर कुमार (Ankur Kumar) ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन की बदौलत देश भर में एक मिसाल कायम की है। अंकुर ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) में 720 में से 695 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक (AIR) 61 प्राप्त की है। इसके साथ ही उन्होंने ओबीसी (OBC-NCL) कैटेगरी में पूरे देश में 11वां स्थान हासिल कर अपने परिवार और राज्य का नाम रोशन किया है।

​केमिस्ट्री और फिजिक्स में हासिल किए रिकॉर्ड तोड़ परसेंटाइल

​अंकुर कुमार का ओवरऑल परसेंटाइल स्कोर 99.9959998 रहा, जो उनकी असाधारण योग्यता को दर्शाता है। अगर विषयवार (Subject-wise) प्रदर्शन की बात करें, तो उन्होंने हर सेक्शन में शानदार स्कोर किया है:

  • ​केमिस्ट्री (Chemistry): 99.9901495 परसेंटाइल
  • ​फिजिक्स (Physics): 99.9870993 परसेंटाइल
  • ​बायोलॉजी (Botany & Zoology): 99.5417259 परसेंटाइल

​माता-पिता का नाम किया रोशन

​अंकुर के पिता का नाम देव प्रकाश सिंह (Deo Prakash Singh) और माता का नाम सरिता सिंह (Sarita Singh) है। महज़ 18 वर्ष की उम्र में (जन्मतिथि: 01/02/2008) अंकुर ने देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माने जाने वाली नीट परीक्षा में यह ऐतिहासिक सफलता पाई है। रिज़ल्ट आने के बाद से ही उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

​21 जून को हुई थी परीक्षा, 16 जुलाई को आया रिज़ल्ट

​आपको बता दें कि इस साल NEET (UG) 2026 की परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित की गई थी, जिसके बाद NTA ने रिकॉर्ड समय में 16 जुलाई 2026 को इसके परिणाम घोषित कर दिए। इस साल देश भर से लाखों अभ्यर्थियों ने डॉक्टर बनने के सपने के साथ परीक्षा दी थी, जिसमें अंकुर कुमार ने शीर्ष रैंकर्स की सूची में अपनी जगह पक्की की।

​कैसा रहा इस साल का कट-ऑफ?

​रिज़ल्ट के साथ जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस साल अनरिजर्व्ड और ईडब्ल्यूएस (UR/EWS) कैटेगरी के लिए कट-ऑफ परसेंटाइल 50th रहा, जिसके तहत मार्क्स रेंज 715 से 213 के बीच रही। वहीं ओबीसी (OBC), एससी (SC) और एसटी (ST) वर्ग के लिए कट-ऑफ परसेंटाइल 40th निर्धारित किया गया, जिसकी मार्क्स रेंज 212 से 177 रही।

​भविष्य के डॉक्टर अंकुर की सफलता का मूलमंत्र

​अंकुर की इस शानदार कामयाबी पर उनके शिक्षकों और करीबियों का कहना है कि वे शुरू से ही पढ़ाई को लेकर बेहद गंभीर थे। नियमित रूप से पढ़ाई करना, कॉन्सेप्ट्स को अच्छी तरह समझना और लगातार मॉक टेस्ट देना ही उनकी सफलता की सबसे बड़ी कुंजी रही। अंकुर अब देश के शीर्ष मेडिकल कॉलेज (जैसे AIIMS) से अपनी एमबीबीएस (MBBS) की पढ़ाई पूरी कर देश की सेवा करना चाहते हैं।

BPSC 72वीं प्रारंभिक परीक्षा 26 जुलाई को, कदाचार पर जीरो टॉलरेंस; हर केंद्र पर सख्त सुरक्षा व्यवस्था

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Bhagalpur News:  आगामी 72वीं संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा (बीपीएससी) को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के अध्यक्ष की अध्यक्षता में राज्य के सभी जिलाधिकारियों एवं वरीय पुलिस अधीक्षकों/पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में परीक्षा की तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक समन्वय की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि 26 जुलाई को आयोजित होने वाली इस परीक्षा में राज्यभर के 996 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 5.15 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे। इतने बड़े स्तर पर आयोजित होने वाली परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सभी जिलों को समय रहते आवश्यक तैयारियां पूरी करने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने का निर्देश दिया गया।
बीपीएससी अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता, पारदर्शिता और गोपनीयता सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार के कदाचार, पेपर लीक या अनुचित साधनों के इस्तेमाल के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा और अनुशासन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए। सभी परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की बहुस्तरीय फ्रिस्किंग की जाएगी। परीक्षा केंद्र परिसर में केवल अभ्यर्थियों और अधिकृत परीक्षा कर्मियों को ही प्रवेश मिलेगा। बायोमेट्रिक सत्यापन केंद्र के प्रवेश द्वार के बाहर कराया जाएगा ताकि अंदर भीड़ न हो और प्रवेश प्रक्रिया व्यवस्थित बनी रहे।
इसके अलावा प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सुव्यवस्थित कतार व्यवस्था, समय पर प्रवेश और पूर्ण अनुशासन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। आयोग ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय के बाद किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इस नियम का सभी केंद्रों पर सख्ती से पालन कराया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विस्तृत निर्देश जारी किए गए। सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल की तैनाती होगी। संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी तथा परीक्षा केंद्रों और उसके आसपास विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जाएंगे।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि कोई अभ्यर्थी, परीक्षा कर्मी या अन्य व्यक्ति परीक्षा में कदाचार, अनुचित साधनों के प्रयोग या परीक्षा की गोपनीयता भंग करने का दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाएगी। साथ ही आयोग के नियमों के अनुसार संबंधित व्यक्ति को भविष्य की बीपीएससी परीक्षाओं से डिबार करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
बैठक के अंत में आयोग के अध्यक्ष ने सभी जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया कि वे परीक्षा के प्रत्येक चरण की व्यक्तिगत निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि 26 जुलाई को आयोजित होने वाली बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी, शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न हो, ताकि सभी अभ्यर्थियों को समान और सुरक्षित परीक्षा वातावरण उपलब्ध हो सके। :::

NEET 2026 में आकाश इंस्टीट्यूट का शानदार प्रदर्शन, 200 से अधिक छात्रों ने पाई सफलता

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Bhagalpur News: मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET 2026 के परिणामों में भागलपुर स्थित आकाश इंस्टीट्यूट ने एक बार फिर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सफलता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। संस्थान के 200 से अधिक छात्र-छात्राओं ने नीट परीक्षा में सफलता प्राप्त की, जबकि करीब 30 विद्यार्थियों का चयन सरकारी मेडिकल कॉलेजों में हुआ है। इस उपलब्धि से संस्थान, विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों में खुशी का माहौल है।
इस शानदार सफलता के उपलक्ष्य में आकाश इंस्टीट्यूट परिसर में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संस्थान के एकेडमिक हेड मोहम्मद नौशाद, फैकल्टी सदस्यों एवं अन्य शिक्षकों ने सफल छात्र-छात्राओं को फूलों की माला पहनाकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। समारोह के दौरान छात्रों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें आगे भी इसी तरह मेहनत और समर्पण के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में मौजूद सफल विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता लगातार मेहनत, परिवार के सहयोग और संस्थान के अनुभवी शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। छात्रों ने बताया कि आकाश इंस्टीट्यूट की नियमित टेस्ट सीरीज, गुणवत्तापूर्ण स्टडी मैटेरियल, व्यक्तिगत मार्गदर्शन और अनुशासित अध्ययन प्रणाली ने उनकी तैयारी को मजबूत बनाया, जिससे वे नीट जैसी कठिन परीक्षा में सफल हो सके।
इस अवसर पर आकाश इंस्टीट्यूट के एकेडमिक हेड मोहम्मद नौशाद ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल परीक्षा पास कराना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को मजबूत शैक्षणिक आधार और प्रतिस्पर्धी माहौल उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि हर वर्ष संस्थान के विद्यार्थी नीट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं और भविष्य में भी बेहतर परिणाम देने के लिए संस्थान पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा।
उन्होंने सफल छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में भी आकाश इंस्टीट्यूट विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षण पद्धति, अनुभवी फैकल्टी और बेहतर शैक्षणिक संसाधनों के माध्यम से चिकित्सा एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।
समारोह के अंत में सभी सफल विद्यार्थियों के साथ सामूहिक फोटो सेशन आयोजित किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। कार्यक्रम में अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों की बड़ी संख्या मौजूद रही।

डिजिटल बिहार की दिशा में ऐतिहासिक छलांग! मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में Sarvam.AI और BharatGPT के साथ MoU पर हस्ताक्षर

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Patna News: बिहार में सुशासन, डिजिटल गवर्नेंस और तकनीकी नवाचार को एक नई गति देने के लिए राज्य सरकार ने आज एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ कक्ष में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की गरिमामयी उपस्थिति में सूचना प्रावैधिकी विभाग (IT Department) ने देश की दो प्रमुख आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस संस्थाओं—सरवम डॉट ए०आई० (एक्सोनवाइज प्राइवेट लिमिटेड) और भारत जी०पी०टी० (CoRover Pvt. Ltd.) के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।

​इस ऐतिहासिक समझौते के तहत बिहार के आम नागरिकों और सरकारी अधिकारियों के लिए ए०आई० की पहुंच को सुलभ बनाया जाएगा। यह कदम बिहार को राष्ट्रीय स्तर पर ए०आई० संचालित शासन (AI-Driven Governance) के एक मॉडल के रूप में स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगा।

​ एक नजर में

  • ​ऐतिहासिक समझौता: सूचना प्रावैधिकी विभाग ने Sarvam.AI और BharatGPT के साथ किया एमओयू।
  • ​स्वदेशी AI मॉडल: बिहार की स्थानीय आवश्यकताओं, भाषाओं और बोलियों के अनुरूप तैयार होगा विशेष मॉडल।
  • ​कुशलता और पारदर्शिता: सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी, तेज, सरल एवं नागरिक-केंद्रित बनाने का लक्ष्य।
  • ​कौशल विकास: राज्य के युवाओं और कर्मचारियों के लिए बड़े पैमाने पर AI ट्रेनिंग और क्षमता निर्माण कार्यक्रम।
  • ​स्टार्टअप को बढ़ावा: बिहार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) को मजबूत किया जाएगा।

​विकसित बिहार के संकल्प को साकार करेगा यह समझौता: मुख्यमंत्री

​इस महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि डिजिटल बिहार के निर्माण और विकसित बिहार के संकल्प को साकार करने की दिशा में यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है।

​मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा:

“हमारी सरकार बिहार की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वदेशी AI मॉडल तैयार करने जा रही है। ए०आई० आधारित समाधानों के विकसित होने से सरकारी सेवाएं आम जनता के लिए अधिक पारदर्शी, सरल और त्वरित हो जाएंगी। इसके साथ ही, राज्य में बड़े पैमाने पर ए०आई० कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे, जिससे हमारे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और ए०आई० आधारित स्टार्टअप्स को पूरा सहयोग व मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।”

 

​स्थानीय भाषाओं और बोलियों में समस्याओं का होगा समाधान

​इस समझौते से न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी, बल्कि बिहार के स्वीकृत शोधकर्ताओं (Researchers) को भारतीय भाषाओं और स्थानीय बोलियों में अपनी ए०आई० रिसर्च क्षमताओं को मजबूत करने का मौका मिलेगा। इससे स्थानीय स्तर की समस्याओं का समाधान ढूंढना बेहद आसान हो जाएगा। सरकारी कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के लिए एक मजबूत लोकल पार्टनर इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा, जो लंबे समय तक राज्य में तकनीकी विकास को बल देगा।

​गरिमामयी उपस्थिति: कार्यक्रम में शामिल रहे ये वरिष्ठ अधिकारी

​समारोह की शुरुआत में सूचना प्रावैधिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री को पौधा भेंटकर उनका स्वागत किया। इस ऐतिहासिक समझौते के दौरान बिहार सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और आला अधिकारी उपस्थित रहे:

  • ​विजेंद्र प्रसाद यादव (उपमुख्यमंत्री)
  • ​नीतीश मिश्रा (सूचना प्रावैधिकी मंत्री)
  • ​दीपक कुमार (मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव)
  • ​प्रत्यय अमृत (मुख्य सचिव)
  • ​लोकेश कुमार सिंह (मुख्यमंत्री के सचिव)
  • ​अभय कुमार सिंह (सूचना प्रावैधिकी विभाग के सचिव)
  • ​अरविंद कुमार चौधरी (सूचना प्रावैधिकी विभाग के विशेष सचिव)
  • ​शशांक शेखर ठाकुर (वाइस प्रेसिडेंट, भारत जी०पी०टी०)
  • ​राज चौहान (चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर, सरवम डॉट ए०आई०)

​बिहार में इस AI क्रांति का आम जनता और युवाओं पर क्या असर होगा?

  1. ​आसान और त्वरित सरकारी सेवाएं: जाति, आवासीय, आय प्रमाण पत्र या अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए ए०आई० आधारित चैटबॉट की मदद ली जा सकेगी, जिससे काम बिना भटकाव के तुरंत होगा।
  2. ​स्थानीय बोलियों में संवाद: आम नागरिक अपनी भाषा (जैसे भोजपुरी, मगही, मैथिली या अंगिका) में डिजिटल टूल्स के जरिए सरकार से जुड़ सकेंगे और अपनी समस्याओं का निवारण पा सकेंगे।
  3. ​युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर: बड़े पैमाने पर चलाए जाने वाले ए०आई० कौशल विकास (Skill Development) कार्यक्रमों से राज्य के युवाओं को आईटी सेक्टर में बड़े पैकेज वाली नौकरियों के योग्य बनाया जाएगा।
  4. ​बिहार में नए स्टार्टअप्स का उदय: ए०आई० आधारित नए बिजनेस शुरू करने वाले स्थानीय युवाओं को तकनीकी सहायता, मेंटरशिप और सरकारी सहयोग प्राप्त होगा।

बिहार पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था होगी अभेद्य! CM सम्राट चौधरी ने 84 हाईटेक वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

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Patna News: बिहार में कानून-व्यवस्था को और अधिक दुरुस्त और हाईटेक बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने आज एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ परिसर से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार पुलिस के उपयोग हेतु 48 अत्याधुनिक पुलिस बसें, 30 चार पहिया वाहन और 6 एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

​इस पहल से राज्य में पुलिस की कार्यक्षमता में अभूतपूर्व सुधार होने की उम्मीद है। नए वाहनों के पुलिस बेड़े में शामिल होने से गश्ती व्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी तथा आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस का रिस्पांस टाइम बेहद कम हो जाएगा।

पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और गश्ती होगी और मजबूत: मुख्यमंत्री

​लोकार्पण से पूर्व मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नए पुलिस वाहनों की कार्यप्रणाली और उनकी तकनीकी विशिष्टताओं के संबंध में वरीय अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली।

​मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा:

“राज्य सरकार कानून-व्यवस्था को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता मानती है। हम पुलिस बल को अत्याधुनिक सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। इन नए वाहनों के बेड़े में शामिल होने से पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ेगी। अब हमारी पुलिस किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत मौके पर पहुंच सकेगी, जिससे आम जनता को बेहतर सुरक्षा और पुलिस सेवाएं मिलेंगी।”

​मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि बिहार पुलिस को आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित करने का काम निरंतर जारी रहेगा ताकि अपराधियों के मन में खौफ और आम जनता में सुरक्षा का भाव पैदा हो सके।

​गरिमामयी उपस्थिति: कार्यक्रम में शामिल हुए ये दिग्गज

​समारोह की शुरुआत में पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार ने मुख्यमंत्री को हरित पौधा भेंटकर उनका स्वागत किया। इस मौके पर बिहार सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और आला अधिकारी मौजूद रहे:

  • ​बिजेन्द्र प्रसाद यादव ( उप मुख्यमंत्री)
  • ​दीपक कुमार (मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव)
  • ​प्रत्यय अमृत (मुख्य सचिव)
  • ​मिहिर कुमार सिंह (विकास आयुक्त)
  • ​विनय कुमार (पुलिस महानिदेशक)
  • ​लोकेश कुमार सिंह (मुख्यमंत्री के सचिव)
  • ​कुंदन कुमार (गृह विभाग के सचिव)
  • ​जे०एस० गंगवार (पुलिस महानिदेशक, निगरानी)
  • ​कुंदन कृष्णन (पुलिस महानिदेशक, अभियान)

​इस पहल का बिहार की जनता पर क्या होगा असर?

  1. ​अपराध नियंत्रण में तेजी: आधुनिक चार पहिया वाहनों से पुलिस गश्त तेज होगी, जिससे सड़क अपराधों और त्वरित घटनाओं पर लगाम लगेगी।
  2. ​बल भेजने में आसानी: 48 नई पुलिस बसों के आने से कानून-व्यवस्था बिगड़ने या त्योहारों/विशेष अवसरों पर पुलिस बल को एक स्थान से दूसरे स्थान पर तेजी से भेजा जा सकेगा।
  3. ​तुरंत चिकित्सा सहायता: पुलिस बेड़े में शामिल 6 नई एंबुलेंस आपातकालीन दुर्घटनाओं या पुलिस कर्मियों के घायल होने की स्थिति में जीवन रक्षक साबित होंगी।

​भवानीपुर हत्याकांड: प्रेम प्रसंग में पति को उतारा मौत के घाट, शव को फंदे से लटकाकर आत्महत्या का रूप देने वाली पत्नी समेत 3 गिरफ्तार

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Crime News: बिहार के भागलपुर जिले के नवगछिया पुलिस जिला अंतर्गत भवानीपुर थाना क्षेत्र में बीते दिनों हुई एक संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिसे लोग पहली नजर में आत्महत्या समझ रहे थे, वह दरअसल एक सोची-समझी खौफनाक साजिश और क्रूर हत्याकांड निकला। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

​बांस की झाड़ी में मिला था फंदे से लटका शव

​घटना की शुरुआत 13 जुलाई 2026 को हुई, जब भवानीपुर थाना क्षेत्र के गनौल गांव में एक व्यक्ति का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बांस की झाड़ी से फंदे पर लटका हुआ पाया गया। शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। घटना की सूचना मिलते ही भवानीपुर थाना पुलिस और विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए।

​शुरुआती तौर पर मामले को आत्महत्या का रूप देने की पूरी कोशिश की गई थी, लेकिन मृतक के परिजनों को अनहोनी की आशंका थी। परिजनों के आवेदन पर भवानीपुर थाना में कांड संख्या 173/26 दर्ज कर पुलिस ने तफ्तीश शुरू की।

​SIT के तकनीकी जाल में फंसे शातिर कातिल

​मामले की संवेदनशीलता और पेचीदगी को देखते हुए नवगछिया पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देश पर एक विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया गया।

​SIT ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने के लिए त्रिकोणीय रणनीति अपनाई:

  1. ​तकनीकी अनुसंधान (Technical Investigation): मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स (CDR) खंगाले गए।
  2. ​मानव सूचना (Human Intelligence): स्थानीय मुखबिरों और गवाहों से गुप्त जानकारी जुटाई गई।
  3. ​वैज्ञानिक साक्ष्य (Scientific Evidence): FSL की रिपोर्ट और पोस्टमॉर्टम के शुरुआती इनपुट्स का मिलान किया गया।

​इन तीनों के कड़ियों के जुड़ते ही पुलिस के सामने जो हकीकत आई, उसने सबको चौंका दिया।

​अवैध संबंध का खौफनाक अंजाम: पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर रचा खेल

​पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों की पहचान नितीश कुमार उर्फ बिल्ला यादव, राधेश्याम कुमार और मृतक की पत्नी लक्ष्मी देवी के रूप में हुई है।

​अवैध संबंधों की वजह से उजड़ा घर

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी नितीश कुमार उर्फ बिल्ला यादव का मृतक की पत्नी लक्ष्मी देवी के साथ काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इस अवैध संबंध में मृतक पति रोड़ा बन रहा था। रास्ते से हटाने के लिए लक्ष्मी देवी, उसके प्रेमी नितीश और उनके सहयोगी राधेश्याम ने मिलकर हत्या की पूरी साजिश रची।

 

​साजिश के तहत पहले शख्स की हत्या की गई और फिर कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए शव को बांस की झाड़ी में फंदे से लटका दिया गया, ताकि यह पूरी तरह से आत्महत्या का मामला लगे।

​पुलिस की बड़ी कामयाबी, कोर्ट में पेशी के बाद भेजे गए जेल

​नवगछिया के एसडीपीओ (SDPO) अनिकेत ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस ब्लाइंड मर्डर केस का सफल उद्भेदन कर लिया गया है। पुलिस इसे एक बड़ी सफलता मान रही है क्योंकि आरोपियों ने सबूत मिटाने और पुलिस को भटकाने का पूरा इंतजाम किया था।

​तीनों गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जेल भेज दिया गया है। भवानीपुर थाना पुलिस मामले में आगे की कानूनी कड़ियों को मजबूत करने में जुटी है ताकि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।

​आधिकारिक बयान: “भवानीपुर थाना क्षेत्र के गनौल गांव में 13 जुलाई को मिले शव के मामले का वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर खुलासा किया गया है। यह आत्महत्या नहीं बल्कि प्रेम प्रसंग में की गई हत्या थी। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।”