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Bhagalpur News: बबरगंज थाना में एसिड अटैक पीड़ितों को लेकर विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

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जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), भागलपुर की ओर से बबरगंज थाना परिसर में एक विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य एसिड अटैक पीड़ितों को नालसा (एसिड अटैक पीड़ितों को कानूनी सेवाएं) योजना, 2016 के तहत उपलब्ध कानूनी सहायता, मुआवजा एवं पुनर्वास सेवाओं की जानकारी देना था।

इस अवसर पर उपस्थित पैनल अधिवक्ता, पैरा लीगल वालंटियर्स और पुलिस पदाधिकारियों ने नागरिकों को नालसा (यौन उत्पीड़न और अन्य अपराधों की पीड़ित/जीवित महिलाओं के लिए मुआवजा योजना, 2018) तथा कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से संबंधित विधिक प्रावधानों से भी अवगत कराया।

कार्यक्रम में बबरगंज थाना प्रभारी रवि शंकर, एसआई  शुभम कुमार, एएसआई  अनिशा राज, पैनल एडवोकेट अवधेश सिन्हा, एवं पैरा लीगल वालंटियर  प्रशांत रॉय ने स्थानीय नागरिकों को संबोधित किया। वक्ताओं ने एसिड अटैक पीड़ितों को मुआवजा अधिनियम, कानूनी सहायता एवं उनके पुनर्वास के अधिकारों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को बताया गया कि एसिड अटैक जैसी घटनाओं में पीड़ितों को समय पर न्याय, आर्थिक सहायता और सामाजिक पुनर्वास उपलब्ध कराना कानूनी सेवा प्राधिकरण की प्राथमिकता है। इस संबंध में नालसा योजना-2016 एवं अन्य संबंधित योजनाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

डालसा द्वारा यह भी जानकारी दी गई कि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 13 सितंबर 2025 को किया जाएगा, जिसके तहत जनहित से जुड़े मामलों का त्वरित निपटारा किया जाएगा। इसी के मद्देनजर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि अधिक से अधिक लोग विधिक सेवाओं का लाभ उठा सकें।

Railway News: पूर्व रेलवे का अपील– यात्री UTS ऑन मोबाइल ऐप से करें QR कोड स्कैन कर टिकट बुकिंग

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पूर्व रेलवे के मालदा मंडल द्वारा यात्रियों को UTS ऑन मोबाइल ऐप के माध्यम से QR कोड स्कैन कर टिकट बुकिंग करने की सुविधा अपनाने का आग्रह किया गया है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि इस आधुनिक तकनीकी सुविधा से टिकटिंग प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और तेज़ हो जाएगी।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यह सुविधा अपनाने से रेलवे काउंटरों पर भीड़ कम होगी और यात्रियों को लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी।

“यात्रियों को अब केवल UTS ऑन मोबाइल ऐप डाउनलोड कर, स्टेशन परिसर में लगे QR कोड को स्कैन करना होगा, जिससे वे आसानी से अपना टिकट बुक कर सकते हैं।” – रेलवे प्रवक्ता।

पूर्व रेलवे यात्रियों को इस सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए प्रेरित कर रहा है, ताकि डिजिटलीकरण के माध्यम से रेल यात्रा को अधिक सहज और सुविधाजनक बनाया जा सके।

Education News: कोशकीपुर स्कूल में शिक्षा व्यवस्था की खुली पोल, BPRO की जांच में अनियमितता और लापरवाही उजागर

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नवगछिया रंगरा प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय कोशकीपुर में शिक्षा व्यवस्था और मध्यान्ह भोजन योजना की स्थिति को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। रंगरा BPRO की ओर से की गई औचक जांच में विद्यालय संचालन में गंभीर लापरवाही, योजनाओं में अनियमितता और अमानवीय व्यवहार उजागर हुआ है।

प्रधानाध्यापक के खिलाफ आरोप साबित

जांच टीम ने पाया कि विद्यालय का संचालन प्रधानाध्यापक द्वारा मनमाने तरीके से किया जा रहा है। शिक्षा प्रबंधन समिति (SMC) द्वारा पूर्व में लगाए गए आरोपों की पुष्टि भी इस जांच में हो गई है। विद्यालय में अनुशासनहीनता और प्रशासनिक लचरता साफ नजर आई।

मध्यान्ह भोजन योजना में गंभीर अनियमितता

BPRO की टीम ने बताया कि मध्यान्ह भोजन योजना में भारी गड़बड़ी है। बच्चों को संतुलित आहार नहीं दिया जा रहा – हर दिन केवल चावल और आलू परोसे जा रहे हैं, जो योजना के मानकों का उल्लंघन है। भोजन की गुणवत्ता भी जांच में बेहद खराब पाई गई।

महादलित बच्चों से कराया जा रहा सफाई कार्य

जांच में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि स्कूल में साफ-सफाई जैसे कार्य महादलित समुदाय के बच्चों से करवाए जा रहे हैं। यह न केवल अमानवीय है, बल्कि संविधान और सामाजिक न्याय के मूल्यों का घोर उल्लंघन है। इस पर BPRO ने तत्काल संज्ञान लेने की बात कही है।

निष्क्रिय शिक्षा प्रबंधन समिति और योजनाओं का दुरुपयोग

विद्यालय में शिक्षा प्रबंधन समिति की बैठकें महीनों से नहीं हुईं। सरकारी योजनाओं का लाभ बच्चों तक न पहुंचकर शिक्षकों और प्रधानाध्यापक के बीच बंदरबांट हो रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सरकार द्वारा भेजी गई शिक्षण सामग्री, पोषण योजनाएं और अनुदान का सही उपयोग नहीं हो रहा।

जनता ने उठाई कार्रवाई की मांग

कोशकीपुर के ग्रामीणों ने इस मामले को लेकर जिलाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि दोषियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए ताकि बच्चों को उनका शिक्षा और पोषण का अधिकार सही मायनों में मिल सके।

Bhagalpur News: भाजपा वाले पहले मानसिक स्थिति का इलाज करवाएं, इमरजेंसी उस वक्त देश की जरूरत थी – भागलपुर विधायक अजीत शर्मा का तीखा प्रहार

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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा 25 जून 1975 को लगे आपातकाल की 50वीं बरसी को “संविधान हत्या दिवस” के रूप में मनाने पर भागलपुर से कांग्रेस विधायक अजीत शर्मा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने भाजपा नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “जो लोग ऐसा कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं, उन्हें पहले अपनी मानसिक स्थिति का इलाज करवाना चाहिए।”

अजीत शर्मा ने कहा कि भाजपा जनता को गुमराह कर रही है और उनका इमरजेंसी को मुद्दा बनाना केवल राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश है। उन्होंने कहा:

“वे लोग न तो बेरोज़गारी, न महंगाई, न महिला सुरक्षा की बात करते हैं और न ही देश की स्वास्थ्य व्यवस्था की। सिर्फ 50 साल पहले की बातें उठाकर लोगों का ध्यान भटकाना चाहते हैं।”

“इमरजेंसी देश की जरूरत थी”

विधायक शर्मा ने इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल का बचाव करते हुए कहा:

“उस वक्त देश की स्थिति को देखते हुए आपातकाल लगाना ज़रूरी था। इंदिरा गांधी ने देश को एक रखा, पाकिस्तान को दो टुकड़ों में बाँटकर बांग्लादेश बनवाया। यह वही इंदिरा थीं जिन्हें भाजपा बदनाम करने में लगी है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी किया कटाक्ष

अजीत शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान पर कार्रवाई की थी, तब उन्होंने किसी का डर नहीं देखा, लेकिन आज के प्रधानमंत्री ट्रंप के एक बयान पर चुप्पी साध लेते हैं।

“आज भाजपा संविधान की दुहाई देती है, लेकिन वह खुद संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ काम कर रही है।”

राजनीतिक प्रतिक्रिया और चुनावी संकेत

विधायक का यह बयान ऐसे समय आया है जब बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ तेज़ हो रही हैं और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि जनता सब देख रही है और भाजपा को इसका जवाब चुनाव में मिलेगा।

Bhagalpur News: भव्या स्टोर पर फिर छापेमारी, कुछ नहीं मिला – दुकान संचालक बोले: “झूठी शिकायतें या कोई साजिश?

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भागलपुर बाईपास थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित भव्या स्टोर एक बार फिर चर्चा में है। उत्पाद विभाग को मिली एक गुप्त सूचना के आधार पर बुधवार को अवर निरीक्षक गौतम कुमार ने दल-बल के साथ दुकान पर छापेमारी की, लेकिन मौके से न कोई ब्राउन शुगर, न ड्रग्स, और न ही कोई अन्य नशीला पदार्थ बरामद हुआ।

छापेमारी के बाद विभाग ने दुकान की पूरी तलाशी ली और “कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला” यह लिखित में पुष्टि कर दुकान संचालक से हस्ताक्षर भी लिया। गौतम कुमार ने बताया कि शिकायत रॉकी और बंटी नामक दो व्यक्तियों के खिलाफ थी, लेकिन जांच में कोई आपराधिक सामग्री नहीं पाई गई।

🔁 पहले भी हो चुकी हैं छापेमारियां

दुकान संचालक रॉकी पांडे ने मीडिया से बात करते हुए कहा,

“इस तरह की छापेमारी 4-5 बार हो चुकी है, लेकिन हर बार कुछ भी नहीं मिला। यह या तो मुझे फंसाने की साजिश है या फिर किसी प्रतिद्वंदी दुकानदार द्वारा पैसे देकर की गई बदनामी की कोशिश।”

उन्होंने यह भी बताया कि इस बार उन्हें विभाग द्वारा लिखित में स्पष्ट कर दिया गया है कि दुकान से कुछ भी आपत्तिजनक बरामद नहीं हुआ है, जिससे उन्हें थोड़ी राहत मिली है।

❓अब सवाल प्रशासन से

यह कोई पहला मामला नहीं है जब बिना ठोस सबूत के शिकायत के आधार पर दुकान पर छापेमारी हुई हो। इससे पहले बाईपास थाना पुलिस द्वारा भी इसी दुकान पर छापेमारी की गई थी और तब भी कुछ नहीं मिला था।

अब सवाल उठता है कि –

  • क्या बार-बार की जा रही झूठी शिकायतों की भी जांच होगी?
  • क्या प्रशासन को गुमराह करने वालों पर कार्रवाई होगी?
  • क्या यह मामला कानून के दुरुपयोग का नहीं बनता?

बिहार में शराबबंदी और नशा नियंत्रण को लेकर प्रशासन की कार्रवाई पर पहले ही सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में बिना किसी ठोस सबूत के लगातार हो रही छापेमारी न केवल व्यावसायिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि प्रशासन की साख पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है।

रॉकी पांडे, दुकान संचालक –

“मेरे खिलाफ लगातार झूठी शिकायतें की जा रही हैं। मैं किसी भी तरह के अवैध धंधे में शामिल नहीं हूं। मुझे बदनाम करने की कोशिश हो रही है।”

गौतम कुमार, अवर निरीक्षक, उत्पाद विभाग –

“सूचना के आधार पर छापेमारी की गई थी, लेकिन जांच में कोई भी नशीला पदार्थ बरामद नहीं हुआ। हमने इसकी लिखित पुष्टि की है।”

नवगछिया: तेज रफ्तार कार NH-31 पर 5 फीट गहरी खाई में गिरी, आम का ठेला रौंदा, युवती घायल

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नवगछिया अनुमंडल के भवानीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत चकरामी गांव के समीप बुधवार को एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे आम के ठेले को टक्कर मारते हुए लगभग 5 फीट गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में ठेले पर आम बेच रही युवती घायल हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार खगड़िया की ओर से लगभग 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आ रही थी। चकरामी गांव के पास अचानक ड्राइवर का संतुलन बिगड़ गया और कार फुटपाथ पर चढ़ते हुए आम के ठेले से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ठेला पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और सड़क पर लगभग 50 मीटर तक आम बिखर गए। इसके बाद कार खाई में पलट गई।

घटना में घायल युवती की पहचान रेशमा खातून उर्फ दिलशाना, पिता अशरफ अली, निवासी चकरामी के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायल को नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज जारी है।

पीड़िता के पिता अशरफ अली ने बताया कि इस हादसे में उन्हें ठेले और आम सहित कुल 30 हजार रुपये से अधिक की क्षति हुई है।

घटना की सूचना पर भवानीपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त कार को जब्त कर लिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि NH-31 पर वाहनों की तेज रफ्तार और सड़क किनारे व्यवसाय करने वालों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन को ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

Crime News: पीरपैंती अपहरण कांड में नया मोड़: अपहरण या ज़मीन विवाद? सिटी एसपी ने की गहन पूछताछ

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भागलपुर के पीरपैंती थाना क्षेत्र के चर्चित अपहरण कांड संख्या 229/25 में अब एक नया मोड़ सामने आया है। अपहरण की दर्ज प्राथमिकी के पीछे की परतें जब खुलनी शुरू हुईं, तो यह मामला महज अपहरण नहीं बल्कि पुराने ज़मीन विवाद की ओर इशारा करता नजर आया। पूरे प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए सिटी एसपी शुभांक मिश्रा ने बुधवार को स्वयं पीरपैंती पहुंचकर मामले की गहराई से जांच की।

सूचक पक्ष से विस्तृत बयान

सिटी एसपी ने सबसे पहले पीरपैंती एसडीपीओ कार्यालय में सूचक सुदीप कुमार सिंह से मुलाकात कर उनका विस्तृत बयान दर्ज किया। पूछताछ के दौरान एसडीपीओ अर्जुन गुप्ता, केस के जांच पदाधिकारी अविनाश राय, और पहले घटनास्थल पर पहुंचे पुलिस अधिकारी आरएन सिंह भी मौजूद रहे। एसपी ने सुदीप की मां और पत्नी से भी अलग से बातचीत की और घटना की जानकारी ली।

आरोपी पक्ष से भी हुई पूछताछ

बाद में सिटी एसपी उस घर पहुंचे जहां मिलन सिंह, जिन पर अपहरण का आरोप है, रहते हैं। हालांकि मिलन सिंह घर पर नहीं मिले, लेकिन एसपी ने उनकी पत्नी, बेटी और बेटे से पूछताछ की। उन्होंने परिवार को निर्देश दिया कि वे घटना से जुड़े सभी तथ्यों को लिखित रूप में कार्यालय में प्रस्तुत करें।

क्या है विवाद की जड़?

पूरे मामले में एक बड़ी बात सामने आ रही है कि सुदीप सिंह और मिलन सिंह के बीच पहले से ही ज़मीन का विवाद चला आ रहा था। सुदीप सिंह का आरोप है कि मिलन सिंह और उनके परिजनों ने उन्हें जबरन घर ले जाकर बंधक बना लिया था। उन्होंने बताया कि उसी दौरान उनकी पत्नी का कॉल आया, जिसे सुनकर उन्होंने घटना की जानकारी दी। इसके बाद उनकी पत्नी ने पुलिस को अपहरण की सूचना दी।

वहीं दूसरी ओर, मिलन सिंह की पत्नी का दावा है कि दोनों भाई थाने में ज़मीन विवाद सुलझाने पहुंचे थे और वहां से बातचीत कर आपसी सहमति से घर लौटे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बाद में पुलिस ने उनके घर पहुंचकर मारपीट की।

एसपी का बयान: सभी पहलुओं की हो रही जांच

सिटी एसपी शुभांक मिश्रा ने कहा कि मामले की सभी एंगल से जांच की जा रही है। दोनों पक्षों से प्राप्त बयान, साक्ष्य और जमीन विवाद की पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए तथ्यों का मिलान किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि –

“अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह मामला असल में अपहरण का है या पारिवारिक विवाद का हिस्सा। जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने लाई जाएगी।”

Patna News: मुख्यमंत्री ने 101 सहायक वास्तुविदों को सौंपा नियुक्ति पत्र, राज्य के निर्माण कार्यों को मिलेगा नया आयाम

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मुख्यमंत्री  नीतीश कुमार ने मंगलवार को पटना स्थित ‘संवाद’ में आयोजित एक भव्य समारोह में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) से चयनित 101 सहायक वास्तुविदों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। कार्यक्रम का आयोजन भवन निर्माण विभाग द्वारा किया गया था।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने  अंकिता प्रसून, नयन दीप,  छोटू कुमार,  आकाश कुमार, मो० मेहंदी हसन एवं  शालिनी साहा को सांकेतिक रूप से नियुक्ति पत्र प्रदान कर समारोह की औपचारिक शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि, “आप सभी से राज्य को बेहतर और आधुनिक भवनों की दिशा में रचनात्मक योगदान की अपेक्षा है।”

वास्तुविदों की भूमिका होगी निर्णायक

राज्य में तेजी से हो रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और डिज़ाइन में सुधार के लिए इन नए वास्तुविदों की नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भवन निर्माण विभाग के अनुसार, ये वास्तुविद अब गृह विभाग, नगर विकास एवं आवास, शिक्षा, पथ निर्माण, पर्यटन और उद्योग विभाग जैसे प्रमुख विभागों में कार्य करेंगे।

नवनियुक्त 101 सहायक वास्तुविदों में:

  • 31 उम्मीदवार प्लानिंग में पीजी योग्यता रखते हैं
  • 2 आपदा जोखिम प्रबंधन में विशेषज्ञ हैं
  • 2 अरबन डिज़ाइनिंग में पारंगत हैं
  • लैंडस्केपिंग में भी कुछ विशेषज्ञों का चयन हुआ है

विशेषज्ञता के आधार पर कार्य का आवंटन किया जाएगा, जिससे सुंदर, सुरक्षित, उपयोगी और पर्यावरण के अनुकूल भवनों का निर्माण संभव हो सकेगा।

मुख्यमंत्री की दूरदृष्टि में वास्तुविदों की भूमिका

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके नेतृत्व में कई “आइकोनिक भवनों” का निर्माण हुआ है और आगे भी सरकार की परिकल्पना को साकार करने में वास्तुविदों की भूमिका अहम होगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ये युवा पेशेवर राज्य की विकास गाथा को एक नई पहचान देंगे।

उपस्थित रहे कई गणमान्य अतिथि

इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री  विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधन मंत्री  विजय कुमार चौधरी, भवन निर्माण मंत्री  जयंत राज, मुख्य सचिव  अमृत लाल मीणा, विकास आयुक्त  प्रत्यय अमृत, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं चयनित अभ्यर्थी उपस्थित रहे।

Sultanganj News: सुल्तानगंज पुलिस की बड़ी कार्रवाई: भारी मात्रा में शराब बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार

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सुल्तानगंज थाना पुलिस ने बुधवार को अवैध शराब कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में देसी और विदेशी शराब बरामद की है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

पहली कार्रवाई मसदी पंचायत के राज गंगापुर गांव में की गई, जहां अंकुश कुमार साह के घर के पास बने एक बासा में छिपाकर रखी गई विभिन्न ब्रांड की कुल 141 बोतल विदेशी शराब बरामद की गई। शराब को तस्करी के उद्देश्य से रखा गया था।

वहीं दूसरी ओर, कमरगंज पंचायत के जहांगीर गांव में छापेमारी के दौरान पुलिस ने 8 लीटर देसी शराब बरामद की, साथ ही 200 लीटर अर्धनिर्मित देसी शराब बनाने की सामग्री को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।

इस कार्रवाई में शराब तस्करी में शामिल अंकुश कुमार साह और झंटू कुमार को गिरफ्तार किया गया है। दोनों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।

थाना प्रभारी ने बताया कि यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई और आगे भी अवैध शराब के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।

Banka News: पूर्व केंद्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह की 15वीं पुण्यतिथि पर गिद्धौर में श्रद्धांजलि सभा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत कई गणमान्य हुए शामिल

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पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं बांका के पूर्व सांसद स्व. दिग्विजय सिंह की 15वीं पुण्यतिथि के अवसर पर मंगलवार को गिद्धौर प्रखंड के नयागांव स्थित उनकी समाधि स्थल पर एक भावभीनी श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत बिहार सरकार के कई मंत्री, सांसद, विधायक और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं विजय सिन्हा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल, मंत्री विजय चौधरी, लेशी सिंह, हरि साहनी, सुमित कुमार सिंह और जयंत राज, बांका सांसद गिरधारी यादव, पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह, और बिहार विधानमंडल के अनेक वर्तमान एवं पूर्व सदस्य उपस्थित थे।
सभी गणमान्य अतिथियों ने समाधि स्थल पर पुष्प अर्पित कर दिग्विजय सिंह के आदर्शों, सामाजिक प्रतिबद्धता और राजनीतिक योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।

श्रद्धांजलि सभा के दौरान वक्ताओं ने स्व. दिग्विजय सिंह को ईमानदार, दूरदर्शी और विकासोन्मुख नेता के रूप में याद किया। उन्होंने उनके समाजवादी विचार, सादगीपूर्ण जीवन शैली और जनसेवा के प्रति समर्पण को बिहार की राजनीति के लिए प्रेरणादायक बताया।

स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की भारी उपस्थिति ने कार्यक्रम को एक जनभावनाओं से ओतप्रोत आयोजन बना दिया। श्रद्धांजलि सभा एक शांत, सम्मानजनक और अनुशासित वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें दिवंगत नेता के आदर्शों को दोहराया गया और उन्हें आने वाली पीढ़ियों के लिए अनुकरणीय बताया गया।