Patna News: बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने मंगलवार को राज्य के सभी जिलाधिकारियों और विभिन्न विभागों के वरीय अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण योजनाओं की गहन समीक्षा बैठक की। बैठक में कृषि, स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा, ऊर्जा, सहकारिता और अन्य विभागों से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जनहित और विकास से जुड़ी योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया।
विकास योजनाओं और भूमि हस्तांतरण में तेजी के निर्देश
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने जिलाधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों और भूमि हस्तांतरण से जुड़े मामलों का तेजी से निष्पादन किया जाए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ साप्ताहिक और मासिक स्तर पर योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करने का निर्देश दिया, ताकि किसी भी योजना में अनावश्यक देरी न हो।
53.54 लाख किसानों की किसान रजिस्ट्री पूरी
बैठक में किसान रजिस्ट्री की प्रगति की भी समीक्षा की गई। राज्य में कुल 86.36 लाख किसानों की रजिस्ट्री का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक 53.54 लाख किसानों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है, जो लक्ष्य का करीब 62 प्रतिशत है।
वैशाली और शेखपुरा जिलों ने किसान रजिस्ट्री में बेहतर प्रदर्शन किया है। वहीं सारण और जमुई में अपेक्षाकृत धीमी प्रगति पर मुख्य सचिव ने नाराजगी जताई। उन्होंने इन जिलों में विशेष अभियान चलाकर पंजीकरण की रफ्तार बढ़ाने और राज्य स्तर पर सत्यापन के लिए लंबित आवेदनों का जल्द निपटारा करने का निर्देश दिया।
पीएम सूर्य घर योजना में 1.22 लाख से ज्यादा आवेदन
ऊर्जा विभाग की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि राज्य में अब तक 1,22,656 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। सोलर इंस्टॉलेशन का कार्य लगातार जारी है।
पटना जिला सोलर इंस्टॉलेशन और 7,294 लाख रुपये की सब्सिडी के मामले में सबसे आगे है। वहीं कुल 35,741 ऋण आवेदनों में से 58.8 प्रतिशत लोन स्वीकृत हो चुके हैं।
मुख्य सचिव ने बैंकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर ऋण आवेदनों के रिजेक्शन रेट को कम करने और रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना में तेजी लाने का निर्देश दिया।
आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण में जमीन की समस्या दूर करने पर जोर
आंगनवाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने जमीन की अनुपलब्धता और भूमि विवादों को तत्काल सुलझाने का निर्देश दिया। उन्होंने मनरेगा (वीबी-जी राम जी) और 15वें वित्त आयोग के संसाधनों का प्रभावी अभिसरण करते हुए आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा कराने को कहा।
राज्य में 2.59 करोड़ लोगों की टीबी स्क्रीनिंग
स्वास्थ्य विभाग की टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा में सामने आया कि राज्य में अब तक 2.59 करोड़ लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की जा चुकी है। यह 52 दिनों के निर्धारित लक्ष्य का 213 प्रतिशत है।
सारण जिले ने 400 प्रतिशत और सहरसा जिले ने 386 प्रतिशत स्क्रीनिंग के साथ बेहतर प्रदर्शन किया है। मुख्य सचिव ने जिला स्तर पर टीबी मुक्त भारत समिति को सक्रिय रखने और निक्षय पोर्टल पर सभी जांच परिणामों की समय पर एंट्री सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने फ्रंटलाइन स्क्रीनिंग को और बढ़ाने, शत-प्रतिशत अपफ्रंट न्यूक्लिक एसिड टेस्ट यानी NAT कराने तथा निक्षय पोषण योजना के तहत लाभार्थियों को भुगतान में तेजी लाने को कहा। अब तक 93,275 लाभार्थियों को निक्षय पोषण योजना के तहत भुगतान किया जा चुका है।
सहकारिता योजनाओं के लिए लंबित जमीन का जल्द होगा हस्तांतरण
सहकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान प्रखंड स्तरीय आधारभूत संरचनाओं, कोल्ड स्टोरेज और तरकारी आउटलेट्स के लिए लंबित तीन भूमि प्राप्तियों को तत्काल हस्तांतरित करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा प्याज भंडारण के लिए लंबित नौ भूमि प्राप्तियों को भी जल्द पूरा करने को कहा गया।
211 नए डिग्री कॉलेजों के लिए भूमि आवंटन में तेजी
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में 7 निश्चय-3 के तहत 211 नए डिग्री कॉलेजों के स्थायी परिसरों के निर्माण की भी समीक्षा की गई। अब तक 68 कॉलेजों के लिए भूमि विवरणी प्राप्त हो चुकी है, जबकि 143 कॉलेजों के लिए भूमि विवरणी लंबित है।
मुख्य सचिव ने पूर्वी चंपारण, सीवान और पटना सहित संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। ग्रामीण क्षेत्रों में न्यूनतम 5 एकड़, शहरी क्षेत्रों में 2.5 एकड़ और पटना शहरी क्षेत्र में 2 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने को कहा गया।
उन्होंने प्रखंड मुख्यालयों के नजदीक उपलब्ध सरकारी अथवा गैरमजरूआ आम भूमि को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर जल्द आवंटित करने का निर्देश दिया।
समयबद्ध तरीके से योजनाओं को पूरा करने का निर्देश
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार की जनकल्याणकारी और विकास योजनाओं का लाभ आम लोगों तक समय पर पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि भूमि, विभागीय समन्वय या प्रशासनिक प्रक्रिया के कारण योजनाओं में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में लंबित योजनाओं की नियमित निगरानी करने और साप्ताहिक एवं मासिक समीक्षा के माध्यम से प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में कृषि, स्वास्थ्य, ऊर्जा, उच्च शिक्षा और सहकारिता सहित कई महत्वपूर्ण योजनाओं को लेकर अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप तेजी से काम करने की हिदायत दी गई।


