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बिहार में रबी 2026 से लागू होगी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, 15 नवंबर से किसान कर सकेंगे आवेदन

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 मंत्री राम कृपाल यादव ने PMFBY और वेजफेड की प्रगति की समीक्षा की, समय पर तैयारी पूरी करने और किसानों को सरल व पारदर्शी तरीके से क्षतिपूर्ति दिलाने के दिए निर्देश

Patna News:  बिहार के किसानों के लिए बड़ी खबर है। राज्य में रबी 2026-27 मौसम से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) लागू की जाएगी। योजना के तहत किसानों से बीमा आवेदन लेने की प्रक्रिया 15 नवंबर 2026 से शुरू होकर 15 जनवरी 2027 तक चलेगी। इसको लेकर सहकारिता विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

सहकारिता विभाग के मंत्री  राम कृपाल यादव ने सोमवार को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के साथ-साथ बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी परिसंघ लिमिटेड (वेजफेड), सब्जी संघों और प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में योजनाओं के क्रियान्वयन, आधारभूत संरचना और किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।

PMFBY के लिए तैयारियां तेज

बैठक में बताया गया कि राज्य मंत्रिपरिषद ने रबी 2026-27 से बिहार में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू करने का निर्णय लिया है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 21 जुलाई 2026 को राज्य स्तरीय फसल बीमा समन्वय समिति (SLCCCI) का गठन किया गया था। समिति की पहली बैठक 31 जुलाई को आयोजित की गई।

बैठक में किन फसलों को बीमा के दायरे में रखा जाएगा, इंडेम्निटी स्तर, क्लस्टर गठन, बीमा इकाई और फसल कटनी प्रयोग में तकनीकी प्रयोग समेत कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर निर्णय लिया गया है। वहीं, बीमा कंपनियों के चयन के लिए निविदा प्रस्ताव भारत सरकार को वैलिडेशन के लिए भेजे जाने की जानकारी भी दी गई।

15 नवंबर से 15 जनवरी तक आवेदन

रबी 2026-27 के लिए किसानों के बीमा आवेदन की अवधि 15 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक निर्धारित करने की विभागीय तैयारी है। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को सभी तैयारियां निर्धारित समय-सीमा में पूरी करने का निर्देश दिया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि फसल बीमा योजना का उद्देश्य तभी सफल माना जाएगा, जब संकट की स्थिति में किसानों को समय पर राहत मिले। इसके लिए क्षतिपूर्ति भुगतान की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

‘हर थाली में बिहारी तरकारी’ योजना की भी समीक्षा

बैठक में वेजफेड की योजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई। “हर थाली में बिहारी तरकारी” की अवधारणा के तहत प्रखंड और पंचायत स्तर पर विकसित की जा रही आधारभूत संरचनाओं की स्थिति की जानकारी ली गई।

प्रस्तुतीकरण के अनुसार, प्रखंड स्तरीय PVCS आधारभूत संरचना की 114 इकाइयों में से 113 के लिए भूमि उपलब्ध हो चुकी है। इनमें 25 इकाइयों का निर्माण पूरा हो गया है, जबकि 82 इकाइयों का निर्माण कार्य जारी है।

68 प्याज भंडारण इकाइयों पर भी काम

प्रखंड स्तरीय प्याज भंडारण संरचना के लिए कुल 68 इकाइयां स्वीकृत हैं। इनमें से 50 इकाइयों का निर्माण कार्य जारी है और 10 इकाइयां पूरी हो चुकी हैं। वहीं, 8 इकाइयों के लिए अभी भूमि उपलब्ध होना बाकी है।

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आधारभूत संरचनाओं का निर्माण केवल लक्ष्य पूरा करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इनका सीधा लाभ सब्जी उत्पादकों और किसानों तक पहुंचना चाहिए।

उत्पादन से बाजार तक मजबूत होगी पूरी व्यवस्था

मंत्री ने किसानों के उत्पादन को बेहतर बाजार, भंडारण और विपणन व्यवस्था से जोड़ने पर जोर दिया। साथ ही सहकारी समितियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि “हर थाली में बिहारी तरकारी” की परिकल्पना को जमीन पर प्रभावी बनाने के लिए उत्पादन, संग्रहण, भंडारण, प्रसंस्करण और विपणन की पूरी श्रृंखला को मजबूत करना जरूरी है।

वेजफेड, सब्जी संघों और प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर किसानों को अधिक प्रभावी बाजार उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया गया।

बैठक में सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह, अपर निबंधक विकास कुमार बरियार, मनोज कुमार सिंह, संयुक्त निबंधक कामेश्वर ठाकुर, समरेश कुमार, निकेश कुमार, मिथिलेश कुमार सहित विभाग के संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बिहार में PNG नेटवर्क विस्तार को रफ्तार, 28 जिलों में पहुंची पाइप्ड गैस; भागलपुर समेत 9 जिलों पर विशेष फोकस

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Patna News: बिहार में घर-घर पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) पहुंचाने की योजना को गति देने के लिए सोमवार को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के तत्वावधान में हुई इस बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिलाधिकारियों के साथ तेल एवं गैस कंपनियों के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में राज्य में पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नेटवर्क के विस्तार, पाइपलाइन बिछाने तथा घरेलू गैस कनेक्शन की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाते हुए मिशन मोड में काम करने का निर्देश दिया।

28 जिलों में पहुंचा CGD नेटवर्क

समीक्षा के दौरान बताया गया कि बिहार के कुल 38 जिलों में से 28 जिलों में CGD नेटवर्क स्थापित या गैसीकरण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। यह राज्य के करीब 74 प्रतिशत जिलों को कवर करता है। पिछली समीक्षा के बाद पांच नए जिलों को भी नेटवर्क से जोड़ा गया है। इनमें शिवहर और सीतामढ़ी को 27 अगस्त 2026 तथा बक्सर को 2 सितंबर 2026 को नेटवर्क से जोड़े जाने की जानकारी दी गई।
राज्य में अब तक 1,52,686 से अधिक घरेलू PNG कनेक्शन लाइव हो चुके हैं। बैठक में घरेलू कनेक्शनों की संख्या बढ़ाने और कम प्रगति वाले जिलों में विशेष अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।

कैमूर में नवंबर तक गैसीकरण का लक्ष्य

बैठक में गैर-गैसीकृत जिलों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। कैमूर (भभुआ) में स्टील इंफ्रास्ट्रक्चर और सिटी गेट स्टेशन (CGS) का कार्य प्रगति पर है। जिले को नवंबर 2026 तक गैसीकृत करने का लक्ष्य रखा गया है।
वहीं, जिन जिलों में अभी CGD नेटवर्क उपलब्ध नहीं है, वहां तकनीकी व्यवहार्यता और आवश्यक बुनियादी ढांचे की स्थिति की समीक्षा की जा रही है।

भागलपुर समेत 9 जिलों के लिए बनेगी विस्तृत कार्ययोजना

बैठक में अररिया, किशनगंज, अरवल, जहानाबाद, खगड़िया, नवादा, भागलपुर, सुपौल और गोपालगंज को बिना नेटवर्क वाले जिलों के रूप में चिह्नित किया गया।
मुख्य सचिव ने इन सभी जिलों के जिलाधिकारियों को संबंधित तेल एवं गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। इसमें पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार, आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी व्यवहार्यता और घरेलू PNG कनेक्शन उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

NHAI और MoRTH की अनुमति से जुड़े मामलों को जल्द सुलझाने का निर्देश

मुख्य सचिव ने कम प्रगति वाले जिलों में घरेलू PNG कनेक्शन की गति बढ़ाने के साथ-साथ विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया।
बैठक में NHAI और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) से संबंधित अनुमति के मामलों को शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर भूमि आवंटन, अतिक्रमण और अन्य प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
बिहार सरकार का फोकस अब PNG और CGD नेटवर्क को तेजी से उन जिलों तक पहुंचाने पर है, जहां अभी तक पाइप्ड गैस की सुविधा उपलब्ध नहीं है। भागलपुर समेत नौ जिलों में तैयार होने वाली कार्ययोजना आने वाले समय में नेटवर्क विस्तार की दिशा और गति तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

भागलपुर में EVM-VVPAT वेयरहाउस का निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था पर डीएम सख्त

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डीएम अलंकृता पांडेय ने CCTV निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था और रख-रखाव का लिया जायजा, अनधिकृत प्रवेश पर रोक के दिए निर्देश

Bhagalpur News:  जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने शनिवार को भागलपुर स्थित ईवीएम एवं वीवीपैट वेयरहाउस का आंतरिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वेयरहाउस की सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और ईवीएम-वीवीपैट के सुरक्षित रख-रखाव की व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक (नगर), अतुलेश कुमार झा, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्वेता कुमारी सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने वेयरहाउस में लगे सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली की जांच की और निगरानी व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली।

CCTV के जरिए सतत निगरानी का निर्देश

डीएम ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वेयरहाउस की सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से प्रभावी और लगातार निगरानी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही वेयरहाउस परिसर में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था बनाए रखने का भी निर्देश दिया गया।

अनधिकृत प्रवेश पर रहेगी कड़ी नजर

निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने प्रतिनियुक्त सुरक्षा कर्मियों को पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी बाहरी या अनधिकृत व्यक्ति को वेयरहाउस परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाए।

उन्होंने प्रवेश और निकास व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखने तथा वेयरहाउस की सुरक्षा से जुड़े सभी निर्धारित प्रोटोकॉल का गंभीरता से पालन सुनिश्चित करने को कहा।

EVM और VVPAT की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी ने कहा कि ईवीएम एवं वीवीपैट की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुरक्षा कर्मियों को पूरी गंभीरता और सजगता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की चूक या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को वेयरहाउस की सुरक्षा, निगरानी और रख-रखाव से जुड़ी व्यवस्थाओं को लगातार दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए।

सहरसा में डॉक्टरों पर कार्रवाई के विरोध में भागलपुर सदर अस्पताल की OPD ठप, मरीज परेशान

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बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ के आह्वान पर डॉक्टरों ने बंद रखी ओपीडी सेवा, इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को करना पड़ा इंतजार

Bhagalpur News:  सहरसा में डॉक्टरों के खिलाफ हुई कार्रवाई के विरोध में बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ के आह्वान पर भागलपुर सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने ओपीडी सेवा ठप कर दी। ओपीडी बंद रहने के कारण इलाज कराने अस्पताल पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

सुबह से ही सदर अस्पताल में इलाज के लिए मरीजों की भीड़ पहुंचने लगी, लेकिन ओपीडी सेवा बंद होने के कारण उन्हें चिकित्सकों के आने का इंतजार करना पड़ा। कई मरीज दूर-दराज के इलाकों से इलाज कराने के लिए अस्पताल पहुंचे थे। ओपीडी बंद होने की जानकारी मिलने के बाद मरीजों में निराशा देखी गई।

मरीजों का कहना है कि वे अपनी बीमारी का इलाज कराने के लिए काफी दूर से सदर अस्पताल पहुंचे हैं। अस्पताल आने के बाद पता चला कि डॉक्टर ओपीडी में मरीजों को नहीं देख रहे हैं। ऐसे में उन्हें इलाज के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। कुछ मरीजों ने कहा कि समय और पैसे खर्च कर अस्पताल पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों के हड़ताल पर रहने से उन्हें काफी परेशानी हो रही है।

ओपीडी सेवा ठप रहने के कारण अस्पताल परिसर में मरीजों और उनके परिजनों की भीड़ लगी रही। वहीं, डॉक्टरों की ओर से सहरसा में हुई कार्रवाई के विरोध में अपनी मांगों और समर्थन को लेकर ओपीडी सेवा बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

हालांकि अस्पताल की अन्य जरूरी सेवाओं की स्थिति अलग हो सकती है। मरीजों की परेशानी को देखते हुए अस्पताल प्रशासन की ओर से क्या वैकल्पिक व्यवस्था की जाती है, इस पर भी लोगों की नजर बनी हुई है।

फिलहाल भागलपुर सदर अस्पताल में ओपीडी सेवा प्रभावित होने से इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

भागलपुर में पुलिस की पकड़ से हथियारबंद आरोपी फरार, चांदन नदी की तेज धार में कूदा

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पुलिस गिरफ्त से निकलते ही नदी में लगाई छलांग, तलाश में जुटी टीम; देसी कट्टा और कारतूस बरामद

Bhagalpur News: भागलपुर जिले के जगदीशपुर थाना क्षेत्र में हथियार के साथ गिरफ्तार एक आरोपी के पुलिस की पकड़ से निकलकर चांदन नदी की तेज धार में छलांग लगाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आरोपी की तलाश में पुलिस ने नदी किनारे काफी देर तक सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन उसका अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है।

मिली जानकारी के अनुसार, मोतहदीपुर गांव निवासी संतोष यादव को पुलिस ने एक देसी कट्टा और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस टीम आरोपी को लेकर चांदन नदी के पास से गुजर रही थी। इसी दौरान संतोष यादव अचानक पुलिस की पकड़ से निकल गया और देखते ही देखते नदी की तेज धार में छलांग लगा दी।

आरोपी के नदी में कूदते ही पुलिसकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि एक पुलिसकर्मी ने भी उसे पकड़ने के लिए नदी में छलांग लगाई, लेकिन वह किसी तरह नदी से बाहर निकल आया। इसके बाद पुलिस टीम ने नदी के आसपास काफी देर तक आरोपी की तलाश की, लेकिन संतोष यादव का कोई पता नहीं चल पाया।

बताया जा रहा है कि घटना के वक्त पुलिस टीम सादे लिबास में थी। मामले की जानकारी मिलने के बाद आरोपी के परिजन भी मौके पर पहुंचे। परिजनों ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली।

फिलहाल पुलिस संतोष यादव की तलाश में जुटी हुई है। नदी में उसकी तलाश के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने आरोपी के पास से बरामद देसी कट्टा और कारतूस को जब्त कर लिया है। घटना के बाद पुलिस की ओर से मामले की जांच की जा रही है कि आखिर आरोपी पुलिस की पकड़ से कैसे निकल गया।

भागलपुर संग्रहालय में ‘युवा अभिव्यक्ति कार्यशाला श्रृंखला’ का शुभारंभ, युवाओं को कला और संस्कृति से जोड़ने की पहल

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स्क्रीन प्रिंटिंग से लेकर मंजूषा चित्रकला और सिक्की कला तक मिलेगा प्रशिक्षण; युवाओं की रचनात्मक प्रतिभा को मंच देने के साथ स्थानीय कला परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने पर जोर

Bhagalpur News: युवाओं को कला, संस्कृति, लोक परंपरा और रचनात्मक अभिव्यक्ति से जोड़ने की दिशा में भागलपुर में एक नई पहल शुरू की गई है। कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार और जिला प्रशासन, भागलपुर के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को भागलपुर संग्रहालय में ‘युवा अभिव्यक्ति कार्यशाला श्रृंखला’ का विधिवत शुभारंभ हुआ।

कार्यक्रम का उद्घाटन जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी सह सहायक संग्रहालय अध्यक्ष अंकित रंजन ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर विभिन्न कला विधाओं के प्रशिक्षक और प्रतिभागी मौजूद रहे।

कला को युवाओं की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम बताया

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अंकित रंजन ने कहा कि कला केवल कोई कौशल सीखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह अपनी कल्पना, संवेदना और विचारों को व्यक्त करने की सशक्त भाषा भी है।

उन्होंने कहा कि युवाओं के भीतर अपार रचनात्मक ऊर्जा मौजूद है। जरूरत इस बात की है कि उन्हें उचित मार्गदर्शन, नियमित अभ्यास और अपनी प्रतिभा को सामने लाने के लिए उपयुक्त मंच मिले।

उन्होंने प्रशिक्षुओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि कला सीखने के दौरान नए प्रयोग करने से डरना नहीं चाहिए। निरंतर अभ्यास, जिज्ञासा और रचनात्मक सोच ही किसी कलाकार को अपनी अलग पहचान बनाने में मदद करती है।

संग्रहालय को रचनात्मक गतिविधियों का मंच बनाने की पहल

अंकित रंजन ने कहा कि भागलपुर संग्रहालय को केवल ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के केंद्र के रूप में नहीं देखा जा रहा है, बल्कि इसे युवाओं की रचनात्मक अभिव्यक्ति के लिए भी सक्रिय मंच के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।

इस कार्यशाला श्रृंखला के माध्यम से युवाओं को विभिन्न कला एवं शिल्प विधाओं की जानकारी देने के साथ उन्हें अपनी रचनात्मक क्षमता विकसित करने का अवसर मिलेगा।

25 से 29 सितंबर तक स्क्रीन प्रिंटिंग कार्यशाला

‘युवा अभिव्यक्ति कार्यशाला श्रृंखला’ के प्रथम चरण में 25 से 29 सितंबर तक स्क्रीन प्रिंटिंग कार्यशाला आयोजित की जा रही है।

इसमें प्रतिभागियों को स्क्रीन प्रिंटिंग की तकनीक, डिजाइन तैयार करने, रंग संयोजन और प्रिंट तैयार करने की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षक उदय कुमार प्रतिभागियों को स्क्रीन प्रिंटिंग की बारीकियों से अवगत करा रहे हैं।

मंजूषा और सिक्की कला का भी मिलेगा प्रशिक्षण

कार्यशाला श्रृंखला में स्थानीय एवं पारंपरिक कला विधाओं को विशेष महत्व दिया गया है। इसके तहत 6 से 10 अक्टूबर तक मंजूषा चित्रकला प्रशिक्षण और 12 से 16 अक्टूबर तक सिक्की कला प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।

मंजूषा चित्रकला और सिक्की कला जैसी पारंपरिक विधाओं के प्रशिक्षण के जरिए नई पीढ़ी को स्थानीय कला विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही इन पारंपरिक विधाओं में आधुनिक और रचनात्मक प्रयोग को भी प्रोत्साहित करने का उद्देश्य रखा गया है।

विभिन्न कला विधाओं के प्रशिक्षक मौजूद

कार्यक्रम में आकाश मिश्रा, प्रशिक्षक—शास्त्रीय संगीत; ऋषि मिश्रा, प्रशिक्षक—वादन; राजकुमारी चंद्रकांता यादव, प्रशिक्षक—कथक तथा उदय कुमार, प्रशिक्षक—स्क्रीन प्रिंटिंग मौजूद रहे।

प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को कला के क्षेत्र में नियमित अभ्यास, अनुशासन और सीखने की निरंतरता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।

युवाओं की प्रतिभा को मिलेगा उचित मंच

जिला कला एवं संस्कृति कार्यालय की ओर से बताया गया कि ‘युवा अभिव्यक्ति कार्यशाला श्रृंखला’ का प्रमुख उद्देश्य युवाओं को कला, संस्कृति, लोक परंपरा और रचनात्मक अभिव्यक्ति से जोड़ना है।

इसके साथ ही युवाओं की प्रतिभा को उचित मंच प्रदान करना और पारंपरिक कला विधाओं के संरक्षण के साथ उनके समकालीन प्रयोग को बढ़ावा देना भी इस पहल का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक कार्यशाला की गतिविधियों में हिस्सा लिया। जिला प्रशासन की इस पहल से युवाओं को विभिन्न कला विधाओं को सीखने और अपनी रचनात्मक प्रतिभा को विकसित करने का अवसर मिलने की उम्मीद है।

भागलपुर में 44 नियमित रक्तदाताओं का सम्मान, DM अलंकृता पांडेय ने कहा- रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा

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साल में 3 और 4 बार स्वैच्छिक रक्तदान करने वाले रक्तदाताओं को मिला सम्मान; 62 अन्य रक्तदाताओं को भी किया गया सम्मान

Bhagalpur News: जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (JLNMCH), भागलपुर स्थित रक्त केंद्र में शुक्रवार को नियमित एवं स्वैच्छिक रक्तदाताओं के सम्मान में रक्तदाता सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय रहीं।

समारोह का उद्देश्य नियमित रक्तदाताओं के योगदान को सम्मानित करने के साथ-साथ समाज में स्वैच्छिक रक्तदान की भावना को बढ़ावा देना और अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करना रहा।

साल में 3 और 4 बार रक्तदान करने वाले 44 रक्तदाता सम्मानित

कार्यक्रम में वर्ष में 3 एवं 4 बार नियमित रूप से रक्तदान करने वाले 44 रक्तदाताओं को सम्मानित किया गया। इसके अलावा 62 अन्य रक्तदाताओं को भी आयोजक की ओर से सम्मान प्रदान किया गया।

समारोह में रक्तदाताओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा गया कि स्वैच्छिक रक्तदान जरूरतमंद मरीजों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। नियमित रक्तदाता अस्पतालों में रक्त की उपलब्धता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

DM ने कहा- रक्तदान मानवता की बड़ी सेवा

समारोह को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवाओं में से एक है। नियमित रक्तदाता जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनरक्षक की भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सकता है। इसके साथ ही रक्तदान समाज में मानवीय संवेदना और सहयोग की भावना को भी मजबूत करता है।

जिलाधिकारी ने कहा कि नियमित रक्तदाताओं का योगदान दूसरे लोगों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने लोगों से स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूक होने और अपनी क्षमता के अनुसार इस मानवीय कार्य में योगदान देने की अपील की।

रक्त केंद्र के कर्मचारी को भी मिला सम्मान

समारोह के दौरान रक्त केंद्र में उत्कृष्ट एवं समर्पित कार्य के लिए श्री अंशु, प्रयोगशाला प्राविधिक, रक्त केंद्र, JLNMCH, भागलपुर को भी सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथि जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने उन्हें रक्त संग्रह, रक्त घटकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, रक्तदाताओं की सेवा और रक्त केंद्र के विभिन्न कार्यों में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मान प्रदान किया।

चिकित्सकों और अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ कार्यक्रम

कार्यक्रम में डॉ. संदीप लाल, प्राचार्य, JLNMCH; डॉ. H. P. Dubey, अधीक्षक; डॉ. सत्येंद्र कुमार, विभागाध्यक्ष, पैथोलॉजी; डॉ. राकेश कुमार तथा डॉ. अजय प्रताप, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, रक्त केंद्र, JLNMCH, भागलपुर उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. हेम शंकर शर्मा ने किया।

नियमित रक्तदान के लिए लोगों से आगे आने की अपील

रक्त केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अजय प्रताप ने सभी रक्तदाताओं, अतिथियों और कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

उन्होंने आम लोगों से नियमित एवं स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि रक्तदान के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों को इस मुहिम से जोड़ने की आवश्यकता है।

रक्तदाता सम्मान समारोह के माध्यम से भागलपुर में स्वैच्छिक रक्तदान को प्रोत्साहित करने और नियमित रक्तदाताओं के योगदान को सार्वजनिक रूप से सम्मान देने का संदेश दिया गया। रक्तदाताओं को मिला यह सम्मान समाज में मानवता, सेवा और सहयोग की भावना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

श्रावणी मेला और आपदा प्रबंधन में बेहतर काम करने वाले अधिकारी-कर्मी सम्मानित

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श्रद्धालुओं की सुरक्षा से लेकर भीड़ नियंत्रण, स्वास्थ्य, स्वच्छता और राहत-बचाव तक निभाई अहम जिम्मेदारी; समीक्षा भवन में आयोजित हुआ सम्मान समारोह

Bhagalpur News: श्रावणी मेला 2026 और आपदा प्रबंधन 2026 के सफल एवं सुरक्षित आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पदाधिकारियों, कर्मियों एवं सहयोगी कर्मियों को भागलपुर जिला प्रशासन की ओर से सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह का आयोजन समीक्षा भवन, भागलपुर में किया गया, जहां उत्कृष्ट योगदान देने वाले कर्मियों के कार्यों की सराहना की गई।

समारोह के दौरान श्रावणी मेला के सफल संचालन से जुड़े विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों और कर्मियों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा, विद्युत व्यवस्था, संचार व्यवस्था सहित विभिन्न क्षेत्रों में किए गए कार्यों को विशेष रूप से रेखांकित किया गया।

श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा में निभाई अहम भूमिका

श्रावणी मेला 2026 के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से व्यापक तैयारियां की गई थीं। मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन और भीड़ नियंत्रण के लिए विभिन्न स्तरों पर व्यवस्थाएं की गई थीं।

मेला के दौरान आवश्यक नागरिक सुविधाओं को उपलब्ध कराने में भी कई विभागों के पदाधिकारियों और कर्मियों ने समन्वित रूप से काम किया। प्रशासन की ओर से इन सामूहिक प्रयासों को मेला के सफल और सुरक्षित आयोजन का महत्वपूर्ण आधार बताया गया।

आपदा प्रबंधन में तत्परता और समन्वय की सराहना

आपदा प्रबंधन 2026 के दौरान भी अधिकारियों और कर्मियों ने तत्परता एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया। आपदा की परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया, राहत एवं बचाव कार्य तथा प्रभावित लोगों तक आवश्यक सहायता पहुंचाने में संबंधित टीमों की भूमिका की सराहना की गई।

विभिन्न स्तरों पर विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए राहत और बचाव से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने में अधिकारियों एवं कर्मियों के योगदान को भी सम्मान समारोह के दौरान रेखांकित किया गया।

टीम भावना से बड़े आयोजनों को बनाया जा सकता है सफल

समारोह में जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने सम्मानित होने वाले सभी पदाधिकारियों और कर्मियों को बधाई दी। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी बड़े धार्मिक आयोजन या आपदा जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में सफलता के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय, अनुशासन और टीम भावना बेहद महत्वपूर्ण होती है।

उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला और आपदा प्रबंधन के दौरान संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन किया। उनके सामूहिक प्रयासों से प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती मिली और जनहित से जुड़े कार्यों को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सका।

सम्मान से बढ़ता है कर्मियों का उत्साह

अधिकारियों ने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों को सम्मानित करने से उनका मनोबल बढ़ता है। साथ ही इससे अन्य कर्मियों को भी बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है।

समारोह में भविष्य में भी इसी प्रकार टीम भावना और आपसी समन्वय के साथ जनहित एवं प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया गया।

जिला प्रशासन की ओर से कहा गया कि श्रावणी मेला जैसे बड़े आयोजन और आपदा प्रबंधन जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बेहतर परिणाम सामूहिक प्रयासों से ही संभव होते हैं। सम्मान समारोह इसी सामूहिक जिम्मेदारी और उत्कृष्ट कार्य संस्कृति को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।

बिहार बाढ़ पीड़ितों की मदद को PNB ने बढ़ाया हाथ, मुख्यमंत्री राहत कोष में दिए 1 करोड़ रुपये

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पंजाब नेशनल बैंक के MD एवं CEO अशोक चन्द्र ने CM सम्राट चौधरी को सौंपा चेक, मुख्यमंत्री बोले- आपदा की घड़ी में जरूरतमंदों के काम आएगी सहायता राशि

Patna News: बिहार में आई बाढ़ से प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी है। बैंक की ओर से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को 1 करोड़ रुपये का चेक सौंपा गया।

बाढ़ से प्रभावित परिवारों को राहत और सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री राहत कोष में यह राशि दी गई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पंजाब नेशनल बैंक के इस सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

आपदा की घड़ी में जरूरतमंदों की मदद आएगी राशि

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा और कठिन परिस्थितियों में प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। पंजाब नेशनल बैंक की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष में दी गई यह राशि जरूरतमंद लोगों की सहायता और आपदा के समय राहत कार्यों में उपयोगी साबित होगी।

उन्होंने बैंक के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में संस्थानों और सामाजिक संगठनों का सहयोग प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

PNB के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए चेक सौंपे जाने के अवसर पर पंजाब नेशनल बैंक के MD एवं CEO अशोक चन्द्र, PNB के जोनल हेड (बिहार) लक्ष्मीकांत मिश्रा, सर्किल हेड (पटना) युवराज सिंह राठौड़ तथा जोनल हेड से जुड़े अधिकारी रमेश कुमार उपस्थित रहे।

बैंक की ओर से दी गई यह आर्थिक सहायता बिहार में बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए राहत कार्यों को मजबूत करने में उपयोग की जाएगी।

बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए राहत कार्यों में मिलेगी मदद

बिहार के विभिन्न इलाकों में बाढ़ की स्थिति के बीच राज्य सरकार की ओर से प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य किए जा रहे हैं। ऐसे समय में मुख्यमंत्री राहत कोष में प्राप्त सहयोग का इस्तेमाल जरूरतमंद परिवारों की सहायता और आपदा से जुड़े राहत कार्यों में किया जा सकता है।

पितृपक्ष मेला में श्रद्धालुओं का होगा भव्य स्वागत, CM सम्राट चौधरी ने कहा- अतिथि देवो भव की भावना से करें सेवा

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विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद देव घाट और टेंट सिटी का किया निरीक्षण; विष्णुपद कॉरिडोर पर 3,500 करोड़ रुपये खर्च करने की घोषणा, गयाजी की वैश्विक हवाई कनेक्टिविटी मजबूत करने पर जोर

Patna News: पितृपक्ष मेला के अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शुक्रवार को गयाजी पहुंचे। उन्होंने विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने देव घाट का निरीक्षण कर देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पितृपक्ष मेला में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि बिहार की परंपरा ‘अतिथि देवो भव’ की रही है। गयाजी आने वाले श्रद्धालुओं और अतिथियों का पूरे आदर, सम्मान और आत्मीयता के साथ स्वागत किया जाना चाहिए।

घाट, आवासन, पेयजल और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घाटों की व्यवस्था, श्रद्धालुओं के आवासन, पेयजल, स्वच्छता, सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पितृपक्ष के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु गयाजी पहुंचते हैं।

सरकार की प्राथमिकता है कि श्रद्धालु गयाजी में धार्मिक अनुष्ठान के साथ-साथ बेहतर व्यवस्था का अनुभव लेकर अपने घर लौटें। मुख्यमंत्री ने कहा कि गयाजी और पूरे बिहार के लोगों को मिलकर बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत करना चाहिए।

टेंट सिटी का किया उद्घाटन

मुख्यमंत्री ने पितृपक्ष मेला के अवसर पर टेंट सिटी का उद्घाटन भी किया। उन्होंने कहा कि पितृपक्ष सनातन संस्कृति में पूर्वजों के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता का अनूठा पर्व है। गयाजी की पावन धरती पर पिंडदान और तर्पण के लिए देश-दुनिया से श्रद्धालु आते हैं।

पुनपुन और गया दोनों स्थानों पर पितृपक्ष के दौरान श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। पर्यटन विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों को श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूरी तत्परता से काम करने का निर्देश दिया गया है।

विष्णुपद कॉरिडोर पर 3,500 करोड़ रुपये होंगे खर्च

मुख्यमंत्री ने गयाजी में विकास योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि विष्णुपद कॉरिडोर के विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कुल 3,500 करोड़ रुपये खर्च करेंगी। इसमें करीब 2,500 करोड़ रुपये कॉरिडोर के विकास के लिए प्रस्तावित हैं।

उन्होंने कहा कि यह बिहार में किसी मंदिर के विकास के लिए अब तक की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए गयाजी में सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है।

देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए तकनीक का इस्तेमाल

मुख्यमंत्री ने कहा कि अलग-अलग राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तकनीक और ऐप का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। श्रद्धालुओं को उनकी भाषाओं में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

इसका उद्देश्य देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले लोगों के लिए गयाजी में धार्मिक यात्रा को अधिक सुगम और सुविधाजनक बनाना है।

गयाजी को गल्फ देशों और दुनिया के प्रमुख शहरों से जोड़ने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि गया एयरपोर्ट बिहार के प्रमुख हवाई अड्डों में शामिल है। पटना, गया, दरभंगा और पूर्णिया एयरपोर्ट के माध्यम से राज्य की हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि गयाजी को इंडोनेशिया, बैंकॉक और गल्फ देशों सहित दुनिया के अन्य प्रमुख स्थानों से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। इससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिलने के साथ-साथ पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

अक्टूबर से 20 हजार करोड़ के औद्योगिक निवेश के जमीन पर उतरने का दावा

मुख्यमंत्री ने बिहार में औद्योगिक विकास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बोधगया में उद्योगों के विकास के लिए इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) की शुरुआत की जा रही है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, इसी वर्ष अक्टूबर से करीब 20 हजार करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश का जमीन पर उतरना शुरू हो जाएगा। इससे राज्य में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर सृजित होने की बात कही गई।

सोन का पानी फल्गु नदी तक लाने की योजना

गया और आसपास के क्षेत्रों में जल उपलब्धता और सिंचाई को बेहतर बनाने के लिए करीब 1,000 करोड़ रुपये की लागत से सोन नदी का पानी फल्गु नदी में लाने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सोन नदी के पानी के बंटवारे और जल संसाधन से जुड़े समझौतों के माध्यम से गया और आसपास के क्षेत्रों में सिंचाई तथा जल उपलब्धता को बेहतर करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

शिक्षा और महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण पर भी जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए भी कई कदम उठाए जा रहे हैं। स्कूलों की व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ मॉडल स्कूल, ऑनलाइन कक्षाएं और ‘विद्यार्थी साथी ऐप’ जैसी पहलों के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए जीविका के माध्यम से व्यापक स्तर पर कार्य किए जाने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही। उन्होंने बताया कि राज्य में 1 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अब तक 43 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।

डाक लिफाफा, पुस्तक और गयाजी धाम अंगवस्त्र का विमोचन

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पितृपक्ष के अवसर पर डाक विभाग द्वारा जारी विशेष डाक लिफाफे का विमोचन किया। इसके अलावा पंडा समाज द्वारा लिखित ‘पाचन तीर्थ गयाजी’ पुस्तक का भी विमोचन किया गया।

मुख्यमंत्री ने मानपुर पटवा टोली के बुनकरों द्वारा निर्मित ‘गयाजी धाम अंगवस्त्र’ का लोकार्पण भी किया।

बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद

कार्यक्रम को केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री सह गया सांसद जीतन राम मांझी एवं स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, कृषि मंत्री सह गया जिला प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

कार्यक्रम में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, मगध प्रमंडल की आयुक्त डॉ. सफीना ए. एन., पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव, जिलाधिकारी शशांक शुभंकर, वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, श्रद्धालु और आम लोग उपस्थित रहे। बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।

मुख्यमंत्री ने अंत में राज्यवासियों से अपील की कि पितृपक्ष मेला के दौरान गयाजी आने वाले सभी श्रद्धालुओं और अतिथियों का मिल-जुलकर सम्मान एवं आत्मीयता के साथ स्वागत करें, ताकि देश-विदेश से आने वाले लोगों को बिहार की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और आतिथ्य का सुखद अनुभव मिल सके।