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भारतीय स्टेट बैंक ने 70वें स्थापना दिवस पर किया मानवता को समर्पित रक्तदान शिविर का आयोजन

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Bhagalpur News: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने 70वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में सामाजिक उत्तरदायित्व निभाते हुए एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया। यह आयोजन बुधवार को बैंक के भागलपुर क्षेत्रीय कार्यालय में संपन्न हुआ। इस अवसर पर बैंक के 74 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक और स्वेच्छा से रक्तदान किया।

इस  कार्य की शुरुआत बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री कन्हैया जी के कर-कमलों द्वारा दीप प्रज्वलन और संबोधन के साथ हुई। अपने उद्घाटन वक्तव्य में उन्होंने कहा:

“SBI सिर्फ एक बैंक नहीं, बल्कि एक समाज सेवा संस्था भी है। 70 वर्षों की यात्रा केवल वित्तीय सेवा की नहीं, बल्कि सामाजिक योगदान की भी कहानी है।“

चिकित्सकीय सहयोग

रक्तदान शिविर का संचालन जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (JLNMCH), भागलपुर की अनुभवी मेडिकल टीम द्वारा किया गया। टीम ने रक्तदाताओं की स्वास्थ्य जांच से लेकर रक्त संग्रहण तक की प्रक्रिया को पूरी सतर्कता और सफलता से पूरा किया।

इस अवसर पर अमित कुमार सिंह एवं बसंत कुमार झा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने स्वयं भी रक्तदान कर दूसरों को प्रेरित किया। पूरे आयोजन के दौरान स्वच्छता, सुरक्षा एवं शुद्धता के मानकों का विशेष ध्यान रखा गया।

भारतीय स्टेट बैंक का यह आयोजन न केवल एक सामाजिक सेवा अभियान था, बल्कि यह एक प्रेरणा का स्रोत भी है – यह दर्शाता है कि कैसे एक वित्तीय संस्था अपने सामाजिक दायित्व को समझते हुए जन-सेवा और मानवता के हित में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।

Patna News: त्योहारों पर बिहार आने-जाने में अब नहीं होगी परेशानी, राज्य सरकार शुरू करेगी 299 नई बसें – मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की बड़ी घोषणा

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बिहार सरकार ने प्रदेशवासियों को एक बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा की है कि राज्य सरकार विभिन्न त्योहारों जैसे छठ, होली, दीपावली और दुर्गा पूजा के अवसर पर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से बिहार लौटने वाले लोगों को अब परिवहन सुविधा देगी। इस उद्देश्य से राज्य सरकार 299 नई बसें शुरू करने जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों के समय बिहार लौटने वाले लोगों को टिकटों की कालाबाज़ारी और भारी भीड़ का सामना करना पड़ता है। इसे देखते हुए बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के माध्यम से “मुफ्त या सस्ती दरों पर सुरक्षित यात्रा” का विकल्प दिया जाएगा।

🔹 मंत्रिपरिषद की मुहर

राज्य मंत्रिपरिषद की 24 जून 2025 को हुई बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। इसके तहत:

  • राज्य सरकार 75 अंतरराज्यीय मार्गों और 74 अंतरजिला मार्गों पर कुल 105.82 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
  • इसमें 150 बसें राज्यांश मद से एवं शेष 149 बसें 7वीं राज्य वित्त आयोग के तहत खरीदी जाएंगी।
  • इन बसों के परिचालन से बिहार के साथ जुड़ने वाले पड़ोसी राज्यों से सीधी और सुगम यात्रा संभव होगी।

यात्रियों को होगा सीधा लाभ

  • अब पर्व-त्योहारों पर बिहार लौटने वाले प्रवासी नागरिकों को लंबी लाइन, अतिरिक्त किराया या ट्रांसपोर्ट अव्यवस्था से नहीं जूझना पड़ेगा।
  • खासकर छठ और होली जैसे बड़े त्योहारों के दौरान यह बसें विशेष रूप से समर्पित की जाएंगी।

मुख्यमंत्री का बयान:

“बिहार आने वालों को परेशानी न हो, इसके लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। अब बिहार आने में सुविधा होगी और कोई भी श्रद्धालु, छात्र या प्रवासी सुरक्षित रूप से घर लौट सकेगा।”


त्योहारों पर घर लौटने की उम्मीद और आसानी को अब हकीकत में बदलने जा रही है बिहार सरकार। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की यह पहल प्रवासी बिहारियों के लिए एक बड़ी राहत मानी जा रही है। यह योजना आने वाले महीनों में न केवल सामाजिक, बल्कि आर्थिक रूप से भी बिहार को सशक्त बनाएगी।

Bhagalpur News: भागलपुर में निर्वाचक सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर प्रशासन सक्रिय, राजनीतिक दलों के साथ हुई बैठक

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भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) तथा मतदान केंद्रों के युक्तिकरण को लेकर बुधवार को समाहरणालय स्थित सभागार में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

डॉ. चौधरी ने कहा कि सभी दलों को सहयोग करना चाहिए ताकि पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में अवश्य शामिल हों और अपात्र लोगों के नाम हटाए जा सकें। उन्होंने मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए सभी दलों से प्रत्येक मतदान केंद्र के लिए बूथ लेवल एजेंट (BLA) की नियुक्ति संशोधित BLA फार्म-2 के माध्यम से करने का अनुरोध किया।

गहन पुनरीक्षण की प्रमुख बातें:

  • बिहार में पिछली बार विशेष गहन पुनरीक्षण वर्ष 2003 में हुआ था।
  • इस बार का पुनरीक्षण 25 जून से 30 सितंबर 2025 तक आयोजित किया जाएगा।
  • यह प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों और समय-सारणी के अनुरूप होगी।
  • 01.01.2003 की निर्वाचक नामावली पात्रता का प्राथमिक प्रमाण मानी जाएगी।

प्रक्रिया की पारदर्शिता और सत्यापन

  • BLO घर-घर जाकर Enumeration Form वितरित करेंगे और तीन बार दौरा करेंगे।
  • मतदाता चाहें तो ऑनलाइन भी फॉर्म भर सकते हैं और दस्तावेज़ अपलोड कर सकते हैं।
  • केवल उन्हीं मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट रोल में होंगे जिन्होंने निर्धारित प्रक्रिया पूरी की है।
  • जिन मतदाताओं ने समय पर फॉर्म नहीं दिया है, वे दावे और आपत्तियों की अवधि में फ़ॉर्म-6 और घोषणा पत्र के साथ आवेदन कर सकेंगे।

ERO और AERO की भूमिका

  • प्राप्त दावों और आपत्तियों की जाँच पहले AERO, फिर अंतिम निर्णय ERO द्वारा लिया जाएगा।
  • यदि पात्रता पर संदेह हो तो सुनवाई और दस्तावेज़ों के आधार पर निर्णय पारित किया जाएगा।
  • संदिग्ध विदेशी नागरिकों के मामलों को नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत सक्षम प्राधिकारी को भेजा जाएगा।

मतदान केंद्रों का युक्तिकरण

  • प्रत्येक मतदान केंद्र पर 1200 मतदाताओं के मानक को आधार बनाकर युक्तिकरण किया जाएगा।
  • इसके लिए 25 जून से 26 जुलाई 2025 तक की समयसीमा निर्धारित की गई है।
  • ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन 01 अगस्त 2025 को किया जाएगा।

आवश्यक दस्तावेज़ों की सूची (कुछ प्रमुख उदाहरण)

  • 01.07.1987 से पूर्व के सरकारी दस्तावेज़
  • केंद्र / राज्य सरकार द्वारा जारी पहचान पत्र या पेंशन आदेश
  • जन्म प्रमाण पत्र / पासपोर्ट / मैट्रिक प्रमाणपत्र
  • जाति प्रमाण पत्र / स्थायी निवास प्रमाण पत्र
  • नागरिकों का राष्ट्रीय रजिस्टर (जहां लागू हो)
  • सरकारी भूमि या आवास का आवंटन प्रमाणपत्र

राजनीतिक दलों की भागीदारी ज़रूरी

डॉ. चौधरी ने कहा कि BLA की सक्रिय भूमिका से मतदाता सूची में सुधार व त्रुटियों की पहचान समय रहते की जा सकती है, जिससे बाद की जटिलताएं कम होंगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि BLO का तबादला नहीं किया जाएगा और वे निर्वाचन कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे।

बैठक में उप निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती श्वेता कुमारी, भागलपुर के राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

Sultanganj News: सुल्तानगंज में तेली हक अधिकार स्वाभिमान सम्मेलन एवं भामाशाह जयंती समारोह संपन्न

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सुल्तानगंज प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित सम्राट अशोक भवन में बुधवार को तेली हक अधिकार स्वाभिमान सम्मेलन सह भामाशाह जयंती समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन में सामाजिक एकता, राजनीतिक भागीदारी और आत्मसम्मान को लेकर तेली समाज ने एकजुटता दिखाई।

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता भागलपुर की मेयर डा. वसुन्धरा लाल ने की, जबकि मंच संचालन कार्यक्रम संयोजक डा. नीरज कुमार द्वारा किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि भाजपा के पूर्व शेखपुरा विधानसभा प्रत्याशी  नरेश साह उपस्थित थे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर पूर्व महिला आयोग सदस्य कंचन गुप्ता, बिहार तैलिक साहू सभा के युवा अध्यक्ष विनय कुमार गुड्डू, पिरपैती जदयू प्रखंड अध्यक्ष विवेकानंद गुप्ता, जदयू नेत्री शालिनी साह, तथा झारखंड से आए समाजसेवी अरुण साह मौजूद रहे।

राजनीतिक भागीदारी की मांग

वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि तेली समाज की राज्य में आबादी के अनुपात में राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। यदि राष्ट्रीय और क्षेत्रीय पार्टियां समाज को उचित प्रतिनिधित्व नहीं देती हैं, तो तेली समाज अपने प्रत्याशी खड़ा करने में भी सक्षम है।

दीप प्रज्वलन से आरंभ हुआ कार्यक्रम

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर की गई। मंच पर उपस्थित अतिथियों को फूलों की माला और बुके देकर स्वागत किया गया।

मुख्य अतिथि नरेश साह ने अपने संबोधन में कहा, “तेली समाज को अब अपने हक और स्वाभिमान की लड़ाई को राजनीतिक मंच पर ले जाना होगा। सरकार से मांग की जाती है कि आगामी विधानसभा चुनावों में तेली समाज को टिकट दिया जाए।”

उपस्थित प्रमुख लोग

मंच पर संजीव कुमार उर्फ सुनील सर, डा. राम कुमार गुप्ता, विक्रम कुणाल, राजेश बिहारी, महेश प्रसाद गुप्ता, मिथुन कुमार, निर्मल प्रसाद साह, चन्द्रशेखर प्रसाद साह, बिरेंद्र साह, रुपेश कुमार, आशीष कुमार, कुणाल साह, दुर्गेश साह, संजीव कुमार राज सहित दर्जनों गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने समाज में शिक्षा, संगठन और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी कार्य करने का आह्वान किया।

Bhagalpur News: तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में अतिथि शिक्षक धरने पर बैठे, कुलपति पर लगाया उपेक्षा का आरोप

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तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) एक बार फिर संकट के घेरे में है। इस बार विश्वविद्यालय के अतिथि शिक्षक (Guest Faculty) अपनी सेवा नवीकरण की मांग को लेकर प्रशासनिक भवन के समक्ष धरने पर बैठ गए हैं। लगातार उपेक्षा और संवादहीनता के चलते शिक्षकों में गहरी नाराज़गी देखी जा रही है।

विश्वविद्यालय के अंगीभूत महाविद्यालयों और पीजी विभागों में कार्यरत अतिथि शिक्षक समय पर सेवा विस्तार नहीं होने से असमंजस में हैं, जिससे पठन-पाठन की प्रक्रिया बाधित हो रही है। शिक्षकों का आरोप है कि प्रशासन मौन है और छात्रों की शिक्षा प्रभावित हो रही है।

मांगें और आरोप

  • सेवा नवीकरण आदेश में देरी
  • पठन-पाठन बाधित होने की स्थिति
  • कुलपति द्वारा समस्याओं की अनदेखी
  • विश्वविद्यालय प्रशासन के असंवेदनशील रवैये पर नाराज़गी

टीएमबीयू अतिथि शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. आनंद आजाद ने सोमवार को कुलपति प्रो. जवाहर लाल से मुलाक़ात कर तत्काल निर्देश जारी करने की मांग की थी, लेकिन कुलपति ने राजभवन से नीतिगत निर्णयों पर लगी रोक का हवाला देते हुए असमर्थता जताई।

वहीं, धरना स्थल पर पहुंचे कुलसचिव रामाशीष पूर्वे ने शिक्षकों से बात कर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।

शिक्षकों की नाराज़गी

शिक्षक अजित सोनू ने कहा, “कुलपति अपने कार्यालय में नहीं बैठते, केवल आवास पर रहते हैं। इससे छात्रों और शिक्षकों दोनों की समस्याएं अनसुलझी रह जाती हैं। ऐसे कुलपति पर राजभवन को कार्रवाई करनी चाहिए।”

धरने पर बैठे शिक्षकों का कहना है कि सेवा नवीकरण के लिए राज्यपाल स्तर की मंजूरी आवश्यक नहीं, कुलपति यदि चाहें तो अपने स्तर से निर्णय ले सकते हैं, लेकिन वे कोई पहल नहीं कर रहे।

Patna News: जन सुराज पार्टी को मिला चुनाव चिन्ह “स्कूल बैग”, सभी 243 प्रत्याशी इसी निशान पर लड़ेंगे चुनाव

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बिहार की राजनीतिक फिज़ा में एक नई पहचान बनाने की दिशा में जन सुराज पार्टी ने एक अहम उपलब्धि हासिल की है। निर्वाचन आयोग ने जन सुराज पार्टी को चुनाव चिन्ह “स्कूल बैग” आवंटित कर दिया है। अब पार्टी के सभी 243 विधानसभा प्रत्याशी इसी निशान पर चुनाव मैदान में उतरेंगे।

जन सुराज पार्टी ने चुनाव चिन्ह के रूप में “स्कूल बैग” की मांग विशेष रूप से इसलिए की थी क्योंकि इसकी पहली प्रतिबद्धता राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना है। पार्टी का मानना है कि “स्कूल बैग” सिर्फ एक प्रतीक नहीं, बल्कि बिहार के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का संकल्प है।

शिक्षा सुधार को संकल्प का केंद्र बिंदु

जन सुराज के पांच प्रमुख संकल्पों में शिक्षा सुधार सर्वोपरि है। पार्टी का कहना है कि बेहतर स्कूल, प्रशिक्षित शिक्षक और तकनीक-संलग्न शिक्षा प्रणाली से ही बिहार के बच्चों को समुचित अवसर मिल सकते हैं।

पार्टी नेतृत्व ने आयोग के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि, “स्कूल बैग का चिन्ह हमारे विज़न और मिशन दोनों का प्रतिनिधित्व करता है। यह आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के निर्माण की दिशा में हमारा दृढ़ संकल्प है।”

जन सुराज पार्टी का विज़न – शिक्षा के माध्यम से सशक्त बिहार

  • गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा
  • सरकारी स्कूलों में आधारभूत संरचना का सुदृढ़ीकरण
  • डिजिटल लर्निंग और स्मार्ट क्लास का विस्तार
  • योग्य और प्रशिक्षित शिक्षकों की भर्ती
  • बालिका शिक्षा को प्राथमिकता

Bhagalpur News: विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज़, जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश

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आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भागलपुर जिला प्रशासन पूरी मुस्तैदी से तैयारियों में जुट गया है। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने आज समीक्षा भवन सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान चुनाव संबंधी तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी और प्रशासन की प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया।

डॉ. चौधरी ने कहा, “निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी चुनाव कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए प्रशासनिक अमला पूरी तरह से सक्रिय है और चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।”

मतदाता सूची का घर-घर सत्यापन

उन्होंने बताया कि मतदाता सूची के अद्यतन कार्य को लेकर सभी बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन कराया जा रहा है ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और संबंधित कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।

जनसहयोग की अपील

जिलाधिकारी ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे मतदाता सूची में अपना नाम, पता और अन्य विवरणों की स्वयं जाँच करें, और यदि कोई त्रुटि हो तो उसे सुधारने हेतु संबंधित बीएलओ से संपर्क करें।

प्रमाणपत्रों की मान्यता

नाम जोड़ने की प्रक्रिया के तहत डॉ. चौधरी ने बताया कि विभिन्न प्रकार के पहचान प्रमाण पत्र मान्य किए गए हैं, जिनमें आधार कार्ड को वैकल्पिक (optional) रूप में रखा गया है।

बाइट: “भागलपुर में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए प्रशासन पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। मतदाता सूची की शुद्धता हमारी प्राथमिकता है।”
— डॉ. नवल किशोर चौधरी, जिलाधिकारी, भागलपुर

Bhagalpur News: सन्हौला में ‘पंख’ कार्यक्रम के तहत डिजिटल लर्निंग सेंटर का शुभारंभ

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सामाजिक-सांस्कृतिक संस्था “समवेत” के नेतृत्व में अमेरिका की संस्था रोबोसेपियंस और संस्कृति के सहयोग से आज गोकुलपुर, सन्हौला में ‘पंख’ कार्यक्रम के अंतर्गत एक डिजिटल लर्निंग सेंटर की स्थापना की गई। इस केंद्र का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की किशोरियों एवं युवाओं को डिजिटल शिक्षा से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

कार्यक्रम का उद्घाटन मदारगंज पंचायत के मुखिया प्रभु दयाल साह, रोबोसेपियंस एवं संस्कृति की प्रतिनिधि प्रभा झा, डॉ. अल्पा पटेल, समवेत की अध्यक्ष छाया पांडे और निदेशक विक्रम द्वारा संयुक्त रूप से रिबन काटकर किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समवेत के निदेशक विक्रम ने कहा, “तकनीक न केवल सीखने का माध्यम है, बल्कि यह समान अवसरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का सशक्त साधन भी है।”
वहीं प्रसिद्ध बाल अधिकार कार्यकर्ता सुनील झा ने कहा, “तकनीक हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। इसे समझना और उपयोग करना आज के समय में नई संभावनाओं के द्वार खोलता है।”

कार्यक्रम के दौरान संस्कृति की प्रतिनिधि प्रभा झा ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि, “मदारगंज क्षेत्र की वे छात्राएं जो मैट्रिक की परीक्षा में 80% या उससे अधिक अंक प्राप्त करेंगी, उन्हें ₹10,000 की स्कॉलरशिप प्रदान की जाएगी।”

इस उद्घाटन समारोह को और भी विशेष बना दिया वहां उपस्थित लड़कियों की स्वागत गीत और पारंपरिक नृत्य की सुंदर प्रस्तुतियों ने।

इस अवसर पर वार्ड पार्षद एतबारी किस्कू, समवेत की सदस्य वर्षा ऋतु, सुनील कुमार मंडल, राहुल, नीतू, आशा कुमारी सहित अनेक स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित थे।

Bhagalpur News: जिला विधिक सेवा प्राधिकार, भागलपुर द्वारा “स्थायी लोक अदालत” विषय पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

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जिला विधिक सेवा प्राधिकार, भागलपुर के तत्वावधान में आज व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित कांफ्रेंस हॉल, टेन कोर्ट बिल्डिंग में “स्थायी लोक अदालत (जन उपयोगिता) की स्थापना एवं क्षेत्राधिकार” विषय पर विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता राजेश नारायण सेवक पाण्डेय, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, भागलपुर ने की। उन्होंने विस्तारपूर्वक बताया कि स्थायी लोक अदालत एक विशेष प्रकार की न्यायिक व्यवस्था है, जो विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 22 बी के तहत स्थापित की जाती है। यह अदालत जन उपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों के निपटारे हेतु एक सुलभ, सस्ता और त्वरित समाधान प्रदान करती है।

श्री पाण्डेय ने बताया कि बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश पर राज्य के सभी जिलों में स्थायी लोक अदालतों का गठन किया गया है, जो परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा, डाक, टेलीफोन, बैंकिंग, बिजली, बीमा आदि जैसी जन उपयोगी सेवाओं से जुड़े मामलों को सुलझाने के लिए कार्यरत हैं।

इस अवसर पर स्थायी लोक अदालत, भागलपुर के अध्यक्ष  बिरेन्द्र कुमार मिश्र, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रकाश कुमार राय सहित अन्य गणमान्य वक्ताओं ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधिक सेवा अधिनियम, स्थायी लोक अदालत की प्रक्रिया एवं महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव रंजीता कुमारी द्वारा किया गया। उन्होंने सभी आगंतुकों, अधिकारियों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी के लिए आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर डाक विभाग के अधीक्षक, लोक अभियोजक, जिला विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष एवं सचिव, अधिवक्ता संघ के सचिव, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, बिजली विभाग, भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL), भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के प्रतिनिधियों सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े विशिष्ट जनों की उपस्थिति रही।

Delhi News: भारतीय कामगारों का सशक्तिकरण: रोजगार में वृद्धि और डिजिटल युग में श्रमिक कल्याण की नई पहल

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नई दिल्ली – प्रौद्योगिकी के माध्यम से भारत में श्रमिकों को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण क्रांति देखने को मिल रही है। सरकार की ई-गवर्नेंस आधारित योजनाएं अब न केवल रोजगार के अवसरों को बढ़ा रही हैं, बल्कि श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा का मजबूत कवच भी प्रदान कर रही हैं। विभिन्न डिजिटल पोर्टल्स के माध्यम से नीतियों के कार्यान्वयन में पारदर्शिता, दक्षता और नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण सुनिश्चित हो रहा है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म बना रहे हैं श्रमिकों के लिए सशक्त भविष्य

सरकार द्वारा विकसित ई-पोर्टल्स जैसे कि राष्ट्रीय करियर सेवा (NCS), ई-श्रम, स्किल इंडिया डिजिटल हब, EPFO, ESIC, और MyScheme ने कामगारों को सुलभ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित सेवाएं प्रदान करने में क्रांतिकारी बदलाव किया है। ये प्लेटफॉर्म अब “वन-स्टॉप सॉल्यूशन” की तरह काम करते हैं, जिससे:

  • नौकरी खोजने में आसानी,
  • कौशल विकास एवं प्रशिक्षण,
  • मुआवज़ा और पेंशन योजनाएं,
  • और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच अब कहीं अधिक सरल हो गई है।

विशेष रूप से Aadhaar से जुड़े इन प्लेटफॉर्म्स ने लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित कर डुप्लीकेसी और फर्जीवाड़े पर रोक लगाई है, जिससे योजनाओं का लाभ वास्तविक और ज़रूरतमंद लोगों तक पहुंच रहा है।

राष्ट्रीय करियर सेवा (NCS): युवाओं के लिए भविष्य का मंच

राष्ट्रीय करियर सेवा पोर्टल, जो कि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा 2015 में शुरू किया गया था, अब तक 5.5 करोड़ से अधिक पंजीकृत कामगारों को सेवा दे चुका है। इस पोर्टल के माध्यम से:

  • करियर काउंसलिंग, इंटरनशिप, अप्रेंटिसशिप,
  • रोज़गार मेलों की जानकारी,
  • और स्थान के अनुसार नौकरियों की खोज संभव हुई है।

अब तक 57,000+ रोजगार मेले आयोजित किए जा चुके हैं और यह पोर्टल देशभर के 30 राज्यों व निजी पोर्टलों से जुड़ चुका है।

ई-श्रम पोर्टल: असंगठित कामगारों के लिए सामाजिक सुरक्षा का कवच

2021 में आरंभ हुआ ई-श्रम पोर्टल अब तक 30 करोड़ 70 लाख से अधिक असंगठित श्रमिकों को जोड़ चुका है। यह पोर्टल 13 सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को एक मंच पर लाकर कामगारों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराता है, जैसे:

  • प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYM)
  • PM जन आरोग्य योजना
  • MyScheme और दिशा योजना के साथ एकीकरण
  • Bahashini Project के तहत 22 भाषाओं में जानकारी

अब श्रमिक एक बार पंजीकरण के बाद कई सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं।


EPFO और ESIC: संगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए डिजिटल सुधार

EPFO, जिसमें 34.6 करोड़ से अधिक सदस्य हैं, ने ई-पासबुक, उमंग ऐप, ऑटो-क्लेम सेटलमेंट, डिजीटल जीवन प्रमाण पत्र जैसे कई सुधार लागू किए हैं। इससे:

  • 7.5 करोड़ से अधिक सदस्यों को तेज़ और पारदर्शी सेवा
  • पेंशनभोगियों को देशभर से पेंशन सुविधा
  • 1.25 करोड़ से अधिक सदस्यों को आसान फंड ट्रांसफर

वहीं, ESIC धन्वंतरि मॉड्यूल से अस्पतालों में मरीजों की बेहतर देखभाल सुनिश्चित हुई है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती मान्यता

अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार:

  • भारत का सामाजिक सुरक्षा कवरेज 2015 में 19% से बढ़कर 2025 में 64.3% हो गया है
  • भारत 94.13 करोड़ लाभार्थियों के साथ दुनिया में दूसरे स्थान पर है
  • भारत पहला देश बना जिसने राज्य योजनाओं को केंद्र योजनाओं के साथ जोड़कर डाटा साझा किया

निजी क्षेत्र की भागीदारी भी ज़रूरी

सरकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए उद्योगों और नियोक्ताओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में प्लेटफॉर्म एग्रीगेटर्स की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।