Bhagalpur News: राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम को गति देने और टीबी (तपेदिक) से पीड़ित मरीजों को बेहतर पोषण सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भागलपुर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शुक्रवार, को जिला प्रशासन, मारवाड़ी सेवा समिति और ईस्टर्न बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के संयुक्त सहयोग से जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने 50 टीबी मरीजों के बीच पौष्टिक आहार युक्त ‘फूड बास्केट’ का वितरण किया।
नियमित दवा और पौष्टिक आहार से ही संभव है पूर्ण इलाज: डीएम
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने कहा कि टीबी एक पूरी तरह से साध्य (उपचार योग्य) बीमारी है। मरीज अगर बिना रुकावट के नियमित दवाइयों का सेवन करें और साथ में संतुलित एवं पौष्टिक आहार लें, तो वे बहुत जल्द स्वस्थ हो सकते हैं। पौष्टिक भोजन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को बढ़ाता है, जिससे दवाएं अधिक तेजी से असर करती हैं।
उन्होंने कहा कि समाज के व्यावसायिक और स्वयंसेवी संगठनों द्वारा इस तरह आगे आकर मरीजों की मदद करना बेहद प्रेरणादायक है। यह सहभागिता मरीजों का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ ‘टीबी मुक्त भारत’ के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने में मील का पत्थर साबित होगी।
’निक्षय मित्र’ बनने की भावुक अपील
जिलाधिकारी ने मारवाड़ी सेवा समिति और ईस्टर्न बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा निभाई जा रही सामाजिक जिम्मेदारी की मुक्तकंठ से सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने जिले की अन्य सक्षम सामाजिक, औद्योगिक और स्वयंसेवी संस्थाओं से ‘निक्षय मित्र’ बनने का आह्वान किया, ताकि अधिक से अधिक मरीजों को पोषण सहायता प्रदान की जा सके।
निरंतर सहयोग जारी रखने का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान मारवाड़ी सेवा समिति और ईस्टर्न बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधियों ने कहा कि टीबी पीड़ितों और जरूरतमंदों की मदद करना उनका सामाजिक दायित्व है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी इस तरह के सहयोगात्मक अभियान लगातार चलाए जाएंगे।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिल रही हैं निःशुल्क सुविधाएं
जिला स्वास्थ्य समिति के अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से सभी टीबी मरीजों को मुफ्त जांच, दवाइयां और पूरा इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से मिलने वाली यह अतिरिक्त पोषण सामग्री मरीजों के तेजी से ठीक होने की संभावना को कई गुना बढ़ा देती है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग एवं जिला स्वास्थ्य समिति के पदाधिकारी, मारवाड़ी सेवा समिति और ईस्टर्न बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सदस्य तथा बड़ी संख्या में लाभार्थी मरीज उपस्थित थे।


