Bhagalpur News: सावन की चौथी और अंतिम सोमवारी को लेकर भागलपुर में शिवभक्तों का उत्साह और आस्था चरम पर है। पूरे शहर में बाबा बासुकीनाथ और देवघर जाने वाले कांवरियों का सैलाब उमड़ पड़ा है। गंगा तट से लेकर सड़कों तक केवल ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयकारे गूंज रहे हैं। लेकिन इस बीच, नगर निगम की घोर अनदेखी ने श्रद्धालुओं की आस्था पर पानी फेरने का काम किया है।
एसएम कॉलेज घाट पर पसरा बदहाली का आलम
रविवार को देवघर और बासुकीनाथ धाम में जलाभिषेक के लिए जल भरने पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं को एसएम कॉलेज घाट पर भारी अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। घाट पर चारों ओर गंदगी का अंबार और तीखा दलदल बना हुआ है। इतनी बड़ी संख्या में कांवरियों के आगमन के बावजूद नगर निगम द्वारा न तो सफाई की समुचित व्यवस्था की गई और न ही दलदल से बचने के लिए बालू या पक्की एप्रोच रोड की कोई व्यवस्था देखने को मिली। श्रद्धालु बदबू और फिसलन भरे दलदल के बीच से ही गंगा जल भरने को मजबूर दिखे।
अजीत शर्मा ने नगर निगम को घेरा: “आस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं”
घाट पर फैली इस बदहाली को लेकर भागलपुर के पूर्व विधायक अजीत शर्मा ने नगर निगम प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सावन के इस पवित्र महीने में देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालु भागलपुर पहुंचते हैं, लेकिन नगर निगम की लापरवाही के कारण उन्हें गंदगी और कीचड़ से गुजरना पड़ रहा है।
अजीत शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा, “नगर निगम ने श्रद्धालुओं की सुविधाओं को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया है। यह सिर्फ प्रशासनिक नाकामी नहीं, बल्कि लाखों शिवभक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ है। अगर समय रहते व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो इसके खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।”
श्रद्धालुओं में भी गहरा आक्रोश
घाट पर जल भरने आए कांवरियों ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की। श्रद्धालुओं का कहना है कि हर साल टैक्स और व्यवस्था के नाम पर दावे किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर नगर निगम का इंतेजाम पूरी तरह शून्य साबित हुआ है। अंतिम सोमवारी जैसे महत्वपूर्ण मौके पर भी घाटों की यह स्थिति प्रशासन की पोल खोलने के लिए काफी है।


