Bhagalpur News: गंगा का बढ़ता जलस्तर अब सिर्फ तटवर्ती इलाकों की चिंता नहीं बढ़ा रहा, बल्कि भागलपुर और नवगछिया को जोड़ने वाले विक्रमशिला सेतु की मरम्मत की तारीख भी आगे खिसका दी है। गंगा में लगातार बढ़ते पानी और संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए 29 अगस्त 2026 से प्रस्तावित सेतु मरम्मत कार्य फिलहाल टाल दिया गया है।
यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब विक्रमशिला सेतु पूर्वी बिहार के लिए जीवनरेखा बना हुआ है। पुल बंद होने की स्थिति में भागलपुर और नवगछिया के बीच आवागमन पर व्यापक असर पड़ सकता है। फिलहाल राहत की बात यह है कि विक्रमशिला सेतु वाहनों के आवागमन के लिए खुला रहेगा।
बाढ़ और सुरक्षा बनी मुख्य वजह
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, गंगा में बाढ़ की स्थिति के दौरान सेतु पर मरम्मत कार्य कराना बेहद कठिन और जोखिमपूर्ण हो जाता है। पानी का बढ़ता दबाव, नदी की धारा और निर्माण संबंधी सुरक्षा चुनौतियां काम को प्रभावित कर सकती हैं। इसी वजह से 29 अगस्त से शुरू होने वाली मरम्मत प्रक्रिया को फिलहाल आगे बढ़ा दिया गया है। परिस्थितियां सामान्य होने के बाद नई तारीख तय कर निर्माण कार्य शुरू किए जाने की संभावना है।
त्योहारों के बीच पुल बंद करने का था विरोध
विक्रमशिला सेतु को बंद कर मरम्मत कराने की प्रस्तावित योजना को लेकर स्थानीय स्तर पर पहले से ही चिंता जताई जा रही थी। आने वाले विभिन्न त्योहारों को देखते हुए स्थानीय सांसद अजय कुमार मंडल, राजद नेताओं और समाजसेवियों ने इस समय सेतु को बंद कर मरम्मत शुरू नहीं करने की मांग की थी। सांसद की ओर से मुख्यमंत्री से भी आग्रह किया गया था कि त्योहारों का समय निकलने के बाद सेतु की मरम्मत प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि पूर्वी बिहार के लोगों को आवागमन में बड़ी परेशानी का सामना न करना पड़े और भागलपुर मंडी का कारोबार प्रभावित न हो।
प्रशासनिक प्रस्ताव और BRO की भूमिका
भागलपुर जिला प्रशासन ने भी पूर्वी बिहार के लोगों को संभावित परेशानी से बचाने के लिए मरम्मत कार्य को करीब 15 दिन आगे बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था। अब गंगा के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ के खतरे ने इस फैसले को और महत्वपूर्ण बना दिया है।
विक्रमशिला सेतु की स्थायी मरम्मत का काम करीब 98 करोड़ रुपये की लागत से होना है, जिसके लिए एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन को ठेका मिला है। मरम्मत प्रक्रिया के दौरान बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन (BRO) की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। BRO की टीम पुराने बेली ब्रिज को हटाने के साथ उससे संबंधित कार्य करेगी और स्थायी मरम्मत प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। योजना के अनुसार BRO की टीम को 29 अगस्त को पुल बंद करने की प्रक्रिया के लिए 26 अगस्त तक भागलपुर पहुंचना था, लेकिन बाढ़ की आशंका के चलते फिलहाल यह प्रक्रिया रोक दी गई है।
फिलहाल राहत, लेकिन चुनौती बरकरार
फिलहाल विक्रमशिला सेतु पर आवागमन जारी रहने से भागलपुर, नवगछिया और आसपास के इलाकों के लाखों लोगों को राहत मिली है। हालांकि, मरम्मत की जरूरत बनी हुई है और काम को केवल टाला गया है, खत्म नहीं किया गया।
गंगा का जलस्तर कम होने और परिस्थितियां अनुकूल होने के बाद मरम्मत की नई तारीख सामने आ सकती है। यानी अभी गंगा की लहरों ने विक्रमशिला सेतु पर चलने वाले वाहनों की रफ्तार नहीं रोकी है, लेकिन मरम्मत का पहिया जरूर रोक दिया है। बाढ़ थमेगी, पानी उतरेगा और फिर शुरू होगी उस सेतु को मजबूती देने की कवायद, जो भागलपुर और नवगछिया के बीच सिर्फ पुल नहीं, बल्कि पूरे पूर्वी बिहार की जीवनरेखा है।


